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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Thu, 12/31/2020 - 13:34
गोंडकालीन सगड़ा बावडी, जबलपुर, मध्यप्रदेश
सदियों से बावडी हमारी सनातन जल प्रदाय व्यवस्था का अभिन्न अंग रही है। अलग-अलग इलाकों में बावडियों को अलग-अलग नामों यथा सीढ़ीदार कुआ या वाउली या बाव इत्यादि के नाम से पुकारा जाता है। अंग्रेजी भाषा में उसे स्टेप-वैल कहा जाता है। इस संरचना में पानी का स्रोत भूजल होता है। भारत में इस संरचना का विकास, सबसे पहले, देश के पानी की कमी वाले पश्चिमी हिस्से में हुआ। वहाँ यह अस्तित्व में आई और समय के साथ फली-फूली। दक्षिण भारत में भी उसका विस्तार हुआ। देश के उन हिस्सों में वह भारतीय संस्कृति और संस्कारों का हिस्सा बनी। सम्पन्न लोगों के लिए सामाजिक दायित्व बनी।

Content

Submitted by admin on Fri, 03/06/2009 - 08:04
Source:

मनोज तिवारी
वाराणसी में भारतीय रेलवे के डीजल लोकोमोटिव वर्क्स से प्रबंधकीय कार्य की शुरुआत करने वाले भारत के एक सपूत आरके पचौरी ने नोबल शांति पुरस्कार में भारत को हिस्सेदारी दिलाई है। नैनीताल में जन्मे इस देसी सपूत ने दुनिया के बड़े से बड़े मंच पर हिंदुस्तान का परचम लहराया है। नोबल पुरस्कार में हिस्सेदारी बांटने का यह गौरव पचौरी की अध्यक्षता वाली इंटर गवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) संस्था को मिला है। पारिस्थितिकी परिवर्तन और उसमें बनने वाली नीतियों में भी पचौरी का अंतर्राष्ट्रीय दखल हमेशा रहा है। इस दखल ने ही देश के इस पर्यावरणविद को पारिस्थितिकी के क्षेत्र में विश्वव्यापी आयाम दिलवाया।

नैनीताल की सुरम्य वादियां श्री पचौरी को हमेशा पर्यावरण सुरक्षा के प्रति उनके दायित्व की याद दिलाती रहीं।
Submitted by admin on Tue, 03/03/2009 - 11:59
Source:
आर्सेनिक

विभिन्न अखबारों और अन्य मीडिया में देश में उपलब्ध पेयजल और भूजल में बढ़ते रासायनिक प्रदूषण के बारे में लगातार रिपोर्ट प्रकाशित होती रहती हैं। बढ़ते औद्योगीकरण की वजह से धरती की ऊपरी सतह से लेकर 200-500 फ़ुट गहराई तक का भूजल धीरे-धीरे प्रदूषित होता जा रहा है। इसी प्रकार की एक रिपोर्ट अशोक शर्मा ने सुदूर उत्तर-पूर्व शिलांग से भेजी है। इसके अनुसार पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के लाखों लोग “आर्सेनिक” नाम का धीमा जहर रोज़ाना मजबूरन पेयजल के जरिये निगल रहे हैं। असल में उस इलाके की मुख्य फ़सल चावल है और चावल की कुछ किस्में जमीन से “आर्सेनिक” सोखती हैं, जिसके कारण क्षेत्र में कई गम्भीर बीमारियाँ फ़ैल

Submitted by admin on Fri, 02/27/2009 - 15:42
Source:

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तरकाशी में भागीरथी पर 600 मेगावाट लोहारी नागपाला पनबिजली परियोजना को रोकने के केंद्र सरकार के फैसले को आज निलंबित कर दिया।

न्यायमूर्ति पीसी पंत और बी एस वर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने देहरादून स्थित एक गैर सरकारी संगठन, रूरल लिटिगेशन एंड एंटाइटेलमेंट केन्द्र के द्वारा दायर की गई एक याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए यह फैसला सुनाया। इस संगठन ने केंद्र द्वारा पिछले सप्ताह रोके गए प्रोजेक्ट को पुनः शुरु करने की मांग की थी।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 12/25/2020 - 10:11
सूखे बुंदेलखंड़ में जल संरक्षण की मिसाल है जखनी गांव  
जखनी गांववासियों की मेहनत का ही नतीजा है कि 2012 में तत्कालीन जिला कलेक्टर ने जिले के 470 गांवों में जखनी माॅडल को अपनाने का आदेश दे दिया। साथ ही नीति आयोग ने जखनी को देश का पहला ‘जल-ग्राम’ घोषित किया है। इसके अलावा जखनी गांव को माॅडल बना देश के 1034 गांवों को जलग्राम बनाने की घोषणा की गई है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
Source:
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।
Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Source:
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
Source:
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

