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Submitted by HindiWater on Mon, 09/16/2019 - 17:06
modi on cop 14
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी नौ सिंतंबर को ग्रेटर नोएडामें मरूस्‍थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र समझौते (यूएनसीसीडी) में शामिल देशों के 14वें सम्‍मेलन (कॉप 14) के उच्‍च स्‍तरीय खंड को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत प्रभावी योगदान देने के लिए तत्‍पर है क्‍योंकि हम दो वर्ष के कार्यकाल के लिए सह-अध्‍यक्ष का पदभार संभाल रहे हैं। सदियों से हमने भूमि को महत्‍व दिया है। भारतीय संस्‍कृति में पृथ्‍वी को पवित्र माना गया है और मां का दर्जा दिया गया है।

Content

Submitted by HindiWater on Mon, 08/05/2019 - 13:22
Source:
विज्ञान प्रगति, जून 2019
air pollution in new delhi
मुरझा क्यों रहे हैं शहर। अगर यह पूछा जाए कि आखिर शहरों पर ऐसा कौन-सा कहर टूटा है, जो वे रौनक पैदा करने वाले तमाम इंतजामों के बावजूद मुरझाए-से दिखते हैं, तो इसका एक जवाब है प्रदूषण। दुनिया के ज्यादातर शहरों की तरह भारत के शहरों में भी कई कारणों से हर तरह का प्रदूषण भयानक स्तर पर पहुँच गया है। इसमें भी ज्यादा समस्या इस बात की है कि प्रदूषण को लेकर विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा आगाह किए जाने के बावजूद हमारे देश में इस क्षेत्र में सुधार की गति बेहद धीमी है।
Submitted by HindiWater on Mon, 08/05/2019 - 12:37
Source:
नवभारत टाइम्स, 28 जुलाई 2019
process of rainwater harvesting
रेनवाटर हार्वेस्टिंग करने का तरीका। जल ही जीवन है। अगर यह जीवन है तो बेशक यह अनमोल है और ऐसी अनमोल चीज की कद्र भी जरूरी है। पानी हमें हमेशा मिलता रहे, इसके लिए रेनवॉटर हार्वेस्टिंग जरूरी है। कैसे करें रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और क्या हैं फायदे, एक्सपटर्स से बात कर जानकारी दे रहे हैं।
Submitted by HindiWater on Sat, 08/03/2019 - 12:46
Source:
विज्ञान प्रगति, जून 2019
birds and climate change
जलवायु परिवर्तन से विलुप्त हो रहे पक्षी। भारत में एक समय था जब चिड़ियों की बारह सौ प्रजातियाँ पाई जाती थीं, लेकिन अब इसमें से 50 से अधिक प्रजातियाँ लुप्तप्राय हो गई हैं। उदाहरण के तौर पर गिद्धों की कुछ प्रजातियाँ, कठफोड़वा, ग्रेट इंडियन बस्टैर्ड जैसे पक्षियों की प्रजातियाँ लुप्त हो गई हैं या लुप्त होने के कगार पर हैं। एक अध्ययन के अनुसार पिछले 50 वर्षों में पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियाँ धरती से लुप्त हो गई और कई लुप्त होने के कगार पर हैं। विकास सम्बन्धी अस्थाई नीतियों और प्रकृति के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता के कारण भारत के कई पक्षी वास खतरे में हैं। इससे पक्षियों के लुप्त होने का खतरा और भी बढ़ गया है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Thu, 09/19/2019 - 08:56
hiware bazar
हिवरे बाजार : पानी की पैठ का एक आदर्श गांव। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित हिवरे बाजार एक समृद्ध गाँव है। 1989 तक इस गाँव की पहाड़ियाँ व खेत बंजर हो चुके थे। लोगों के पास रोजगार नहीं था। गाँव में कच्ची शराब बनती थी। लिहाजा लोग पलायन करने लगे। तब गाँव के कुछ युवकों ने सुधार का बीड़ा उठाया और अपने एक साथी पोपटराव पंवार को सरपंच बना दिया।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
Source:
India CSR Summit 2019 new delhi
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 सितंबर को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।
Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source:
योजना, अगस्त 2019
rural india budget 2019 nirmala sitaraman india water portal
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -
Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source:
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
grey water rule in madya pradesh
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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खासम-खास

काॅप 14: मोदी ने कहा सिंगल यूज प्‍लास्टिक पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा देगा भारत 

