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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25
हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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Submitted by HindiWater on Fri, 02/12/2021 - 15:07
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इकोसाइड
अपराध है इकोसाइड
क्या आप सोच सकते हैं किसी भी तरह के मानवाधिकार या सामाजिक न्याय के लिए अभियान चलाने के बारे में, ऐसे में जब जनसंहार और उत्पीड़न कानूनन जायज हों?  नहीं न। यह बहुत मुश्किल है, है ना? यदि आप पर्यावरण और जलवायु न्याय, या प्रकृति के अधिकारों के लिए अभियान चला रहे हैं, या फिर आप किसी भी स्तर पर प्रकृति के संरक्षण के काम कर रहे हैं, तो आपके सामने ऐसी समस्या आएगी क्योंकि प्रकृति को तो कुछ भी नुकसान पहुंचाओ, सब जायज है। धरती के इकोसिस्टम को नष्ट करना, आज भी अपराध नहीं है। इसे रिकॉर्ड करते समय COVID-19 महामारी के दौरान, कई प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां फिलहाल बंद हैं …  लेकिन जैसा कि संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण प्रमुख ने बताया है, प्रकृति चेतावनी दे रही है।
Submitted by HindiWater on Thu, 02/11/2021 - 15:45
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यूनियन बजट 2021  - 2022 : जल के लिए इस वर्ष आवंटित वित्त बजट
जिस तरह से कोरोना ने पूरे विश्व में महामारी फैलाई है।उससे स्वच्छता एक अहम केंद्र बिंदु बना गया है। साफ पानी, स्वछता का महत्व बढ़ गया है इसी तरह भारत सरकार द्वारा इस बार वित्त वर्ष बजट 2021-2022 में स्वछता को प्राथमिकता दी गई है। इस वर्ष के बजट का  डोमेन,कृषि और उससे संबद्ध गतिविधियों, ग्रामीण विकास, पेयजल और स्वच्छता, ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में निर्भर है।राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए जल संसाधन काफी महत्वपूर्ण हैं। वित्तीय प्रावधान बनाने के अलावा एक केंद्रीय बजट, हमें सरकार के दृष्टिकोण के बारे में भी बताता है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी 2021 को संसद में 2021-2022 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया था। यह बजट अपने पिछले वर्ष के बजट से काफी अलग था, क्योंकि यह देश में चल रहे राजकोषीय संकट को कम करने और राज्य की अर्थव्यवस्था में सभी कठिनाइयों का निवारण प्रदान करता है। 
Submitted by HindiWater on Sat, 02/06/2021 - 16:02
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भारत में कचरा प्रबंधन की चुनौतियाँ और अवसर
भारत एक विशाल देश है. जहाँ करीब 1 अरब से अधिक लोग रहते है जो विश्व का दूसरा सबसे घनी आबादी वाला देश है.आज इसी बढती हुई आबादी से भारत में कई समस्या उत्पन्न हुई है जिसमें सबसे बड़ी समस्या में एक स्वछता है. आज भारत में मूल भूत सुविधाएँ होने के बावजूद भी जगह जगह फैला कचरा देश की सबसे बड़ी समस्या बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी द्वारा स्वछता अभियान से कुछ हद तक देश में कचरा कम हुआ है, लेकिन अभी भी देश को पूरी तरह स्वच्छ करने के लिए हमें बहुत काम करना होगा। 

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
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मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।
Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
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विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।
Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
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वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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खासम-खास

हिन्दुकुश हिमालय पर्वतमाला: दी थर्ड पोल

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

hindukush-himalaya-parvatamala-third-pole

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भारी पड़ेगी प्रकृति को न समझने की भूल

Submitted by HindiWater on Fri, 02/12/2021 - 15:07
bhari-padegi-prakriti-ko-n-samajhne-ki-bhool
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इकोसाइड
अपराध है इकोसाइड
क्या आप सोच सकते हैं किसी भी तरह के मानवाधिकार या सामाजिक न्याय के लिए अभियान चलाने के बारे में, ऐसे में जब जनसंहार और उत्पीड़न कानूनन जायज हों?  नहीं न। यह बहुत मुश्किल है, है ना? यदि आप पर्यावरण और जलवायु न्याय, या प्रकृति के अधिकारों के लिए अभियान चला रहे हैं, या फिर आप किसी भी स्तर पर प्रकृति के संरक्षण के काम कर रहे हैं, तो आपके सामने ऐसी समस्या आएगी क्योंकि प्रकृति को तो कुछ भी नुकसान पहुंचाओ, सब जायज है। धरती के इकोसिस्टम को नष्ट करना, आज भी अपराध नहीं है। इसे रिकॉर्ड करते समय COVID-19 महामारी के दौरान, कई प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां फिलहाल बंद हैं …  लेकिन जैसा कि संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण प्रमुख ने बताया है, प्रकृति चेतावनी दे रही है।

यूनियन बजट 2021  - 2022 : जल के लिए इस वर्ष आवंटित वित्त बजट

Submitted by HindiWater on Thu, 02/11/2021 - 15:45
union-bajat-2021---2022-:-jal-kay-lie-is-varsh-avantit-vitt-bajat
यूनियन बजट 2021  - 2022 : जल के लिए इस वर्ष आवंटित वित्त बजट
जिस तरह से कोरोना ने पूरे विश्व में महामारी फैलाई है।उससे स्वच्छता एक अहम केंद्र बिंदु बना गया है। साफ पानी, स्वछता का महत्व बढ़ गया है इसी तरह भारत सरकार द्वारा इस बार वित्त वर्ष बजट 2021-2022 में स्वछता को प्राथमिकता दी गई है। इस वर्ष के बजट का  डोमेन,कृषि और उससे संबद्ध गतिविधियों, ग्रामीण विकास, पेयजल और स्वच्छता, ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में निर्भर है।राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए जल संसाधन काफी महत्वपूर्ण हैं। वित्तीय प्रावधान बनाने के अलावा एक केंद्रीय बजट, हमें सरकार के दृष्टिकोण के बारे में भी बताता है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी 2021 को संसद में 2021-2022 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया था। यह बजट अपने पिछले वर्ष के बजट से काफी अलग था, क्योंकि यह देश में चल रहे राजकोषीय संकट को कम करने और राज्य की अर्थव्यवस्था में सभी कठिनाइयों का निवारण प्रदान करता है। 

भारत में कचरा प्रबंधन की चुनौतियाँ और अवसर

Submitted by HindiWater on Sat, 02/06/2021 - 16:02
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भारत में कचरा प्रबंधन की चुनौतियाँ और अवसर
भारत एक विशाल देश है. जहाँ करीब 1 अरब से अधिक लोग रहते है जो विश्व का दूसरा सबसे घनी आबादी वाला देश है.आज इसी बढती हुई आबादी से भारत में कई समस्या उत्पन्न हुई है जिसमें सबसे बड़ी समस्या में एक स्वछता है. आज भारत में मूल भूत सुविधाएँ होने के बावजूद भी जगह जगह फैला कचरा देश की सबसे बड़ी समस्या बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी द्वारा स्वछता अभियान से कुछ हद तक देश में कचरा कम हुआ है, लेकिन अभी भी देश को पूरी तरह स्वच्छ करने के लिए हमें बहुत काम करना होगा। 

प्रयास

उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
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चरखा फीचर
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
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मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता

Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
vishva-prithvi-divas-2021:corona-sankat-k-beach-paryavaraniya-chinta
 विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
vishva-vetlands-divas-2021:-vetlands-aur-jal
Source
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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