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खासम-खास

समाधान खोजता भूजल संकट

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/13/2019 - 21:06
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
भूजल संकट गहराता जा रहा है।भूजल संकट गहराता जा रहा है। बरसात के बाद के सभी जलस्रोत (कुएं, तालाब और नदी) भूजल पर निर्भर होते हैं। हम यह भी जानते हैं कि धरती में भूजल का संचय स्थानीय भूगोल और धरती की परतों की पानी सहेजने की क्षमता पर निर्भर होता है। बरसात भले ही धरती की गागर भर दे पर जब भूजल का दोहन प्रारंभ होता है तो सारा गणित धरा का धरा रह जाता है। भूजल स्तर के घटने के कारण धरती की उथली परतों का पानी खत्म हो जाता है। उस पर निर्भर झरने और जल स्रोत सूख जाते हैं। चूँकि भूजल का दोहन हर साल लगातार बढ़ रहा है इस कारण धीरे-धीरे गहरी परतें भी रीतने लगी हैं।

Content

पानी का अर्थशास्त्र

Submitted by RuralWater on Fri, 05/27/2016 - 09:45
Author
प्रमोद भार्गव

Economics Of Water

संदर्भ - विश्व बैंक की ‘हाई एंड ड्राईः क्लाईमेट चेंज, वाटर एंड दी इकॉनोमी रिपोर्ट’

Reference -‘High and Dry: Climate Change, Water and the Economy Report by World Bank’

कंक्रीट के जंगलों के लिये जलाशयों की बलि

Submitted by RuralWater on Thu, 05/26/2016 - 16:52
Author
उमेश कुमार राय


. कलकत्ता हाईकोर्ट ने 6 मई 2016 को एक अहम फैसला सुनाते हुए पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की हिन्दमोटर फैक्टरी के कम्पाउंड में स्थित लगभग 100 एकड़ क्षेत्रफल में फैले जलाशय को हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिये पाटने पर स्थगनादेश लगा दिया।

जस्टिस मंजुला चेल्लूर ने अपने आदेश में कहा, अदालत अगर कम्पनी को हाउसिंग प्रोजेक्ट का काम शुरू करने की अनुमति देती है तो जलाशय को भरने की अनुमति भी देनी होगी। अदालत फिलहाल इसको लेकर कोई आदेश नहीं दे सकती है। मामले की अगली सुनवाई जून में मुकर्रर की गई है।

जल स्तर उठाने के लिये करोड़ों स्वाहा, फिर भी पानी पहुँचा पाताल

Submitted by RuralWater on Thu, 05/26/2016 - 16:06
Author
शिरीष खरे

.जल स्तर ऊपर उठाने के लिये छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक साल के भीतर करीब दो सौ करोड़ रुपए खर्च कर राजाडेरा और बेलोरा में बड़े जलाशय बनाए गए। इसी मकसद से कुछ गाँवों में एक दर्जन एनीकट भी बनाए गए। अफसरों ने दावा किया गया था कि इसके बाद यहाँ का जलस्तर ऊपर उठेगा, लेकिन इसके उलट जिले में जलस्तर 5 मीटर तक नीचे चला गया है।

पीएचई विभाग के अनुसार धमतरी जिले में पिछले चार महीने में जलस्तर में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। मगर लोड ब्लाक जहाँ सबसे ज्यादा जलाशय और एनीकट बने हुए हैं, वहाँ दिसम्बर माह में जलस्तर 19.40 मीटर था, जो अब 23.11 मीटर नीचे चला गया है। इसी तरह, धमतरी का जलस्तर 19 मीटर से 23.90 मीटर तक पहुँच गया है।

