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खासम-खास

समाधान खोजता भूजल संकट

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/13/2019 - 21:06
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
भूजल संकट गहराता जा रहा है।भूजल संकट गहराता जा रहा है। बरसात के बाद के सभी जलस्रोत (कुएं, तालाब और नदी) भूजल पर निर्भर होते हैं। हम यह भी जानते हैं कि धरती में भूजल का संचय स्थानीय भूगोल और धरती की परतों की पानी सहेजने की क्षमता पर निर्भर होता है। बरसात भले ही धरती की गागर भर दे पर जब भूजल का दोहन प्रारंभ होता है तो सारा गणित धरा का धरा रह जाता है। भूजल स्तर के घटने के कारण धरती की उथली परतों का पानी खत्म हो जाता है। उस पर निर्भर झरने और जल स्रोत सूख जाते हैं। चूँकि भूजल का दोहन हर साल लगातार बढ़ रहा है इस कारण धीरे-धीरे गहरी परतें भी रीतने लगी हैं।

Content

बचेगा कागज तो निखरेगी धरती

Submitted by HindiWater on Sat, 08/10/2019 - 16:23
Source
पाञ्चजन्य, 9 जून 2019

बचेगा कागज तो निखरेगी धरती।बचेगा कागज तो निखरेगी धरती।

किसी जीव के समूचे पर्यावास में प्राकृतिक बल और वे अन्य जीवित वस्तुएँ शामिल होती हैं जो वृद्धि और विकास के साथ-साथ खतरे और क्षति की परिस्थितियाँ भी पैदा करती हैं। रीसाइक्लिंग अपशिष्ट पदार्थों को नई सामग्री या वस्तुओं में परिवर्तित करने की प्रक्रिया है। यह पारम्परिक अपशिष्ट निपटान का एक विकल्प है जो विभिन्न पदार्थों को बचाकर ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम करने में मदद कर सकता है।

ये कूड़ा आपकी जेब में धन ला सकता है

Submitted by HindiWater on Sat, 08/10/2019 - 15:27
Source
पाञ्चजन्य, 9 जून 2019
दीपक चौरसिया।दीपक चौरसिया। पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूरा विश्व चिन्ता में है। भारत की तरफ दुनियाभर की उम्मीद भरी नजर है। प्रगति और विकास के साथ पर्यावरण से सामंजस्य को भारत ने इस प्रयोग को शताब्दियों तक व्यवहार में उतारा है। आज कई किस्म का कूड़ा-कचरा पर्यावरण के समक्ष एक नई चुनौती बनकर खड़ा है। इलेक्ट्रानिक मीडिया के जाने-माने चेहरे दीपक चौरसिया ने 2018 में कूड़ा धन किताब लिखी थी जो काफी चर्चित रही। इसमें वेस्ट टू वेल्थ यानी कूड़े से धन अर्जित करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए हैं।

आरओ के नुकसान से वैज्ञानिकों ने किया आगाह 

Submitted by HindiWater on Fri, 08/09/2019 - 15:52
Source
इंडिया साइंस वायर, 09 अगस्त 2019
आरओ के नुकसान से वैज्ञानिकों ने किया आगाह ।आरओ के नुकसान से वैज्ञानिकों ने किया आगाह । पीने के पानी के शुद्धिकरण के लिए आरओ वाटर प्यूरीफायर की जरूरत के बारे में पड़ताल किए बिना जल शोधन के लिए इसका उपयोग तेजी से बढ़ा है। अधिक मात्रा में पानी में घुलित खनिजों (टीडीएस) की मात्रा का डर दिखाकर कंपनियां और डीलर्स धड़ल्ले से आरओ प्यारीफायर बेच रहे हैं। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में जल शोधन की तकनीकों पर केंद्रित शोध एवं विकास से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि आरओ का विकास ऐसे क्षेत्रों के लिए किया गया है, जहां पानी में घुलित खनिजों (टीडीएस) की अत्यधिक मात्रा पायी जाती है।

