नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by HindiWater on Sat, 11/30/2019 - 10:06
मध्यप्रदेश के परम्परागत तालाबों का जल विज्ञान
मध्यप्रदेश के बुन्देलखंड, बघेलखंड, मालवा तथा महाकोशल अंचलों में परम्परागत तालाबों की समृद्ध परम्परा रही है। इस परम्परा के प्रमाण सर्वत्र मिलते हैं। सबसे पहले उनकी आंचलिक विशेषताओं पर सांकेतिक जानकारी। उसके बाद परम्परागत जल विज्ञान का विवरण।

Content

Submitted by HindiWater on Sun, 12/01/2019 - 11:00
Source:
योजना,नवम्बर, 2019
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
कुशल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य कूड़े-करकट से अधिकतम मात्रा में उपयोगी संसाधन प्राप्त करना और ऊर्जा का उत्पादन करना है ताकि कम-से-कम मात्रा में अपशिष्ट पदार्थों को लैंडफिल क्षेत्र में फेंकना पड़े। इसका कारण यह है कि लैंडफिल में फेंके जाने वाले कूड़े का भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
Submitted by HindiWater on Sat, 11/30/2019 - 13:44
Source:
पत्रिका, 30 नवम्बर, 2019
नदी-तालाबों का अब होगा सही आकलन
शहर के नदी-तालाबों का अब सही-सही आकलन होगा। इसके लिए पहले मैपिंग की जाएगी और फिर इंजीनियरिंग छात्रों से भौतिक सत्यापन करवाया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी। मैपिंग प्रयोग के लिए पीपल्याहाना तालाब का नक्शा समाजसेवी किशोर कोडवानी ने संभागायुक्त को सौंप दिया है।
Submitted by HindiWater on Sat, 11/30/2019 - 09:16
Source:
खाद्य सुरक्षा की असली मंजिल है कुपोषण मुक्ति  
खाद्य सुरक्षा की असली मंजिल कुपोषण से मुक्ति है। वंचित और बेसहारा आबादी की कुपोषण से शत-प्रतिशत मुक्ति। वह ऐसा प्रयास होगा जिसमें नीतियों, कार्यक्रमों, योजनाओं और सामाजिक सरोकारों की हकीकत नजर आ सकती है। हकीकत में वह सभ्य समाज और कल्याणकारी प्रजातांत्रिक व्यवस्था की असली पहचान भी है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Wed, 11/20/2019 - 11:07
कालीबेईं नदी के भागीरथ : संत सींचेवाल
धुन का पक्का एक योद्धा संत, जिसे संत बलबीर सिंह सींचेवाल कहते हैं। जिसने पंजाब में दम तोड़ती नदी काली बेई को फिर से जीवित कर 80 गांवों के लोगों की उम्मीद को मरने से बचाया। नदी जिंदा करने के काम को देखते हुए टाइम पत्रिका ने इन्हें दुनिया के 30 पर्यावरण नायकों की सूची में शामिल किया तो सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित। अधिक जानकारी के लिए देखें वीडियो

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Wed, 11/27/2019 - 13:25
Source:
"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन
गैर-लाभकारी संगठन चरखा विकास संचार नेटवर्क ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2019’ की घोषणा की है। इसके अंतर्गत उन लेखकों को मंच प्रदान किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में छुपी ऐसी प्रतिभाओं को उजागर करने का हौसला रखते हैं, जो मीडिया की नजरों से अब तक दूर रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 11/25/2019 - 09:44
Source:
दैनिक जागरण, 25 नवम्बर 2019
‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा हरिद्वार कुंभ
कुंभ-2021 को भव्य, शानदार, यादगार और अनूठा बनाने के लिए कुंभ मेला अधिष्ठान बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है। विशेष यह कि इस बार हरिद्वार यह आयोजन ‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा। इसमें गंगा की शुद्धता और पर्यावरण की रक्षा पर विशेष फोकस रहेगा। इसके तहत विद्युत ऊर्जा का कम से कम (लगभग शून्य) और सौर ऊर्जा का अधिकाधिक इस्तेमाल करने की योजना है।
Submitted by HindiWater on Sat, 11/16/2019 - 10:26
Source:
दैनिक जागरण, 16 नवम्बर 2019
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए स्मॉग टावर लगाएगी सरकार
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार स्मॉग टावर लगाने पर विचार कर रही है। शुक्रवार को प्रदूषण मामले पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अधिकारी और विशेषज्ञ इसकी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।

