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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

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Submitted by admin on Sun, 05/02/2010 - 11:53
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तमाम तरह के प्रदूषण से जूझ रहे लोगों को अब शीघ्र ही शिकायत का मंच मिल जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल का बिल आ चुका है। और लोकसभा ने उसको पास भी कर दिया है। अब इसको कानून के बन जाने के बाद लोग प्रदूषण संबंधी शिकायतों के लिए इस ट्राइब्यूनल का दरवाजा खटखटा सकेंगे।
सभी मामलों को लेकर जन सुनवाई का प्रावधान
बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम दिन इस ट्राइब्यूनल से संबंधित विधेयक पर चर्चा शुरू हो गई थी। इस विधेयक में जल, वायु, ध्वनि प्रदूषण के साथ ही वन कानूनों के उल्लंघन के सभी मामलों को लेकर जन सुनवाई का प्रावधान है। मसलन, प्रदूषण की वजह से यदि किसी क्षेत्र में पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, लोगों को बीमारियां हो रही हैं तो इसकी शिकायत भी ट्राइब्यूनल से की जा सकेगी।
Submitted by admin on Sat, 05/01/2010 - 14:35
Source:

कीटनाशकों की वजह से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुप्रभावों के संबंध में ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों ने पंजाब सरकार को कैंसर के मामलों के पंजीकरण हेतु मजबूर कर दिया है। इस संबंध में पूर्व में जारी अनेक रिपोर्टों के अलावा दो ताजा रपटों ने भी राज्य में इससे मानव स्वास्थ्य की बिगड़ती स्थिति को उजागर किया है। पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला द्वारा कराए गए एक अध्ययन में कीटनाशकों की वजह से किसानों के डी.एन.ए. पर हो रहे दुष्प्रभावों का खुलासा हुआ है। एक शासकीय अध्ययन में भी पीने के पानी में ऐसे कीटनाशक एवं धातुकण खतरनाक स्तर पर पाए गए जो कैंसर और जीन परिवर्तन के खतरे बढ़ाता है!
Submitted by admin on Sat, 05/01/2010 - 11:29
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चार साल पहले पंजाब के मालवा अंचल ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और इसकी वजह थी यहां कैंसर के मामलों में अत्यधिक वृध्दि। अध्ययन में कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग और इस बीमारी के बीच का अंतर्सम्बन्ध उजागर हुआ। यहां की स्थिति अब भी जस की तस है।

कपास की पैदावार वाले मालवा अंचल में कीटनाशकों का बहुत ज्यादा उपयोग होता है। दशकों से कीटनाशकों का बेतहाशा उपयोग यहां कैंसर के मामलों में हो रही तेज वृध्दि का कारण है। 28 अगस्त 07 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार प्रांत की कुल कीटनाशक खपत का 75 प्रतिशत अकेला मालवा अंचल उपयोग करता है और देश की कुल खपत का 17 प्रतिशत अकेला पंजाब उपयोग करता है। हालांकि 2005-2006 में पिछले वर्ष की अपेक्षा कीटनाशकों के उपयोग में लगभग 13 प्रतिशत की कमी आई थी किंतु इस वर्ष कीट हमले के मद्देनजर इसके उपयोग में व्यापक वृध्दि होने की संभावना है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Wed, 07/08/2020 - 09:13
जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव
अच्छी बारिश न होने पर उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में कई किसान खेती ही छोड़ते जा रहे हैं। कई जगह जमीन ही बंजर हो रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के छिंदभर्री के किसानों ने हालातों से हार नहीं मानी और जल संरक्षण की मिसाल पेश की है। जिससे न केवल फसल का उत्पादन अधिक हुआ, बल्कि पलायन को रोकने में भी मदद मिली हे। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
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हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : राज से सम्वाद के लिए होमवर्क करता समाज 

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
Author
कृष्ण गोपाल व्यास
nadi-chetna-yatra-bihar-nadiyan
नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

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नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल

Submitted by admin on Sun, 05/02/2010 - 11:53
Author
महानगर टाइम्स
तमाम तरह के प्रदूषण से जूझ रहे लोगों को अब शीघ्र ही शिकायत का मंच मिल जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल का बिल आ चुका है। और लोकसभा ने उसको पास भी कर दिया है। अब इसको कानून के बन जाने के बाद लोग प्रदूषण संबंधी शिकायतों के लिए इस ट्राइब्यूनल का दरवाजा खटखटा सकेंगे।

सभी मामलों को लेकर जन सुनवाई का प्रावधान


बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम दिन इस ट्राइब्यूनल से संबंधित विधेयक पर चर्चा शुरू हो गई थी। इस विधेयक में जल, वायु, ध्वनि प्रदूषण के साथ ही वन कानूनों के उल्लंघन के सभी मामलों को लेकर जन सुनवाई का प्रावधान है। मसलन, प्रदूषण की वजह से यदि किसी क्षेत्र में पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, लोगों को बीमारियां हो रही हैं तो इसकी शिकायत भी ट्राइब्यूनल से की जा सकेगी।

कीड़ों की मौत मरते पंजाब के किसान

Submitted by admin on Sat, 05/01/2010 - 14:35
Author
सेव्वी सौम्य मिश्रा

कीटनाशकों की वजह से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुप्रभावों के संबंध में ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों ने पंजाब सरकार को कैंसर के मामलों के पंजीकरण हेतु मजबूर कर दिया है। इस संबंध में पूर्व में जारी अनेक रिपोर्टों के अलावा दो ताजा रपटों ने भी राज्य में इससे मानव स्वास्थ्य की बिगड़ती स्थिति को उजागर किया है। पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला द्वारा कराए गए एक अध्ययन में कीटनाशकों की वजह से किसानों के डी.एन.ए. पर हो रहे दुष्प्रभावों का खुलासा हुआ है। एक शासकीय अध्ययन में भी पीने के पानी में ऐसे कीटनाशक एवं धातुकण खतरनाक स्तर पर पाए गए जो कैंसर और जीन परिवर्तन के खतरे बढ़ाता है!

कीटनाशकों के शिकार होते पंजाब के किसान

Submitted by admin on Sat, 05/01/2010 - 11:29
Author
सेव्वी सौम्य मिश्रा

चार साल पहले पंजाब के मालवा अंचल ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और इसकी वजह थी यहां कैंसर के मामलों में अत्यधिक वृध्दि। अध्ययन में कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग और इस बीमारी के बीच का अंतर्सम्बन्ध उजागर हुआ। यहां की स्थिति अब भी जस की तस है।

कपास की पैदावार वाले मालवा अंचल में कीटनाशकों का बहुत ज्यादा उपयोग होता है। दशकों से कीटनाशकों का बेतहाशा उपयोग यहां कैंसर के मामलों में हो रही तेज वृध्दि का कारण है। 28 अगस्त 07 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार प्रांत की कुल कीटनाशक खपत का 75 प्रतिशत अकेला मालवा अंचल उपयोग करता है और देश की कुल खपत का 17 प्रतिशत अकेला पंजाब उपयोग करता है। हालांकि 2005-2006 में पिछले वर्ष की अपेक्षा कीटनाशकों के उपयोग में लगभग 13 प्रतिशत की कमी आई थी किंतु इस वर्ष कीट हमले के मद्देनजर इसके उपयोग में व्यापक वृध्दि होने की संभावना है।

प्रयास

जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव

Submitted by HindiWater on Wed, 07/08/2020 - 09:13
jal-sanrakshan-se-aayi-khushali-aatmanirbhar-bana-gaon
जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव
अच्छी बारिश न होने पर उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में कई किसान खेती ही छोड़ते जा रहे हैं। कई जगह जमीन ही बंजर हो रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के छिंदभर्री के किसानों ने हालातों से हार नहीं मानी और जल संरक्षण की मिसाल पेश की है। जिससे न केवल फसल का उत्पादन अधिक हुआ, बल्कि पलायन को रोकने में भी मदद मिली हे। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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