Submitted by HindiWater on Mon, 09/16/2019 - 17:06
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी नौ सिंतंबर को ग्रेटर नोएडामें मरूस्‍थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र समझौते (यूएनसीसीडी) में शामिल देशों के 14वें सम्‍मेलन (कॉप 14) के उच्‍च स्‍तरीय खंड को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत प्रभावी योगदान देने के लिए तत्‍पर है क्‍योंकि हम दो वर्ष के कार्यकाल के लिए सह-अध्‍यक्ष का पदभार संभाल रहे हैं। सदियों से हमने भूमि को महत्‍व दिया है। भारतीय संस्‍कृति में पृथ्‍वी को पवित्र माना गया है और मां का दर्जा दिया गया है।

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मुरझा क्यों रहे हैं शहर

Submitted by HindiWater on Mon, 08/05/2019 - 13:22
Source
विज्ञान प्रगति, जून 2019
मुरझा क्यों रहे हैं शहर।मुरझा क्यों रहे हैं शहर। अगर यह पूछा जाए कि आखिर शहरों पर ऐसा कौन-सा कहर टूटा है, जो वे रौनक पैदा करने वाले तमाम इंतजामों के बावजूद मुरझाए-से दिखते हैं, तो इसका एक जवाब है प्रदूषण। दुनिया के ज्यादातर शहरों की तरह भारत के शहरों में भी कई कारणों से हर तरह का प्रदूषण भयानक स्तर पर पहुँच गया है। इसमें भी ज्यादा समस्या इस बात की है कि प्रदूषण को लेकर विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा आगाह किए जाने के बावजूद हमारे देश में इस क्षेत्र में सुधार की गति बेहद धीमी है।

रेनवाटर हार्वेस्टिंग करने का तरीका

Submitted by HindiWater on Mon, 08/05/2019 - 12:37
Source
नवभारत टाइम्स, 28 जुलाई 2019
रेनवाटर हार्वेस्टिंग करने का तरीका।रेनवाटर हार्वेस्टिंग करने का तरीका। जल ही जीवन है। अगर यह जीवन है तो बेशक यह अनमोल है और ऐसी अनमोल चीज की कद्र भी जरूरी है। पानी हमें हमेशा मिलता रहे, इसके लिए रेनवॉटर हार्वेस्टिंग जरूरी है। कैसे करें रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और क्या हैं फायदे, एक्सपटर्स से बात कर जानकारी दे रहे हैं।

जलवायु परिवर्तन से विलुप्त हो रहे पक्षी

Submitted by HindiWater on Sat, 08/03/2019 - 12:46
Source
विज्ञान प्रगति, जून 2019
जलवायु परिवर्तन से विलुप्त हो रहे पक्षी। जलवायु परिवर्तन से विलुप्त हो रहे पक्षी। भारत में एक समय था जब चिड़ियों की बारह सौ प्रजातियाँ पाई जाती थीं, लेकिन अब इसमें से 50 से अधिक प्रजातियाँ लुप्तप्राय हो गई हैं। उदाहरण के तौर पर गिद्धों की कुछ प्रजातियाँ, कठफोड़वा, ग्रेट इंडियन बस्टैर्ड जैसे पक्षियों की प्रजातियाँ लुप्त हो गई हैं या लुप्त होने के कगार पर हैं। एक अध्ययन के अनुसार पिछले 50 वर्षों में पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियाँ धरती से लुप्त हो गई और कई लुप्त होने के कगार पर हैं। विकास सम्बन्धी अस्थाई नीतियों और प्रकृति के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता के कारण भारत के कई पक्षी वास खतरे में हैं। इससे पक्षियों के लुप्त होने का खतरा और भी बढ़ गया है।

प्रयास

हिवरे बाजार : पानी की पैठ का एक आदर्श गांव

Submitted by HindiWater on Thu, 09/19/2019 - 08:56
Source
पाञ्चजन्य, 8 सितम्बर 2019
हिवरे बाजार : पानी की पैठ का एक आदर्श गांव। हिवरे बाजार : पानी की पैठ का एक आदर्श गांव। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित हिवरे बाजार एक समृद्ध गाँव है। 1989 तक इस गाँव की पहाड़ियाँ व खेत बंजर हो चुके थे। लोगों के पास रोजगार नहीं था। गाँव में कच्ची शराब बनती थी। लिहाजा लोग पलायन करने लगे। तब गाँव के कुछ युवकों ने सुधार का बीड़ा उठाया और अपने एक साथी पोपटराव पंवार को सरपंच बना दिया।

नोटिस बोर्ड

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 सितंबर को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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