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Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25
हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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Submitted by HindiWater on Tue, 06/08/2021 - 16:16
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जीईपी लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड
पिछले कुछ दशकों से राज्य के मूल्यांकन तंत्र में जीईपी को शामिल करने की मांग लंबित थी और इसके लिये कई शिक्षाविद और पर्यावरणविद सरकारों पर दबाव बना रहे थे। ग्रीन एक्टिविटस द्वारा की गई गणना के मुताबिक उत्तराखंड अपनी जैव विविधता के माध्यम से देश को हर साल 95112 करोड़ रुपये की सेवाएं देता है । राज्य का 71% भू भाग जंगलों से घिरा हुआ है यहाँ  हिमालय का घर के अलावा गंगा, यमुना और शारदा जैसी नदियों का उद्गम स्थल, और कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व जैसे वन्य जीव अभ्यारण भी है  दो दशक से अधिक समय से 'ग्रॉस इकोसिस्टम प्रोडक्ट' को महत्वपूर्ण बता रहे एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के जाने माने  इकोलॉजिस्ट और पूर्व कुलपति एसपी सिंह ने उत्तराखंड सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर खुशी जताई है ।
Submitted by HindiWater on Mon, 06/07/2021 - 16:21
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विश्व मे पानी के लिये 265 लड़ाइयां हुई
जिसके बिना प्रत्येक जीव का जीवित रह पाना असंभव है, पृथ्वी पर  पाए जाने वाला एक महत्वपूर्ण संसाधन है. जल को अंग्रेजी भाषा में वाटर और भारतीय आम भाषा में पानी कहकर संबोधित करते हैं. जल दो तत्वों,  हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिल कर बना है.जी हां दोस्तों, आज का हमारा लेख पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीवित प्राणियों के जीवन में अहम स्थान रखने वाले संसाधन से जुड़ा है. जिसकी कीमत का अंदाजा महज इस एक कथन से लगाया जा सकता है ' जल ही जीवन है'. आज हम आपको पानी से जुड़े वे सभी रोचक तथ्य (water facts) बताने जा रहे हैं जो आपने आज से पहले शायद ही कही पढ़े या जानें होंगे. तो देर ना करते हुए चलिए जानते है
Submitted by HindiWater on Sat, 06/05/2021 - 15:22
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नदी विज्ञान की कसौटी पर ललितपुर जिले की ओडी नदी के पुनर्जीवन की कहानी
ओडी नदी के पुनर्जीवन पर 87 लाख रुपये खर्च किए गए। इस राशि में पंचायत का योगदान 23 लाख रुपये था। बाकी राशि मनरेगा मद से जुटाई गई। सन 2019 की बरसात के बाद उदगम के निकट ऊँचाई पर स्थित मदनपुर और दारुटोला ग्रामों को छोडकर बाकी के नदी मार्ग में नदी लबालब भर गई और सदानीरा हो गई। लगभग 250 कुओं की क्षमता में वृद्धि हुई। ओडी नदी के पुनर्जीवन से लगभग 3500 परिवार लाभान्वित हुए। उनकी सालाना आय 40,200 से बढ़कर 68,000 हो गई। ओडी नदी का लगभग 2428 हैक्टर रकबा दो फसली हो गया। गाद हटाना, नदी की तली को गहरा करना और तटबन्धों पर वृक्षारोपण ने नई इबारत लिख दी। प्रयोग को सराहा गया और वह सम्मानित भी हुआ। लोगों में सन्देश गया कि यह प्रयास लाभदायक है और उसे दोहराया जा सकता है। इस अनुक्रम में उपरोक्त प्रयास को नदी विज्ञान, जल उपलब्धता की निरन्तरता और गाद जमाव से मुक्ति के नजरिए से परखा जाना चाहिए। सबसे पहले बात नदी विज्ञान के नजरिए से प्रयास की। 

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
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मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।
Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
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विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।
Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
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वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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खासम-खास

हिन्दुकुश हिमालय पर्वतमाला: दी थर्ड पोल

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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जीईपी लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड

Submitted by HindiWater on Tue, 06/08/2021 - 16:16
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जीईपी लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड
पिछले कुछ दशकों से राज्य के मूल्यांकन तंत्र में जीईपी को शामिल करने की मांग लंबित थी और इसके लिये कई शिक्षाविद और पर्यावरणविद सरकारों पर दबाव बना रहे थे। ग्रीन एक्टिविटस द्वारा की गई गणना के मुताबिक उत्तराखंड अपनी जैव विविधता के माध्यम से देश को हर साल 95112 करोड़ रुपये की सेवाएं देता है । राज्य का 71% भू भाग जंगलों से घिरा हुआ है यहाँ  हिमालय का घर के अलावा गंगा, यमुना और शारदा जैसी नदियों का उद्गम स्थल, और कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व जैसे वन्य जीव अभ्यारण भी है  दो दशक से अधिक समय से 'ग्रॉस इकोसिस्टम प्रोडक्ट' को महत्वपूर्ण बता रहे एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के जाने माने  इकोलॉजिस्ट और पूर्व कुलपति एसपी सिंह ने उत्तराखंड सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर खुशी जताई है ।

विश्व मे पानी के लिये 265 लड़ाइयां हुई

Submitted by HindiWater on Mon, 06/07/2021 - 16:21
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विश्व मे पानी के लिये 265 लड़ाइयां हुई
जिसके बिना प्रत्येक जीव का जीवित रह पाना असंभव है, पृथ्वी पर  पाए जाने वाला एक महत्वपूर्ण संसाधन है. जल को अंग्रेजी भाषा में वाटर और भारतीय आम भाषा में पानी कहकर संबोधित करते हैं. जल दो तत्वों,  हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिल कर बना है.जी हां दोस्तों, आज का हमारा लेख पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीवित प्राणियों के जीवन में अहम स्थान रखने वाले संसाधन से जुड़ा है. जिसकी कीमत का अंदाजा महज इस एक कथन से लगाया जा सकता है ' जल ही जीवन है'. आज हम आपको पानी से जुड़े वे सभी रोचक तथ्य (water facts) बताने जा रहे हैं जो आपने आज से पहले शायद ही कही पढ़े या जानें होंगे. तो देर ना करते हुए चलिए जानते है

नदी विज्ञान की कसौटी पर ललितपुर जिले की ओडी नदी के पुनर्जीवन की कहानी

Submitted by HindiWater on Sat, 06/05/2021 - 15:22
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
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नदी विज्ञान की कसौटी पर ललितपुर जिले की ओडी नदी के पुनर्जीवन की कहानी
ओडी नदी के पुनर्जीवन पर 87 लाख रुपये खर्च किए गए। इस राशि में पंचायत का योगदान 23 लाख रुपये था। बाकी राशि मनरेगा मद से जुटाई गई। सन 2019 की बरसात के बाद उदगम के निकट ऊँचाई पर स्थित मदनपुर और दारुटोला ग्रामों को छोडकर बाकी के नदी मार्ग में नदी लबालब भर गई और सदानीरा हो गई। लगभग 250 कुओं की क्षमता में वृद्धि हुई। ओडी नदी के पुनर्जीवन से लगभग 3500 परिवार लाभान्वित हुए। उनकी सालाना आय 40,200 से बढ़कर 68,000 हो गई। ओडी नदी का लगभग 2428 हैक्टर रकबा दो फसली हो गया। गाद हटाना, नदी की तली को गहरा करना और तटबन्धों पर वृक्षारोपण ने नई इबारत लिख दी। प्रयोग को सराहा गया और वह सम्मानित भी हुआ। लोगों में सन्देश गया कि यह प्रयास लाभदायक है और उसे दोहराया जा सकता है। इस अनुक्रम में उपरोक्त प्रयास को नदी विज्ञान, जल उपलब्धता की निरन्तरता और गाद जमाव से मुक्ति के नजरिए से परखा जाना चाहिए। सबसे पहले बात नदी विज्ञान के नजरिए से प्रयास की। 

प्रयास

उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
uttarakhand-jal-sankat-:-chhote-prayas-sey-bada-samadhan-nikalega
Source
चरखा फीचर
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
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मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता

Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
vishva-prithvi-divas-2021:corona-sankat-k-beach-paryavaraniya-chinta
 विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
vishva-vetlands-divas-2021:-vetlands-aur-jal
Source
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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