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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/05/2020 - 07:47
नदियाँ समाज का आइना होती हैं। फोटो - NeedPix.com
इन दिनों बिहार राज्य में पानी और जंगल के लिए पानी रे पानी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 5 जून से 27 सितम्बर 2020 के बीच नदी चेतना यात्रा निकाली जावेगी। इस यात्रा का शुभारंभ एक जून 2020 अर्थात गंगा दशहरा के दिन कमला नदी के तट पर जनकपुर में हो चुका है।

Content

Submitted by HindiWater on Tue, 04/21/2020 - 14:13
Source:
लाॅकडाउन से तीन गुना साफ हुई नैनीझील
नैनीताल विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जो नैनीझील और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विख्यात है। पीटर बैरन ने वर्ष 1841 में नैनीझील की खोज की थी। अंग्रेजों ने यहां प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने का भरसक प्रयास किया। एक समय पर नैनीझील को इतना पवित्र माना जाता था कि सूरज ढलने के बाद कोई भी व्यक्ति यहां रुक नहीं सकता था।
Submitted by UrbanWater on Mon, 04/20/2020 - 12:27
Source:
गंगा

देहरादून आईटी पार्क स्थित ‘उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ की प्रयोगशाला ने गंगाजल के अलग-अलग स्थानों से लिए गए पानी के नमूनों की जांच की और 14 अप्रैल 2020 को उन्होंने अपनी रिपोर्ट जारी की। देवप्रयाग डाउनस्ट्रीम से लेकर जगजीतपुर हरिद्वार तक की गंगा पर आई यह रिपोर्ट बताती है कि गंगा की सेहत में सुधार है। ‘उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ द्वारा देवप्रयाग से हरिद्वार तक कराए गए गंगा जल की गुणवत्ता के नमूनों की जांच रिपोर्ट में यह संकेत मिल रहे हैं। हरिद्वार में ‘हर की पौड़ी’ में भी गंगा के पानी की गुणवत्ता A-श्रेणी की दर्ज की गई है। हालांकि पूर्व के दिनों में ‘हर की पौड़ी’ में गंगाजल की गुणवत्ता अधिकांशतः बी श्रेणी की ही रही है।

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 09:46
Source:
हिमालयी क्षेत्रों में जल संकट
वर्तमान में हिंदू-कुश क्षेत्र की आबादी का मात्र 3 प्रतिशत हिस्सा बड़े शहरों और 8 प्रतिशत छोटे शहरों में रहता है। परंतु एक अनुमान के अनुसार, वर्ष 2050 तक क्षेत्र की 50 प्रतिशत आबादी शहरों में रहने लगेगी, जो पानी की उपलब्धता के संदर्भ में इस क्षेत्र के भविष्य पर कई प्रश्न खड़े करता है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:25
सुखना झील, फोटो: Needpix
अदालत ने सुखना-झील के संरक्षण के लिए दायर सात याचिकाओं पर विचार करते हुए सुखना-झील को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है और चंडीगढ़ के समाज और प्रशासन की जवाबदेही करते करते हुए उन्हें सुखना झील के अभिभावक की संज्ञा दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

Latest

खासम-खास

पर्यावरण दिवस से नदी दिवस तक

Submitted by UrbanWater on Fri, 06/05/2020 - 07:47
Author
कृष्ण गोपाल व्यास
Environment-Day-2020
नदियाँ समाज का आइना होती हैं। फोटो - NeedPix.com
इन दिनों बिहार राज्य में पानी और जंगल के लिए पानी रे पानी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 5 जून से 27 सितम्बर 2020 के बीच नदी चेतना यात्रा निकाली जावेगी। इस यात्रा का शुभारंभ एक जून 2020 अर्थात गंगा दशहरा के दिन कमला नदी के तट पर जनकपुर में हो चुका है।

Content

लाॅकडाउन से तीन गुना साफ हुई नैनीझील

Submitted by HindiWater on Tue, 04/21/2020 - 14:13
लाॅकडाउन से तीन गुना साफ हुई नैनीझील
नैनीताल विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जो नैनीझील और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विख्यात है। पीटर बैरन ने वर्ष 1841 में नैनीझील की खोज की थी। अंग्रेजों ने यहां प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने का भरसक प्रयास किया। एक समय पर नैनीझील को इतना पवित्र माना जाता था कि सूरज ढलने के बाद कोई भी व्यक्ति यहां रुक नहीं सकता था।

हर की पौड़ी, हरिद्वार में गंगा आचमन लायक हो गई है, बताती है यूपीसीबी की रिपोर्ट

Submitted by UrbanWater on Mon, 04/20/2020 - 12:27
Author
केसर सिंह
गंगा

गंगा

देहरादून आईटी पार्क स्थित ‘उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ की प्रयोगशाला ने गंगाजल के अलग-अलग स्थानों से लिए गए पानी के नमूनों की जांच की और 14 अप्रैल 2020 को उन्होंने अपनी रिपोर्ट जारी की। देवप्रयाग डाउनस्ट्रीम से लेकर जगजीतपुर हरिद्वार तक की गंगा पर आई यह रिपोर्ट बताती है कि गंगा की सेहत में सुधार है। ‘उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ द्वारा देवप्रयाग से हरिद्वार तक कराए गए गंगा जल की गुणवत्ता के नमूनों की जांच रिपोर्ट में यह संकेत मिल रहे हैं। हरिद्वार में ‘हर की पौड़ी’ में भी गंगा के पानी की गुणवत्ता A-श्रेणी की दर्ज की गई है। हालांकि पूर्व के दिनों में ‘हर की पौड़ी’ में गंगाजल की गुणवत्ता अधिकांशतः बी श्रेणी की ही रही है।

हिमालयी क्षेत्रों में जल संकट

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 09:46
Author
डाॅ. दीपक कोहली
हिमालयी क्षेत्रों में जल संकट
वर्तमान में हिंदू-कुश क्षेत्र की आबादी का मात्र 3 प्रतिशत हिस्सा बड़े शहरों और 8 प्रतिशत छोटे शहरों में रहता है। परंतु एक अनुमान के अनुसार, वर्ष 2050 तक क्षेत्र की 50 प्रतिशत आबादी शहरों में रहने लगेगी, जो पानी की उपलब्धता के संदर्भ में इस क्षेत्र के भविष्य पर कई प्रश्न खड़े करता है।

प्रयास

'सुखना झील' को मिले ‘जीवित प्राणी’ के अधिकार और कर्तव्य

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:25
Author
मीनाक्षी अरोड़ा
'sukhna-jhil'-ko-miley-‘jivit-prani’-kay-adhikar-aur-kartavya
सुखना झील, फोटो: Needpix
अदालत ने सुखना-झील के संरक्षण के लिए दायर सात याचिकाओं पर विचार करते हुए सुखना-झील को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है और चंडीगढ़ के समाज और प्रशासन की जवाबदेही करते करते हुए उन्हें सुखना झील के अभिभावक की संज्ञा दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
participateepaintingwinaward
Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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