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खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

Submitted by Shivendra on Fri, 08/02/2019 - 14:49
Source:
राष्ट्रीय सहारा, 20 जुलाई, 2019
zero budget agriculture beneficial for farmers

शून्य बजट कृषि से खत्म होगी किसानों की समस्या।

स्वतंत्रता प्राप्ति के 72 वर्ष बाद भी भारत की बहुसंख्यक आबादी आज भी कृषि पर आश्रित है। आबादी का लगभग 58 फीसद हिस्सा आज भी गाँवों में निवास करता है और मूलतः कृषि से जीवन यापन करता है। एक अनुमान के अनुसार गाँवों में रहने वाले लगभग 10 करोड़ परिवारों में से 70 फीसद परिवार अभी भी गरीबी रेखा के नीचे हैं। कृषि की उत्पादकता और किसानों की आय लगातार चिन्ता का विषय है। ऐसी विषम परिस्थिति में जहाँ आज प्रत्येक हाथ को उपयुक्त काम नहीं मिल रहा है, जीविका प्रभावित है, रोजगार का अभाव है, मन हताश और निराशा के चरम पर है। न्यू इंडिया और भारत को पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कृषि, गाँव एवं किसान की समृद्धि पर विशेष ध्यान देना होगा।
Submitted by Shivendra on Fri, 08/02/2019 - 13:28
Source:
brahma kamal in danger
जलवायु परिवर्तन: खतरे में हिमालयी फूलों का सम्राट ‘‘ब्रह्मकमल’’।
Submitted by Shivendra on Thu, 08/01/2019 - 17:54
Source:
इंडिया साइंस वायर, 01 अगस्त 2019
IMD chief Dr.Mrutyunjay Mohapatra
डॉ. मृत्युंजय महापात्र। आपदाओं की भविष्यवाणी और उनके बारे में पूर्व चेतावनी जारी करने में मौसम वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ‘साइक्लोन मैन‘ के नाम से मशहूर ऐसे ही एक मशहूर मौसम वैज्ञानिक डॉ. मृत्युंजय महापात्र को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। पिछले दो दशकों में आईएमडी द्वारा फैलिन, हुदहुद, वरदा, तितली, सागर, मेकूनू और फानी जैसे कई चक्रवातों की सटीक भविष्यवाणियों में अहम योगदान देने वाले डॉ. महापात्र ने आज कार्यभार संभाल लिया है। 

प्रयास

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
Source:
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।
Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
Source:
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे
Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
Source:
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

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खासम-खास

केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण  : कुछ तथ्य, कुछ जानकारियां

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
kendriya-bhoomi-jal-pradhikaran-:-kuchh-tathy,-kuchh-jankariyan
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

शून्य बजट कृषि से खत्म होगी किसानों की समस्या

Submitted by Shivendra on Fri, 08/02/2019 - 14:49
Source
राष्ट्रीय सहारा, 20 जुलाई, 2019
zero budget agriculture beneficial for farmers

शून्य बजट कृषि से खत्म होगी किसानों की समस्या।शून्य बजट कृषि से खत्म होगी किसानों की समस्या।

स्वतंत्रता प्राप्ति के 72 वर्ष बाद भी भारत की बहुसंख्यक आबादी आज भी कृषि पर आश्रित है। आबादी का लगभग 58 फीसद हिस्सा आज भी गाँवों में निवास करता है और मूलतः कृषि से जीवन यापन करता है। एक अनुमान के अनुसार गाँवों में रहने वाले लगभग 10 करोड़ परिवारों में से 70 फीसद परिवार अभी भी गरीबी रेखा के नीचे हैं। कृषि की उत्पादकता और किसानों की आय लगातार चिन्ता का विषय है। ऐसी विषम परिस्थिति में जहाँ आज प्रत्येक हाथ को उपयुक्त काम नहीं मिल रहा है, जीविका प्रभावित है, रोजगार का अभाव है, मन हताश और निराशा के चरम पर है। न्यू इंडिया और भारत को पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कृषि, गाँव एवं किसान की समृद्धि पर विशेष ध्यान देना होगा।

जानिये कौन हैं भारतीय मौसम विज्ञान के महानिदेशक डाॅ. मृत्युंजय महापात्र

Submitted by Shivendra on Thu, 08/01/2019 - 17:54
Author
नवनीत कुमार गुप्ता
Source
इंडिया साइंस वायर, 01 अगस्त 2019
IMD chief Dr.Mrutyunjay Mohapatra
डॉ. मृत्युंजय महापात्र।डॉ. मृत्युंजय महापात्र। आपदाओं की भविष्यवाणी और उनके बारे में पूर्व चेतावनी जारी करने में मौसम वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ‘साइक्लोन मैन‘ के नाम से मशहूर ऐसे ही एक मशहूर मौसम वैज्ञानिक डॉ. मृत्युंजय महापात्र को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। पिछले दो दशकों में आईएमडी द्वारा फैलिन, हुदहुद, वरदा, तितली, सागर, मेकूनू और फानी जैसे कई चक्रवातों की सटीक भविष्यवाणियों में अहम योगदान देने वाले डॉ. महापात्र ने आज कार्यभार संभाल लिया है। 

प्रयास

उदयपुर के इस गांव को वेटलैंड घोषित किया जाना तय

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
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राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

28 जुलाई को यूसर्क द्वारा आयोजित जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला पर भाग लेने के लिए पंजीकरण करायें

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
28-july-ko-ayojit-hone-vale-jal-shiksha-vyakhyan-shrinkhala-par-bhag-lene-ke-liye-panjikaran-karayen
Source
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित

Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
bhoojal-sanrakshan-ke-kshetra-men-karya-karne-valo-ke-liye-up-sarkar-ne-manga-avedan
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे

स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता व्यवहार में परिवर्तन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
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तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

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