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खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

Submitted by Shivendra on Sat, 08/03/2019 - 12:46
Source:
विज्ञान प्रगति, जून 2019
birds and climate change
जलवायु परिवर्तन से विलुप्त हो रहे पक्षी। भारत में एक समय था जब चिड़ियों की बारह सौ प्रजातियाँ पाई जाती थीं, लेकिन अब इसमें से 50 से अधिक प्रजातियाँ लुप्तप्राय हो गई हैं। उदाहरण के तौर पर गिद्धों की कुछ प्रजातियाँ, कठफोड़वा, ग्रेट इंडियन बस्टैर्ड जैसे पक्षियों की प्रजातियाँ लुप्त हो गई हैं या लुप्त होने के कगार पर हैं। एक अध्ययन के अनुसार पिछले 50 वर्षों में पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियाँ धरती से लुप्त हो गई और कई लुप्त होने के कगार पर हैं। विकास सम्बन्धी अस्थाई नीतियों और प्रकृति के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता के कारण भारत के कई पक्षी वास खतरे में हैं। इससे पक्षियों के लुप्त होने का खतरा और भी बढ़ गया है।
Submitted by Shivendra on Fri, 08/02/2019 - 16:36
Source:
दैनिक जागरण (आई नेक्स्ट), 28 जुलाई 2019
climate change in india
मौसम की बेरुखी से देश के कई हिस्से मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। एक ओर कई राज्यों में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए हैं तो वहीं दूसरी ओर कई इलाके ऐसे भी हैं जो सूखे के कारण भयानक जल संकट की चपेट में हैं। तमिलनाडु में भयानक सूखे से चेन्नई में लोग भीषण जलसंकट से जूझ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि राज्य सरकार को चेन्नई में जलापूर्ति के लिए ट्रेन का सहारा लेना पड़ा है। इसके उलट उत्तरप्रदेश, बिहार और असम में 33 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
Submitted by Shivendra on Fri, 08/02/2019 - 15:16
Source:
अमर उजाला, 29 जुलाई, 2019
environment and development in mumbai
 मुम्बई की जिस समुद्रतटीय सड़क यानी कोस्टल रोड की लोगों को बहुत अधिक जरूरत है, उसके निर्माण में अब समय लगेगा, क्योंकि मुम्बई उच्च न्यायालय ने इसका निर्माण रोकने का आदेश दिया है। न्यायालय ने इस सड़क का निर्माण रोकने का आदेश पर्यावरण के कुछ पहरेदारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। गौरतलब है कि इस सड़क के निर्माण पर अभी तक करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं।

प्रयास

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
Source:
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।
Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
Source:
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे
Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
Source:
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

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खासम-खास

केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण  : कुछ तथ्य, कुछ जानकारियां

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
kendriya-bhoomi-jal-pradhikaran-:-kuchh-tathy,-kuchh-jankariyan
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

जलवायु परिवर्तन से विलुप्त हो रहे पक्षी

Submitted by Shivendra on Sat, 08/03/2019 - 12:46
Source
विज्ञान प्रगति, जून 2019
birds and climate change
जलवायु परिवर्तन से विलुप्त हो रहे पक्षी। जलवायु परिवर्तन से विलुप्त हो रहे पक्षी। भारत में एक समय था जब चिड़ियों की बारह सौ प्रजातियाँ पाई जाती थीं, लेकिन अब इसमें से 50 से अधिक प्रजातियाँ लुप्तप्राय हो गई हैं। उदाहरण के तौर पर गिद्धों की कुछ प्रजातियाँ, कठफोड़वा, ग्रेट इंडियन बस्टैर्ड जैसे पक्षियों की प्रजातियाँ लुप्त हो गई हैं या लुप्त होने के कगार पर हैं। एक अध्ययन के अनुसार पिछले 50 वर्षों में पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियाँ धरती से लुप्त हो गई और कई लुप्त होने के कगार पर हैं। विकास सम्बन्धी अस्थाई नीतियों और प्रकृति के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता के कारण भारत के कई पक्षी वास खतरे में हैं। इससे पक्षियों के लुप्त होने का खतरा और भी बढ़ गया है।

जलवायु परिवर्तन से 20 साल में 5.2 लाख लोगों ने गवाई जान

Submitted by Shivendra on Fri, 08/02/2019 - 16:36
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दैनिक जागरण (आई नेक्स्ट), 28 जुलाई 2019
climate change in india
मौसम की बेरुखी से देश के कई हिस्से मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। एक ओर कई राज्यों में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए हैं तो वहीं दूसरी ओर कई इलाके ऐसे भी हैं जो सूखे के कारण भयानक जल संकट की चपेट में हैं। तमिलनाडु में भयानक सूखे से चेन्नई में लोग भीषण जलसंकट से जूझ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि राज्य सरकार को चेन्नई में जलापूर्ति के लिए ट्रेन का सहारा लेना पड़ा है। इसके उलट उत्तरप्रदेश, बिहार और असम में 33 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

मुम्बई : पर्यावरण या विकास

Submitted by Shivendra on Fri, 08/02/2019 - 15:16
Source
अमर उजाला, 29 जुलाई, 2019
environment and development in mumbai
 मुम्बई की जिस समुद्रतटीय सड़क यानी कोस्टल रोड की लोगों को बहुत अधिक जरूरत है, उसके निर्माण में अब समय लगेगा, क्योंकि मुम्बई उच्च न्यायालय ने इसका निर्माण रोकने का आदेश दिया है। न्यायालय ने इस सड़क का निर्माण रोकने का आदेश पर्यावरण के कुछ पहरेदारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। गौरतलब है कि इस सड़क के निर्माण पर अभी तक करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं।

प्रयास

उदयपुर के इस गांव को वेटलैंड घोषित किया जाना तय

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
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राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

28 जुलाई को यूसर्क द्वारा आयोजित जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला पर भाग लेने के लिए पंजीकरण करायें

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
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Source
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित

Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
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भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे

स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता व्यवहार में परिवर्तन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
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तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

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