नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Mon, 05/09/2022 - 12:20
कूरम में पुनर्निर्मित समथमन मंदिर तालाब। फोटो - indiawaterportal.org
नीति आयोग के सन 2018 के अनुमान के अनुसार 60 करोड़ लोग शुद्ध पेयजल की गंभीर से अतिगंभीर कमी से ग्रसित हैं और हर साल लगभग दो लाख लोगों की अकाल मृत्यु, शुद्ध पानी की अनुपलब्धता के कारण होती है। नीति आयोग के अनुसार सन 2030 तक भारत की पानी की मांग के दो गुना होने का अनुमान है। नीति आयोग के इन अनुमानों और जमीनी हकीकत को ध्यान में रख सरकारों ने शुद्ध पानी पर अनेक योजनाओं पर काम प्रारंभ किया है। इसी कड़ी में पिछले दिनों, प्रधानमंत्री जी ने,

Content

Submitted by Shivendra on Fri, 04/29/2022 - 13:15
Source:
जल संरक्षण का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट गुलेरिया बांध से डरे ग्रामीण  
ये है उत्तरप्रदेश के  इलाहाबाद जिले के अंतर्गत आने वाले पठारी क्षेत्र मेजा और कोरांव । जहाँ लगभग 55 साल पहले सूखा पड़ने से स्थितियां
Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 16:29
Source:
यूसर्क
यूसर्क द्वारा "हिमालय क्षेत्र में बर्फ, हिमनद एवम् हिमनद झीलों के विषय पर विषेशज्ञ व्याख्यान का आयोजन
हिमालय क्षेत्र में बर्फ, हिमनद एवम् हिमनद झीलों का अध्ययन (Snow, Glacier and Glaciel Lake Studies in Himalayan Region) विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने व्याख्यान के द्वारा ग्लेशियरों की वर्तमान एवम् पूर्व की स्थितियों, उनको संख्या, उन पर उपलब्ध बर्फ की मात्रा, गंगा बेसिन के ग्लेशियर, रिमोट सेंसिंग एवम् जी आई एस द्वारा अध्ययन आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
Source:
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

प्रयास

Submitted by Editorial Team on Sat, 04/16/2022 - 11:51
बाढ़ की आपदा पर पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए कार्यशाला का आयोजन
देहरादून की रिस्पना और बिंदाल नदी बरसात में कभी भी कहर बरपाने लगती हैं। इन नदियों में किनारे पर बसी लगभग 30-40 बस्तियां खतरे की जद में आ जाती हैं। एक्सट्रीम वेदर कंडीशन अब ‘न्यू नार्मल’ है। बादल फटना यानी भारी बरसात की वजह से ये नदियां कब उफान पर आ जाएं कहना मुश्किल होता है। इसके अलावा शहर के ज्यादातर नालों पर भी अतिक्रमण व अवैध कब्जे हैं।  ऐसे में नदी के बहाव की वजह से यहां कब कोई बड़ा हादसा हो जाए, ये चिंता का विषय है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
Source:
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।
Submitted by Editorial Team on Mon, 03/21/2022 - 11:47
Source:
विश्व जल दिवस पर सेमिनार का आयोजन
आज जल संकट समूचे विश्व की गंभीर समस्या है। हालात इतने खराब हैं कि दुनिया के 37 देश पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। इनमें सिंगापुर, पश्चिमी सहारा, कतर, बहरीन, जमैका, सऊदी अरब और कुवैत समेत 19 देश ऐसे हैं जहां पानी की आपूर्ति मांग से बेहद कम है। दुख की बात यह है कि हमारा देश इन देशों से सिर्फ एक पायदान पीछे है। असलियत यह है कि दुनिया में पांच में से एक व्यक्ति की साफ पानी तक पहुंच ही नहीं है। यह सब सेवा एवं उद्योग क्षेत्र से योगदान बढ़ने के कारण घरेलू और औद्योगिक क्षेत्र में पानी की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी का नतीजा है। यह विचार आज विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में एनवायरमेंट सोशल डेवलपमेंट एसोसिएशन दिल्ली द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी, गाजियाबाद के सभागार में ग्लोबल वाटर कांग्रेस के तकनीकी सत्र के दौरान वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, पर्यावरणविद एवं राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा समिति के अध्यक्ष श्री ज्ञानेन्द्र रावत ने व्यक्त किये।
Submitted by Shivendra on Wed, 02/16/2022 - 16:08
Source:
Cseindia
जल एवं स्वच्छता कार्यक्रम के लिए निदेशक की आवश्यकता
संस्था को एक ऐसे व्यक्ति की तलाश है जिसकी कल्पना और प्रेरणा उस बदलाव का हिस्सा बने जिसकी आज दुनिया को जरूरत है। उनके पास उस परिवर्तन को प्रोत्साहित करने के लिए शोध,लेखन और कन्वेन्स करने की प्रतिबद्धता के साथ-साथ योग्यता भी होना चाहिए। भारत में प्रभावी सेप्टेज कीचड़ प्रबंधन और सीवेज उपचार सहित शहरों को जल संवेदनशील बनाने पर ध्यान दें

