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Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

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Submitted by admin on Sat, 09/26/2009 - 07:10
Source:

सितंबर की शुरूआत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बहुत दुखद थी. समय से पहले ही चंद्रयान-1 बेकार हो गया और उसने काम करना बंद कर दिया. २९ अगस्त को जब चंद्रयान-१ परियोजना को समाप्त होने की घोषणा की गयी तब तक चंद्रयान द्वारा भेजी गयी तस्वीरों और आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन नहीं किया जा सका था.
Submitted by bipincc on Thu, 09/24/2009 - 21:20
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हिमांशु ठक्कर एवं स्वरुप भट्टाचार्य, सैण्ड्रप
15 सालों से नहरों द्वारा सिंचित इलाकों में कोई बढ़ोतरी नहीं

 

सन 1991-92 से सन 2006-07 (नवीनतम वर्ष जब तक के आंकड़े उपलब्ध हैं) तक के 15 सालों में, राज्यों से प्राप्त वास्तविक जमीनी आंकड़ों पर आधारित केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकृत आंकड़ो के अनुसार बड़ी और मध्यम स्तर (मझोले) की सिंचाई परियोजनाओं से शुद्ध सिंचित इलाकों (Net Irrigated Area) में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। अप्रैल 1991 से मार्च 2007 तक, देश ने नहरों द्वारा सिंचित इलाकों में बढ़ोतरी के लक्ष्य से बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं पर 130,000 करोड़ रुपये खर्च किया है।

 

Submitted by admin on Thu, 09/24/2009 - 18:32
Source:
रोहिणी निलेकणी

पर्यावरण की सफ़ाई के लिये अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलना ही नये युग का प्रतिमान गढ़ना है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Wed, 07/08/2020 - 09:13
जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव
अच्छी बारिश न होने पर उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में कई किसान खेती ही छोड़ते जा रहे हैं। कई जगह जमीन ही बंजर हो रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के छिंदभर्री के किसानों ने हालातों से हार नहीं मानी और जल संरक्षण की मिसाल पेश की है। जिससे न केवल फसल का उत्पादन अधिक हुआ, बल्कि पलायन को रोकने में भी मदद मिली हे। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
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हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : राज से सम्वाद के लिए होमवर्क करता समाज 

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
Author
कृष्ण गोपाल व्यास
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नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

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चांद पर पानी

Submitted by admin on Sat, 09/26/2009 - 07:10

सितंबर की शुरूआत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बहुत दुखद थी. समय से पहले ही चंद्रयान-1 बेकार हो गया और उसने काम करना बंद कर दिया. २९ अगस्त को जब चंद्रयान-१ परियोजना को समाप्त होने की घोषणा की गयी तब तक चंद्रयान द्वारा भेजी गयी तस्वीरों और आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन नहीं किया जा सका था.

बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के कार्य प्रदर्शन की चौकाने वाली कहानी

Submitted by bipincc on Thu, 09/24/2009 - 21:20
Author
हिमांशु ठक्कर एवं स्वरुप भट्टाचार्य
Source
हिमांशु ठक्कर एवं स्वरुप भट्टाचार्य, सैण्ड्रप

15 सालों से नहरों द्वारा सिंचित इलाकों में कोई बढ़ोतरी नहीं

 

सन 1991-92 से सन 2006-07 (नवीनतम वर्ष जब तक के आंकड़े उपलब्ध हैं) तक के 15 सालों में, राज्यों से प्राप्त वास्तविक जमीनी आंकड़ों पर आधारित केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकृत आंकड़ो के अनुसार बड़ी और मध्यम स्तर (मझोले) की सिंचाई परियोजनाओं से शुद्ध सिंचित इलाकों (Net Irrigated Area) में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। अप्रैल 1991 से मार्च 2007 तक, देश ने नहरों द्वारा सिंचित इलाकों में बढ़ोतरी के लक्ष्य से बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं पर 130,000 करोड़ रुपये खर्च किया है।

 

हरित शौचालयः ईको फ्रैंडली टॉयलेट

Submitted by admin on Thu, 09/24/2009 - 18:32
Author
रोहिणी निलेकणी
Source
रोहिणी निलेकणी

पर्यावरण की सफ़ाई के लिये अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलना ही नये युग का प्रतिमान गढ़ना है।

प्रयास

जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव

Submitted by HindiWater on Wed, 07/08/2020 - 09:13
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जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव
अच्छी बारिश न होने पर उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में कई किसान खेती ही छोड़ते जा रहे हैं। कई जगह जमीन ही बंजर हो रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के छिंदभर्री के किसानों ने हालातों से हार नहीं मानी और जल संरक्षण की मिसाल पेश की है। जिससे न केवल फसल का उत्पादन अधिक हुआ, बल्कि पलायन को रोकने में भी मदद मिली हे। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
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हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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