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Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25
हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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Submitted by HindiWater on Thu, 06/03/2021 - 16:02
Source:
वृक्षारोपण से होगा दूषित पर्यावरण में सुधार,Source:-neeedpix.com
पिछले दो साल पर्यावरण की दृष्टि से अभी तक के पृथ्वी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण माने जा सकते है क्योंकि इन दो सालों में जिस तरह कोरोना ने के प्रकोप से पर्यावरण को सुरक्षा मिली है ऐसी सुरक्षा मानवजाती इससे पहले कभी प्रकृति को प्रदान नही कर पाई क्योंकि कोरोना ने लॉक डाउन दिया और आर्तव्यवस्था के पहिये जाम हो गए सारे कारोबार बंद हो गए और गाड़ियों के चके जाम हो गए उद्योग की रफ्तार पर बरेअक लगा और इस तरह से पर्यावरण को साफ होने में एक खास किस्म का सहयोग मिला  आज 5 जून है और साल 2021 का ये पर्यावरण दिवस हम lलॉकडाउन के तहत मना रहे है  हम सभी को मिलकर अपने पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ एवं सुरक्षित पर्यावरण के बिना समाज की कल्पना भी अधूरी है। हर साल लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है
Submitted by HindiWater on Thu, 06/03/2021 - 15:31
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इस साल पर्यावरण दिवस पर पेड़ो का महत्व बढ़ गया,Source:-neeedpix.com
हर साल पूरे संसार मे 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रकृति के प्रति लोगों को जागरूकता  फैलाना है । 49 साल पहले यानी 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने पहली बार  5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस  मनाया। जिसके बाद हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।हर साल पर्यावरण दिवस पर एक थीम दी जाती और उस पर पर्यावरण प्रेमी, बुद्धिजीवी लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम चलाते है। इस साल  विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीमEcosystem Restoration यानी पारिस्थितिकी तंत्र बहाली है यानी  पृथ्वी को एक बार फिर से अच्छी स्थिति में लाया जाए। 
Submitted by HindiWater on Wed, 06/02/2021 - 16:34
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हरियाणा में भू जल संरक्षित करने की योजना से जुड़ रहे है किसान
हरियाणा में लगातार भू जल का स्तर गिर रहा है  कभी 40 से 50 फुट में रहा पानी अब 266 फुट नीचे पहुँच गया है । जो बताता है कि हरियाणा में पिछले एक दशक में पानी का  लगभग दो गुना संकट बढ़ा है.ऐसे में भविष्य में गंभीर जल संकट की स्थिति से निपटने के लिए राज्य में पानी की सुरक्षा, संरक्षण, नियंत्रण एवं उपयोग को नियमित करने के लिए एक उचित कानून बनाया गया है जिसे मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने मई 2020 में  मेरा पानी मेरी विरासत के नाम से लांच किया।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
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मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।
Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
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विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।
Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
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वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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खासम-खास

हिन्दुकुश हिमालय पर्वतमाला: दी थर्ड पोल

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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वृक्षारोपण से होगा दूषित पर्यावरण में सुधार

Submitted by HindiWater on Thu, 06/03/2021 - 16:02
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वृक्षारोपण से होगा दूषित पर्यावरण में सुधार,Source:-neeedpix.com
पिछले दो साल पर्यावरण की दृष्टि से अभी तक के पृथ्वी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण माने जा सकते है क्योंकि इन दो सालों में जिस तरह कोरोना ने के प्रकोप से पर्यावरण को सुरक्षा मिली है ऐसी सुरक्षा मानवजाती इससे पहले कभी प्रकृति को प्रदान नही कर पाई क्योंकि कोरोना ने लॉक डाउन दिया और आर्तव्यवस्था के पहिये जाम हो गए सारे कारोबार बंद हो गए और गाड़ियों के चके जाम हो गए उद्योग की रफ्तार पर बरेअक लगा और इस तरह से पर्यावरण को साफ होने में एक खास किस्म का सहयोग मिला  आज 5 जून है और साल 2021 का ये पर्यावरण दिवस हम lलॉकडाउन के तहत मना रहे है  हम सभी को मिलकर अपने पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ एवं सुरक्षित पर्यावरण के बिना समाज की कल्पना भी अधूरी है। हर साल लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है

इस साल पर्यावरण दिवस पर पेड़ो का महत्व बढ़ गया 

Submitted by HindiWater on Thu, 06/03/2021 - 15:31
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इस साल पर्यावरण दिवस पर पेड़ो का महत्व बढ़ गया,Source:-neeedpix.com
हर साल पूरे संसार मे 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रकृति के प्रति लोगों को जागरूकता  फैलाना है । 49 साल पहले यानी 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने पहली बार  5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस  मनाया। जिसके बाद हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।हर साल पर्यावरण दिवस पर एक थीम दी जाती और उस पर पर्यावरण प्रेमी, बुद्धिजीवी लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम चलाते है। इस साल  विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीमEcosystem Restoration यानी पारिस्थितिकी तंत्र बहाली है यानी  पृथ्वी को एक बार फिर से अच्छी स्थिति में लाया जाए। 

हरियाणा में भू जल संरक्षित करने की योजना से जुड़ रहे है किसान

Submitted by HindiWater on Wed, 06/02/2021 - 16:34
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हरियाणा में भू जल संरक्षित करने की योजना से जुड़ रहे है किसान
हरियाणा में लगातार भू जल का स्तर गिर रहा है  कभी 40 से 50 फुट में रहा पानी अब 266 फुट नीचे पहुँच गया है । जो बताता है कि हरियाणा में पिछले एक दशक में पानी का  लगभग दो गुना संकट बढ़ा है.ऐसे में भविष्य में गंभीर जल संकट की स्थिति से निपटने के लिए राज्य में पानी की सुरक्षा, संरक्षण, नियंत्रण एवं उपयोग को नियमित करने के लिए एक उचित कानून बनाया गया है जिसे मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने मई 2020 में  मेरा पानी मेरी विरासत के नाम से लांच किया।

प्रयास

उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
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चरखा फीचर
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
media-dialogue-:jalvayu-sankat-or-bihar
मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता

Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
vishva-prithvi-divas-2021:corona-sankat-k-beach-paryavaraniya-chinta
 विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
vishva-vetlands-divas-2021:-vetlands-aur-jal
Source
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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