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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Mon, 01/13/2020 - 22:17
नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह की बहाली (अर्थात सदा नीरा नदियाँ)
भारत की लगभग सभी नदियों का मानसूनी प्रवाह लगभग अप्रभावित है, पर उनके गैर-मानसूनी प्रवाह में कमी आ रही है। अर्थात समस्या केवल नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह के घटने की ही है। गैर-मानसूनी प्रवाह के घटने के कारण छोटी तथा मंझौली नदियाँ मौसमी बनकर रह गई हैं। यह असर व्यापक है।

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Submitted by HindiWater on Thu, 01/16/2020 - 12:42
Source:
योजना, जनवरी 2020
पेरिस संधि: 35 प्रतिशत उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य हासिल करने की ओर भारत
भारत ने कार्बन उत्सर्जन में सकल घरेलू उत्पाद के 21 प्रतिशत की कमी की है और पेरिस संधि के संकल्प के अनुसार 35 प्रतिशत उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य हासिल करने की ओर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पेरिस समझौते में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए 175 गीगावाट लक्ष्य की घोषणा की थी। हम 83 गीगावाट हासिल कर चुके हैं।
Submitted by HindiWater on Thu, 01/16/2020 - 12:19
Source:
फार्म एन फूड
हरे चारे की खेती
पशुओं के भोजन में हरे चारे की एक खास भूमिका होती है। यह दुधारु पशुओं के लिए फायदेमंद भी होता है। हरे चारे के रूप में किसान अनेक फसलों को इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कुछ फसलें ऐसी होती हैं, जो लम्बे समय तक नहीं चल पाती हैं, यहाँ कुछ खास फसलों के बारे में जानकारी दी गई है, जो सेहतमंद होने के साथ-साथ लम्बे समय तक हरा चारा मुहैया कराती हैं।
Submitted by HindiWater on Thu, 01/16/2020 - 12:06
Source:
औद्योगिक इकाइयों का कहर, पानी की घूंट घूंट में जनता पी रही ज़हर
अधिकांश इकाइयों का कचरा शोधन किए बिना ही जल स्रोतों में बहा दिया जाता है। प्रदूषण फैलाने वाली कुल ईकाइयों में 84 प्रतिशत इकाइयां उत्तर प्रदेश, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और गुजरात में मौजूद हैं। 

प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 01/17/2020 - 11:25
महिलाओं द्वारा बनाया गया बर्तन बैंक।
इंदौर जिले के इस गांव में कहीं भी प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता है। दुकान से समाना लाना हो या बाजार से सब्जी, सभी अपने साथ कपड़े का थैला लेकर जाते हैं। दूध लाने के लिए स्टील की केतली या कोई अन्य बर्तन लेकर जाते हैं। स्कूल के बच्चों ने भी किताबों पर चढ़ाने वाले प्लास्टिक कवर से दूरी बना ली है, अब किताबों और कॉपियों पर केवल कागज का कवर ही चढ़ाया जाता है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 01/16/2020 - 09:57
Source:
नर्मदा, गंगा, कोसी, पेरियार व अन्य नदी घाटियों पर विचार मंथन
कृपया आपके आने की खबर, सफरनामा, सहभागी व्यक्तियों के नाम, उम्र, संबंधित विशेष कार्य/अनुभव इत्यादि के साथ त्वरित भेजें। 30 जनवरी से पहले भेजने से नियोजन में सहूलियत होगी।
Submitted by HindiWater on Sat, 12/28/2019 - 15:14
Source:
पहाड़ और हम : हिमालय के युवाओं के लिए कार्यशाला
पहाड़ों में एक कहावत है कि ‘पहाड़ का पानी और जवानी कभी पहाड़ के काम नहीं आते। सुनने पर इसका सरल और सीधा मतलब लगता है कि पहाड़ों के युवा नौकरी के अवसर के लिए और पहाड़ों का पानी नदियों के रास्ते यहां से मैदानी इलाकों में चले जाता है – दोनों की ऊर्जा और उर्वरकता का फायदा किसी और को होता है।
Submitted by HindiWater on Wed, 11/27/2019 - 13:25
Source:
"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन
गैर-लाभकारी संगठन चरखा विकास संचार नेटवर्क ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2019’ की घोषणा की है। इसके अंतर्गत उन लेखकों को मंच प्रदान किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में छुपी ऐसी प्रतिभाओं को उजागर करने का हौसला रखते हैं, जो मीडिया की नजरों से अब तक दूर रहा है।

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खासम-खास

नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह की बहाली (अर्थात सदा नीरा नदियाँ)

