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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Tue, 03/23/2021 - 16:43
सामाजिक स्वीकार्यता की कसौटी पर बांध
भारतीय समाज लगभग 6000 साल पहले से पानी से दो मोर्चों पर जूझ रहा है। पहला मोर्चा है बाढ़ और दूसरा मोर्चा है पानी की बारहमासी निरापद आपूर्ति। सभी जानते हैं कि, बाढ, अस्थायी आपदा है इसलिए भारतीय समाज ने बसाहटों को, नदियों सुरक्षित दूरी पर बसाया। दूसरे मोर्चे पर सफलता हासिल करने के लिए उन कुदरती लक्षणों को समझने का प्रयास किया जो पानी की सर्वकालिक एवं सर्वभौमिक उपलब्धता सुनिश्चित करते है। लगता है, यही जद्दोजहद जल संरचनाओं के विकास का आधार बनी होगी।

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Submitted by HindiWater on Sat, 12/05/2020 - 15:59
Source:
द हिंदु
कोयंबटूर के आर मणिकंदन जिन्होंने बेस्ट वाटर वॉरियर का अवॉर्ड जीता है
38 वर्ष के  मणिकंदन बताते है की "मुझे इस बारे में जनवरी में बता दिया गया था लेकिन ये भी हिदायत दी गई थी जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती है तब तक वह इस बारे ने किसी से जिक्र नही करेंगे। यहाँ तक की मेरे परिवार वालों को भी न्यूज़ चैनल से ही पता लगा है।मणिकंदन कोवई कुलंगल पादुकापु अमईप्पु एनजीओ   के संस्थापक हैं जो जिले में जल निकायों की रक्षा करने के लिए काम करता हैं। मणिकंदन अब तीन साल से तालाबों और झीलों के पुनरुद्धार की दिशा में काम कर रहे है। “इन वर्षों में, हमारी टीम ने छह झीलों, दो नहरों और चार चेक-डेमों की सफाई की है। मैंने वेल्लोरोर टैंक के बांध पर 7,500 देशी किस्मों के पेड़ों के साथ मियावाकी वन भी बनाया है।"
Submitted by HindiWater on Fri, 12/04/2020 - 16:16
Source:
दैनिक जागरण
कभी विलुप्ति के कगार पर थी कोसी,आज दे रही है सैकड़ो लोगों को रोजगार
सबसे पहले , पहले चरण में नदी के सभी रीचार्ज क्षेत्रों में पौधे रोपण किया गया है। इसके लिये लगभग 111 स्थालों को विकसित किया गया है। ग्रामीणों में पानी पुनर्जीवित करने की ऐसी ललक थी की एक दिन में करीब 1 लाख पौधे रोप दिए । जो एक बड़ा रिकॉर्ड बना और बाद में  लिम्का बुक में दर्ज हुआ है  दूसरे चरण में चाल-खाल की खंतियां निर्मित की गई और आखरी और तीसरे में वाटर हार्वेस्टिंग पर पूरा ध्यान केंद्रित किया गया। जनपद के 80 प्रतिशत सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग से जमा बारिश का पानी  ट्रीटमेंट कर इस्तेमाल किया जाता है। छोटे-छोटे बांध बनाकर भी पानी को रोकने की कोशिश की गई है जिससे 290 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई भूमि का विकास किया गया है वही 740 लाख लीटर पेयजल भी संरक्षण किया गया है जिस पर डीएम भदोरिया ने कहा है कि इस मुहिम को हम जल जीवन मिशन से जोड़कर काम तेजी से करेंगे। 
Submitted by HindiWater on Wed, 12/02/2020 - 18:16
Source:
हिंदुस्तान टाइम्स
गांवों में पाइप से जलापूर्ति संरक्षण के प्रयासों को प्रभावित कर सकती है
पानी पर जमीनीस्तर  पर काम करने वाले  विशेषज्ञयो का कहना है कि अगर पाईप लाइन के जरिये घरों में पानी पहुँचाया जाता तो इससे पानी के संरक्षित करने में कई समस्या उत्पन्न हो सकती है,ऐसे में लोग प्राकृतिक पानी के स्त्रोतों की देखभाल करना छोड़ देंगे जो कि अप्रत्यक्ष रूप से पाइप कनेक्शन के लिये पानी का मुख्य स्रोत है । वही हिमालय एन्विरोमेंट स्टडीज एंड कंजरवेशन आर्गेनाइजेशन के संस्थापक अनिल प्रकाश जोशी का कहना है कि हर घर तक पानी की आपूर्ति पाइप के जरिये पहुँचने से  भले ही जीवन आसन हो जाये। लेकिन अधिकारियों  और  ग्रामीणों को यह याद रखना होगा की प्राकृतिक झरनों और धाराओं को संरक्षित करना जरूरी है क्योंकि यह पाइप से पानी की आपूर्ति का मुख्य  स्रोत है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
Source:
विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।
Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
Source:
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।
Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Source:
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

