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Submitted by HindiWater on Fri, 10/25/2019 - 12:55
उत्तराखण्ड राज्य जल नीति - 2019
जल अत्यन्त महत्वपूर्ण और अपर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों में से एक है, जो जीवन, जीवकोपार्जन, कृषि, चिरस्थायी सामाजिक विकास के साथ-साथ पारिस्थितिकीय एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिये अति आवश्यक है, कि नवीकरणीय उपलब्धता सीमित तथा क्षीणता/ह्रास व अपकर्ष के प्रति वेदनीय है।

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Submitted by HindiWater on Thu, 10/10/2019 - 12:24
Source:
नगरीय जलप्रदाय व्यवस्था में भूजल की भूमिका
पिछले कुछ दशकों से पलायन के कारण ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्रों में शहरों की आबादी निरंतर बढ़ रही है। शहरी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा व्यापार इत्यादि क्षेत्रों में मिल रही बेहतर सुविधाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग शहरों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इस कारण मूलभूत सेवाओं पर भार बढ़ता जा रहा है। जलप्रदाय व्यवस्था एक महत्वपूर्ण मूलभूत आवश्यकता है। बढ़ती हुई आबादी का असर इस सेवा पर दिख रहा है।
Submitted by HindiWater on Wed, 10/09/2019 - 16:23
Source:
कहां गए 22 लाख तालाब ?
एक समय था जब भारत में करीब 24 लाख तालाब हुआ करते थे। हर गांव की अपनी संस्कृति और अपना तालाब होता था। या यूं कहें कि तालाब संस्कृति का ही एक हिस्सा हुआ करते थे। हर तालाब का अपना एक नाम और महत्व होता था। तालाबों के किनारे जंगल या वृक्षों का घेरा होता था। तालाबों का कैचमेंट यानी जलग्रहण क्षेत्र घने जंगलों के बीच होने से भू-कटाव को रोकने में सहायता मिलती थी और तालाब में गाद भी कम जमा होती थी।
Submitted by HindiWater on Wed, 10/09/2019 - 12:56
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नेटाफिम टपक सिंचन प्रणालीः गन्ने की फसल के लिए वरदान
नेटाफिम टपक सिंचन प्रणाली की जननी होने के साथ-साथ अपने प्रगत तंत्रज्ञान और तुषार/ फुहारा सिंचन उत्पादनों की विस्तृत श्रेणी के साथ विश्व में प्रथम क्रमांक की कम्पनी है आज भारत में 7 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में नेटाफिम टपक सिंचन प्रणाली कार्यरत होने के साथ ही 80 हजार से अधिक किसान नेटाफिम की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Wed, 10/30/2019 - 15:38
पानी का पहचाना मोल, सवा सौ साल पुराने बाँध में रोका पानी।
मध्यप्रदेश के देवास जिले में बीते सालों में भीषण जल संकट का सामना कर चुके बागली के लोगों ने अब पानी के मोल को पहचान लिया है। उन्होंने कस्बे के नजदीक बहने वाली कालीसिंध नदी का गर्मियों में गहरीकरण कर गाद हटाई और अब बारिश के बाद 113 साल पुराने बाँध में 22 गेट लगाकर पानी को सहेज लिया है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
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मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन।
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया।
Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source:
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -
Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source:
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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खासम-खास

उत्तराखण्ड राज्य जल नीति - 2019

Submitted by HindiWater on Fri, 10/25/2019 - 12:55
Source
उत्तराखण्ड सरकार
जल अत्यन्त महत्वपूर्ण और अपर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों में से एक है, जो जीवन, जीवकोपार्जन, कृषि, चिरस्थायी सामाजिक विकास के साथ-साथ पारिस्थितिकीय एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिये अति आवश्यक है, कि नवीकरणीय उपलब्धता सीमित तथा क्षीणता/ह्रास व अपकर्ष के प्रति वेदनीय है।

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नगरीय जलप्रदाय व्यवस्था में भूजल की भूमिका 

Submitted by HindiWater on Thu, 10/10/2019 - 12:24
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
पिछले कुछ दशकों से पलायन के कारण ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्रों में शहरों की आबादी निरंतर बढ़ रही है। शहरी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा व्यापार इत्यादि क्षेत्रों में मिल रही बेहतर सुविधाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग शहरों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इस कारण मूलभूत सेवाओं पर भार बढ़ता जा रहा है। जलप्रदाय व्यवस्था एक महत्वपूर्ण मूलभूत आवश्यकता है। बढ़ती हुई आबादी का असर इस सेवा पर दिख रहा है।

कहां गए 22 लाख तालाब ?

Submitted by HindiWater on Wed, 10/09/2019 - 16:23
एक समय था जब भारत में करीब 24 लाख तालाब हुआ करते थे। हर गांव की अपनी संस्कृति और अपना तालाब होता था। या यूं कहें कि तालाब संस्कृति का ही एक हिस्सा हुआ करते थे। हर तालाब का अपना एक नाम और महत्व होता था। तालाबों के किनारे जंगल या वृक्षों का घेरा होता था। तालाबों का कैचमेंट यानी जलग्रहण क्षेत्र घने जंगलों के बीच होने से भू-कटाव को रोकने में सहायता मिलती थी और तालाब में गाद भी कम जमा होती थी।

नेटाफिम टपक सिंचन प्रणालीः गन्ने की फसल के लिए वरदान

Submitted by HindiWater on Wed, 10/09/2019 - 12:56
नेटाफिम टपक सिंचन प्रणाली की जननी होने के साथ-साथ अपने प्रगत तंत्रज्ञान और तुषार/ फुहारा सिंचन उत्पादनों की विस्तृत श्रेणी के साथ विश्व में प्रथम क्रमांक की कम्पनी है आज भारत में 7 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में नेटाफिम टपक सिंचन प्रणाली कार्यरत होने के साथ ही 80 हजार से अधिक किसान नेटाफिम की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

प्रयास

पानी का पहचाना मोल, सवा सौ साल पुराने रणजीत बांध में रोका पानी

Submitted by HindiWater on Wed, 10/30/2019 - 15:38
Author
मनीष वैद्य
मध्यप्रदेश के देवास जिले में बीते सालों में भीषण जल संकट का सामना कर चुके बागली के लोगों ने अब पानी के मोल को पहचान लिया है। उन्होंने कस्बे के नजदीक बहने वाली कालीसिंध नदी का गर्मियों में गहरीकरण कर गाद हटाई और अब बारिश के बाद 113 साल पुराने बाँध में 22 गेट लगाकर पानी को सहेज लिया है।

नोटिस बोर्ड

मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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