Latest

खासम-खास

आजादी के 75 साल की सौगात: अमृत सरोवर योजना

Submitted by Editorial Team on Mon, 05/09/2022 - 12:20
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
azadi-ke-75-saal-ki-saugat:-amrit-sarovar-yojana
 कूरम में पुनर्निर्मित समथमन मंदिर तालाब। फोटो - indiawaterportal.org
नीति आयोग के सन 2018 के अनुमान के अनुसार 60 करोड़ लोग शुद्ध पेयजल की गंभीर से अतिगंभीर कमी से ग्रसित हैं और हर साल लगभग दो लाख लोगों की अकाल मृत्यु, शुद्ध पानी की अनुपलब्धता के कारण होती है। नीति आयोग के अनुसार सन 2030 तक भारत की पानी की मांग के दो गुना होने का अनुमान है। नीति आयोग के इन अनुमानों और जमीनी हकीकत को ध्यान में रख सरकारों ने शुद्ध पानी पर अनेक योजनाओं पर काम प्रारंभ किया है। इसी कड़ी में पिछले दिनों, प्रधानमंत्री जी ने,

Content

जल संरक्षण का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट गुलेरिया बांध से डरे ग्रामीण  

Submitted by Shivendra on Fri, 04/29/2022 - 13:15
jal-sanrakshan-ka-sabse-bada-project-guleria-baandh-se-dare-gramin
जल संरक्षण का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट गुलेरिया बांध से डरे ग्रामीण  
ये है उत्तरप्रदेश के  इलाहाबाद जिले के अंतर्गत आने वाले पठारी क्षेत्र मेजा और कोरांव । जहाँ लगभग 55 साल पहले सूखा पड़ने से स्थितियां

यूसर्क द्वारा "हिमालय क्षेत्र में बर्फ, हिमनद एवम् हिमनद झीलों के विषय पर विषेशज्ञ व्याख्यान का आयोजन

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 16:29
usurk-dwara-"himalay-kshetra-mein-barf,-himnad-evam-himnad-jhilon-ka-adhyayan-(Snow,-Glacier-and-Glaciel-Lake-Studies-in-Himalayan-Region)-vishay-par-visheshagya-vyakhyan-ka-ayojan
Source
यूसर्क
यूसर्क द्वारा "हिमालय क्षेत्र में बर्फ, हिमनद एवम् हिमनद झीलों के विषय पर विषेशज्ञ व्याख्यान का आयोजन
हिमालय क्षेत्र में बर्फ, हिमनद एवम् हिमनद झीलों का अध्ययन (Snow, Glacier and Glaciel Lake Studies in Himalayan Region) विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने व्याख्यान के द्वारा ग्लेशियरों की वर्तमान एवम् पूर्व की स्थितियों, उनको संख्या, उन पर उपलब्ध बर्फ की मात्रा, गंगा बेसिन के ग्लेशियर, रिमोट सेंसिंग एवम् जी आई एस द्वारा अध्ययन आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता व्यवहार में परिवर्तन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
swasth-jeevan-ke-liye-gharelu-jal-upchar-or-swachhta-vyavahar-mein-parivartan-par-tin-divasiy-prashikshan-karyashala
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

