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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

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Submitted by UrbanWater on Sat, 07/04/2020 - 08:06
Source:
वर्षाजल संग्रहण
बिहार में मॉनसून के सीजन में हाल के समय में सामान्य ज्यादा बारिश हो रही है। हालांकि कुछ साल पहले तक मॉनसून की बारिश सामान्य से कम हुआ करती थी। पिछले साल मॉनसून की बारिश सामान्य से काफी अधिक हुई थी और इस साल मॉनसून के आए अभी तीन हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन मॉनसून की औसत बारिश का 40 प्रतिशत हिस्सा अभी बरस चुका है। इसका मतलब है कि अगले तीन महीनों में और ज्यादा बारिश होगी।
Submitted by UrbanWater on Sat, 07/04/2020 - 08:05
Source:
बादल फटना, फोटो: needpix.com
वर्षा के रूप में प्राप्त जल की समय एवं स्थान के साथ भिन्न‍ता के कारण कभी कहीं सूखा तो कभी कहीं बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। गांव हो या शहर, क़स्बा हो या महानगर भारतीयों के लिए बाढ़ कोई अनजान शब्द नहीं है। पहाड़ी इलाके हों या मरूस्थल या फिर मैदानी क्षेत्र हर जगह के निवासियों के लिए बाढ़ एक कड़वा अनुभव है। वर्ष 2005 में मुम्बई में मूसलाधार बारिश, वर्ष 2008 में कोसी नदी की बाढ़ तथा इस वर्ष जगह-जगह बादल फटने की घटनाएँ कहीं इस बात का संकेत तो नहीं कि मनुष्य द्वारा प्रकृति का अत्यधिक दोहन जलवायु में परिवर्तन ला रहा है।
Submitted by HindiWater on Fri, 07/03/2020 - 15:24
Source:
हरिद्वार से महज 82 किमी. दूर एक और वैटलैंड
उत्तराखंड और यूपी के बीच अब देशी—विदेशी पर्यटकों से टूरिज्म का नाता जुड़ने जा रहा है। यूपी के मुजफ्फरनगर के हैदरपुर वैटलैंड में पहली बार 143 बारहसिंघा (स्वांप डियर) की गिनती ने यूपी के वन विभाग और पर्यटन विभाग की आंखों में चमक ला दी है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/18/2020 - 05:54
सिंचाई-तालाब ही कृषिजल का समाधान, प्रतीकात्मक फोटो: Needpix.com
तालाब हेतु खोदी हुई मिट्टी का उपयोग श्री चौधरी के खेतों में बने निचले, असमतल क्षेत्रों में भरकर उन्हें एक समतल-आकार देने का प्रयास किया गया। साथ ही अन्य मिट्टी का उपयोग खेतों की पहुंच सड़कों ठीक करने में लिया गया। कड़ी मेहनत के बाद मई माह में तालाब निर्मित हुआ और उसका आकार 1 हेक्टेयर में होकर उसमें लगभग 80000 घन मीटर पानी का संग्रहण किया जा सकता था। चूँकि इस तालाब में प्राकृतिक निकास मार्ग (जो कि मुख्य राजमार्ग से लगा हुआ था) से जल का प्रवेश तालाब में कराया गया था, इस कारण अतिरिक्त निकास द्वार न बनाकर ऐसा प्रयास किया गया कि तालाब भरने के उपरान्त पुनः जल अपवाह अपने प्राकृतिक निकास मार्ग से आगे चला जाए।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : राज से सम्वाद के लिए होमवर्क करता समाज 

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
Author
कृष्ण गोपाल व्यास
nadi-chetna-yatra-bihar-nadiyan
नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

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बिहार में बारिश का पानी अब नहीं जाएगा बेकार

Submitted by UrbanWater on Sat, 07/04/2020 - 08:06
Author
उमेश कुमार राय
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वर्षाजल संग्रहण
बिहार में मॉनसून के सीजन में हाल के समय में सामान्य ज्यादा बारिश हो रही है। हालांकि कुछ साल पहले तक मॉनसून की बारिश सामान्य से कम हुआ करती थी। पिछले साल मॉनसून की बारिश सामान्य से काफी अधिक हुई थी और इस साल मॉनसून के आए अभी तीन हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन मॉनसून की औसत बारिश का 40 प्रतिशत हिस्सा अभी बरस चुका है। इसका मतलब है कि अगले तीन महीनों में और ज्यादा बारिश होगी।

बादल फटना, ग्लेशियर झील: बाढ़ के विभिन्न‍ रूप एवं उनका प्रबंधन

Submitted by UrbanWater on Sat, 07/04/2020 - 08:05
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बादल फटना, फोटो: needpix.com
वर्षा के रूप में प्राप्त जल की समय एवं स्थान के साथ भिन्न‍ता के कारण कभी कहीं सूखा तो कभी कहीं बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। गांव हो या शहर, क़स्बा हो या महानगर भारतीयों के लिए बाढ़ कोई अनजान शब्द नहीं है। पहाड़ी इलाके हों या मरूस्थल या फिर मैदानी क्षेत्र हर जगह के निवासियों के लिए बाढ़ एक कड़वा अनुभव है। वर्ष 2005 में मुम्बई में मूसलाधार बारिश, वर्ष 2008 में कोसी नदी की बाढ़ तथा इस वर्ष जगह-जगह बादल फटने की घटनाएँ कहीं इस बात का संकेत तो नहीं कि मनुष्य द्वारा प्रकृति का अत्यधिक दोहन जलवायु में परिवर्तन ला रहा है।

हरिद्वार से महज 82 किमी. दूर पर एक और वैटलैंड

Submitted by HindiWater on Fri, 07/03/2020 - 15:24
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हरिद्वार से महज 82 किमी. दूर एक और वैटलैंड
उत्तराखंड और यूपी के बीच अब देशी—विदेशी पर्यटकों से टूरिज्म का नाता जुड़ने जा रहा है। यूपी के मुजफ्फरनगर के हैदरपुर वैटलैंड में पहली बार 143 बारहसिंघा (स्वांप डियर) की गिनती ने यूपी के वन विभाग और पर्यटन विभाग की आंखों में चमक ला दी है।

प्रयास

जल संग्रहण तालाब के निर्माण से भरपूर उत्पादन - एक सफल गाथा 

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/18/2020 - 05:54
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Source
जल चेतना, खण्ड 7, अंक 2, जुलाई 2018, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की-247667
सिंचाई-तालाब ही कृषिजल का समाधान, प्रतीकात्मक फोटो: Needpix.com
तालाब हेतु खोदी हुई मिट्टी का उपयोग श्री चौधरी के खेतों में बने निचले, असमतल क्षेत्रों में भरकर उन्हें एक समतल-आकार देने का प्रयास किया गया। साथ ही अन्य मिट्टी का उपयोग खेतों की पहुंच सड़कों ठीक करने में लिया गया। कड़ी मेहनत के बाद मई माह में तालाब निर्मित हुआ और उसका आकार 1 हेक्टेयर में होकर उसमें लगभग 80000 घन मीटर पानी का संग्रहण किया जा सकता था। चूँकि इस तालाब में प्राकृतिक निकास मार्ग (जो कि मुख्य राजमार्ग से लगा हुआ था) से जल का प्रवेश तालाब में कराया गया था, इस कारण अतिरिक्त निकास द्वार न बनाकर ऐसा प्रयास किया गया कि तालाब भरने के उपरान्त पुनः जल अपवाह अपने प्राकृतिक निकास मार्ग से आगे चला जाए।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
participateepaintingwinaward
Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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