नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

Content

Submitted by HindiWater on Tue, 06/30/2020 - 16:05
Source:
कोरोना के बीच सरकारी वादे और जल संकट
विभिन्न राज्यों की सरकारों सहित केंद्र सरकार और प्रशासन ने पानी की समस्या न होने का वादा किया था। लेकिन सरकार के वादों और घोषणाएं धरातल पर ज्यादा दिखाई नहीं दे रही हैं। देश के विभिन्न स्थानों पर जल संकट गहराने लगा है। लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां देश के कुछ इलाकों के जलसंकट की जानकारी दी गई है।
Submitted by HindiWater on Tue, 06/30/2020 - 13:46
Source:
ग्रामीण भारत में नल से जल की हकीकत
सीएसई की स्टेट आफ इंडियाज़ इनवायरमेंट रिपोर्ट 2020 के अनुसार वर्ष 2012 में ग्रामीण भारत के 6.5 प्रतिशत और शहर में 35.1 प्रतिशत घरों में पेयजल लाइन की सप्लाई की जाती थी, जबकि वर्ष 2018 में 11.3 प्रतिशत ग्रामीण घरों में और 40.9 प्रतिशत शहरी घरों में पेजयल लाइनों से ही पानी सप्लाई किया जाता था।
Submitted by UrbanWater on Tue, 06/30/2020 - 10:53
Source:
जैविक खेती
खेती-किसानी की जब बात आती है तो हम किताबों या हर जगह हरित क्रांति की चर्चा अवश्य पाते हैं। 1960 के दशक के मध्य में शुरू हुई हरित क्रांति ने देश की बढ़ती आबादी का पेट भरने का लक्ष्य रखा। इसका फ़ायदा यह हुआ कि हम खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर ज़रूर बने। लेकिन रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से जैवविविधता और मिट्टी व फसलों की गुणवत्ता पर धीरे-धीरे व्यापक असर पड़ा। पर्यावरण के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य भी बिगड़ते चले गए

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Source:
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

Latest

खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : कन्टूर और जल संरक्षण के सम्बन्ध को समझने का प्रयास 

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra-kantur-aur-jal-sanrakshan-kay-sambandh-ko-samajhane-kaa-prayas
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

Content

कोरोना के बीच सरकारी वादे और जल संकट

Submitted by HindiWater on Tue, 06/30/2020 - 16:05
corona-ke-beech-sarkari-vaade-aur-jal-sankat
कोरोना के बीच सरकारी वादे और जल संकट
विभिन्न राज्यों की सरकारों सहित केंद्र सरकार और प्रशासन ने पानी की समस्या न होने का वादा किया था। लेकिन सरकार के वादों और घोषणाएं धरातल पर ज्यादा दिखाई नहीं दे रही हैं। देश के विभिन्न स्थानों पर जल संकट गहराने लगा है। लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां देश के कुछ इलाकों के जलसंकट की जानकारी दी गई है।

आंकड़ेंः ग्रामीण भारत में नल से जल की हकीकत

Submitted by HindiWater on Tue, 06/30/2020 - 13:46
jjm-jal-jeevan-mission-yojana
ग्रामीण भारत में नल से जल की हकीकत
सीएसई की स्टेट आफ इंडियाज़ इनवायरमेंट रिपोर्ट 2020 के अनुसार वर्ष 2012 में ग्रामीण भारत के 6.5 प्रतिशत और शहर में 35.1 प्रतिशत घरों में पेयजल लाइन की सप्लाई की जाती थी, जबकि वर्ष 2018 में 11.3 प्रतिशत ग्रामीण घरों में और 40.9 प्रतिशत शहरी घरों में पेजयल लाइनों से ही पानी सप्लाई किया जाता था।

जैविक खेती की राह आसान नहीं, सरकारी प्रयास बेदम

Submitted by UrbanWater on Tue, 06/30/2020 - 10:53
jaivik-kheti-key-rah-asan-nahin-sarkari-prayas-bedam
जैविक खेती
खेती-किसानी की जब बात आती है तो हम किताबों या हर जगह हरित क्रांति की चर्चा अवश्य पाते हैं। 1960 के दशक के मध्य में शुरू हुई हरित क्रांति ने देश की बढ़ती आबादी का पेट भरने का लक्ष्य रखा। इसका फ़ायदा यह हुआ कि हम खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर ज़रूर बने। लेकिन रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से जैवविविधता और मिट्टी व फसलों की गुणवत्ता पर धीरे-धीरे व्यापक असर पड़ा। पर्यावरण के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य भी बिगड़ते चले गए

प्रयास

पानी अन्ना अकेले 14 तालाब खोदकर अपने गांव को बनाया पानीदार

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Author
उमेश कुमार राय
pani-anna-14-talab-khodkar-gaon-ko-banaya-panidar
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

Upcoming Event

Popular Articles