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खासम-खास

विकास का मोल

Submitted by editorial on Mon, 12/03/2018 - 06:09
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नदियों को जलमार्ग में बदलने की योजनानदियों को जलमार्ग में बदलने की योजनापिछले दिनों विकास से जुड़ी दो प्रमुख खबरें अखबारों की सुर्खियाँ बनीं। पहली खबर का सम्बन्ध हिमालयी राज्य परिषद के गठन से है। दूसरी खबर नोएडा को प्रयागराज तक जल मार्ग से जोड़ने की है। पहली खबर का सम्बन्ध हिमालयी राज्यों के समन्वित और सतत विकास के लिये काम करना है वहीं दूसरी खबर का सम्बन्ध कम किराए में नदी मार्ग द्वारा परिवहन तथा पर्यटन का विकास है।

Content

कैग रिपोर्ट, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना हुई फेल

Submitted by editorial on Fri, 09/21/2018 - 17:46
Source
पीआरएस इण्डिया
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजनाराष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना (फोटो साभार - एमडीडब्ल्यूएस)राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना (National Rural Drinking Water Programme, NRDWP) लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम साबित हुई है जबकि इस योजना के मद में आवंटित राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया जा चुका है। योजना की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी जिसका उद्देश्य था सभी ग्रामीण भारतीयों को पीने अथवा घरेलू जरूरतों के लिये सतत रूप से पानी उपलब्ध कराना।

पानी से परवरिश

Submitted by editorial on Mon, 09/17/2018 - 14:41
Author
अनिल अश्विनी शर्मा
Source
डाउन टू अर्थ, सितम्बर, 2018
बिहार में दलदली क्षेत्र से मछुआरों की आजीविका सुनिश्चित होती हैबिहार में दलदली क्षेत्र से मछुआरों की आजीविका सुनिश्चित होती है (फोटो साभार - डाउन टू अर्थ)उत्तर बिहार में पानी अथवा दलदली क्षेत्र लोगों को आर्थिक सम्बल और आजीविका उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाता है लेकिन अब तक इसका पूरा दोहन नहीं हुआ है। हालांकि स्थानीय स्तर पर हुए प्रयास सफलता की कई कहानियाँ बयां करते हैं लेकिन सरकारी प्रयास न के बराबर ही हुए हैं।

मौत का कुआँ बनती शौचालय टंकियाँ

Submitted by editorial on Tue, 09/11/2018 - 18:55
Author
उमेश कुमार राय
मौत की भेंट चढ़ते सफाईकर्मीमौत की भेंट चढ़ते सफाईकर्मी (फोटो साभार - हिन्दुस्तान टाइम्स)रविवार की दोपहर का वक्त था। दिल्ली के मोती नगर में स्थित रिहायशी कॉम्प्लैक्स डीएलएफ कैपिटल ग्रीन्स के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिये पाँच कर्मचारियों राजा, उमेश, पंकज, सरफराज और विशाल को टैंक में उतारा गया था।

प्रयास

गाँव ने रोका अपना पानी

Submitted by editorial on Mon, 12/03/2018 - 20:37
Author
मनीष वैद्य
बेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदीबेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदी'खेत का पानी खेत में' और 'गाँव का पानी गाँव में' रोकने के नारे तो बीते पच्चीस सालों से सुनाई देते रहे हैं, लेकिन इस बार बारिश के बाद एक गाँव ने अपना पानी गाँव में ही रोककर जलस्तर बढ़ा लिया है। इससे गाँव के लोगों को निस्तारी कामों के लिये पानी की आपूर्ति भी हो रही है और ट्यूबवेल, हैण्डपम्प और कुएँ-कुण्डियों में भी कम बारिश के बावजूद अब तक पानी भरा है।

नोटिस बोर्ड

आत्मबोधानंद को प्रशासन ने जबरन भेजा एम्स

Submitted by editorial on Fri, 11/30/2018 - 13:47
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण)स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण) पिछले 38 दिनों से गंगा की रक्षा के लिये अनशनरत हरिद्वार स्थित मातृ सदन के गंगा भक्त ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को जिला प्रशासन ने उनकी इच्छा के विरूद्ध जबरन ऋषिकेश एम्स में दाखिल करवा दिया है।

गंगा भक्तों के अनशन के 16 दिन हुए पूरे

Submitted by editorial on Thu, 11/08/2018 - 11:05
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
स्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथस्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथ (फोटो साभार - दैनिक जागरण)गंगा की अविरलता और निर्मलता की माँग को लेकर मातृसदन के दो संतों ब्रम्हचारी आत्मबोधानंद और स्वामी पुण्यानंद का अनशन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। ये दोनों 24 अक्टूबर से अनशन पर हैं।

जानिये आँकड़ों के विश्लेषण की बारीकियाँ

Submitted by editorial on Sun, 10/28/2018 - 16:33
Author
सीएसई
Source
सीएसई
जलवायु परिवर्तन और विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषणजलवायु परिवर्तन और विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषणजलवायु परिवर्तन के दौर में विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषण अति आवश्यक हो गया है। कहा जाता है जिसे मापा जाता है उसका प्रबन्धन किया जाता है। परन्तु यह तभी सम्भव है जब मापी गई वस्तु से सम्बन्धित आँकड़े का सही विश्लेषण हो। आज हर क्षेत्र में आँकड़ों की बाढ़ है लेकिन आप इनका विश्लेषण तभी कर सकते हैं जब इसके लिये आपने समुचित प्रशिक्षण प्राप्त किया हो।

