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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

Content

Submitted by RuralWater on Wed, 01/08/2020 - 12:24
Source:
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, देहरादून, 8 जनवरी 2020
स्वामी चिदानंद मुनि और याचिकाकर्ता प्रतिशपथ पत्र दाखिल करें : हाईकोर्ट
नैनीताल हाईकोर्ट ने ऋषिकेश में गंगा नदी किनारे अतिक्रमण करने, अधिकारियों से मिलीभगत कर आश्रम बनाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता और स्वामी चिदानंद मुनि को प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैँ। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 फरवरी की तिथि नियत की है।
Submitted by HindiWater on Wed, 01/08/2020 - 11:32
Source:
अमर नाथ मिश्र पी.जी. कालेज दूबेछपरा, बलिया (उ.प्र.) 
भारतीय चिन्तन परम्परा में जल एवं पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा 
अपने देश की जनता धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रकृति की रही है। इसीलिए प्रकृति के सभी अंगों (तत्वों) में किसी न किसी देवी-देवता का अंश मानकर उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु पूजा का विधान बना दिया गया। हमारे भारतीय मनीषियों ने सम्पूर्ण प्राकृतिक शक्तियों को आराध्य माना है और उनके संरक्षण की अवधारणा को प्रस्तुत किया है।
Submitted by HindiWater on Tue, 01/07/2020 - 20:25
Source:
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की और लोकसभा सचिवालय, नई दिल्ली
वारंगल जिले का भूजल पुनर्भरण आंकलन
पानी की बढ़ती मांग ने हम सभी को भूजल के प्रयोग पर अत्यंत निर्भर बना दिया है। मुख्यतः उन क्षेत्रों में जहां सतही पानी के संसाधन अपर्याप्त हैं तथा सामयिक वर्षा असमान है। अनेकों कारणों से भूजल के अत्यधिक दोहन के फलस्वरूप वर्तमान भारत के कई क्षेत्र और जिले भूस्तर के तेजी से घटने की समस्या से गुजर रहे हैं।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Source:
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : कन्टूर और जल संरक्षण के सम्बन्ध को समझने का प्रयास 

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra-kantur-aur-jal-sanrakshan-kay-sambandh-ko-samajhane-kaa-prayas
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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स्वामी चिदानंद मुनि और याचिकाकर्ता प्रतिशपथ पत्र दाखिल करें : हाईकोर्ट

Submitted by RuralWater on Wed, 01/08/2020 - 12:24
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संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, देहरादून, 8 जनवरी 2020
स्वामी चिदानंद मुनि और याचिकाकर्ता प्रतिशपथ पत्र दाखिल करें : हाईकोर्ट
नैनीताल हाईकोर्ट ने ऋषिकेश में गंगा नदी किनारे अतिक्रमण करने, अधिकारियों से मिलीभगत कर आश्रम बनाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता और स्वामी चिदानंद मुनि को प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैँ। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 फरवरी की तिथि नियत की है।

भारतीय चिन्तन परम्परा में जल एवं पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा 

Submitted by HindiWater on Wed, 01/08/2020 - 11:32
Source
अमर नाथ मिश्र पी.जी. कालेज दूबेछपरा, बलिया (उ.प्र.) 
भारतीय चिन्तन परम्परा में जल एवं पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा 
अपने देश की जनता धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रकृति की रही है। इसीलिए प्रकृति के सभी अंगों (तत्वों) में किसी न किसी देवी-देवता का अंश मानकर उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु पूजा का विधान बना दिया गया। हमारे भारतीय मनीषियों ने सम्पूर्ण प्राकृतिक शक्तियों को आराध्य माना है और उनके संरक्षण की अवधारणा को प्रस्तुत किया है।

वारंगल जिले का भूजल पुनर्भरण आंकलन

Submitted by HindiWater on Tue, 01/07/2020 - 20:25
Source
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की और लोकसभा सचिवालय, नई दिल्ली
वारंगल जिले का भूजल पुनर्भरण आंकलन
पानी की बढ़ती मांग ने हम सभी को भूजल के प्रयोग पर अत्यंत निर्भर बना दिया है। मुख्यतः उन क्षेत्रों में जहां सतही पानी के संसाधन अपर्याप्त हैं तथा सामयिक वर्षा असमान है। अनेकों कारणों से भूजल के अत्यधिक दोहन के फलस्वरूप वर्तमान भारत के कई क्षेत्र और जिले भूस्तर के तेजी से घटने की समस्या से गुजर रहे हैं।

प्रयास

पानी अन्ना अकेले 14 तालाब खोदकर अपने गांव को बनाया पानीदार

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Author
उमेश कुमार राय
pani-anna-14-talab-khodkar-gaon-ko-banaya-panidar
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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