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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

Content

Submitted by UrbanWater on Tue, 06/30/2020 - 10:33
Source:
Bihar Flood
मॉनसून की दस्तक के साथ ही बिहार में रुक-रुक बारिश हो रही है जिससे सूबे की कई नदियों के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ता दिख रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बिहार से बहने वाली 7 प्रमुख नदियों के जलस्तर को 36 मॉनीटरिंग स्टेशनों पर मापा गया जिनमें से 15 स्टेशनों को छोड़ कर 21 मॉनीटरिंग स्टेशनों में जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है और अगले 48 घंटों तक जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। 
Submitted by UrbanWater on Tue, 06/30/2020 - 07:47
Source:
जल चेतना, खण्ड 7, अंक 1, जनवरी 2018, जलविज्ञान संस्थान, रुड़की
अमेजन नदी, फोटो: needpix.com
क्या आप जानते हैं कि धरती पर नदियों का जन्म कैसे हुआ? दरअसल, सृष्टि के आरम्भिक काल में जब धरती पर पहाडों और समुदेरों का निर्माण हो चुका था, तब लगातार वर्षा होती रहती थी। वर्षा का यह पानी पहाड़ों पर से टेड़े-मेड़े रास्तों से गुजरता हुआ समुद्र में जा मिलता था। लगातार बहते पानी के कारण ये रास्ते गहरे और चौड़े होते चले गए। पानी की धारा के कारण इनका रूप परिवर्तित होता गया। इन्हीं धाराओं को नदी का नाम दिया गया। समय के साथ नदियों का स्वरूप भी बदलता गया। वैसे अधिकांश नदियां पहाड़ों से ही निकलती हैं, कुछ का जन्म पहाड़ों पर जमी बर्फ से पिघलने के कारण भी होता है। पहाड़ों पर जमी बर्फ से बने ग्लेशियर के खिसकने के कारण भी नदी बन जाती है। इसके अलावा, झरने और झीलों से भी नदियों का जन्म होता है। 
Submitted by HindiWater on Mon, 06/29/2020 - 12:32
Source:
भारत में हाउसहोल्ड ड्रेनेज व्यवस्था
देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी ड्रेनेज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सीएसई की ‘स्टेट ऑफ इंडियाज़ इनवायरमेंट रिपोर्ट 2020’ के मुताबिक 79.1 प्रतिशत ग्रामीण घर और 30.3 प्रतिशत शहरी इलाकों के घरों में या तो ओपन ड्रेन है या फिर किसी प्रकार की ड्रेनेज व्यवस्था नहीं है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Source:
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : कन्टूर और जल संरक्षण के सम्बन्ध को समझने का प्रयास 

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra-kantur-aur-jal-sanrakshan-kay-sambandh-ko-samajhane-kaa-prayas
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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बिहार के 20 से ज्यादा फ्लड स्टेशनों में बढ़ रहा जलस्तर 

Submitted by UrbanWater on Tue, 06/30/2020 - 10:33
Author
उमेश कुमार राय
bihar-ke-20-se-jyada-flood-stationo-mein-badh-raha-jalastar
Bihar Flood
मॉनसून की दस्तक के साथ ही बिहार में रुक-रुक बारिश हो रही है जिससे सूबे की कई नदियों के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ता दिख रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बिहार से बहने वाली 7 प्रमुख नदियों के जलस्तर को 36 मॉनीटरिंग स्टेशनों पर मापा गया जिनमें से 15 स्टेशनों को छोड़ कर 21 मॉनीटरिंग स्टेशनों में जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है और अगले 48 घंटों तक जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। 

दुनिया भर की नदियाँ

Submitted by UrbanWater on Tue, 06/30/2020 - 07:47
duniya-bhar-key-nadiyan
Source
जल चेतना, खण्ड 7, अंक 1, जनवरी 2018, जलविज्ञान संस्थान, रुड़की
अमेजन नदी, फोटो: needpix.com
क्या आप जानते हैं कि धरती पर नदियों का जन्म कैसे हुआ? दरअसल, सृष्टि के आरम्भिक काल में जब धरती पर पहाडों और समुदेरों का निर्माण हो चुका था, तब लगातार वर्षा होती रहती थी। वर्षा का यह पानी पहाड़ों पर से टेड़े-मेड़े रास्तों से गुजरता हुआ समुद्र में जा मिलता था। लगातार बहते पानी के कारण ये रास्ते गहरे और चौड़े होते चले गए। पानी की धारा के कारण इनका रूप परिवर्तित होता गया। इन्हीं धाराओं को नदी का नाम दिया गया। समय के साथ नदियों का स्वरूप भी बदलता गया। वैसे अधिकांश नदियां पहाड़ों से ही निकलती हैं, कुछ का जन्म पहाड़ों पर जमी बर्फ से पिघलने के कारण भी होता है। पहाड़ों पर जमी बर्फ से बने ग्लेशियर के खिसकने के कारण भी नदी बन जाती है। इसके अलावा, झरने और झीलों से भी नदियों का जन्म होता है। 

आंकड़ेंः भारत में हाउसहोल्ड ड्रेनेज व्यवस्था

Submitted by HindiWater on Mon, 06/29/2020 - 12:32
bharat-mein-household-drainage-vyavastha
 भारत में हाउसहोल्ड ड्रेनेज व्यवस्था
देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी ड्रेनेज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सीएसई की ‘स्टेट ऑफ इंडियाज़ इनवायरमेंट रिपोर्ट 2020’ के मुताबिक 79.1 प्रतिशत ग्रामीण घर और 30.3 प्रतिशत शहरी इलाकों के घरों में या तो ओपन ड्रेन है या फिर किसी प्रकार की ड्रेनेज व्यवस्था नहीं है।

प्रयास

पानी अन्ना अकेले 14 तालाब खोदकर अपने गांव को बनाया पानीदार

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Author
उमेश कुमार राय
pani-anna-14-talab-khodkar-gaon-ko-banaya-panidar
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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