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खासम-खास

बावडी: कुछ अनछुए पहलू

Submitted by HindiWater on Thu, 12/31/2020 - 13:34
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
bavdi:-kuch-anachue-pahloo
गोंडकालीन सगड़ा बावडी, जबलपुर, मध्यप्रदेश
सदियों से बावडी हमारी सनातन जल प्रदाय व्यवस्था का अभिन्न अंग रही है। अलग-अलग इलाकों में बावडियों को अलग-अलग नामों यथा सीढ़ीदार कुआ या वाउली या बाव इत्यादि के नाम से पुकारा जाता है। अंग्रेजी भाषा में उसे स्टेप-वैल कहा जाता है। इस संरचना में पानी का स्रोत भूजल होता है। भारत में इस संरचना का विकास, सबसे पहले, देश के पानी की कमी वाले पश्चिमी हिस्से में हुआ। वहाँ यह अस्तित्व में आई और समय के साथ फली-फूली। दक्षिण भारत में भी उसका विस्तार हुआ। देश के उन हिस्सों में वह भारतीय संस्कृति और संस्कारों का हिस्सा बनी। सम्पन्न लोगों के लिए सामाजिक दायित्व बनी।

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नोबेल पचौरी

Submitted by admin on Fri, 03/06/2009 - 08:04
Author
अमर उजाला

मनोज तिवारी
वाराणसी में भारतीय रेलवे के डीजल लोकोमोटिव वर्क्स से प्रबंधकीय कार्य की शुरुआत करने वाले भारत के एक सपूत आरके पचौरी ने नोबल शांति पुरस्कार में भारत को हिस्सेदारी दिलाई है। नैनीताल में जन्मे इस देसी सपूत ने दुनिया के बड़े से बड़े मंच पर हिंदुस्तान का परचम लहराया है। नोबल पुरस्कार में हिस्सेदारी बांटने का यह गौरव पचौरी की अध्यक्षता वाली इंटर गवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) संस्था को मिला है। पारिस्थितिकी परिवर्तन और उसमें बनने वाली नीतियों में भी पचौरी का अंतर्राष्ट्रीय दखल हमेशा रहा है। इस दखल ने ही देश के इस पर्यावरणविद को पारिस्थितिकी के क्षेत्र में विश्वव्यापी आयाम दिलवाया।

नैनीताल की सुरम्य वादियां श्री पचौरी को हमेशा पर्यावरण सुरक्षा के प्रति उनके दायित्व की याद दिलाती रहीं।

पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की आबादी पर आर्सेनिक का खतरा गहराया…

Submitted by admin on Tue, 03/03/2009 - 11:59
Author
फाइनेन्सियल एक्सप्रेस
आर्सेनिक

विभिन्न अखबारों और अन्य मीडिया में देश में उपलब्ध पेयजल और भूजल में बढ़ते रासायनिक प्रदूषण के बारे में लगातार रिपोर्ट प्रकाशित होती रहती हैं। बढ़ते औद्योगीकरण की वजह से धरती की ऊपरी सतह से लेकर 200-500 फ़ुट गहराई तक का भूजल धीरे-धीरे प्रदूषित होता जा रहा है। इसी प्रकार की एक रिपोर्ट अशोक शर्मा ने सुदूर उत्तर-पूर्व शिलांग से भेजी है। इसके अनुसार पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के लाखों लोग “आर्सेनिक” नाम का धीमा जहर रोज़ाना मजबूरन पेयजल के जरिये निगल रहे हैं। असल में उस इलाके की मुख्य फ़सल चावल है और चावल की कुछ किस्में जमीन से “आर्सेनिक” सोखती हैं, जिसके कारण क्षेत्र में कई गम्भीर बीमारियाँ फ़ैल

उत्तराखंड उच्च न्यायालय की भागीरथी पर बांध को मंजूरी

Submitted by admin on Fri, 02/27/2009 - 15:42
Author
संपादक

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तरकाशी में भागीरथी पर 600 मेगावाट लोहारी नागपाला पनबिजली परियोजना को रोकने के केंद्र सरकार के फैसले को आज निलंबित कर दिया।

न्यायमूर्ति पीसी पंत और बी एस वर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने देहरादून स्थित एक गैर सरकारी संगठन, रूरल लिटिगेशन एंड एंटाइटेलमेंट केन्द्र के द्वारा दायर की गई एक याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए यह फैसला सुनाया। इस संगठन ने केंद्र द्वारा पिछले सप्ताह रोके गए प्रोजेक्ट को पुनः शुरु करने की मांग की थी।

प्रयास

सूखे बुंदेलखंड में जल संरक्षण की मिसाल है जखनी गांव  

Submitted by HindiWater on Fri, 12/25/2020 - 10:11
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सूखे बुंदेलखंड़ में जल संरक्षण की मिसाल है जखनी गांव  
जखनी गांववासियों की मेहनत का ही नतीजा है कि 2012 में तत्कालीन जिला कलेक्टर ने जिले के 470 गांवों में जखनी माॅडल को अपनाने का आदेश दे दिया। साथ ही नीति आयोग ने जखनी को देश का पहला ‘जल-ग्राम’ घोषित किया है। इसके अलावा जखनी गांव को माॅडल बना देश के 1034 गांवों को जलग्राम बनाने की घोषणा की गई है।

नोटिस बोर्ड

विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
vishva-vetlands-divas-2021:-vetlands-aur-jal
Source
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

हिंदी पत्रकारों के लिए सीएसई-एएईटीआई की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
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अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
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Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

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