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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Sat, 11/30/2019 - 10:06
मध्यप्रदेश के परम्परागत तालाबों का जल विज्ञान
मध्यप्रदेश के बुन्देलखंड, बघेलखंड, मालवा तथा महाकोशल अंचलों में परम्परागत तालाबों की समृद्ध परम्परा रही है। इस परम्परा के प्रमाण सर्वत्र मिलते हैं। सबसे पहले उनकी आंचलिक विशेषताओं पर सांकेतिक जानकारी। उसके बाद परम्परागत जल विज्ञान का विवरण।

Content

Submitted by HindiWater on Sun, 11/24/2019 - 12:01
Source:
दैनिक जागरण, 24 नवम्बर 2019
मिट्टी पर जलवायु परिवर्तन का असर
जलवायु परिवर्तन से दुनिया के महासागरों, समुद्री तटों, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। अब वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन से हमारी बहुमूल्य मिट्टी भी प्रभावित हो सकती है। एक अमेरिकी विश्वविद्यालय द्वारा कराए गए अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन से दुनिया के कई इलाकों में मिट्टी की पानी सोखने की क्षमता कम हो सकती है। इसका भूजल आपूर्ति, खाद्य उत्पादन, जैव विविधता और पर्यावरण प्रणालियों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
Submitted by HindiWater on Sun, 11/24/2019 - 11:11
Source:
दैनिक जागरण, 24 नवंबर 2019
जल संरक्षण में इन शहरों के प्रयास हैं काबिलेतारीफ
टाॅयलेट फ्लश करने में पानी की सबसे अधिक बर्बादी होती है। फ्लश टैंक के आकार के आधार पर प्रत्येक फ्लश के साथ पांच से सात लीटर पानी बर्बाद होता है। इसे रोकने के लिए जापान ने एक नवोन्मेषी तरीका अपनाया। वहां की एक कंपनी ने शौचालय के फ्लश टैंक के ऊपर ही हाथ धोने के लिए वाॅश बेसिन लगवा दिए। इससे हाथ धोने के बाद ये पानी फ्लश टैंक में चला जाता है और टाॅयलेट फ्लश करने के लिए इस्तेमाल होता है।
Submitted by HindiWater on Sun, 11/24/2019 - 10:27
Source:
दैनिक जागरण, 24 नवंबर 2019
पानी पर बहाना होगा पसीना
पानी और हवा ऐसे प्राकृतिक संसाधन हैं जिनके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। आज के युग में शुद्ध हवा और शुद्ध पानी दोनों ही मिलना मुश्किल हो गया है। आज से 20-25 साल पहले तक जब बोतल वाला पानी और आरओ इत्यादि उपलब्ध नहीं था तो नलों में सप्लाई होने वाला पानी सभी लोग निश्चिंत होकर पी लेते थे। परंतु अब जो लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं, उनकी कोशिश रहती है कि बोतलबंद पानी से ही गला तर किया जाए।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Wed, 11/20/2019 - 11:07
कालीबेईं नदी के भागीरथ : संत सींचेवाल
धुन का पक्का एक योद्धा संत, जिसे संत बलबीर सिंह सींचेवाल कहते हैं। जिसने पंजाब में दम तोड़ती नदी काली बेई को फिर से जीवित कर 80 गांवों के लोगों की उम्मीद को मरने से बचाया। नदी जिंदा करने के काम को देखते हुए टाइम पत्रिका ने इन्हें दुनिया के 30 पर्यावरण नायकों की सूची में शामिल किया तो सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित। अधिक जानकारी के लिए देखें वीडियो

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Wed, 11/27/2019 - 13:25
Source:
"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन
गैर-लाभकारी संगठन चरखा विकास संचार नेटवर्क ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2019’ की घोषणा की है। इसके अंतर्गत उन लेखकों को मंच प्रदान किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में छुपी ऐसी प्रतिभाओं को उजागर करने का हौसला रखते हैं, जो मीडिया की नजरों से अब तक दूर रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 11/25/2019 - 09:44
Source:
दैनिक जागरण, 25 नवम्बर 2019
‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा हरिद्वार कुंभ
कुंभ-2021 को भव्य, शानदार, यादगार और अनूठा बनाने के लिए कुंभ मेला अधिष्ठान बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है। विशेष यह कि इस बार हरिद्वार यह आयोजन ‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा। इसमें गंगा की शुद्धता और पर्यावरण की रक्षा पर विशेष फोकस रहेगा। इसके तहत विद्युत ऊर्जा का कम से कम (लगभग शून्य) और सौर ऊर्जा का अधिकाधिक इस्तेमाल करने की योजना है।
Submitted by HindiWater on Sat, 11/16/2019 - 10:26
Source:
दैनिक जागरण, 16 नवम्बर 2019
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए स्मॉग टावर लगाएगी सरकार
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार स्मॉग टावर लगाने पर विचार कर रही है। शुक्रवार को प्रदूषण मामले पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अधिकारी और विशेषज्ञ इसकी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।

