नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

Content

Submitted by HindiWater on Mon, 07/29/2019 - 09:24
Source:
himalaya green bonus
हिमालयन काॅन्क्लेव: सनद रहे कि हिमालय संसाधन नहीं है। पता नहीं यह कितना सच है कि हमारे हिमालयी राज्य सालाना तकरीबन 94 हजार 500 करोड़ मूल्य की पर्यावरणीय सेवायें दे रहे हैं। पिछले काफी समय से लगातार यह सुनने पढ़ने में आ रहा है कि हिमालयी राज्यों के जंगल इतनी रकम का कार्बन उत्सर्जन करते हैं, मतलब पर्यावरण में कार्बन के प्रभाव को कम करते है। इसी आंकड़े को आधार बनाकर हिमालयी राज्य केंद्र से ग्रीन बोनस की मांग भी कर रहे हैं या यूं कहें कि हिमालय राज्यों की सरकारें पर्यावरण व पारिस्थतिकी सरंक्षण के एवज में ईनाम मांग रहे हैं। हालांकि ईनाम के तौर पर रायल्टी या बोनस की यह मांग कोई नयी नहीं है।
Submitted by HindiWater on Mon, 07/29/2019 - 08:14
Source:
save water in mosque
मस्जिदों में बचेगा 18 करोड़ लीटर पानी। इंदौर पहले ही पानी की बड़ी किल्लत से जूझ रहा है। इंदौर शहर जीरो वाटर जोन की तरफ भी तेजी से बढ़ रहा है। जिसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ग्रे-वाटर कानून को सख्ती से लागू करने जा रही है। कानून के अंतर्गत काॅलोनी, टाउनशिप और इमारत बनाने वालो को किचन की पाइप लाइन अलग से डालनी होगी। इस पानी को ट्रीटमेंट के बाद वापस घरों में उपयोग किया जाएगा, जहां इसे टाॅयलेट और अन्यों कामों में उपयोग किया जाएगा। इसलिए इंदौर के मस्जिदों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जल संरक्षण की दृष्टि से काफी सकारात्मक निर्णय है। दरअसल इंदौर में करीब 300 मस्जिदे हैं। हर मस्जिद में 200 लोग रोजाना दो वक्त की नमाज पढ़ने जाते हैं। वजू के लिए हर वक्त एक व्यक्ति को करीब पांच लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है।
Submitted by HindiWater on Sat, 07/27/2019 - 16:16
Source:
हरिभूमि 5 जून 2019
change lifestyle to save earth
पर्यावरण को बचाने के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी। तपती धरती बढ़ते संकट, खत्म होते जंगल और हवा में घुलते प्रदूषण के जहर से शिकायत तो सभी को है पर पर्यावरण के बिगड़ते हालातों के प्रति जिम्मेदारी का अहसास सरकारी अमले में ही नहीं आमजन में भी कम ही दिखता है। जबकि पर्यावरण का मुद्दा समग्र समुदाय से जुड़ा मुद्दा है। उचित योजनाओं के साथ-साथ धरती पर उपलब्ध संसाधनों का संयमित उपभोग और सही जीवनशैली ही इस व्यापक विषय को प्रभावी रूप से सम्बोधित कर सकती है। यहाँ तक कि पर्यावरण संरक्षण की सरकारी या गैर सरकारी पहल भी तभी कारगर हो सकती है

प्रयास

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source:
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
Source:
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
Source:
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

Latest

खासम-खास

शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

Content

हिमालयन काॅन्क्लेव: सनद रहे कि हिमालय संसाधन नहीं है 

Submitted by HindiWater on Mon, 07/29/2019 - 09:24
himalaya green bonus
हिमालयन काॅन्क्लेव: सनद रहे कि हिमालय संसाधन नहीं है ।हिमालयन काॅन्क्लेव: सनद रहे कि हिमालय संसाधन नहीं है। पता नहीं यह कितना सच है कि हमारे हिमालयी राज्य सालाना तकरीबन 94 हजार 500 करोड़ मूल्य की पर्यावरणीय सेवायें दे रहे हैं। पिछले काफी समय से लगातार यह सुनने पढ़ने में आ रहा है कि हिमालयी राज्यों के जंगल इतनी रकम का कार्बन उत्सर्जन करते हैं, मतलब पर्यावरण में कार्बन के प्रभाव को कम करते है। इसी आंकड़े को आधार बनाकर हिमालयी राज्य केंद्र से ग्रीन बोनस की मांग भी कर रहे हैं या यूं कहें कि हिमालय राज्यों की सरकारें पर्यावरण व पारिस्थतिकी सरंक्षण के एवज में ईनाम मांग रहे हैं। हालांकि ईनाम के तौर पर रायल्टी या बोनस की यह मांग कोई नयी नहीं है।

मस्जिदों में बचेगा 18 करोड़ लीटर पानी

Submitted by HindiWater on Mon, 07/29/2019 - 08:14
save water in mosque
मस्जिदों में बचेगा 18 करोड़ लीटर पानी।मस्जिदों में बचेगा 18 करोड़ लीटर पानी। इंदौर पहले ही पानी की बड़ी किल्लत से जूझ रहा है। इंदौर शहर जीरो वाटर जोन की तरफ भी तेजी से बढ़ रहा है। जिसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ग्रे-वाटर कानून को सख्ती से लागू करने जा रही है। कानून के अंतर्गत काॅलोनी, टाउनशिप और इमारत बनाने वालो को किचन की पाइप लाइन अलग से डालनी होगी। इस पानी को ट्रीटमेंट के बाद वापस घरों में उपयोग किया जाएगा, जहां इसे टाॅयलेट और अन्यों कामों में उपयोग किया जाएगा। इसलिए इंदौर के मस्जिदों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जल संरक्षण की दृष्टि से काफी सकारात्मक निर्णय है। दरअसल इंदौर में करीब 300 मस्जिदे हैं। हर मस्जिद में 200 लोग रोजाना दो वक्त की नमाज पढ़ने जाते हैं। वजू के लिए हर वक्त एक व्यक्ति को करीब पांच लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है।

पर्यावरण को बचाने के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी

Submitted by HindiWater on Sat, 07/27/2019 - 16:16
Source
हरिभूमि 5 जून 2019
change lifestyle to save earth
पर्यावरण को बचाने के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी।पर्यावरण को बचाने के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी। तपती धरती बढ़ते संकट, खत्म होते जंगल और हवा में घुलते प्रदूषण के जहर से शिकायत तो सभी को है पर पर्यावरण के बिगड़ते हालातों के प्रति जिम्मेदारी का अहसास सरकारी अमले में ही नहीं आमजन में भी कम ही दिखता है। जबकि पर्यावरण का मुद्दा समग्र समुदाय से जुड़ा मुद्दा है। उचित योजनाओं के साथ-साथ धरती पर उपलब्ध संसाधनों का संयमित उपभोग और सही जीवनशैली ही इस व्यापक विषय को प्रभावी रूप से सम्बोधित कर सकती है। यहाँ तक कि पर्यावरण संरक्षण की सरकारी या गैर सरकारी पहल भी तभी कारगर हो सकती है

प्रयास

चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
Source
अमर उजाला, 19 फरवरी, 2020
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

नदी घाटी विचार मंच

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।

जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मीडिया महोत्सव-2020

Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

Upcoming Event

Popular Articles