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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 10/11/2019 - 08:38
जल संरक्षण - आवश्यकता एवं उपाय।
हम सभी जानते हैं कि जल सभी जीवित प्राणियों के अस्तित्व के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। आपने यह भी जानकारी प्राप्त कर ली होगी कि प्रयोग करने योग्य पानी की कमी होती जा रही है। यहाँ पर पानी के संरक्षण के कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय, प्रत्येक व्यक्ति, समुदाय तथा जल संरक्षण में सरकार का योगदान की भूमिका के बारे में जान जाएँगे।

Content

Submitted by HindiWater on Wed, 08/21/2019 - 12:31
Source:
विज्ञान प्रगति, अगस्त 2019
micro plastic is dangerous for ground water
माइक्रोप्लास्टिक : एक उभरता हुआ भूजल प्रदूषक। माइक्रोप्लास्टिक प्रमुख उभरते प्रदूषक में से एक है और हाल ही में दुनिया भर में कई स्थानों में रिपोर्ट की गई है। पर्यावरण में प्लास्टिक माइक्रोस्कोपिक कणों में टूट जाती है जो एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन कर सकते हैं। माइक्रोप्लास्टिक का मुख्य स्रोत लैंडफिल साइट, ओपन डंपिंग  और विनिर्माण इकाइयां हैं। माइक्रोप्लास्टिक आमतौर पर भारी वर्षा के दौरान फ्रैक्चर के माध्यम से जल प्रवाह के साथ भूजल प्रणाली में चले जाते हैं।
Submitted by HindiWater on Wed, 08/21/2019 - 11:01
Source:
दैनिक जागरण, 21 जुलाई 2019  
no drainage in dehradun
फाइलों में कैद राजधानी देहरादून का ड्रेनेज प्लान। हम दून में स्मार्ट सिटी की बात कर रहे हैं। मेट्रो के सपने देख रहे हैं और यहाँ पर बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल्स, मेट्रोपोलिटन कल्चर का भी एहसास कराते हैं, लेकिन जब बारिश आती है तो सारे ख़्याब डूबे नजर आते हैं। सवाल तैरने लगते हैं कि जिस दून को नहरों के रूप में प्राकृतिक ड्रेनेज की सौगात मिली थी, वह कैसे दरियादून बन गया। वक्त बढ़ता गया और शहर को बेहतर बनाने की सोच संकरी होती चली गई।
Submitted by HindiWater on Tue, 08/20/2019 - 17:26
Source:
डाउन टू अर्थ, अगस्त 2019
agriculture courses

कृषि शिक्षा।

भारत की खेती-किसानी दिनों-दिन दरिद्र बनती जा रही है। कृषि विश्वविद्यालयों की पढ़ाई के बाद छात्र खेती-किसानी के नजदीक जाने से कतरा रहे हैं। देशभर में 73 कृषि विज्ञान और उससे जुड़े विषयों की शिक्षा देने वाले विशेष विश्वविद्यालय हैं। इन कृषि विश्वविद्यालयों में किसानों के बेटे-बेटियाँ पढ़ने नहीं आते हैं। खुद को अकेला महसूस करने वाला किसान अपने काम को बोझ मानकर अपने बच्चों को गैर कृषि कार्यों के लिए प्रेरित कर रहा है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 10/15/2019 - 11:15
रामवीर तंवर।
गांव से बाहरवी तक की पढ़ाई करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने लिए एक काॅलेज में दाखिला लिया। काॅलेज में पर्यावरण संरक्षण के लिए रामवीर काफी सक्रिय रहे। साथ ही उनके मन में जलाशयों को संरक्षित करने का विचार चलता रहा। बीटेक करने के बाद एक अच्छी नौकरी मिल गई, लेकिन बार बार मन तालाबों के संरक्षण के बारे में ही सोचता रहा।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
Source:
मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन।
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया।
Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source:
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -
Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source:
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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खासम-खास

