नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Tue, 10/04/2022 - 16:13
कूरम में पुनर्निर्मित समथमन मंदिर तालाब। फोटो - indiawaterportal
परम्परागत तालाबों पर अनुपम मिश्र की किताब ‘आज भी खरे हैं तालाब’, पहली बार, वर्ष 1993 में प्रकाशित हुई थी। इस किताब में अनुपम ने समाज से प्राप्त जानकारी के आधार पर भारत के विभिन्न भागों में बने तालाबों के बारे में व्यापक विवरण प्रस्तुत किया है। अर्थात आज भी खरे हैं तालाब में दर्ज विवरण परम्परागत तालाबों पर समाज की राय है। उनका दृष्टिबोध है। उन विवरणों में समाज की भावनायें, आस्था, मान्यतायें, रीति-रिवाज तथा परम्परागत तालाबों के निर्माण से जुड़े कर्मकाण्ड दर्ज हैं। प्रस्तुति और शैली अनुपम की है।

Content

Submitted by Shivendra on Thu, 09/01/2022 - 14:10
Source:
दूषित पानी के कारण स्कूल छोड़ने पर मजबूर बच्चे
लोगो के घुटनो तक ये प्रदूषित पानी पहुंच रहा है आपको बता दे की प्रदूषित नाले में आस पास के करीब 500 घरो का गन्दा पानी इकट्ठा होता है इसके साथ ही बरसात का पानी भी इसमें एकत्रित होता है ग्रामीणों का कहना है की पूर्व विधायक ने यहाँ पर इस पानी की निकासी के लिए एक नाला बनवाया जरूर था लेकिन गाँव के ही एक दबंग ने इसे नाले को पाठ दिया आपको बता दे की इस गाँव में जो सरकारी विद्यालय है वहां करीब सवा दो सौ के करीब बच्चों का रजिस्ट्रेशन है लेकिन उनमें से इस नाले की वजह से मात्रा 30 से 40  बच्चे ही स्कूल आते है ग्रामीणों सहित स्कूल के बच्चों का कहना है की इस गंदे नाले की वजह से  यहाँ आना जाना भी बेहद मुश्किल है और अब तो आलम ये है की इसकी वजह से बीमारियों ने भी जन्म लेना शुरू कर दिया है
Submitted by Shivendra on Tue, 08/30/2022 - 16:28
Source:
अमृत सरोवर योजना से अमर होंगे तालाब
उत्तराखंड के कालसी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बजौ में भी अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब का निर्माण किया गया जिसकी क्षमता करीब 9 लाख लीटर है इस योजना से गर्मी के समय में भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सकेगी
Submitted by Shivendra on Thu, 08/25/2022 - 17:53
Source:
यूसर्क
यूसर्क द्वारा तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आज 25.08.22 को तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण का समापन किया गया। यूसर्क की निदेशक प्रो.(डॉ.) अनीता रावत ने कहा कि यूसर्क द्वारा विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों पर  हैंड्स ऑन ट्रेनिंग का आयोजन लगातार कर रहा है। हमारा उद्देश्य है कि तकनीकी का प्रयोग करके विद्यार्थियों तक विभिन्न विषयों को लगातार पहुंचाया जाए। इस दिशा में यूसर्क निरंतर विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं शोध संस्थानों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।  

