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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25
हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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Submitted by HindiWater on Mon, 03/01/2021 - 11:24
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शर्म नहीं, शक्ति का प्रतीक है माहवारी
देश में किशोरी एवं महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में काफी सुधार आया है। केंद्र से लेकर राज्य की सरकारों द्वारा इस क्षेत्र में लगातार सकारात्मक कदम उठाने का परिणाम है कि एक तरफ जहां उनके स्वास्थ्य के स्तर में सुधार आया है, वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी प्रगति हुई है। कई राज्यों में महिला एवं किशोरियों के कुपोषण के दर में कमी आई है दूसरी ओर साक्षरता के दर में काफी प्रगति हुई है। लेकिन अब भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां सुधार की अत्यधिक आवश्यकता है। विशेषकर माहवारी के मुद्दे पर सबसे अधिक काम करने की ज़रूरत है। हालांकि सरकार की तरफ से न केवल इस विषय पर लगातार जागरूकता चलाई जा रही है बल्कि अधिक से अधिक सेनेट्री नैपकिन के उपयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से इसे 2018 में इसे जीएसटी मुक्त भी कर दिया गया है।
Submitted by HindiWater on Tue, 02/23/2021 - 12:08
Source:
Hindi Water Portal
बजट 2021-22:पानी और संबंधित क्षेत्रों की हाइलाइट्स
इस साल सरकार ने बजट में 2.87 लाख करोड़ का जल जीवन मिशन लांच किया। इसका उद्देश्य सभी 4378 शहरी स्थानीय निकायों में जला पूर्ति करने के साथ घरेलू नल कनेक्शन की सुविधा के अलावा 500   शहरों में  वेस्ट मैनेजमेंट को स्थापित करना है।  शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को 2021 से 2026 तक 5 वर्षों की अवधि में कुल 141678 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन के साथ लागू किया जाएगा।
Submitted by HindiWater on Sat, 02/20/2021 - 16:19
Source:
द टेलीप्रिंटर
बुंदेलखंड में बने तालाबों से हो रहा विकास का नया सबेरा
गरीबी, बेकारी और पलायन के लिए पहचाने जाने वाले मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में मनरेगा यानी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना उम्मीदों के नया सवेरा लेकर आई है। मनरेगा से बने तालाबों से स्थानीय लोगों को रोज़गार के साथ स्थायी आजीविका के साधन मुहैया हो रहे हैं।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 07/09/2021 - 11:44
पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने नई तरकीब निकाली
जिला देहरादून के जनजातीय क्षेत्र जौनसार में गर्मी का मौसम आते ही  यहां के लोगो को पानी कि किल्लत से जूझना पड़ता है आज हम आपको जनजातीय क्षेत्र जौनसार के कालसी ब्लॉक अंतर्गत एक गांव गांगरो की तस्वीरें दिख रहे है जहां पानी की समस्या से लोगो को रोज़ जूझना पड़ता है जिसे देखते हुए सड़क पर एक हैंड पंप की व्यवस्था की गई क्योंकि गांव में  जो परंपरागत जल स्रोत है वो यहां रह रहे करीब एक हजार लोगों को पानी की पूर्ति नही कर पा रहा है 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Sat, 07/17/2021 - 12:48
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गंगा की अविरलता और निर्मलता को स्थापित करने के लिये वर्चुअल मीटिंग
स्वामी सांनद  के जन्मदिन 20 जुलाई को जूम पर एक वर्चुअल बैठक का आयोजन शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
Source:
मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।
Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
Source:
विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

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खासम-खास

हिन्दुकुश हिमालय पर्वतमाला: दी थर्ड पोल

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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शर्म नहीं, शक्ति का प्रतीक है माहवारी