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विकास का मोल

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कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नदियों को जलमार्ग में बदलने की योजनानदियों को जलमार्ग में बदलने की योजनापिछले दिनों विकास से जुड़ी दो प्रमुख खबरें अखबारों की सुर्खियाँ बनीं। पहली खबर का सम्बन्ध हिमालयी राज्य परिषद के गठन से है। दूसरी खबर नोएडा को प्रयागराज तक जल मार्ग से जोड़ने की है। पहली खबर का सम्बन्ध हिमालयी राज्यों के समन्वित और सतत विकास के लिये काम करना है वहीं दूसरी खबर का सम्बन्ध कम किराए में नदी मार्ग द्वारा परिवहन तथा पर्यटन का विकास है।

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कैग रिपोर्ट, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना हुई फेल

Submitted by editorial on Fri, 09/21/2018 - 17:46
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पीआरएस इण्डिया
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजनाराष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना (फोटो साभार - एमडीडब्ल्यूएस)राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना (National Rural Drinking Water Programme, NRDWP) लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम साबित हुई है जबकि इस योजना के मद में आवंटित राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया जा चुका है। योजना की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी जिसका उद्देश्य था सभी ग्रामीण भारतीयों को पीने अथवा घरेलू जरूरतों के लिये सतत रूप से पानी उपलब्ध कराना।

पानी से परवरिश

Submitted by editorial on Mon, 09/17/2018 - 14:41
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अनिल अश्विनी शर्मा
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डाउन टू अर्थ, सितम्बर, 2018
बिहार में दलदली क्षेत्र से मछुआरों की आजीविका सुनिश्चित होती हैबिहार में दलदली क्षेत्र से मछुआरों की आजीविका सुनिश्चित होती है (फोटो साभार - डाउन टू अर्थ)उत्तर बिहार में पानी अथवा दलदली क्षेत्र लोगों को आर्थिक सम्बल और आजीविका उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाता है लेकिन अब तक इसका पूरा दोहन नहीं हुआ है। हालांकि स्थानीय स्तर पर हुए प्रयास सफलता की कई कहानियाँ बयां करते हैं लेकिन सरकारी प्रयास न के बराबर ही हुए हैं।

मौत का कुआँ बनती शौचालय टंकियाँ

Submitted by editorial on Tue, 09/11/2018 - 18:55
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उमेश कुमार राय
मौत की भेंट चढ़ते सफाईकर्मीमौत की भेंट चढ़ते सफाईकर्मी (फोटो साभार - हिन्दुस्तान टाइम्स)रविवार की दोपहर का वक्त था। दिल्ली के मोती नगर में स्थित रिहायशी कॉम्प्लैक्स डीएलएफ कैपिटल ग्रीन्स के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिये पाँच कर्मचारियों राजा, उमेश, पंकज, सरफराज और विशाल को टैंक में उतारा गया था।

प्रयास

गाँव ने रोका अपना पानी

Submitted by editorial on Mon, 12/03/2018 - 20:37
Author
मनीष वैद्य
बेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदीबेहरी में कच्चे बाँध से लबालब नदी'खेत का पानी खेत में' और 'गाँव का पानी गाँव में' रोकने के नारे तो बीते पच्चीस सालों से सुनाई देते रहे हैं, लेकिन इस बार बारिश के बाद एक गाँव ने अपना पानी गाँव में ही रोककर जलस्तर बढ़ा लिया है। इससे गाँव के लोगों को निस्तारी कामों के लिये पानी की आपूर्ति भी हो रही है और ट्यूबवेल, हैण्डपम्प और कुएँ-कुण्डियों में भी कम बारिश के बावजूद अब तक पानी भरा है।

नोटिस बोर्ड

आत्मबोधानंद को प्रशासन ने जबरन भेजा एम्स

Submitted by editorial on Fri, 11/30/2018 - 13:47
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण)स्वामी आत्मबोधानंद एवं पुण्यानंद (फोटो साभार: दैनिक जागरण) पिछले 38 दिनों से गंगा की रक्षा के लिये अनशनरत हरिद्वार स्थित मातृ सदन के गंगा भक्त ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को जिला प्रशासन ने उनकी इच्छा के विरूद्ध जबरन ऋषिकेश एम्स में दाखिल करवा दिया है।

गंगा भक्तों के अनशन के 16 दिन हुए पूरे

Submitted by editorial on Thu, 11/08/2018 - 11:05
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
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स्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथस्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथ (फोटो साभार - दैनिक जागरण)गंगा की अविरलता और निर्मलता की माँग को लेकर मातृसदन के दो संतों ब्रम्हचारी आत्मबोधानंद और स्वामी पुण्यानंद का अनशन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। ये दोनों 24 अक्टूबर से अनशन पर हैं।

जानिये आँकड़ों के विश्लेषण की बारीकियाँ

Submitted by editorial on Sun, 10/28/2018 - 16:33
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सीएसई
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सीएसई
जलवायु परिवर्तन और विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषणजलवायु परिवर्तन और विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषणजलवायु परिवर्तन के दौर में विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषण अति आवश्यक हो गया है। कहा जाता है जिसे मापा जाता है उसका प्रबन्धन किया जाता है। परन्तु यह तभी सम्भव है जब मापी गई वस्तु से सम्बन्धित आँकड़े का सही विश्लेषण हो। आज हर क्षेत्र में आँकड़ों की बाढ़ है लेकिन आप इनका विश्लेषण तभी कर सकते हैं जब इसके लिये आपने समुचित प्रशिक्षण प्राप्त किया हो।

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