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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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Submitted by HindiWater on Sat, 01/18/2020 - 12:56
Source:
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान रुड़की 
सोंदूर जलाशय में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग तकनीक का उपयोग करके अवसादन का आंकलन
मानव समाज के निरंतर विकास के लिए बांध या जलाशय बहुत उपयोगी साबित हुए हैं। जलाशय की उपयोगिता जल को संग्रहित करने की उसकी क्षमता पर निर्भर करती है। अवसादन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें जलग्रहण क्षेत्र की मृदा क्षय होकर बहते जल के साथ जाकर बांध के डूब क्षेत्र में जम जाती है।
Submitted by HindiWater on Sat, 01/18/2020 - 12:48
Source:
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की
हाइड्रो-डाइनैमिक मॉडल तथा जीआईएस द्वारा फ्लैश फ्लड का आंकलन एवं चित्रण
हिमालय लाखों जीवित जीवों का जीवन दाता है और नदियाँ उसकी रीढ़ हैं। हिमालय में फ्लैश फ्लड से लगातार आपदा होती है। फ्लैश फ्लड मौसम संबंधी गड़बड़ी का परिणाम है।
Submitted by HindiWater on Sat, 01/18/2020 - 11:21
Source:
योजना, जनवरी, 2020
पर्यावरण बचाने के लिए जन संकल्प जरूरी
सुखद है कि मौजूदा केन्द्र सरकार ने अपनी घोषणाओं में कार्बन संतुलन के प्रति संकल्प जताया है। जरूरी है कि हम भी अपनी सामुदायिक, संस्थागत व व्यक्तिगत भूमिका का आकलन करें और उन्हें अपनी आदत बनाएं।

प्रयास

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source:
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
Source:
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
Source:
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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खासम-खास

शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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सोंदूर जलाशय में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग तकनीक का उपयोग करके अवसादन का आंकलन

Submitted by HindiWater on Sat, 01/18/2020 - 12:56
Source
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान रुड़की 
सोंदूर जलाशय में डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग तकनीक का उपयोग करके अवसादन का आंकलन
मानव समाज के निरंतर विकास के लिए बांध या जलाशय बहुत उपयोगी साबित हुए हैं। जलाशय की उपयोगिता जल को संग्रहित करने की उसकी क्षमता पर निर्भर करती है। अवसादन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें जलग्रहण क्षेत्र की मृदा क्षय होकर बहते जल के साथ जाकर बांध के डूब क्षेत्र में जम जाती है।

हाइड्रो-डाइनैमिक मॉडल तथा जीआईएस द्वारा फ्लैश फ्लड का आंकलन एवं चित्रण

Submitted by HindiWater on Sat, 01/18/2020 - 12:48
Source
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की
हाइड्रो-डाइनैमिक मॉडल तथा जीआईएस द्वारा फ्लैश फ्लड का आंकलन एवं चित्रण
हिमालय लाखों जीवित जीवों का जीवन दाता है और नदियाँ उसकी रीढ़ हैं। हिमालय में फ्लैश फ्लड से लगातार आपदा होती है। फ्लैश फ्लड मौसम संबंधी गड़बड़ी का परिणाम है।

पर्यावरण बचाने के लिए जन संकल्प जरूरी

Submitted by HindiWater on Sat, 01/18/2020 - 11:21
Source
योजना, जनवरी, 2020
पर्यावरण बचाने के लिए जन संकल्प जरूरी
सुखद है कि मौजूदा केन्द्र सरकार ने अपनी घोषणाओं में कार्बन संतुलन के प्रति संकल्प जताया है। जरूरी है कि हम भी अपनी सामुदायिक, संस्थागत व व्यक्तिगत भूमिका का आकलन करें और उन्हें अपनी आदत बनाएं।

प्रयास

चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
Source
अमर उजाला, 19 फरवरी, 2020
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

नदी घाटी विचार मंच

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।

जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मीडिया महोत्सव-2020

Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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