प्रयास

Submitted by Editorial Team on Thu, 12/08/2022 - 13:06
सीतापुर का नैमिषारण्य तीर्थ क्षेत्र, फोटो साभार - उप्र सरकार
श्री नैभिषारण्य धाम तीर्थ परिषद के गठन को प्रदेश मंत्रिमएडल ने स्वीकृति प्रदान की, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। इसके अंतर्गत नैमिषारण्य की होली के अवसर पर चौरासी कोसी 5 दिवसीय परिक्रमा पथ और उस पर स्थापित सम्पूर्ण देश की संह्कृति एवं एकात्मता के वह सभी तीर्थ एवं उनके स्थल केंद्रित हैं। इस सम्पूर्ण नैमिशारण्य क्षेत्र में लोक भारती पिछले 10 वर्ष से कार्य कर रही है। नैमिषाराण्य क्षेत्र के भूगर्भ जल स्रोतो का अध्ययन एवं उनके पुनर्नीवन पर लगातार कार्य चल रहा है। वर्षा नल सरक्षण एवं संम्भरण हेतु तालाबें के पुनर्नीवन अनियान के जवर्गत 119 तालाबों का पृनरुद्धार लोक भारती के प्रयासों से सम्पन्न हुआ है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Tue, 09/06/2022 - 14:16
Source:
चरखा फीचर
'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स – 2022
कार्य अनुभव के विवरण के साथ संक्षिप्त पाठ्यक्रम जीवन लगभग 800-1000 शब्दों का एक प्रस्ताव, जिसमें उस विशेष विषयगत क्षेत्र को रेखांकित किया गया हो, जिसमें आवेदक काम करना चाहता है. प्रस्ताव में अध्ययन की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, कार्यप्रणाली, चयनित विषय की प्रासंगिकता के साथ-साथ इन लेखों से अपेक्षित प्रभाव के बारे में विवरण शामिल होनी चाहिए. साथ ही, इस बात का उल्लेख होनी चाहिए कि देश के विकास से जुड़ी बहस में इसके योगदान किस प्रकार हो सकता है? कृपया आलेख प्रस्तुत करने वाली भाषा भी निर्दिष्ट करें। लेख अंग्रेजी, हिंदी या उर्दू में ही स्वीकार किए जाएंगे
Submitted by Shivendra on Tue, 08/23/2022 - 17:19
Source:
यूसर्क
जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यशाला
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आज दिनांक 23.08.22 को तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रो.(डॉ.) अनीता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि यूसर्क द्वारा जल के महत्व को देखते हुए विगत वर्ष 2021 को संयुक्त राष्ट्र की विश्व पर्यावरण दिवस की थीम "ईको सिस्टम रेस्टोरेशन" के अंर्तगत आयोजित कार्यक्रम के निष्कर्षों के क्रम में जल विज्ञान विषयक लेक्चर सीरीज एवं जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रारंभ किया गया
Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
Source:
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

Latest

खासम-खास

तालाब ज्ञान-संस्कृति : नींव से शिखर तक

Submitted by Editorial Team on Tue, 10/04/2022 - 16:13
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
talab-gyan-sanskriti-:-ninv-se-shikhar-tak
कूरम में पुनर्निर्मित समथमन मंदिर तालाब। फोटो - indiawaterportal
परम्परागत तालाबों पर अनुपम मिश्र की किताब ‘आज भी खरे हैं तालाब’, पहली बार, वर्ष 1993 में प्रकाशित हुई थी। इस किताब में अनुपम ने समाज से प्राप्त जानकारी के आधार पर भारत के विभिन्न भागों में बने तालाबों के बारे में व्यापक विवरण प्रस्तुत किया है। अर्थात आज भी खरे हैं तालाब में दर्ज विवरण परम्परागत तालाबों पर समाज की राय है। उनका दृष्टिबोध है। उन विवरणों में समाज की भावनायें, आस्था, मान्यतायें, रीति-रिवाज तथा परम्परागत तालाबों के निर्माण से जुड़े कर्मकाण्ड दर्ज हैं। प्रस्तुति और शैली अनुपम की है।

Content

दूषित पानी के कारण स्कूल छोड़ने पर मजबूर बच्चे

Submitted by Shivendra on Thu, 09/01/2022 - 14:10
dushit-pani-ke-karan-school-chhodne-par-majboor-bacche
दूषित पानी के कारण स्कूल छोड़ने पर मजबूर बच्चे
लोगो के घुटनो तक ये प्रदूषित पानी पहुंच रहा है आपको बता दे की प्रदूषित नाले में आस पास के करीब 500 घरो का गन्दा पानी इकट्ठा होता है इसके साथ ही बरसात का पानी भी इसमें एकत्रित होता है ग्रामीणों का कहना है की पूर्व विधायक ने यहाँ पर इस पानी की निकासी के लिए एक नाला बनवाया जरूर था लेकिन गाँव के ही एक दबंग ने इसे नाले को पाठ दिया आपको बता दे की इस गाँव में जो सरकारी विद्यालय है वहां करीब सवा दो सौ के करीब बच्चों का रजिस्ट्रेशन है लेकिन उनमें से इस नाले की वजह से मात्रा 30 से 40  बच्चे ही स्कूल आते है ग्रामीणों सहित स्कूल के बच्चों का कहना है की इस गंदे नाले की वजह से  यहाँ आना जाना भी बेहद मुश्किल है और अब तो आलम ये है की इसकी वजह से बीमारियों ने भी जन्म लेना शुरू कर दिया है

अमृत सरोवर योजना से अमर होंगे तालाब

Submitted by Shivendra on Tue, 08/30/2022 - 16:28
Author
उत्तराखंड
amrit-sarovar-yojana-se-amar-honge-talab
अमृत सरोवर योजना से अमर होंगे तालाब
उत्तराखंड के कालसी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बजौ में भी अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब का निर्माण किया गया जिसकी क्षमता करीब 9 लाख लीटर है इस योजना से गर्मी के समय में भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सकेगी