Submitted by HindiWater on Mon, 01/13/2020 - 22:17
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह की बहाली (अर्थात सदा नीरा नदियाँ)
भारत की लगभग सभी नदियों का मानसूनी प्रवाह लगभग अप्रभावित है, पर उनके गैर-मानसूनी प्रवाह में कमी आ रही है। अर्थात समस्या केवल नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह के घटने की ही है। गैर-मानसूनी प्रवाह के घटने के कारण छोटी तथा मंझौली नदियाँ मौसमी बनकर रह गई हैं। यह असर व्यापक है।

Content

पेरिस संधि: 35 प्रतिशत उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य हासिल करने की ओर भारत

Submitted by HindiWater on Thu, 01/16/2020 - 12:42
Source
योजना, जनवरी 2020
पेरिस संधि: 35 प्रतिशत उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य हासिल करने की ओर भारत
भारत ने कार्बन उत्सर्जन में सकल घरेलू उत्पाद के 21 प्रतिशत की कमी की है और पेरिस संधि के संकल्प के अनुसार 35 प्रतिशत उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य हासिल करने की ओर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पेरिस समझौते में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए 175 गीगावाट लक्ष्य की घोषणा की थी। हम 83 गीगावाट हासिल कर चुके हैं।

हरे चारे की खेती

Submitted by HindiWater on Thu, 01/16/2020 - 12:19
Source
फार्म एन फूड
हरे चारे की खेती
पशुओं के भोजन में हरे चारे की एक खास भूमिका होती है। यह दुधारु पशुओं के लिए फायदेमंद भी होता है। हरे चारे के रूप में किसान अनेक फसलों को इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कुछ फसलें ऐसी होती हैं, जो लम्बे समय तक नहीं चल पाती हैं, यहाँ कुछ खास फसलों के बारे में जानकारी दी गई है, जो सेहतमंद होने के साथ-साथ लम्बे समय तक हरा चारा मुहैया कराती हैं।

औद्योगिक इकाइयों का कहर, पानी की घूंट घूंट में जनता पी रही ज़हर

Submitted by HindiWater on Thu, 01/16/2020 - 12:06
औद्योगिक इकाइयों का कहर, पानी की घूंट घूंट में जनता पी रही ज़हर
अधिकांश इकाइयों का कचरा शोधन किए बिना ही जल स्रोतों में बहा दिया जाता है। प्रदूषण फैलाने वाली कुल ईकाइयों में 84 प्रतिशत इकाइयां उत्तर प्रदेश, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और गुजरात में मौजूद हैं। 

प्रयास

मध्य प्रदेश का सिंदौड़ा गांव हुआ प्लास्टिक मुक्त, मिल चुका है राष्ट्रीय पुरस्कार

Submitted by HindiWater on Fri, 01/17/2020 - 11:25
महिलाओं द्वारा बनाया गया बर्तन बैंक।
इंदौर जिले के इस गांव में कहीं भी प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता है। दुकान से समाना लाना हो या बाजार से सब्जी, सभी अपने साथ कपड़े का थैला लेकर जाते हैं। दूध लाने के लिए स्टील की केतली या कोई अन्य बर्तन लेकर जाते हैं। स्कूल के बच्चों ने भी किताबों पर चढ़ाने वाले प्लास्टिक कवर से दूरी बना ली है, अब किताबों और कॉपियों पर केवल कागज का कवर ही चढ़ाया जाता है।

नोटिस बोर्ड

नर्मदा, गंगा, कोसी, पेरियार व अन्य नदी घाटियों पर विचार मंथन

Submitted by HindiWater on Thu, 01/16/2020 - 09:57
नर्मदा, गंगा, कोसी, पेरियार व अन्य नदी घाटियों पर विचार मंथन
कृपया आपके आने की खबर, सफरनामा, सहभागी व्यक्तियों के नाम, उम्र, संबंधित विशेष कार्य/अनुभव इत्यादि के साथ त्वरित भेजें। 30 जनवरी से पहले भेजने से नियोजन में सहूलियत होगी।

पहाड़ और हम : हिमालय के युवाओं के लिए कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Sat, 12/28/2019 - 15:14
पहाड़ और हम : हिमालय के युवाओं के लिए कार्यशाला
पहाड़ों में एक कहावत है कि ‘पहाड़ का पानी और जवानी कभी पहाड़ के काम नहीं आते। सुनने पर इसका सरल और सीधा मतलब लगता है कि पहाड़ों के युवा नौकरी के अवसर के लिए और पहाड़ों का पानी नदियों के रास्ते यहां से मैदानी इलाकों में चले जाता है – दोनों की ऊर्जा और उर्वरकता का फायदा किसी और को होता है।

"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन

Submitted by HindiWater on Wed, 11/27/2019 - 13:25
"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन
गैर-लाभकारी संगठन चरखा विकास संचार नेटवर्क ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2019’ की घोषणा की है। इसके अंतर्गत उन लेखकों को मंच प्रदान किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में छुपी ऐसी प्रतिभाओं को उजागर करने का हौसला रखते हैं, जो मीडिया की नजरों से अब तक दूर रहा है।

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