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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Tue, 03/23/2021 - 16:43
सामाजिक स्वीकार्यता की कसौटी पर बांध
भारतीय समाज लगभग 6000 साल पहले से पानी से दो मोर्चों पर जूझ रहा है। पहला मोर्चा है बाढ़ और दूसरा मोर्चा है पानी की बारहमासी निरापद आपूर्ति। सभी जानते हैं कि, बाढ, अस्थायी आपदा है इसलिए भारतीय समाज ने बसाहटों को, नदियों सुरक्षित दूरी पर बसाया। दूसरे मोर्चे पर सफलता हासिल करने के लिए उन कुदरती लक्षणों को समझने का प्रयास किया जो पानी की सर्वकालिक एवं सर्वभौमिक उपलब्धता सुनिश्चित करते है। लगता है, यही जद्दोजहद जल संरचनाओं के विकास का आधार बनी होगी।

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Submitted by HindiWater on Wed, 04/07/2021 - 13:05
Source:
कैच दी रेन अभियान 
गहराते जल संकट से निजात दिलाने के लिए, नेशनल वाटर मिशन (एन.डब्ल्यू.एम.) ने कैच दी रेन अभियान, अभियान का आगाज किया है। उसका बीज वाक्य है - बरसात का पानी, जब भी, जहाँ भी, गिरे, उसे वहीं थाम लो अर्थात उसे आगे मत जाने दो (Catch the rain, where it falls, when it falls)। वह बीज वाक्य राज्यों तथा हितग्राही समाज से अपील करता है कि वे आने वाली बरसात के पहले, धरती के चरित्र और स्थानीय मौसम को ध्यान में रखकर वर्षा जल के संरक्षण हेतु उपयुक्त जल संरचनाओं का निर्माण करेंगे। यह अभियान वहुआयामी है। उसके आयाम हैं-नई जल संचय संरचनाओं का निर्माण, छत के पानी को धरती में उतारना, तालाबों की मूल जल भंडारण क्षमता की बहाली एवं उनके जल मार्गों को अवरोध मुक्त करना, बावडियों का सुधार, एक्वीफरों को रीचार्ज करने के लिए अप्रयुक्त कुओं और नलकूपों का उपयोग। यह अभियान, समाज की सक्रिय भागीदारी से किया जाए। यही अभियान की फिलासफी का केन्द्र बिन्दु है। यह अभियान 22 मार्च से 30 नवम्बर के बीच, देश भर के ग्रामीण और शहरी इलाकों में चलाया जावेगा।    
Submitted by HindiWater on Tue, 04/06/2021 - 11:19
Source:
चरखा फीचर
गांव के बाल वैज्ञानिक ने बनाया स्मार्ट डस्टबिन
निशांत को स्कूल में साफ-सफाई की जिम्मेदारी ने कचरा प्रबंधन का नायाब तरीका खोजने के लिए प्रेरित कर दिया। सरकारी उच्च विद्यालय में पढ़ने वाला निशांत स्वचालित स्मार्ट डस्टबिन बनाकर अपने स्कूल, गांव और आसपास के लोगों के लिए बाल वैज्ञानिक के रूप में चर्चित हो रहा है। यह डस्टबीन केवल कचरा ही नहीं, बल्कि डस्टबीन में रखे जाने वाले अवांछित सामग्रियों पर भी कैमरे से नजर रखता है।
Submitted by HindiWater on Sun, 04/04/2021 - 13:51
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किसान सरोकार
अनाज का गांधी और पर्यावरण-योद्धा- वंदना शिवा
दना शिवा को 'अनाज का गांधी' और 'पर्यावरण-योद्धा' कहा जाता है। भौतिक वैज्ञानिक से परिवर्तित होकर वंदना शिवा ने पारिस्थितिकी विज्ञान और खाद्य अधिकारों की वकालत की और कृषि पर सतर्क विचार व्यक्त किया कि हम विश्व की भूख को समाप्त कर सकते हैं और इस अनोखी सांस्कृतिक और पाक परंपराओं को संरक्षित करते हुए ग्रह को बचाने में मदद कर सकते हैं। इन सबसे ऊपर, वंदना शिवा का दृढ़ विश्वास है कि हम जो भोजन खाते हैं वह मायने रखता है। यह हमें बनाता है कि हम भौतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से कौन हैं। दुनियाभर के स्थानीय किसानों के लिए खाद्य संप्रभुता, स्थिरता और बीज अधिकारों को विशेषज्ञ बनाकर, वे हमें यह याद दिलाने के लिए दृढ़ हैं कि 'भोजन और  संस्कृति- जीवन की मुद्रा हैं' - और यह  भी कि आपके पास एक के बिना दूसरा नहीं हो सकता। हमने हाल ही में शिवा से भारतीय  हिमालय के बड़े होने के बारे में पूछा कि. जज जैव विविधता स्थानीय संस्कृतियों को संरक्षित करने में कैसे मदद करती है और यात्री दुनिया को बेहतर जगह बनाने के लिए क्या कर सकते हैं।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
Source:
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।
Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Source:
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
Source:
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