प्रयास

बैंक की नौकरी छोड़, आदिवासियों को औषधीय खेती से दे रहे रोजगार

Submitted by HindiWater on Fri, 08/09/2019 - 17:38
राजाराम त्रिपाठी ।राजाराम त्रिपाठी । घटती खेती का कारण किसानों के प्रति सरकार का रवैया भी है, जिस कारण किसान अब खेती करना पसंद नहीं कर रहे हैं और हजारों परिवार खेती छोड़ चुके हैं तथा कोई अन्य काम कर रहे हैं। इन कारणों से किसानी और खेती वर्ततान में देश मे बड़ा मुद्दा है। लेकिन इन सभी के बीच छत्तीसगढ़ के राजाराम त्रिपाठी भी हैं, जिन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ औषधीय खेती शुरू की और आज वें आदिवासियों को औषधीय खेती से रोजगार दे रहे हैं। 

नोटिस बोर्ड

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

पर्यावरण मंत्रालय से हटा नदियों की सफाई का काम

Submitted by UrbanWater on Wed, 06/19/2019 - 14:46
Source
दैनिक जागरण, 19 जून 2019
अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा।अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा। सरकार ने पर्यावरण मंत्रालय से नदियों की सफाई का काम छीनकर जलशक्ति मंत्रालय को सौंप दिया है। अब तक जलशक्ति मंत्रालय के पास सिर्फ नदियों की सफाई का ही जिम्मा था, लेकिन अब वह शेष नदियों के प्रदूषण को दूर करने का काम भी देखेगा। कैबिनेट सचिवालय ने सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 में संशोधन करते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय का नाम बदल कर जलशक्ति मंत्रालय करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

श्रीनगर बांध परियोजना की खुली नहर से खतरा

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/07/2019 - 14:44
श्रीनगर बांध।श्रीनगर बांध।। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने श्रीनगर बांध परियोजना के पाॅवर चैनल में लीकेज के कारण हो रही समस्याओं पर उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ऊर्जा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा टिहरी के जिलाधिकारी से भी एक महीने में ई-मेल पर इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस काम के समन्वयन और अनुपालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। साथ ही याचिका की प्रतिलिपि वादियों द्वारा एक हफ्ते में पहुंचाने का भी आदेश दिया है।

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समाधान खोजता भूजल संकट

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/13/2019 - 21:06
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
भूजल संकट गहराता जा रहा है।भूजल संकट गहराता जा रहा है। बरसात के बाद के सभी जलस्रोत (कुएं, तालाब और नदी) भूजल पर निर्भर होते हैं। हम यह भी जानते हैं कि धरती में भूजल का संचय स्थानीय भूगोल और धरती की परतों की पानी सहेजने की क्षमता पर निर्भर होता है। बरसात भले ही धरती की गागर भर दे पर जब भूजल का दोहन प्रारंभ होता है तो सारा गणित धरा का धरा रह जाता है। भूजल स्तर के घटने के कारण धरती की उथली परतों का पानी खत्म हो जाता है। उस पर निर्भर झरने और जल स्रोत सूख जाते हैं। चूँकि भूजल का दोहन हर साल लगातार बढ़ रहा है इस कारण धीरे-धीरे गहरी परतें भी रीतने लगी हैं।

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बचेगा कागज तो निखरेगी धरती

Submitted by HindiWater on Sat, 08/10/2019 - 16:23
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पाञ्चजन्य, 9 जून 2019

बचेगा कागज तो निखरेगी धरती।बचेगा कागज तो निखरेगी धरती।

किसी जीव के समूचे पर्यावास में प्राकृतिक बल और वे अन्य जीवित वस्तुएँ शामिल होती हैं जो वृद्धि और विकास के साथ-साथ खतरे और क्षति की परिस्थितियाँ भी पैदा करती हैं। रीसाइक्लिंग अपशिष्ट पदार्थों को नई सामग्री या वस्तुओं में परिवर्तित करने की प्रक्रिया है। यह पारम्परिक अपशिष्ट निपटान का एक विकल्प है जो विभिन्न पदार्थों को बचाकर ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम करने में मदद कर सकता है।

