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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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Submitted by HindiWater on Wed, 07/24/2019 - 10:33
Source:
ghoramara island

मौसनी आइलैंड।

सुंदरवन के जिन टापुओं पर जलवायु परिवर्तन का खतरा मंडरा रहा है, वहां दक्षिण भारत का बेहद छोटा सूबा लोगों की जुबान पर चढ़ा रहता है। संयोग से यह सूबा भी सुंदरवन के टापुओं की तरह समुद्र से सटा हुआ है और इस सूबे का आधा हिस्सा समुद्र की तरफ खुलता है। इस सूबे को खुदा का अपना मुल्क भी कहा जाता है। ये सूबा है 3886 वर्ग किलोमीटर में फैला केरल। सुंदरवन से केरल की दूरी करीब 1846 किलोमीटर है, जहां पहुंचने के लिए तीन रातें और तीन दिन सफर में गुजारना पड़ता है।
Submitted by HindiWater on Tue, 07/23/2019 - 17:35
Source:
दैनिक जागरण, 20 जुलाई 2019
who is responsible for flood and drought
भारत में बाढ़ और सूखे का कहर। एक महीने पहले मुम्बई के निवासी गर्मी से परेशान थे। इस साल बारिश भी देर से हुई। इस वजह से मुम्बई में ही नहीं समूचे भारत के उन इलाकों में जहाँ गर्मी पड़ती है, परेशानियाँ बढ़ गई। समुद्र के किनारे बसे चेन्नई शहर में पीने का पानी खत्म हो गया। स्पेशल ट्रेन से वहाँ पानी भेजा गया। 2015 में चेन्नई में भयानक बाढ़ आई थी, लेकिन इस साल गर्मी में वहाँ की 1.10 करोड़ आबादी को पानी की किल्लत से जूझना पड़ा। दुनिया में सबसे ज्यादा वर्षा वाले इलाकों में चेरापूँजी का नाम है।
Submitted by HindiWater on Tue, 07/23/2019 - 11:18
Source:
दैनिक जागरण, 22 जुलाई 2019
reason of flood in india
शहरों में जल प्रलय। मानसूनी सीजन का सिर्फ डेढ़ महीना ही बीता है। अभी ढाई महीने शेष हैं, लेकिन देश के कई हिस्से डूबने लगे हैं। असम और बिहार में नदी जनित बाढ़ ने कोहराम मचा रखा है। लाखों लोग प्रभावित हैं। बच्चे, बुजुर्ग, बीमार, दीव्यांग..। इंसानों की तो बात छोड़िए जानवर भी बेहाल हैं। खेती-किसानों को पानी लील चुका है, जो कुछ घर-गृहस्थी में जमा करके रखा था, उसे भी सहजने में मशक्कत करनी पड़ रही है। जो सुरक्षित स्थान पर पहुँच गए, वे नसीब वाले ठहरे।

प्रयास

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source:
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
Source:
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
Source:
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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खासम-खास

शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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केरल का पलायन सुंदरवन के लोगों के लिए अवसर क्यों है ?

Submitted by HindiWater on Wed, 07/24/2019 - 10:33
Author
उमेश कुमार राय
ghoramara island

मौसनी आइलैंड।मौसनी आइलैंड।

सुंदरवन के जिन टापुओं पर जलवायु परिवर्तन का खतरा मंडरा रहा है, वहां दक्षिण भारत का बेहद छोटा सूबा लोगों की जुबान पर चढ़ा रहता है। संयोग से यह सूबा भी सुंदरवन के टापुओं की तरह समुद्र से सटा हुआ है और इस सूबे का आधा हिस्सा समुद्र की तरफ खुलता है। इस सूबे को खुदा का अपना मुल्क भी कहा जाता है। ये सूबा है 3886 वर्ग किलोमीटर में फैला केरल। सुंदरवन से केरल की दूरी करीब 1846 किलोमीटर है, जहां पहुंचने के लिए तीन रातें और तीन दिन सफर में गुजारना पड़ता है।

बाढ़ या सूखा : कौन है दोषी ?

Submitted by HindiWater on Tue, 07/23/2019 - 17:35
Source
दैनिक जागरण, 20 जुलाई 2019
who is responsible for flood and drought
भारत में बाढ़ और सूखे का कहर।भारत में बाढ़ और सूखे का कहर। एक महीने पहले मुम्बई के निवासी गर्मी से परेशान थे। इस साल बारिश भी देर से हुई। इस वजह से मुम्बई में ही नहीं समूचे भारत के उन इलाकों में जहाँ गर्मी पड़ती है, परेशानियाँ बढ़ गई। समुद्र के किनारे बसे चेन्नई शहर में पीने का पानी खत्म हो गया। स्पेशल ट्रेन से वहाँ पानी भेजा गया। 2015 में चेन्नई में भयानक बाढ़ आई थी, लेकिन इस साल गर्मी में वहाँ की 1.10 करोड़ आबादी को पानी की किल्लत से जूझना पड़ा। दुनिया में सबसे ज्यादा वर्षा वाले इलाकों में चेरापूँजी का नाम है।

शहरों में जल प्रलय का कारण

Submitted by HindiWater on Tue, 07/23/2019 - 11:18
Source
दैनिक जागरण, 22 जुलाई 2019
reason of flood in india
शहरों में जल प्रलय।शहरों में जल प्रलय। मानसूनी सीजन का सिर्फ डेढ़ महीना ही बीता है। अभी ढाई महीने शेष हैं, लेकिन देश के कई हिस्से डूबने लगे हैं। असम और बिहार में नदी जनित बाढ़ ने कोहराम मचा रखा है। लाखों लोग प्रभावित हैं। बच्चे, बुजुर्ग, बीमार, दीव्यांग..। इंसानों की तो बात छोड़िए जानवर भी बेहाल हैं। खेती-किसानों को पानी लील चुका है, जो कुछ घर-गृहस्थी में जमा करके रखा था, उसे भी सहजने में मशक्कत करनी पड़ रही है। जो सुरक्षित स्थान पर पहुँच गए, वे नसीब वाले ठहरे।

प्रयास

चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
Source
अमर उजाला, 19 फरवरी, 2020
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

नदी घाटी विचार मंच

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।

जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मीडिया महोत्सव-2020

Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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