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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Sat, 09/19/2020 - 17:44
अनुपम मिश्र

आज भी खरे है तालाब अनुपम मिश्र की बहुचर्चित पुस्तक - 02 अध्याय नींव से शिखर तक रमाकान्त राय के संगीतमय अंदाज में

Content

Submitted by admin on Wed, 09/23/2009 - 09:08
Source:
ओमप्रकाश भारती /kosimitra
पिछले 60 वर्षों में सरकारी व्यवस्था को लोगों को समझाने/बहलाने में पूर्ण सफलता मिली, कि कोसी समस्या का निदान बराह क्षेत्र `हाईडेम´ है। बांध या तटबंधों से बाढ़ की समस्याओं का निदान कहां तक हो सका, इसकी रिर्पोट हमारे समक्ष है। सिपर्फ यदि बिहार के संदर्भ में देखें तो सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 1954 में बिहार में तटबंधों की लम्बाई 160 किलोमीटर थी और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र 25 लाख हेक्टेयर था। वत्तZमान में बिहार में लगभग 3,430 किलेामीटर तटबंध है और बाढ़ का क्षेत्र लगभग 68.80 लाख हेक्टेयर तक जा पहुँचा है। यानी तटबंधों की लम्बाई के साथ-साथ बाढ़ क्षेत्र में भी बढ़ोत्तरी हुई।
Submitted by admin on Tue, 09/22/2009 - 05:25
Source:

कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने अपने हाल के तमिलनाडु दौरे में एक बड़ा महत्वपूर्ण बयान दिया था. राहुल गांधी ने कहा था कि वे नदियों को जोड़ने के खिलाफ हैं क्योंकि ऐसा करना प्रकृति के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ होगा जिसकी भरपाई मुश्किल होगी.

उनके इस बयान के बाद से ही हम इस पड़ताल पर लग गये थे कि आखिर राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया क्यों?
Submitted by admin on Mon, 09/21/2009 - 08:28
Source:
भास्कर Sep.06,2009

पानीपत. शहर के डाई हाउस संचालक चोरी-छिपे जहरीले पानी को भू-गर्भ में पहुंचाकर पानी को विषैला बना रहे हैं। प्रतिदिन लगभग 32 लाख लीटर जहरीला पानी जमीन के अंदर पहुंचा रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जन स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई कुछ ही डाई हाउसों तक चलकर दम तोड़ जाती है। अधिकारियों की अनदेखी से शहर का पेयजल दिनोंदिन विषैला होता जा रहा है।

पांच बार होता है प्रोसेस

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 09/22/2020 - 17:33
आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव
मध्यप्रदेश के इंदौर में आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव की सुहानी सूरत देखने को मिल रही है। महिलाओं को संगठित कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन उनके हाथों में हुनर सौंप रहा है। उन्हें संसाधन मुहैया करा रहा है। निर्धन परिवारों की महिलाओं के लिए आजीविका नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल बन गई है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
Source:
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 
Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
Source:
वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 10/13/2020 - 13:56
Source:
इंडिया रिवर्स वीक
इंडिया रिवर्स वीक ने वर्ष 2020 के लिए भागीरथ प्रयास सम्मान और अनुपम मिश्र मेडल के लिये नामांकन आमंत्रित किये है। भागीरथ प्रयास सम्मान की शुरुआत 2014 में की गई। जिसके जूरी स्वर्गीय श्री रामास्वामी थे

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खासम-खास

आज भी खरे है तालाब-अध्याय 2 नींव से शिखर तक संगीतमय वाचन

Submitted by HindiWater on Sat, 09/19/2020 - 17:44
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
aaj-bhi-khare-hai-talab-adhyay-2-neev-se-shikhar-tak-sangitamay-vachan
Source
रमाकांत राय
अनुपम मिश्र

आज भी खरे है तालाब अनुपम मिश्र की बहुचर्चित पुस्तक - 02 अध्याय नींव से शिखर तक रमाकान्त राय के संगीतमय अंदाज में