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खासम-खास

सामाजिक स्वीकार्यता की कसौटी पर बांध

Submitted by HindiWater on Tue, 03/23/2021 - 16:43
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
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सामाजिक स्वीकार्यता की कसौटी पर बांध
भारतीय समाज लगभग 6000 साल पहले से पानी से दो मोर्चों पर जूझ रहा है। पहला मोर्चा है बाढ़ और दूसरा मोर्चा है पानी की बारहमासी निरापद आपूर्ति। सभी जानते हैं कि, बाढ, अस्थायी आपदा है इसलिए भारतीय समाज ने बसाहटों को, नदियों सुरक्षित दूरी पर बसाया। दूसरे मोर्चे पर सफलता हासिल करने के लिए उन कुदरती लक्षणों को समझने का प्रयास किया जो पानी की सर्वकालिक एवं सर्वभौमिक उपलब्धता सुनिश्चित करते है। लगता है, यही जद्दोजहद जल संरचनाओं के विकास का आधार बनी होगी।

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मिलिए कोयंबटूर के आर मणिकंदन से जिन्होंने बेस्ट वाटर वॉरियर का अवॉर्ड जीता है

Submitted by HindiWater on Sat, 12/05/2020 - 15:59
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Source
द हिंदु
कोयंबटूर के आर मणिकंदन जिन्होंने बेस्ट वाटर वॉरियर का अवॉर्ड जीता है
38 वर्ष के  मणिकंदन बताते है की "मुझे इस बारे में जनवरी में बता दिया गया था लेकिन ये भी हिदायत दी गई थी जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती है तब तक वह इस बारे ने किसी से जिक्र नही करेंगे। यहाँ तक की मेरे परिवार वालों को भी न्यूज़ चैनल से ही पता लगा है।मणिकंदन कोवई कुलंगल पादुकापु अमईप्पु एनजीओ   के संस्थापक हैं जो जिले में जल निकायों की रक्षा करने के लिए काम करता हैं। मणिकंदन अब तीन साल से तालाबों और झीलों के पुनरुद्धार की दिशा में काम कर रहे है। “इन वर्षों में, हमारी टीम ने छह झीलों, दो नहरों और चार चेक-डेमों की सफाई की है। मैंने वेल्लोरोर टैंक के बांध पर 7,500 देशी किस्मों के पेड़ों के साथ मियावाकी वन भी बनाया है।"

कभी विलुप्ति के कगार पर थी कोसी,आज दे रही है सैकड़ो लोगों को रोजगार

Submitted by HindiWater on Fri, 12/04/2020 - 16:16
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Source
दैनिक जागरण
कभी विलुप्ति के कगार पर थी कोसी,आज दे रही है सैकड़ो लोगों को रोजगार
सबसे पहले , पहले चरण में नदी के सभी रीचार्ज क्षेत्रों में पौधे रोपण किया गया है। इसके लिये लगभग 111 स्थालों को विकसित किया गया है। ग्रामीणों में पानी पुनर्जीवित करने की ऐसी ललक थी की एक दिन में करीब 1 लाख पौधे रोप दिए । जो एक बड़ा रिकॉर्ड बना और बाद में  लिम्का बुक में दर्ज हुआ है  दूसरे चरण में चाल-खाल की खंतियां निर्मित की गई और आखरी और तीसरे में वाटर हार्वेस्टिंग पर पूरा ध्यान केंद्रित किया गया। जनपद के 80 प्रतिशत सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग से जमा बारिश का पानी  ट्रीटमेंट कर इस्तेमाल किया जाता है। छोटे-छोटे बांध बनाकर भी पानी को रोकने की कोशिश की गई है जिससे 290 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई भूमि का विकास किया गया है वही 740 लाख लीटर पेयजल भी संरक्षण किया गया है जिस पर डीएम भदोरिया ने कहा है कि इस मुहिम को हम जल जीवन मिशन से जोड़कर काम तेजी से करेंगे। 

गांवों में पाइप से जलापूर्ति संरक्षण के प्रयासों को प्रभावित कर सकती है: विशेषज्ञ

Submitted by HindiWater on Wed, 12/02/2020 - 18:16
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Source
हिंदुस्तान टाइम्स
गांवों में पाइप से जलापूर्ति संरक्षण के प्रयासों को प्रभावित कर सकती है
पानी पर जमीनीस्तर  पर काम करने वाले  विशेषज्ञयो का कहना है कि अगर पाईप लाइन के जरिये घरों में पानी पहुँचाया जाता तो इससे पानी के संरक्षित करने में कई समस्या उत्पन्न हो सकती है,ऐसे में लोग प्राकृतिक पानी के स्त्रोतों की देखभाल करना छोड़ देंगे जो कि अप्रत्यक्ष रूप से पाइप कनेक्शन के लिये पानी का मुख्य स्रोत है । वही हिमालय एन्विरोमेंट स्टडीज एंड कंजरवेशन आर्गेनाइजेशन के संस्थापक अनिल प्रकाश जोशी का कहना है कि हर घर तक पानी की आपूर्ति पाइप के जरिये पहुँचने से  भले ही जीवन आसन हो जाये। लेकिन अधिकारियों  और  ग्रामीणों को यह याद रखना होगा की प्राकृतिक झरनों और धाराओं को संरक्षित करना जरूरी है क्योंकि यह पाइप से पानी की आपूर्ति का मुख्य  स्रोत है।

प्रयास

उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
uttarakhand-jal-sankat-:-chhote-prayas-sey-bada-samadhan-nikalega
Source
चरखा फीचर
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता

Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
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 विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
vishva-vetlands-divas-2021:-vetlands-aur-jal
Source
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

हिंदी पत्रकारों के लिए सीएसई-एएईटीआई की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
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अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

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