Submitted by HindiWater on Mon, 03/01/2021 - 11:24
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शर्म नहीं, शक्ति का प्रतीक है माहवारी
देश में किशोरी एवं महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में काफी सुधार आया है। केंद्र से लेकर राज्य की सरकारों द्वारा इस क्षेत्र में लगातार सकारात्मक कदम उठाने का परिणाम है कि एक तरफ जहां उनके स्वास्थ्य के स्तर में सुधार आया है, वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी प्रगति हुई है। कई राज्यों में महिला एवं किशोरियों के कुपोषण के दर में कमी आई है दूसरी ओर साक्षरता के दर में काफी प्रगति हुई है। लेकिन अब भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां सुधार की अत्यधिक आवश्यकता है। विशेषकर माहवारी के मुद्दे पर सबसे अधिक काम करने की ज़रूरत है। हालांकि सरकार की तरफ से न केवल इस विषय पर लगातार जागरूकता चलाई जा रही है बल्कि अधिक से अधिक सेनेट्री नैपकिन के उपयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से इसे 2018 में इसे जीएसटी मुक्त भी कर दिया गया है।

बजट 2021-22:पानी और संबंधित क्षेत्रों की हाइलाइट्स

Submitted by HindiWater on Tue, 02/23/2021 - 12:08
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Hindi Water Portal
बजट 2021-22:पानी और संबंधित क्षेत्रों की हाइलाइट्स
इस साल सरकार ने बजट में 2.87 लाख करोड़ का जल जीवन मिशन लांच किया। इसका उद्देश्य सभी 4378 शहरी स्थानीय निकायों में जला पूर्ति करने के साथ घरेलू नल कनेक्शन की सुविधा के अलावा 500   शहरों में  वेस्ट मैनेजमेंट को स्थापित करना है।  शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को 2021 से 2026 तक 5 वर्षों की अवधि में कुल 141678 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन के साथ लागू किया जाएगा।

बुंदेलखंड में बने तालाबों से हो रहा विकास का नया सबेरा

Submitted by HindiWater on Sat, 02/20/2021 - 16:19
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द टेलीप्रिंटर
  बुंदेलखंड में बने तालाबों से हो रहा विकास का नया सबेरा
गरीबी, बेकारी और पलायन के लिए पहचाने जाने वाले मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में मनरेगा यानी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना उम्मीदों के नया सवेरा लेकर आई है। मनरेगा से बने तालाबों से स्थानीय लोगों को रोज़गार के साथ स्थायी आजीविका के साधन मुहैया हो रहे हैं।

प्रयास

पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने नई तरकीब निकाली

Submitted by HindiWater on Fri, 07/09/2021 - 11:44
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पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने नई तरकीब निकाली
जिला देहरादून के जनजातीय क्षेत्र जौनसार में गर्मी का मौसम आते ही  यहां के लोगो को पानी कि किल्लत से जूझना पड़ता है आज हम आपको जनजातीय क्षेत्र जौनसार के कालसी ब्लॉक अंतर्गत एक गांव गांगरो की तस्वीरें दिख रहे है जहां पानी की समस्या से लोगो को रोज़ जूझना पड़ता है जिसे देखते हुए सड़क पर एक हैंड पंप की व्यवस्था की गई क्योंकि गांव में  जो परंपरागत जल स्रोत है वो यहां रह रहे करीब एक हजार लोगों को पानी की पूर्ति नही कर पा रहा है 

नोटिस बोर्ड

गंगा की अविरलता और निर्मलता को स्थापित करने के लिये वर्चुअल मीटिंग का आयोजन 

Submitted by HindiWater on Sat, 07/17/2021 - 12:48
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गंगा की अविरलता और निर्मलता को स्थापित करने के लिये वर्चुअल मीटिंग
स्वामी सांनद  के जन्मदिन 20 जुलाई को जूम पर एक वर्चुअल बैठक का आयोजन शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक किया जा रहा है।

मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
media-dialogue-:jalvayu-sankat-or-bihar
मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता

Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
vishva-prithvi-divas-2021:corona-sankat-k-beach-paryavaraniya-chinta
 विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

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