प्रयास

बैंक की नौकरी छोड़, आदिवासियों को औषधीय खेती से दे रहे रोजगार

Submitted by HindiWater on Fri, 08/09/2019 - 17:38
राजाराम त्रिपाठी ।राजाराम त्रिपाठी । घटती खेती का कारण किसानों के प्रति सरकार का रवैया भी है, जिस कारण किसान अब खेती करना पसंद नहीं कर रहे हैं और हजारों परिवार खेती छोड़ चुके हैं तथा कोई अन्य काम कर रहे हैं। इन कारणों से किसानी और खेती वर्ततान में देश मे बड़ा मुद्दा है। लेकिन इन सभी के बीच छत्तीसगढ़ के राजाराम त्रिपाठी भी हैं, जिन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ औषधीय खेती शुरू की और आज वें आदिवासियों को औषधीय खेती से रोजगार दे रहे हैं। 

नोटिस बोर्ड

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

पर्यावरण मंत्रालय से हटा नदियों की सफाई का काम

Submitted by UrbanWater on Wed, 06/19/2019 - 14:46
Source
दैनिक जागरण, 19 जून 2019
अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा।अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा। सरकार ने पर्यावरण मंत्रालय से नदियों की सफाई का काम छीनकर जलशक्ति मंत्रालय को सौंप दिया है। अब तक जलशक्ति मंत्रालय के पास सिर्फ नदियों की सफाई का ही जिम्मा था, लेकिन अब वह शेष नदियों के प्रदूषण को दूर करने का काम भी देखेगा। कैबिनेट सचिवालय ने सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 में संशोधन करते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय का नाम बदल कर जलशक्ति मंत्रालय करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

श्रीनगर बांध परियोजना की खुली नहर से खतरा

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/07/2019 - 14:44
श्रीनगर बांध।श्रीनगर बांध।। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने श्रीनगर बांध परियोजना के पाॅवर चैनल में लीकेज के कारण हो रही समस्याओं पर उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ऊर्जा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा टिहरी के जिलाधिकारी से भी एक महीने में ई-मेल पर इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस काम के समन्वयन और अनुपालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। साथ ही याचिका की प्रतिलिपि वादियों द्वारा एक हफ्ते में पहुंचाने का भी आदेश दिया है।

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खासम-खास

समाधान खोजता भूजल संकट

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/13/2019 - 21:06
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
भूजल संकट गहराता जा रहा है।भूजल संकट गहराता जा रहा है। बरसात के बाद के सभी जलस्रोत (कुएं, तालाब और नदी) भूजल पर निर्भर होते हैं। हम यह भी जानते हैं कि धरती में भूजल का संचय स्थानीय भूगोल और धरती की परतों की पानी सहेजने की क्षमता पर निर्भर होता है। बरसात भले ही धरती की गागर भर दे पर जब भूजल का दोहन प्रारंभ होता है तो सारा गणित धरा का धरा रह जाता है। भूजल स्तर के घटने के कारण धरती की उथली परतों का पानी खत्म हो जाता है। उस पर निर्भर झरने और जल स्रोत सूख जाते हैं। चूँकि भूजल का दोहन हर साल लगातार बढ़ रहा है इस कारण धीरे-धीरे गहरी परतें भी रीतने लगी हैं।

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पानी का अर्थशास्त्र

Submitted by RuralWater on Fri, 05/27/2016 - 09:45
Author
प्रमोद भार्गव

Economics Of Water

संदर्भ - विश्व बैंक की ‘हाई एंड ड्राईः क्लाईमेट चेंज, वाटर एंड दी इकॉनोमी रिपोर्ट’

Reference -‘High and Dry: Climate Change, Water and the Economy Report by World Bank’

कंक्रीट के जंगलों के लिये जलाशयों की बलि

Submitted by RuralWater on Thu, 05/26/2016 - 16:52
Author
उमेश कुमार राय


. कलकत्ता हाईकोर्ट ने 6 मई 2016 को एक अहम फैसला सुनाते हुए पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की हिन्दमोटर फैक्टरी के कम्पाउंड में स्थित लगभग 100 एकड़ क्षेत्रफल में फैले जलाशय को हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिये पाटने पर स्थगनादेश लगा दिया।