Latest

खासम-खास

सामाजिक स्वीकार्यता की कसौटी पर बांध

Submitted by HindiWater on Tue, 03/23/2021 - 16:43
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
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सामाजिक स्वीकार्यता की कसौटी पर बांध
भारतीय समाज लगभग 6000 साल पहले से पानी से दो मोर्चों पर जूझ रहा है। पहला मोर्चा है बाढ़ और दूसरा मोर्चा है पानी की बारहमासी निरापद आपूर्ति। सभी जानते हैं कि, बाढ, अस्थायी आपदा है इसलिए भारतीय समाज ने बसाहटों को, नदियों सुरक्षित दूरी पर बसाया। दूसरे मोर्चे पर सफलता हासिल करने के लिए उन कुदरती लक्षणों को समझने का प्रयास किया जो पानी की सर्वकालिक एवं सर्वभौमिक उपलब्धता सुनिश्चित करते है। लगता है, यही जद्दोजहद जल संरचनाओं के विकास का आधार बनी होगी।

Content

कैच दी रेन अभियान 

Submitted by HindiWater on Wed, 04/07/2021 - 13:05
Author
कृष्णगोपाल व्यास
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कैच  दी रेन अभियान 
गहराते जल संकट से निजात दिलाने के लिए, नेशनल वाटर मिशन (एन.डब्ल्यू.एम.) ने कैच दी रेन अभियान, अभियान का आगाज किया है। उसका बीज वाक्य है - बरसात का पानी, जब भी, जहाँ भी, गिरे, उसे वहीं थाम लो अर्थात उसे आगे मत जाने दो (Catch the rain, where it falls, when it falls)। वह बीज वाक्य राज्यों तथा हितग्राही समाज से अपील करता है कि वे आने वाली बरसात के पहले, धरती के चरित्र और स्थानीय मौसम को ध्यान में रखकर वर्षा जल के संरक्षण हेतु उपयुक्त जल संरचनाओं का निर्माण करेंगे। यह अभियान वहुआयामी है। उसके आयाम हैं-नई जल संचय संरचनाओं का निर्माण, छत के पानी को धरती में उतारना, तालाबों की मूल जल भंडारण क्षमता की बहाली एवं उनके जल मार्गों को अवरोध मुक्त करना, बावडियों का सुधार, एक्वीफरों को रीचार्ज करने के लिए अप्रयुक्त कुओं और नलकूपों का उपयोग। यह अभियान, समाज की सक्रिय भागीदारी से किया जाए। यही अभियान की फिलासफी का केन्द्र बिन्दु है। यह अभियान 22 मार्च से 30 नवम्बर के बीच, देश भर के ग्रामीण और शहरी इलाकों में चलाया जावेगा।    

गांव के बाल वैज्ञानिक ने बनाया स्मार्ट डस्टबिन

Submitted by HindiWater on Tue, 04/06/2021 - 11:19
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चरखा फीचर
गांव के बाल वैज्ञानिक ने बनाया स्मार्ट डस्टबिन
निशांत को स्कूल में साफ-सफाई की जिम्मेदारी ने कचरा प्रबंधन का नायाब तरीका खोजने के लिए प्रेरित कर दिया। सरकारी उच्च विद्यालय में पढ़ने वाला निशांत स्वचालित स्मार्ट डस्टबिन बनाकर अपने स्कूल, गांव और आसपास के लोगों के लिए बाल वैज्ञानिक के रूप में चर्चित हो रहा है। यह डस्टबीन केवल कचरा ही नहीं, बल्कि डस्टबीन में रखे जाने वाले अवांछित सामग्रियों पर भी कैमरे से नजर रखता है।

हमने एक मिलियन से अधिक किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया- वंदना शिवा

Submitted by HindiWater on Sun, 04/04/2021 - 13:51
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किसान सरोकार
अनाज का गांधी और पर्यावरण-योद्धा- वंदना शिवा
दना शिवा को 'अनाज का गांधी' और 'पर्यावरण-योद्धा' कहा जाता है। भौतिक वैज्ञानिक से परिवर्तित होकर वंदना शिवा ने पारिस्थितिकी विज्ञान और खाद्य अधिकारों की वकालत की और कृषि पर सतर्क विचार व्यक्त किया कि हम विश्व की भूख को समाप्त कर सकते हैं और इस अनोखी सांस्कृतिक और पाक परंपराओं को संरक्षित करते हुए ग्रह को बचाने में मदद कर सकते हैं। इन सबसे ऊपर, वंदना शिवा का दृढ़ विश्वास है कि हम जो भोजन खाते हैं वह मायने रखता है। यह हमें बनाता है कि हम भौतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से कौन हैं। दुनियाभर के स्थानीय किसानों के लिए खाद्य संप्रभुता, स्थिरता और बीज अधिकारों को विशेषज्ञ बनाकर, वे हमें यह याद दिलाने के लिए दृढ़ हैं कि 'भोजन और  संस्कृति- जीवन की मुद्रा हैं' - और यह  भी कि आपके पास एक के बिना दूसरा नहीं हो सकता। हमने हाल ही में शिवा से भारतीय  हिमालय के बड़े होने के बारे में पूछा कि. जज जैव विविधता स्थानीय संस्कृतियों को संरक्षित करने में कैसे मदद करती है और यात्री दुनिया को बेहतर जगह बनाने के लिए क्या कर सकते हैं।

प्रयास

उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
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Source
चरखा फीचर
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
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वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

हिंदी पत्रकारों के लिए सीएसई-एएईटीआई की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
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अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
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Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

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