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खासम-खास

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

Content

नलगोंडा ने सीख लिया है फ्लोराइड के साथ जीना

Submitted by RuralWater on Sun, 07/03/2016 - 13:30
Author
पूजा सिंह


फ्लोराइड से बुरी तरह प्रभावित नलगोंडा में सरकार सुरक्षित पेयजल मुहैया कराने में सफल रही है, लेकिन स्थानीय भूजल में फ्लोराइड का स्तर इतना अधिक है कि उससे पूरी निजात सम्भव नहीं। खेती के लिये भी यह चिन्ता का विषय बना हुआ है।

.केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक नव-निर्मित राज्य तेलंगाना की करीब 1200 बस्तियाँ फ्लोरोसिस की समस्या से ग्रस्त हैं। इसमें भी सबसे बुरी स्थिति नलगोंडा जिले की है।

जिले के 17 मण्डल फ्लोराइड की अधिकता के कारण फ्लोरोसिस से बुरी तरह जूझ रहे हैं। फ्लोरोसिस वह स्थिति है जो शरीर में फ्लोराइड की अधिकता से उत्पन्न होती है। यह फ्लोराइड पेयजल तथा अन्य माध्यमों से हमारे शरीर में जाता है। इसकी वजह से लोगों के शरीर में अस्थि विकृतियाँ तथा अन्य समस्याएँ उत्पन्न होने लगती हैं।

कैसे होता है आगमन मनमौजी मानसून का

Submitted by RuralWater on Sat, 07/02/2016 - 12:25
Author
अनामिका प्रकाश श्रीवास्तव
Source
विज्ञान प्रगति, जुलाई 2016

.मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून ऐसी सामयिक हवाएँ हैं जिनकी दिशाओं में प्रत्येक वर्ष दो बार उलट-पटल होती है। उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम में मानसूनी हवाओं की दिशाओं में बदलाव वैज्ञानिक भाषा में कोरिओलिक बल के चलते होता है। यह बल गतिशील पिंडों पर असर डालता है।

हमारी पृथ्वी भी गतिशील पिंड है जिसकी दो गतियाँ हैं- दैनिक गति और वार्षिक गति। नतीजन, उत्तरी गोलार्द्ध में मानसूनी हवाएँ दाईं ओर मुड़ जाती हैं और दक्षिणी गोलार्द्ध में बाईं ओर। वायुगति के इस परिवर्तन की खोज फेरल नामक वैज्ञानिक ने की थी। इसीलिये इस नियम को ‘फेरल का नियम’ कहते हैं।

ये तो गंगा के व्यापारी निकले

Submitted by RuralWater on Sun, 06/26/2016 - 12:48
Author
अरुण तिवारी


.उन्होंने कहा- “मैं आया नहीं हूँ, माँ गंगा ने बुलाया है।’’ लोगों ने समझा कि वह गंगा की सेवा करेंगे। बनारसी बाबू लोगों ने उन्हें बनारस का घाट दे दिया; शेष ने देश का राज-पाट दे दिया। उन्होंने ‘नमामि गंगे’ कहा; जल मंत्रालय के साथ ‘गंगा पुनर्जीवन’ शब्द जोड़ा; एक गेरुआ वस्त्र धारिणी को गंगा की मंत्री बनाया। पाँच साल के लिये 20 हजार करोड़ रुपए का बजट तय किया। अनिवासी भारतीयों से आह्वान किया। नमामि गंगे कोष बनाया। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की स्थापना की।

राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण का पुनर्गठन किया। बनारस के अस्सी घाट पर उन्होंने स्वयं श्रमदान किया। गंगा ने समझा कि यह उसके प्रति भारतीय संस्कृति की पोषक पार्टी के प्रतिनिधि और देश के प्रधानमंत्री की आस्था है।

प्रयास

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार

Submitted by HindiWater on Wed, 09/04/2019 - 16:41
Source
द टेलीप्रिंटर

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।

कभी उमरिया जिले के आकाशकोट का पहाड़ी इलाका अपने उजाड़ और बूँद-बूँद पानी के लिए मोहताज़ होने के लिए पहचाना जाता रहा है। लेकिन इस साल यहाँ सरकार और समाज ने मिलकर एक ऐसी इबारत रची है, जिसने इस पहाड़ी इलाके की रंगत ही बदल दी है। बारिश ने यहाँ हरियाली की चादर ओढ़ा दी है तो पहाड़ियों की गोद में तालाबों में पानी ठाठे मार रहा है। जी हाँ, अब यह इलाका भी पानीदार बन चुका है।

नोटिस बोर्ड

जल्द ठीक होगा श्रीनगर बांध का लीकेज

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 16:58

श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर अलकनंदा हाइड्रो पावर लिमिटेड श्रीनगर बांध के पावर चैनल में हो रहे लीकेज को समय सीमा के अंदर रोकने का आदेश दिया है। प्राधिकरण के मुख्य न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल, न्यायाधीश एसपी वागडी तथा विशेषज्ञ सदस्य नवीन नंदा ने अलकनंदा हाइड्रो पावर कारपोरेशन लिमिटेड जल्दी ही समयबद्ध रूप में अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा ऊर्जा विभाग टिहरी जिलाधीश और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निगरानी करने का आदेश दिया है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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खासम-खास