जल संरक्षण - आवश्यकता एवं उपाय

Submitted by HindiWater on Fri, 10/11/2019 - 08:38
हम सभी जानते हैं कि जल सभी जीवित प्राणियों के अस्तित्व के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। आपने यह भी जानकारी प्राप्त कर ली होगी कि प्रयोग करने योग्य पानी की कमी होती जा रही है। यहाँ पर पानी के संरक्षण के कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय, प्रत्येक व्यक्ति, समुदाय तथा जल संरक्षण में सरकार का योगदान की भूमिका के बारे में जान जाएँगे।

Content

माइक्रोप्लास्टिक : एक उभरता हुआ भूजल प्रदूषक

Submitted by HindiWater on Wed, 08/21/2019 - 12:31
Source
विज्ञान प्रगति, अगस्त 2019
माइक्रोप्लास्टिक : एक उभरता हुआ भूजल प्रदूषक।माइक्रोप्लास्टिक : एक उभरता हुआ भूजल प्रदूषक। माइक्रोप्लास्टिक प्रमुख उभरते प्रदूषक में से एक है और हाल ही में दुनिया भर में कई स्थानों में रिपोर्ट की गई है। पर्यावरण में प्लास्टिक माइक्रोस्कोपिक कणों में टूट जाती है जो एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन कर सकते हैं। माइक्रोप्लास्टिक का मुख्य स्रोत लैंडफिल साइट, ओपन डंपिंग  और विनिर्माण इकाइयां हैं। माइक्रोप्लास्टिक आमतौर पर भारी वर्षा के दौरान फ्रैक्चर के माध्यम से जल प्रवाह के साथ भूजल प्रणाली में चले जाते हैं।

फाइलों में कैद राजधानी देहरादून का ड्रेनेज प्लान

Submitted by HindiWater on Wed, 08/21/2019 - 11:01
Source
दैनिक जागरण, 21 जुलाई 2019  
फाइलों में कैद राजधानी देहरादून का ड्रेनेज प्लान।फाइलों में कैद राजधानी देहरादून का ड्रेनेज प्लान। हम दून में स्मार्ट सिटी की बात कर रहे हैं। मेट्रो के सपने देख रहे हैं और यहाँ पर बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल्स, मेट्रोपोलिटन कल्चर का भी एहसास कराते हैं, लेकिन जब बारिश आती है तो सारे ख़्याब डूबे नजर आते हैं। सवाल तैरने लगते हैं कि जिस दून को नहरों के रूप में प्राकृतिक ड्रेनेज की सौगात मिली थी, वह कैसे दरियादून बन गया। वक्त बढ़ता गया और शहर को बेहतर बनाने की सोच संकरी होती चली गई।

रीढ़ विहीन कृषि शिक्षा

Submitted by HindiWater on Tue, 08/20/2019 - 17:26
Source
डाउन टू अर्थ, अगस्त 2019

 कृषि शिक्षा। कृषि शिक्षा।

भारत की खेती-किसानी दिनों-दिन दरिद्र बनती जा रही है। कृषि विश्वविद्यालयों की पढ़ाई के बाद छात्र खेती-किसानी के नजदीक जाने से कतरा रहे हैं। देशभर में 73 कृषि विज्ञान और उससे जुड़े विषयों की शिक्षा देने वाले विशेष विश्वविद्यालय हैं। इन कृषि विश्वविद्यालयों में किसानों के बेटे-बेटियाँ पढ़ने नहीं आते हैं। खुद को अकेला महसूस करने वाला किसान अपने काम को बोझ मानकर अपने बच्चों को गैर कृषि कार्यों के लिए प्रेरित कर रहा है।

प्रयास

तालाबों को संरक्षित करने के लिए इंजीनियर ने छोड़ दी नौकरी

Submitted by HindiWater on Tue, 10/15/2019 - 11:15
गांव से बाहरवी तक की पढ़ाई करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने लिए एक काॅलेज में दाखिला लिया। काॅलेज में पर्यावरण संरक्षण के लिए रामवीर काफी सक्रिय रहे। साथ ही उनके मन में जलाशयों को संरक्षित करने का विचार चलता रहा। बीटेक करने के बाद एक अच्छी नौकरी मिल गई, लेकिन बार बार मन तालाबों के संरक्षण के बारे में ही सोचता रहा।

नोटिस बोर्ड

मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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