प्रयास

बिंदाल नदी क्षेत्र में पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित किए जाने के लिए शोध परियोजना

Submitted by Editorial Team on Sat, 04/16/2022 - 11:51
bindal-nadi-kshetra-mein-poorv-chetavani-pranali-vikasit-viksit-kiye-jaane-ke-lie-karyashala
Source
पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यूट
बाढ़ की आपदा पर पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए कार्यशाला का आयोजन
देहरादून की रिस्पना और बिंदाल नदी बरसात में कभी भी कहर बरपाने लगती हैं। इन नदियों में किनारे पर बसी लगभग 30-40 बस्तियां खतरे की जद में आ जाती हैं। एक्सट्रीम वेदर कंडीशन अब ‘न्यू नार्मल’ है। बादल फटना यानी भारी बरसात की वजह से ये नदियां कब उफान पर आ जाएं कहना मुश्किल होता है। इसके अलावा शहर के ज्यादातर नालों पर भी अतिक्रमण व अवैध कब्जे हैं।  ऐसे में नदी के बहाव की वजह से यहां कब कोई बड़ा हादसा हो जाए, ये चिंता का विषय है।

नोटिस बोर्ड

स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता व्यवहार में परिवर्तन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
swasth-jeevan-ke-liye-gharelu-jal-upchar-or-swachhta-vyavahar-mein-parivartan-par-tin-divasiy-prashikshan-karyashala
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

विश्व जल दिवस पर सेमिनार का आयोजन : वक्ताओं ने वर्षा जल संचयन समय की मांग बताया

Submitted by Editorial Team on Mon, 03/21/2022 - 11:47
विश्व जल दिवस पर सेमिनार का आयोजन
आज जल संकट समूचे विश्व की गंभीर समस्या है। हालात इतने खराब हैं कि दुनिया के 37 देश पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। इनमें सिंगापुर, पश्चिमी सहारा, कतर, बहरीन, जमैका, सऊदी अरब और कुवैत समेत 19 देश ऐसे हैं जहां पानी की आपूर्ति मांग से बेहद कम है। दुख की बात यह है कि हमारा देश इन देशों से सिर्फ एक पायदान पीछे है। असलियत यह है कि दुनिया में पांच में से एक व्यक्ति की साफ पानी तक पहुंच ही नहीं है। यह सब सेवा एवं उद्योग क्षेत्र से योगदान बढ़ने के कारण घरेलू और औद्योगिक क्षेत्र में पानी की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी का नतीजा है। यह विचार आज विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में एनवायरमेंट सोशल डेवलपमेंट एसोसिएशन दिल्ली द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी, गाजियाबाद के सभागार में ग्लोबल वाटर कांग्रेस के तकनीकी सत्र के दौरान वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, पर्यावरणविद एवं राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा समिति के अध्यक्ष श्री ज्ञानेन्द्र रावत ने व्यक्त किये।

जल एवं स्वच्छता कार्यक्रम के लिए निदेशक की आवश्यकता

Submitted by Shivendra on Wed, 02/16/2022 - 16:08
Source
Cseindia
जल एवं स्वच्छता कार्यक्रम के लिए निदेशक की आवश्यकता
संस्था को एक ऐसे व्यक्ति की तलाश है जिसकी कल्पना और प्रेरणा उस बदलाव का हिस्सा बने जिसकी आज दुनिया को जरूरत है। उनके पास उस परिवर्तन को प्रोत्साहित करने के लिए शोध,लेखन और कन्वेन्स करने की प्रतिबद्धता के साथ-साथ योग्यता भी होना चाहिए। भारत में प्रभावी सेप्टेज कीचड़ प्रबंधन और सीवेज उपचार सहित शहरों को जल संवेदनशील बनाने पर ध्यान दें

Upcoming Event

Popular Articles