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खासम-खास

मध्यप्रदेश के परम्परागत तालाबों का जल विज्ञान

Submitted by HindiWater on Sat, 11/30/2019 - 10:06
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'
मध्यप्रदेश के बुन्देलखंड, बघेलखंड, मालवा तथा महाकोशल अंचलों में परम्परागत तालाबों की समृद्ध परम्परा रही है। इस परम्परा के प्रमाण सर्वत्र मिलते हैं। सबसे पहले उनकी आंचलिक विशेषताओं पर सांकेतिक जानकारी। उसके बाद परम्परागत जल विज्ञान का विवरण।

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मिट्टी पर जलवायु परिवर्तन का असर

Submitted by HindiWater on Sun, 11/24/2019 - 12:01
Source
दैनिक जागरण, 24 नवम्बर 2019
जलवायु परिवर्तन से दुनिया के महासागरों, समुद्री तटों, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। अब वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन से हमारी बहुमूल्य मिट्टी भी प्रभावित हो सकती है। एक अमेरिकी विश्वविद्यालय द्वारा कराए गए अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन से दुनिया के कई इलाकों में मिट्टी की पानी सोखने की क्षमता कम हो सकती है। इसका भूजल आपूर्ति, खाद्य उत्पादन, जैव विविधता और पर्यावरण प्रणालियों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

जल संरक्षण में इन शहरों के प्रयास हैं काबिलेतारीफ

Submitted by HindiWater on Sun, 11/24/2019 - 11:11
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दैनिक जागरण, 24 नवंबर 2019
टाॅयलेट फ्लश करने में पानी की सबसे अधिक बर्बादी होती है। फ्लश टैंक के आकार के आधार पर प्रत्येक फ्लश के साथ पांच से सात लीटर पानी बर्बाद होता है। इसे रोकने के लिए जापान ने एक नवोन्मेषी तरीका अपनाया। वहां की एक कंपनी ने शौचालय के फ्लश टैंक के ऊपर ही हाथ धोने के लिए वाॅश बेसिन लगवा दिए। इससे हाथ धोने के बाद ये पानी फ्लश टैंक में चला जाता है और टाॅयलेट फ्लश करने के लिए इस्तेमाल होता है।

पानी पर बहाना होगा पसीना

Submitted by HindiWater on Sun, 11/24/2019 - 10:27
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दैनिक जागरण, 24 नवंबर 2019
पानी और हवा ऐसे प्राकृतिक संसाधन हैं जिनके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। आज के युग में शुद्ध हवा और शुद्ध पानी दोनों ही मिलना मुश्किल हो गया है। आज से 20-25 साल पहले तक जब बोतल वाला पानी और आरओ इत्यादि उपलब्ध नहीं था तो नलों में सप्लाई होने वाला पानी सभी लोग निश्चिंत होकर पी लेते थे। परंतु अब जो लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं, उनकी कोशिश रहती है कि बोतलबंद पानी से ही गला तर किया जाए।

प्रयास

कालीबेईं नदी के भागीरथ : संत सींचेवाल

Submitted by HindiWater on Wed, 11/20/2019 - 11:07
धुन का पक्का एक योद्धा संत, जिसे संत बलबीर सिंह सींचेवाल कहते हैं। जिसने पंजाब में दम तोड़ती नदी काली बेई को फिर से जीवित कर 80 गांवों के लोगों की उम्मीद को मरने से बचाया। नदी जिंदा करने के काम को देखते हुए टाइम पत्रिका ने इन्हें दुनिया के 30 पर्यावरण नायकों की सूची में शामिल किया तो सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित। अधिक जानकारी के लिए देखें वीडियो

नोटिस बोर्ड

"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन

Submitted by HindiWater on Wed, 11/27/2019 - 13:25
गैर-लाभकारी संगठन चरखा विकास संचार नेटवर्क ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2019’ की घोषणा की है। इसके अंतर्गत उन लेखकों को मंच प्रदान किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में छुपी ऐसी प्रतिभाओं को उजागर करने का हौसला रखते हैं, जो मीडिया की नजरों से अब तक दूर रहा है।

‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा हरिद्वार कुंभ

Submitted by HindiWater on Mon, 11/25/2019 - 09:44
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दैनिक जागरण, 25 नवम्बर 2019
कुंभ-2021 को भव्य, शानदार, यादगार और अनूठा बनाने के लिए कुंभ मेला अधिष्ठान बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है। विशेष यह कि इस बार हरिद्वार यह आयोजन ‘ग्रीन कुंभ’ की थीम पर होगा। इसमें गंगा की शुद्धता और पर्यावरण की रक्षा पर विशेष फोकस रहेगा। इसके तहत विद्युत ऊर्जा का कम से कम (लगभग शून्य) और सौर ऊर्जा का अधिकाधिक इस्तेमाल करने की योजना है।

वायु प्रदूषण से निपटने के लिए स्मॉग टावर लगाएगी सरकार

Submitted by HindiWater on Sat, 11/16/2019 - 10:26
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दैनिक जागरण, 16 नवम्बर 2019
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार स्मॉग टावर लगाने पर विचार कर रही है। शुक्रवार को प्रदूषण मामले पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अधिकारी और विशेषज्ञ इसकी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।

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