यूसर्क द्वारा तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

Submitted by Shivendra on Thu, 08/25/2022 - 17:53
usurk-dvara-tin-divasiy-jal-vigyan-prashikshan-karyakram-ka-hua-samapan
Source
यूसर्क
यूसर्क द्वारा तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आज 25.08.22 को तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण का समापन किया गया। यूसर्क की निदेशक प्रो.(डॉ.) अनीता रावत ने कहा कि यूसर्क द्वारा विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों पर  हैंड्स ऑन ट्रेनिंग का आयोजन लगातार कर रहा है। हमारा उद्देश्य है कि तकनीकी का प्रयोग करके विद्यार्थियों तक विभिन्न विषयों को लगातार पहुंचाया जाए। इस दिशा में यूसर्क निरंतर विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं शोध संस्थानों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।  

प्रयास

सीतापुर और हरदोई के 36 गांव मिलाकर हो रहा है ‘नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद’ गठन  

Submitted by Editorial Team on Thu, 12/08/2022 - 13:06
sitapur-aur-hardoi-ke-36-gaon-milaakar-ho-raha-hai-'naimisharany-tirth-vikas-parishad'-gathan
Source
लोकसम्मान पत्रिका, दिसम्बर-2022
सीतापुर का नैमिषारण्य तीर्थ क्षेत्र, फोटो साभार - उप्र सरकार
श्री नैभिषारण्य धाम तीर्थ परिषद के गठन को प्रदेश मंत्रिमएडल ने स्वीकृति प्रदान की, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। इसके अंतर्गत नैमिषारण्य की होली के अवसर पर चौरासी कोसी 5 दिवसीय परिक्रमा पथ और उस पर स्थापित सम्पूर्ण देश की संह्कृति एवं एकात्मता के वह सभी तीर्थ एवं उनके स्थल केंद्रित हैं। इस सम्पूर्ण नैमिशारण्य क्षेत्र में लोक भारती पिछले 10 वर्ष से कार्य कर रही है। नैमिषाराण्य क्षेत्र के भूगर्भ जल स्रोतो का अध्ययन एवं उनके पुनर्नीवन पर लगातार कार्य चल रहा है। वर्षा नल सरक्षण एवं संम्भरण हेतु तालाबें के पुनर्नीवन अनियान के जवर्गत 119 तालाबों का पृनरुद्धार लोक भारती के प्रयासों से सम्पन्न हुआ है।

नोटिस बोर्ड

'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स – 2022

Submitted by Shivendra on Tue, 09/06/2022 - 14:16
sanjoy-ghosh-media-awards-–-2022
Source
चरखा फीचर
'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स – 2022
कार्य अनुभव के विवरण के साथ संक्षिप्त पाठ्यक्रम जीवन लगभग 800-1000 शब्दों का एक प्रस्ताव, जिसमें उस विशेष विषयगत क्षेत्र को रेखांकित किया गया हो, जिसमें आवेदक काम करना चाहता है. प्रस्ताव में अध्ययन की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, कार्यप्रणाली, चयनित विषय की प्रासंगिकता के साथ-साथ इन लेखों से अपेक्षित प्रभाव के बारे में विवरण शामिल होनी चाहिए. साथ ही, इस बात का उल्लेख होनी चाहिए कि देश के विकास से जुड़ी बहस में इसके योगदान किस प्रकार हो सकता है? कृपया आलेख प्रस्तुत करने वाली भाषा भी निर्दिष्ट करें। लेख अंग्रेजी, हिंदी या उर्दू में ही स्वीकार किए जाएंगे

​यूसर्क द्वारा तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण प्रारंभ

Submitted by Shivendra on Tue, 08/23/2022 - 17:19
USERC-dvara-tin-divasiy-jal-vigyan-prashikshan-prarambh
Source
यूसर्क
जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यशाला
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आज दिनांक 23.08.22 को तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रो.(डॉ.) अनीता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि यूसर्क द्वारा जल के महत्व को देखते हुए विगत वर्ष 2021 को संयुक्त राष्ट्र की विश्व पर्यावरण दिवस की थीम "ईको सिस्टम रेस्टोरेशन" के अंर्तगत आयोजित कार्यक्रम के निष्कर्षों के क्रम में जल विज्ञान विषयक लेक्चर सीरीज एवं जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रारंभ किया गया

28 जुलाई को यूसर्क द्वारा आयोजित जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला पर भाग लेने के लिए पंजीकरण करायें

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
28-july-ko-ayojit-hone-vale-jal-shiksha-vyakhyan-shrinkhala-par-bhag-lene-ke-liye-panjikaran-karayen
Source
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

Upcoming Event

Popular Articles