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आलादीन का चिराग- बराह क्षेत्र हाईडेम

Submitted by admin on Wed, 09/23/2009 - 09:08
Source
ओमप्रकाश भारती /kosimitra
पिछले 60 वर्षों में सरकारी व्यवस्था को लोगों को समझाने/बहलाने में पूर्ण सफलता मिली, कि कोसी समस्या का निदान बराह क्षेत्र `हाईडेम´ है। बांध या तटबंधों से बाढ़ की समस्याओं का निदान कहां तक हो सका, इसकी रिर्पोट हमारे समक्ष है। सिपर्फ यदि बिहार के संदर्भ में देखें तो सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 1954 में बिहार में तटबंधों की लम्बाई 160 किलोमीटर थी और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र 25 लाख हेक्टेयर था। वत्तZमान में बिहार में लगभग 3,430 किलेामीटर तटबंध है और बाढ़ का क्षेत्र लगभग 68.80 लाख हेक्टेयर तक जा पहुँचा है। यानी तटबंधों की लम्बाई के साथ-साथ बाढ़ क्षेत्र में भी बढ़ोत्तरी हुई।

'तालाब' का असर, राहुल गांधी पर

Submitted by admin on Tue, 09/22/2009 - 05:25

कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने अपने हाल के तमिलनाडु दौरे में एक बड़ा महत्वपूर्ण बयान दिया था. राहुल गांधी ने कहा था कि वे नदियों को जोड़ने के खिलाफ हैं क्योंकि ऐसा करना प्रकृति के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ होगा जिसकी भरपाई मुश्किल होगी.

उनके इस बयान के बाद से ही हम इस पड़ताल पर लग गये थे कि आखिर राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया क्यों?

पानीपत का पानी (भाग 2)

Submitted by admin on Mon, 09/21/2009 - 08:28
Source
भास्कर Sep.06,2009

पानीपत. शहर के डाई हाउस संचालक चोरी-छिपे जहरीले पानी को भू-गर्भ में पहुंचाकर पानी को विषैला बना रहे हैं। प्रतिदिन लगभग 32 लाख लीटर जहरीला पानी जमीन के अंदर पहुंचा रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जन स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई कुछ ही डाई हाउसों तक चलकर दम तोड़ जाती है। अधिकारियों की अनदेखी से शहर का पेयजल दिनोंदिन विषैला होता जा रहा है।

पांच बार होता है प्रोसेस

प्रयास

आजीविका की बदौलत सामाजिक बदलाव

Submitted by HindiWater on Tue, 09/22/2020 - 17:33
ajivika-key-badoulat-samajik-badlav
आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव
मध्यप्रदेश के इंदौर में आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव की सुहानी सूरत देखने को मिल रही है। महिलाओं को संगठित कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन उनके हाथों में हुनर सौंप रहा है। उन्हें संसाधन मुहैया करा रहा है। निर्धन परिवारों की महिलाओं के लिए आजीविका नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल बन गई है।

नोटिस बोर्ड

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
ekva-foundation-key-XIV-world-ekva-kangres
Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

भविष्य में किस तरह पानी को किया जा सकता है सुरक्षित 

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
bhavishya-mein-kiss-tarah-pani-ko-kia-jaa-sakata-hai-surakshit
वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

भागीरथ प्रयास सम्मान  2020 के लिए नामांकन आमंत्रित 

Submitted by HindiWater on Tue, 10/13/2020 - 13:56
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इंडिया रिवर्स वीक
इंडिया रिवर्स वीक ने वर्ष 2020 के लिए भागीरथ प्रयास सम्मान और अनुपम मिश्र मेडल के लिये नामांकन आमंत्रित किये है। भागीरथ प्रयास सम्मान की शुरुआत 2014 में की गई। जिसके जूरी स्वर्गीय श्री रामास्वामी थे

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