जस्टिस मंजुला चेल्लूर ने अपने आदेश में कहा, अदालत अगर कम्पनी को हाउसिंग प्रोजेक्ट का काम शुरू करने की अनुमति देती है तो जलाशय को भरने की अनुमति भी देनी होगी। अदालत फिलहाल इसको लेकर कोई आदेश नहीं दे सकती है। मामले की अगली सुनवाई जून में मुकर्रर की गई है।

जल स्तर उठाने के लिये करोड़ों स्वाहा, फिर भी पानी पहुँचा पाताल

Submitted by RuralWater on Thu, 05/26/2016 - 16:06
Author
शिरीष खरे

.जल स्तर ऊपर उठाने के लिये छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक साल के भीतर करीब दो सौ करोड़ रुपए खर्च कर राजाडेरा और बेलोरा में बड़े जलाशय बनाए गए। इसी मकसद से कुछ गाँवों में एक दर्जन एनीकट भी बनाए गए। अफसरों ने दावा किया गया था कि इसके बाद यहाँ का जलस्तर ऊपर उठेगा, लेकिन इसके उलट जिले में जलस्तर 5 मीटर तक नीचे चला गया है।

पीएचई विभाग के अनुसार धमतरी जिले में पिछले चार महीने में जलस्तर में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। मगर लोड ब्लाक जहाँ सबसे ज्यादा जलाशय और एनीकट बने हुए हैं, वहाँ दिसम्बर माह में जलस्तर 19.40 मीटर था, जो अब 23.11 मीटर नीचे चला गया है। इसी तरह, धमतरी का जलस्तर 19 मीटर से 23.90 मीटर तक पहुँच गया है।

प्रयास

बैंक की नौकरी छोड़, आदिवासियों को औषधीय खेती से दे रहे रोजगार

Submitted by HindiWater on Fri, 08/09/2019 - 17:38
राजाराम त्रिपाठी ।राजाराम त्रिपाठी । घटती खेती का कारण किसानों के प्रति सरकार का रवैया भी है, जिस कारण किसान अब खेती करना पसंद नहीं कर रहे हैं और हजारों परिवार खेती छोड़ चुके हैं तथा कोई अन्य काम कर रहे हैं। इन कारणों से किसानी और खेती वर्ततान में देश मे बड़ा मुद्दा है। लेकिन इन सभी के बीच छत्तीसगढ़ के राजाराम त्रिपाठी भी हैं, जिन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ औषधीय खेती शुरू की और आज वें आदिवासियों को औषधीय खेती से रोजगार दे रहे हैं। 

नोटिस बोर्ड

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

पर्यावरण मंत्रालय से हटा नदियों की सफाई का काम

Submitted by UrbanWater on Wed, 06/19/2019 - 14:46
Source
दैनिक जागरण, 19 जून 2019
अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा।अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा। सरकार ने पर्यावरण मंत्रालय से नदियों की सफाई का काम छीनकर जलशक्ति मंत्रालय को सौंप दिया है। अब तक जलशक्ति मंत्रालय के पास सिर्फ नदियों की सफाई का ही जिम्मा था, लेकिन अब वह शेष नदियों के प्रदूषण को दूर करने का काम भी देखेगा। कैबिनेट सचिवालय ने सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 में संशोधन करते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय का नाम बदल कर जलशक्ति मंत्रालय करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

श्रीनगर बांध परियोजना की खुली नहर से खतरा

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/07/2019 - 14:44
श्रीनगर बांध।श्रीनगर बांध।। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने श्रीनगर बांध परियोजना के पाॅवर चैनल में लीकेज के कारण हो रही समस्याओं पर उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ऊर्जा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा टिहरी के जिलाधिकारी से भी एक महीने में ई-मेल पर इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस काम के समन्वयन और अनुपालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। साथ ही याचिका की प्रतिलिपि वादियों द्वारा एक हफ्ते में पहुंचाने का भी आदेश दिया है।

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