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खासम-खास

नदियों के प्रवाह की अनदेखी पड़ेगी भारी

Submitted by editorial on Sun, 10/07/2018 - 17:59
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
कृष्ण गोपाल ‘व्यास’कृष्ण गोपाल ‘व्यास’धरती पर हमारे स्वस्थ बचे रहने के लिये नदियाँ बेहद आवश्यक हैं। यदि हमारी पीढ़ी ने नदियों के घटते प्रवाह की अनदेखी की तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें नदियों के विनाश और पर्यावरण को गम्भीर नुकसान पहुँचाने वाले बेहद गैर-जिम्मेदार पूर्वजों के तौर पर याद करेंगी। इसलिये नदियों की बर्बादी को रोका जाना चाहिए। उनके प्रवाह की बहाली के लिये सार्थक प्रयास किया जाना चाहिए।

Content

एक किसान 52 बोरिंग

Submitted by editorial on Sun, 09/30/2018 - 18:23
Author
मनीष वैद्य
लोगों को पीने का पानी ढोकर लाना पड़ता हैलोगों को पीने का पानी ढोकर लाना पड़ता हैयह कहानी एक ऐसे गाँव की है, जहाँ पाँच हजार की आबादी में एक हजार से ज्यादा बोरवेल हैं। अब समय के साथ ये सब सूख चुके हैं। यह उस गाँव के एक किसान की कहानी भी है, जिसने अपने खेतों को पानी देने के लिये सब कुछ दाँव पर लगा दिया लेकिन जितनी ही कोशिश की गई, जमीन का पानी उतना ही गहरा धँस गया।

गंगा की प्राणरक्षा के लिये प्राणोत्सर्ग कर रहे स्वामी सानंद

Submitted by editorial on Fri, 09/28/2018 - 17:35
Source
सर्वोदय प्रेस सर्विस, सितम्बर 2018
स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंदस्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद (फोटो साभार - डॉ. अनिल गौतम)देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थानों में से एक ‘आईआईटी’ कानपुर में प्राध्यापक रहे प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को सन्यास लेकर स्वामी सानंद का आध्यात्मिक दर्जा दिलाने वाली गंगामाई को बचाने के लिये अब वे पिछले करीब 100 दिन से अनशन पर हैं।

केन-बेतवा लिंक, मंजिल अभी दूर है

Submitted by editorial on Mon, 09/24/2018 - 17:38
Author
राकेश रंजन
केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजनाकेन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना (फोटो साभार - स्क्रॉल)सुखाड़ प्रभावित बुन्देलखण्ड इलाके में सिंचाई और पीने के लिये पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई केन्द्र सरकार की बहु-प्रतीक्षित केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। खबर है कि इस योजना के कार्यान्वयन में आ रही मुख्य बाधा का हल ढूँढ लिया गया है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारें इस परियोजना को लेकर समझौते के लिये तैयार हो गई हैं और आने वाले कुछ ही दिनों में इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

प्रयास

पुनर्जीवित हुआ ढाई सौ साल पुराना तालाब

Submitted by editorial on Fri, 10/12/2018 - 14:31
Author
मनीष वैद्य
मीठा तालाबमीठा तालाब"जिस दौर में ये तालाब बने थे, उस दौर में आबादी और भी कम थी। यानी तब जोर इस बात पर था कि अपने हिस्से में बरसने वाली हरेक बूँद इकट्ठी कर ली जाये और संकट के समय में आसपास के क्षेत्रों में भी उसे बाँट लिया जाये। वरुण देवता का प्रसाद गाँव अपनी अंजुली में भर लेता था।

नोटिस बोर्ड

गंगा के लिये गंगाभक्त ने त्यागे प्राण

Submitted by editorial on Thu, 10/11/2018 - 18:26
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंदस्वामी ज्ञानस्वरूप सानंदगंगा भक्त और प्रसिद्ध पर्यावरणविद स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद (प्रोफेसर जी.डी. अग्रवाल) ने गुरूवार को एम्स, ऋषिकेश में अपने प्राण त्याग दिए। वे 87 वर्ष के थे। गंगा की अविरलता और निर्मलता को कायम रखने के उद्देश्य से गंगा एक्ट लागू करने सहित अन्य कई माँगों को लेकर स्वामी सानंद 22 जून से आमरण अनशन पर थे। गुरूवार को उनके अनशन का 112 वाँ दिन था।

मिलिए सीएसआर की बेहतरीन शख्सियतों से

Submitted by editorial on Mon, 10/01/2018 - 14:35
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
इण्डिया सीएसआरइण्डिया सीएसआरआयोजक - इण्डिया सीएसआर
दिन - सोमवार
तारिख - 01 अप्रैल 2019
स्थान - पीएचडी हाउस, अगस्त क्रान्ति मार्ग, नई दिल्ली।


इण्डिया सीएसआर (कारपोरेट सस्टेनेबिलिटी एंड रिस्पॉन्सिबिलिटी) द्वारा सोमवार 1 अप्रैल 2019 को पीएचडी हाउस (अगस्त क्रान्ति मार्ग, नई दिल्ली) में सीएसआर लीडरशिप समिट एंड अवार्ड का आयोजन किया जा रहा है।यह 2019 की इण्डिया की सबसे बड़ी लीडरशिप समिट में से एक होगी जो नागरिकों, बिजनेस और स्वयंसेवी संगठनों के लिये मील का पत्थर साबित होगी।