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

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नलगोंडा ने सीख लिया है फ्लोराइड के साथ जीना

Submitted by RuralWater on Sun, 07/03/2016 - 13:30
Author
पूजा सिंह


फ्लोराइड से बुरी तरह प्रभावित नलगोंडा में सरकार सुरक्षित पेयजल मुहैया कराने में सफल रही है, लेकिन स्थानीय भूजल में फ्लोराइड का स्तर इतना अधिक है कि उससे पूरी निजात सम्भव नहीं। खेती के लिये भी यह चिन्ता का विषय बना हुआ है।

.केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक नव-निर्मित राज्य तेलंगाना की करीब 1200 बस्तियाँ फ्लोरोसिस की समस्या से ग्रस्त हैं। इसमें भी सबसे बुरी स्थिति नलगोंडा जिले की है।

जिले के 17 मण्डल फ्लोराइड की अधिकता के कारण फ्लोरोसिस से बुरी तरह जूझ रहे हैं। फ्लोरोसिस वह स्थिति है जो शरीर में फ्लोराइड की अधिकता से उत्पन्न होती है। यह फ्लोराइड पेयजल तथा अन्य माध्यमों से हमारे शरीर में जाता है। इसकी वजह से लोगों के शरीर में अस्थि विकृतियाँ तथा अन्य समस्याएँ उत्पन्न होने लगती हैं।

कैसे होता है आगमन मनमौजी मानसून का

Submitted by RuralWater on Sat, 07/02/2016 - 12:25
Author
अनामिका प्रकाश श्रीवास्तव
Source
विज्ञान प्रगति, जुलाई 2016

.मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून ऐसी सामयिक हवाएँ हैं जिनकी दिशाओं में प्रत्येक वर्ष दो बार उलट-पटल होती है। उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम में मानसूनी हवाओं की दिशाओं में बदलाव वैज्ञानिक भाषा में कोरिओलिक बल के चलते होता है। यह बल गतिशील पिंडों पर असर डालता है।

हमारी पृथ्वी भी गतिशील पिंड है जिसकी दो गतियाँ हैं- दैनिक गति और वार्षिक गति। नतीजन, उत्तरी गोलार्द्ध में मानसूनी हवाएँ दाईं ओर मुड़ जाती हैं और दक्षिणी गोलार्द्ध में बाईं ओर। वायुगति के इस परिवर्तन की खोज फेरल नामक वैज्ञानिक ने की थी। इसीलिये इस नियम को ‘फेरल का नियम’ कहते हैं।

ये तो गंगा के व्यापारी निकले

Submitted by RuralWater on Sun, 06/26/2016 - 12:48
Author
अरुण तिवारी


.उन्होंने कहा- “मैं आया नहीं हूँ, माँ गंगा ने बुलाया है।’’ लोगों ने समझा कि वह गंगा की सेवा करेंगे। बनारसी बाबू लोगों ने उन्हें बनारस का घाट दे दिया; शेष ने देश का राज-पाट दे दिया। उन्होंने ‘नमामि गंगे’ कहा; जल मंत्रालय के साथ ‘गंगा पुनर्जीवन’ शब्द जोड़ा; एक गेरुआ वस्त्र धारिणी को गंगा की मंत्री बनाया। पाँच साल के लिये 20 हजार करोड़ रुपए का बजट तय किया। अनिवासी भारतीयों से आह्वान किया। नमामि गंगे कोष बनाया। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की स्थापना की।

राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण का पुनर्गठन किया। बनारस के अस्सी घाट पर उन्होंने स्वयं श्रमदान किया। गंगा ने समझा कि यह उसके प्रति भारतीय संस्कृति की पोषक पार्टी के प्रतिनिधि और देश के प्रधानमंत्री की आस्था है।

प्रयास

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार

Submitted by HindiWater on Wed, 09/04/2019 - 16:41
Source
द टेलीप्रिंटर

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।

कभी उमरिया जिले के आकाशकोट का पहाड़ी इलाका अपने उजाड़ और बूँद-बूँद पानी के लिए मोहताज़ होने के लिए पहचाना जाता रहा है। लेकिन इस साल यहाँ सरकार और समाज ने मिलकर एक ऐसी इबारत रची है, जिसने इस पहाड़ी इलाके की रंगत ही बदल दी है। बारिश ने यहाँ हरियाली की चादर ओढ़ा दी है तो पहाड़ियों की गोद में तालाबों में पानी ठाठे मार रहा है। जी हाँ, अब यह इलाका भी पानीदार बन चुका है।

नोटिस बोर्ड

जल्द ठीक होगा श्रीनगर बांध का लीकेज

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 16:58

श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर अलकनंदा हाइड्रो पावर लिमिटेड श्रीनगर बांध के पावर चैनल में हो रहे लीकेज को समय सीमा के अंदर रोकने का आदेश दिया है। प्राधिकरण के मुख्य न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल, न्यायाधीश एसपी वागडी तथा विशेषज्ञ सदस्य नवीन नंदा ने अलकनंदा हाइड्रो पावर कारपोरेशन लिमिटेड जल्दी ही समयबद्ध रूप में अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा ऊर्जा विभाग टिहरी जिलाधीश और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निगरानी करने का आदेश दिया है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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