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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 10/11/2019 - 08:38
जल संरक्षण - आवश्यकता एवं उपाय।
हम सभी जानते हैं कि जल सभी जीवित प्राणियों के अस्तित्व के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। आपने यह भी जानकारी प्राप्त कर ली होगी कि प्रयोग करने योग्य पानी की कमी होती जा रही है। यहाँ पर पानी के संरक्षण के कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय, प्रत्येक व्यक्ति, समुदाय तथा जल संरक्षण में सरकार का योगदान की भूमिका के बारे में जान जाएँगे।

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Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 07:35
Source:
इंडिया साइंस वायर, 09 सितंबर 2019  
el nino cause drought
भारतीय उपमहाद्वीप में सूखे की गंभीरता को बढ़ा सकते हैं ऐरोसॉल।uttarpradesh.org भारत, अमेरिका और कनाडा के वायुमंडलीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने पता लगाया है कि एल नीनो वाले वर्षों के दौरान वायुमंडल में उपस्थित ऐरोसॉल भारतीय उपमहाद्वीप में सूखे की गंभीरता को 17 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं। इस अध्ययन में पता चला है कि मानसून के दौरान एल नीनो पूर्वी एशियाई क्षेत्र के ऊपर कम ऊंचाई पर पाए जाने वाले ऐरोसॉल को दक्षिण एशियाई क्षेत्र के ऊपर अधिक ऊंचाई (12-18 किलोमीटर) की ओर ले जाकर वहां एशियाई ट्रोपोपॉज ऐरोसॉल लेयर नामक एक ऐरोसॉल परत बना देती है, जो वहीं पर स्थिर रहकर भारतीय मानसून को और कमजोर कर देती है।
Submitted by HindiWater on Sat, 09/07/2019 - 12:49
Source:
पाञ्चजन्य, 25 अगस्त 2019
we have to save water
सहेजना होगा नीर। दुनिया में हिस्सेदारी के लिहाज से भले ही हम खाद्यान्न, पशुधन, दूध-फल-सब्जी उत्पादन आदि में अव्वल हो गए हों, लेकिन पानी के मामले में हमारे हिस्से दुनिया भर में मौजूद पीने लायक पानी का सिर्फ चार फीसदी ही है। ऐसे में जहाँ जल संकट से उपजी चुनौतियों के लिए जल प्रबन्धन की नीतियों पर गम्भीर होना पड़ेगा, वहीं गर्त में जाते पानी की चिन्ता भी करनी होगी।
Submitted by HindiWater on Sat, 09/07/2019 - 12:03
Source:
india will revive submerged areas suffered from desertification
मरुस्थलीकरण की चपेट में आए 100 जलमग्न क्षेत्रों को जीवित करेगा भारत। भारत इस समय सदी के सबसे भीषण पानी के संकट से जूझ रहा है। बीते दस साल में 4500 से ज्यादा नदियां, लाखों तालाब, बावडियां आदि सूख गए हैं। वन क्षेत्र तेजी से घट रहा है। बढ़ते प्रदूषण, ग्रीन हाउस गैसों और जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लोबल वार्मिंग खतरनाक स्तर पर पहुंचती जा रही है। देश की राजधानी और महानगरों में न पीने को पर्याप्त पानी बचा है और न ही साफ हवा। नतीजतन देश में मरुस्थलीकरण तेजी से बढ़ने से भूमि बंजर हो रही है। बंजर होते भारत में झारखंड शीर्ष पर है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक भूमि मरुस्थलीकरण की चपेट में है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 10/15/2019 - 11:15
रामवीर तंवर।
गांव से बाहरवी तक की पढ़ाई करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने लिए एक काॅलेज में दाखिला लिया। काॅलेज में पर्यावरण संरक्षण के लिए रामवीर काफी सक्रिय रहे। साथ ही उनके मन में जलाशयों को संरक्षित करने का विचार चलता रहा। बीटेक करने के बाद एक अच्छी नौकरी मिल गई, लेकिन बार बार मन तालाबों के संरक्षण के बारे में ही सोचता रहा।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
Source:
मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन।
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया। सभा में स्वामी सानंद के संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कार्यनीति का निर्धारण किया तथा ध्वनिगत से निश्चय किया गया कि गंगा एक्ट बनाने का कार्य पर्यावरणविद रवि चोपड़ा की अध्यक्षता वाली टीम करेगी, जिसके समन्वयक राष्ट्रीय अभिमान आन्दोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसवराज पाटिल होंगे।
Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source:
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -
Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source:
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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जल संरक्षण - आवश्यकता एवं उपाय

Submitted by HindiWater on Fri, 10/11/2019 - 08:38
हम सभी जानते हैं कि जल सभी जीवित प्राणियों के अस्तित्व के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। आपने यह भी जानकारी प्राप्त कर ली होगी कि प्रयोग करने योग्य पानी की कमी होती जा रही है। यहाँ पर पानी के संरक्षण के कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय, प्रत्येक व्यक्ति, समुदाय तथा जल संरक्षण में सरकार का योगदान की भूमिका के बारे में जान जाएँगे।

