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Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

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Submitted by HindiWater on Wed, 07/08/2020 - 09:13
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जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव
अच्छी बारिश न होने पर उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में कई किसान खेती ही छोड़ते जा रहे हैं। कई जगह जमीन ही बंजर हो रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के छिंदभर्री के किसानों न हालातों से हार नहीं मानी और जल संरक्षण की मिसाल पेश की है। जिससे न केवल फसल का उत्पादन अधिक हुआ, बल्कि पलायन को रोकने में भी मदद मिली हे। 
Submitted by UrbanWater on Wed, 07/08/2020 - 09:00
Source:
विज्ञान प्रगति, जनवरी 2010  
जलवायु परिवर्तन, फोटो - needpix.com
प्रायः ऋतुओं के समय में विचित्र एवं असम्भावित परिवर्तन होते रहते हैं जिससे ऋतुओं का प्रारम्भ अपने निर्धारित क्रमानुसार नहीं होता, जैसा कि होना चाहिए। निर्धारित समय से पूर्व वर्षा ऋतु का आगमन या अभूतपूर्व शीतलहरी आदि अप्रत्याशित घटनाओं को देखकर वैज्ञानिकों का ध्यान ऋतु विपर्यय की ओर गया है। देश-विदेश के विशेषज्ञ अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर इस समस्या के अध्ययन में लगे हुए हैं। वे इसे जलवायु परिवर्तन कहते हैं। भारत के प्राचीन ऋतु विशेषज्ञों का कहना था कि अन्न ही जगत का प्राण है और अन्न वर्षा के अधीन है जबकि वर्षा ऋतुओं के अधीन है। इसलिए ऋतुएं ही राष्ट्र का जीवन हैं। किंतु ऋतु वैचित्र्य के कारण खाद्योत्पादन दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है।
Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Source:
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Fri, 07/03/2020 - 06:58
बांदा जिले के लौटे प्रवासी श्रमिक लुप्त हो चुकी घरार नदी की सफाई करते हुए। फोटो: अनिल सिंदूर
पन्ना मप्र से निकलकर यूपी के बांदा आने वाली घरार नदी मूलतः बागेन नदी की सहायक नदी है। कभी यह 40-50 फीट में बहने वाली नदी अब अतिक्रमण की शिकार है। कहीं-कहीं तो 50 फीट चौड़ी थी नदी, अब वर्तमान में कहीं-कहीं तो केवल 10 फीट चौड़ाई बच गई है। नदी पुनर्जीवन हेतु अतिक्रमण को गाँव वाले छोड़ने को तैयार भी हैं।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : राज से सम्वाद के लिए होमवर्क करता समाज 

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
Author
कृष्ण गोपाल व्यास
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नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

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जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव

Submitted by HindiWater on Wed, 07/08/2020 - 09:13
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जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव
अच्छी बारिश न होने पर उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में कई किसान खेती ही छोड़ते जा रहे हैं। कई जगह जमीन ही बंजर हो रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के छिंदभर्री के किसानों न हालातों से हार नहीं मानी और जल संरक्षण की मिसाल पेश की है। जिससे न केवल फसल का उत्पादन अधिक हुआ, बल्कि पलायन को रोकने में भी मदद मिली हे। 

एक नजर जलवायु परिवर्तन पर  

Submitted by UrbanWater on Wed, 07/08/2020 - 09:00
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Source
विज्ञान प्रगति, जनवरी 2010  
जलवायु परिवर्तन, फोटो - needpix.com
प्रायः ऋतुओं के समय में विचित्र एवं असम्भावित परिवर्तन होते रहते हैं जिससे ऋतुओं का प्रारम्भ अपने निर्धारित क्रमानुसार नहीं होता, जैसा कि होना चाहिए। निर्धारित समय से पूर्व वर्षा ऋतु का आगमन या अभूतपूर्व शीतलहरी आदि अप्रत्याशित घटनाओं को देखकर वैज्ञानिकों का ध्यान ऋतु विपर्यय की ओर गया है। देश-विदेश के विशेषज्ञ अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर इस समस्या के अध्ययन में लगे हुए हैं। वे इसे जलवायु परिवर्तन कहते हैं। भारत के प्राचीन ऋतु विशेषज्ञों का कहना था कि अन्न ही जगत का प्राण है और अन्न वर्षा के अधीन है जबकि वर्षा ऋतुओं के अधीन है। इसलिए ऋतुएं ही राष्ट्र का जीवन हैं। किंतु ऋतु वैचित्र्य के कारण खाद्योत्पादन दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है।

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

प्रयास

बुंदेलखंड के प्रवासी श्रमिकों ने श्रमदान से पुनर्जीवित की घरार नदी 

Submitted by UrbanWater on Fri, 07/03/2020 - 06:58
Author
अनिल सिंदूर
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बांदा जिले के लौटे प्रवासी श्रमिक लुप्त हो चुकी घरार नदी की सफाई करते हुए। फोटो: अनिल सिंदूर
पन्ना मप्र से निकलकर यूपी के बांदा आने वाली घरार नदी मूलतः बागेन नदी की सहायक नदी है। कभी यह 40-50 फीट में बहने वाली नदी अब अतिक्रमण की शिकार है। कहीं-कहीं तो 50 फीट चौड़ी थी नदी, अब वर्तमान में कहीं-कहीं तो केवल 10 फीट चौड़ाई बच गई है। नदी पुनर्जीवन हेतु अतिक्रमण को गाँव वाले छोड़ने को तैयार भी हैं।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
participateepaintingwinaward
Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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