Latest

खासम-खास

मध्यप्रदेश के परम्परागत तालाबों का जल विज्ञान

Submitted by HindiWater on Sat, 11/30/2019 - 10:06
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'
मध्यप्रदेश के बुन्देलखंड, बघेलखंड, मालवा तथा महाकोशल अंचलों में परम्परागत तालाबों की समृद्ध परम्परा रही है। इस परम्परा के प्रमाण सर्वत्र मिलते हैं। सबसे पहले उनकी आंचलिक विशेषताओं पर सांकेतिक जानकारी। उसके बाद परम्परागत जल विज्ञान का विवरण।

Content

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन

Submitted by HindiWater on Sun, 12/01/2019 - 11:00
Source
योजना,नवम्बर, 2019
कुशल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य कूड़े-करकट से अधिकतम मात्रा में उपयोगी संसाधन प्राप्त करना और ऊर्जा का उत्पादन करना है ताकि कम-से-कम मात्रा में अपशिष्ट पदार्थों को लैंडफिल क्षेत्र में फेंकना पड़े। इसका कारण यह है कि लैंडफिल में फेंके जाने वाले कूड़े का भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

नदी-तालाबों का अब होगा सही आकलन

Submitted by HindiWater on Sat, 11/30/2019 - 13:44
Source
पत्रिका, 30 नवम्बर, 2019
शहर के नदी-तालाबों का अब सही-सही आकलन होगा। इसके लिए पहले मैपिंग की जाएगी और फिर इंजीनियरिंग छात्रों से भौतिक सत्यापन करवाया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी। मैपिंग प्रयोग के लिए पीपल्याहाना तालाब का नक्शा समाजसेवी किशोर कोडवानी ने संभागायुक्त को सौंप दिया है।

खाद्य सुरक्षा की असली मंजिल है कुपोषण मुक्ति  

Submitted by HindiWater on Sat, 11/30/2019 - 09:16
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'
खाद्य सुरक्षा की असली मंजिल कुपोषण से मुक्ति है। वंचित और बेसहारा आबादी की कुपोषण से शत-प्रतिशत मुक्ति। वह ऐसा प्रयास होगा जिसमें नीतियों, कार्यक्रमों, योजनाओं और सामाजिक सरोकारों की हकीकत नजर आ सकती है। हकीकत में वह सभ्य समाज और कल्याणकारी प्रजातांत्रिक व्यवस्था की असली पहचान भी है।

प्रयास

कालीबेईं नदी के भागीरथ : संत सींचेवाल

Submitted by HindiWater on Wed, 11/20/2019 - 11:07
धुन का पक्का एक योद्धा संत, जिसे संत बलबीर सिंह सींचेवाल कहते हैं। जिसने पंजाब में दम तोड़ती नदी काली बेई को फिर से जीवित कर 80 गांवों के लोगों की उम्मीद को मरने से बचाया। नदी जिंदा करने के काम को देखते हुए टाइम पत्रिका ने इन्हें दुनिया के 30 पर्यावरण नायकों की सूची में शामिल किया तो सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित। अधिक जानकारी के लिए देखें वीडियो

नोटिस बोर्ड

"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन

Submitted by HindiWater on Wed, 11/27/2019 - 13:25
गैर-लाभकारी संगठन चरखा विकास संचार नेटवर्क ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2019’ की घोषणा की है। इसके अंतर्गत उन लेखकों को मंच प्रदान किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में छुपी ऐसी प्रतिभाओं को उजागर करने का हौसला रखते हैं, जो मीडिया की नजरों से अब तक दूर रहा है।

‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा हरिद्वार कुंभ

Submitted by HindiWater on Mon, 11/25/2019 - 09:44
Source
दैनिक जागरण, 25 नवम्बर 2019
कुंभ-2021 को भव्य, शानदार, यादगार और अनूठा बनाने के लिए कुंभ मेला अधिष्ठान बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है। विशेष यह कि इस बार हरिद्वार यह आयोजन ‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा। इसमें गंगा की शुद्धता और पर्यावरण की रक्षा पर विशेष फोकस रहेगा। इसके तहत विद्युत ऊर्जा का कम से कम (लगभग शून्य) और सौर ऊर्जा का अधिकाधिक इस्तेमाल करने की योजना है।

वायु प्रदूषण से निपटने के लिए स्मॉग टावर लगाएगी सरकार

Submitted by HindiWater on Sat, 11/16/2019 - 10:26
Source
दैनिक जागरण, 16 नवम्बर 2019
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार स्मॉग टावर लगाने पर विचार कर रही है। शुक्रवार को प्रदूषण मामले पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अधिकारी और विशेषज्ञ इसकी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।

Upcoming Event

Popular Articles