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नदियों के प्रवाह की अनदेखी पड़ेगी भारी

Submitted by editorial on Sun, 10/07/2018 - 17:59
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
कृष्ण गोपाल ‘व्यास’कृष्ण गोपाल ‘व्यास’धरती पर हमारे स्वस्थ बचे रहने के लिये नदियाँ बेहद आवश्यक हैं। यदि हमारी पीढ़ी ने नदियों के घटते प्रवाह की अनदेखी की तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें नदियों के विनाश और पर्यावरण को गम्भीर नुकसान पहुँचाने वाले बेहद गैर-जिम्मेदार पूर्वजों के तौर पर याद करेंगी। इसलिये नदियों की बर्बादी को रोका जाना चाहिए। उनके प्रवाह की बहाली के लिये सार्थक प्रयास किया जाना चाहिए।

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एक किसान 52 बोरिंग

Submitted by editorial on Sun, 09/30/2018 - 18:23
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मनीष वैद्य
लोगों को पीने का पानी ढोकर लाना पड़ता हैलोगों को पीने का पानी ढोकर लाना पड़ता हैयह कहानी एक ऐसे गाँव की है, जहाँ पाँच हजार की आबादी में एक हजार से ज्यादा बोरवेल हैं। अब समय के साथ ये सब सूख चुके हैं। यह उस गाँव के एक किसान की कहानी भी है, जिसने अपने खेतों को पानी देने के लिये सब कुछ दाँव पर लगा दिया लेकिन जितनी ही कोशिश की गई, जमीन का पानी उतना ही गहरा धँस गया।

गंगा की प्राणरक्षा के लिये प्राणोत्सर्ग कर रहे स्वामी सानंद

Submitted by editorial on Fri, 09/28/2018 - 17:35
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सर्वोदय प्रेस सर्विस, सितम्बर 2018
स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंदस्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद (फोटो साभार - डॉ. अनिल गौतम)देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थानों में से एक ‘आईआईटी’ कानपुर में प्राध्यापक रहे प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को सन्यास लेकर स्वामी सानंद का आध्यात्मिक दर्जा दिलाने वाली गंगामाई को बचाने के लिये अब वे पिछले करीब 100 दिन से अनशन पर हैं।

केन-बेतवा लिंक, मंजिल अभी दूर है

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राकेश रंजन
केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजनाकेन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना (फोटो साभार - स्क्रॉल)सुखाड़ प्रभावित बुन्देलखण्ड इलाके में सिंचाई और पीने के लिये पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई केन्द्र सरकार की बहु-प्रतीक्षित केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। खबर है कि इस योजना के कार्यान्वयन में आ रही मुख्य बाधा का हल ढूँढ लिया गया है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारें इस परियोजना को लेकर समझौते के लिये तैयार हो गई हैं और आने वाले कुछ ही दिनों में इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

प्रयास

पुनर्जीवित हुआ ढाई सौ साल पुराना तालाब

Submitted by editorial on Fri, 10/12/2018 - 14:31
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मनीष वैद्य
मीठा तालाबमीठा तालाब"जिस दौर में ये तालाब बने थे, उस दौर में आबादी और भी कम थी। यानी तब जोर इस बात पर था कि अपने हिस्से में बरसने वाली हरेक बूँद इकट्ठी कर ली जाये और संकट के समय में आसपास के क्षेत्रों में भी उसे बाँट लिया जाये। वरुण देवता का प्रसाद गाँव अपनी अंजुली में भर लेता था।

नोटिस बोर्ड

गंगा के लिये गंगाभक्त ने त्यागे प्राण

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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंदस्वामी ज्ञानस्वरूप सानंदगंगा भक्त और प्रसिद्ध पर्यावरणविद स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद (प्रोफेसर जी.डी. अग्रवाल) ने गुरूवार को एम्स, ऋषिकेश में अपने प्राण त्याग दिए। वे 87 वर्ष के थे। गंगा की अविरलता और निर्मलता को कायम रखने के उद्देश्य से गंगा एक्ट लागू करने सहित अन्य कई माँगों को लेकर स्वामी सानंद 22 जून से आमरण अनशन पर थे। गुरूवार को उनके अनशन का 112 वाँ दिन था।

मिलिए सीएसआर की बेहतरीन शख्सियतों से

Submitted by editorial on Mon, 10/01/2018 - 14:35
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
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इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
इण्डिया सीएसआरइण्डिया सीएसआरआयोजक - इण्डिया सीएसआर
दिन - सोमवार
तारिख - 01 अप्रैल 2019
स्थान - पीएचडी हाउस, अगस्त क्रान्ति मार्ग, नई दिल्ली।


इण्डिया सीएसआर (कारपोरेट सस्टेनेबिलिटी एंड रिस्पॉन्सिबिलिटी) द्वारा सोमवार 1 अप्रैल 2019 को पीएचडी हाउस (अगस्त क्रान्ति मार्ग, नई दिल्ली) में सीएसआर लीडरशिप समिट एंड अवार्ड का आयोजन किया जा रहा है।यह 2019 की इण्डिया की सबसे बड़ी लीडरशिप समिट में से एक होगी जो नागरिकों, बिजनेस और स्वयंसेवी संगठनों के लिये मील का पत्थर साबित होगी।

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