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भारतीय उपमहाद्वीप में सूखे की गंभीरता को बढ़ा सकते हैं ऐरोसॉल

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 07:35
Source
इंडिया साइंस वायर, 09 सितंबर 2019  
भारतीय उपमहाद्वीप में सूखे की गंभीरता को बढ़ा सकते हैं ऐरोसॉल। फोटो स्त्रोत-uttarpradesh.orgभारतीय उपमहाद्वीप में सूखे की गंभीरता को बढ़ा सकते हैं ऐरोसॉल।uttarpradesh.org भारत, अमेरिका और कनाडा के वायुमंडलीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने पता लगाया है कि एल नीनो वाले वर्षों के दौरान वायुमंडल में उपस्थित ऐरोसॉल भारतीय उपमहाद्वीप में सूखे की गंभीरता को 17 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं। इस अध्ययन में पता चला है कि मानसून के दौरान एल नीनो पूर्वी एशियाई क्षेत्र के ऊपर कम ऊंचाई पर पाए जाने वाले ऐरोसॉल को दक्षिण एशियाई क्षेत्र के ऊपर अधिक ऊंचाई (12-18 किलोमीटर) की ओर ले जाकर वहां एशियाई ट्रोपोपॉज ऐरोसॉल लेयर नामक एक ऐरोसॉल परत बना देती है, जो वहीं पर स्थिर रहकर भारतीय मानसून को और कमजोर कर देती है।

सहेजना होगा नीर

Submitted by HindiWater on Sat, 09/07/2019 - 12:49
Source
पाञ्चजन्य, 25 अगस्त 2019
सहेजना होगा नीर।सहेजना होगा नीर। दुनिया में हिस्सेदारी के लिहाज से भले ही हम खाद्यान्न, पशुधन, दूध-फल-सब्जी उत्पादन आदि में अव्वल हो गए हों, लेकिन पानी के मामले में हमारे हिस्से दुनिया भर में मौजूद पीने लायक पानी का सिर्फ चार फीसदी ही है। ऐसे में जहाँ जल संकट से उपजी चुनौतियों के लिए जल प्रबन्धन की नीतियों पर गम्भीर होना पड़ेगा, वहीं गर्त में जाते पानी की चिन्ता भी करनी होगी।

काॅप 14: मरुस्थलीकरण की चपेट में आए 100 जलमग्न क्षेत्रों को जीवित करेगा भारत

Submitted by HindiWater on Sat, 09/07/2019 - 12:03
मरुस्थलीकरण की चपेट में आए 100 जलमग्न क्षेत्रों को जीवित करेगा भारत।मरुस्थलीकरण की चपेट में आए 100 जलमग्न क्षेत्रों को जीवित करेगा भारत। भारत इस समय सदी के सबसे भीषण पानी के संकट से जूझ रहा है। बीते दस साल में 4500 से ज्यादा नदियां, लाखों तालाब, बावडियां आदि सूख गए हैं। वन क्षेत्र तेजी से घट रहा है। बढ़ते प्रदूषण, ग्रीन हाउस गैसों और जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लोबल वार्मिंग खतरनाक स्तर पर पहुंचती जा रही है। देश की राजधानी और महानगरों में न पीने को पर्याप्त पानी बचा है और न ही साफ हवा। नतीजतन देश में मरुस्थलीकरण तेजी से बढ़ने से भूमि बंजर हो रही है। बंजर होते भारत में झारखंड शीर्ष पर है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक भूमि मरुस्थलीकरण की चपेट में है।

प्रयास

तालाबों को संरक्षित करने के लिए इंजीनियर ने छोड़ दी नौकरी

Submitted by HindiWater on Tue, 10/15/2019 - 11:15
गांव से बाहरवी तक की पढ़ाई करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने लिए एक काॅलेज में दाखिला लिया। काॅलेज में पर्यावरण संरक्षण के लिए रामवीर काफी सक्रिय रहे। साथ ही उनके मन में जलाशयों को संरक्षित करने का विचार चलता रहा। बीटेक करने के बाद एक अच्छी नौकरी मिल गई, लेकिन बार बार मन तालाबों के संरक्षण के बारे में ही सोचता रहा।

नोटिस बोर्ड

मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया। सभा में स्वामी सानंद के संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कार्यनीति का निर्धारण किया तथा ध्वनिगत से निश्चय किया गया कि गंगा एक्ट बनाने का कार्य पर्यावरणविद रवि चोपड़ा की अध्यक्षता वाली टीम करेगी, जिसके समन्वयक राष्ट्रीय अभिमान आन्दोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसवराज पाटिल होंगे।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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