ये कूड़ा आपकी जेब में धन ला सकता है

Submitted by HindiWater on Sat, 08/10/2019 - 15:27
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पाञ्चजन्य, 9 जून 2019
दीपक चौरसिया।दीपक चौरसिया। पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूरा विश्व चिन्ता में है। भारत की तरफ दुनियाभर की उम्मीद भरी नजर है। प्रगति और विकास के साथ पर्यावरण से सामंजस्य को भारत ने इस प्रयोग को शताब्दियों तक व्यवहार में उतारा है। आज कई किस्म का कूड़ा-कचरा पर्यावरण के समक्ष एक नई चुनौती बनकर खड़ा है। इलेक्ट्रानिक मीडिया के जाने-माने चेहरे दीपक चौरसिया ने 2018 में कूड़ा धन किताब लिखी थी जो काफी चर्चित रही। इसमें वेस्ट टू वेल्थ यानी कूड़े से धन अर्जित करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए हैं।

आरओ के नुकसान से वैज्ञानिकों ने किया आगाह 

Submitted by HindiWater on Fri, 08/09/2019 - 15:52
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इंडिया साइंस वायर, 09 अगस्त 2019
आरओ के नुकसान से वैज्ञानिकों ने किया आगाह ।आरओ के नुकसान से वैज्ञानिकों ने किया आगाह । पीने के पानी के शुद्धिकरण के लिए आरओ वाटर प्यूरीफायर की जरूरत के बारे में पड़ताल किए बिना जल शोधन के लिए इसका उपयोग तेजी से बढ़ा है। अधिक मात्रा में पानी में घुलित खनिजों (टीडीएस) की मात्रा का डर दिखाकर कंपनियां और डीलर्स धड़ल्ले से आरओ प्यारीफायर बेच रहे हैं। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में जल शोधन की तकनीकों पर केंद्रित शोध एवं विकास से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि आरओ का विकास ऐसे क्षेत्रों के लिए किया गया है, जहां पानी में घुलित खनिजों (टीडीएस) की अत्यधिक मात्रा पायी जाती है।

प्रयास

बैंक की नौकरी छोड़, आदिवासियों को औषधीय खेती से दे रहे रोजगार

Submitted by HindiWater on Fri, 08/09/2019 - 17:38
राजाराम त्रिपाठी ।राजाराम त्रिपाठी । घटती खेती का कारण किसानों के प्रति सरकार का रवैया भी है, जिस कारण किसान अब खेती करना पसंद नहीं कर रहे हैं और हजारों परिवार खेती छोड़ चुके हैं तथा कोई अन्य काम कर रहे हैं। इन कारणों से किसानी और खेती वर्ततान में देश मे बड़ा मुद्दा है। लेकिन इन सभी के बीच छत्तीसगढ़ के राजाराम त्रिपाठी भी हैं, जिन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ औषधीय खेती शुरू की और आज वें आदिवासियों को औषधीय खेती से रोजगार दे रहे हैं। 

नोटिस बोर्ड

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
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दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

पर्यावरण मंत्रालय से हटा नदियों की सफाई का काम

Submitted by UrbanWater on Wed, 06/19/2019 - 14:46
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दैनिक जागरण, 19 जून 2019
अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा।अब नदियों के सारे काम जल शक्ति मंत्रालय करेगा। सरकार ने पर्यावरण मंत्रालय से नदियों की सफाई का काम छीनकर जलशक्ति मंत्रालय को सौंप दिया है। अब तक जलशक्ति मंत्रालय के पास सिर्फ नदियों की सफाई का ही जिम्मा था, लेकिन अब वह शेष नदियों के प्रदूषण को दूर करने का काम भी देखेगा। कैबिनेट सचिवालय ने सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 में संशोधन करते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय का नाम बदल कर जलशक्ति मंत्रालय करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

श्रीनगर बांध परियोजना की खुली नहर से खतरा

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/07/2019 - 14:44
श्रीनगर बांध।श्रीनगर बांध।। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने श्रीनगर बांध परियोजना के पाॅवर चैनल में लीकेज के कारण हो रही समस्याओं पर उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ऊर्जा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा टिहरी के जिलाधिकारी से भी एक महीने में ई-मेल पर इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस काम के समन्वयन और अनुपालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। साथ ही याचिका की प्रतिलिपि वादियों द्वारा एक हफ्ते में पहुंचाने का भी आदेश दिया है।

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