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Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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Submitted by HindiWater on Thu, 02/13/2020 - 15:29
Source:
उत्तराखंड में पांच हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र ही माना जाएगा वन
देहरादून में 3.69, पिथौरागढ़ में 1.80, बागेश्वर में 1.69, चंपावत में 1.55, अल्मोड़ा में 1.14, पौड़ी में 0.99, टिहरी में 0.98, चमोली में 0.43, रुद्रप्रयाग में 1.17 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में इजाफा हुआ है, लेकिन हरिद्वार, नैनीताल और यूएस नगर के वन आवरण में क्रमशः 2.758, 6.44 और 4.21 वर्ग किलोमीटर की कमी आई है।
Submitted by HindiWater on Thu, 02/13/2020 - 12:16
Source:
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रूड़की
ग्रामीण तालाब के जीर्णोद्धार में सहायक रूटजोन वेटलैण्ड तकनीकी
ग्रामीण तालाब मानव जीवन के परम्परा से जल के उपयोग व संरक्षण के स्रोत रहें हैं। आजकल के आधुनिक समय में ग्रामीण तालाब को सबसे अधिक विनाश/जीर्ण-शीर्ण करने में घरेलू प्रदूषित जल, तालाब का अतिक्रमण, सिंचाई का पम्प व घरेलु कचरा से अधिक हो रहा हैं।
Submitted by HindiWater on Wed, 02/12/2020 - 16:48
Source:
गुरूकृपा, ब्रह्मपुरी, हजारी चबूतरा, जोधपुर
राजस्थान में जल संरक्षण की पुरातन विशिष्ट संरचनाएं
जल की महत्ता पूर्व की अपेक्षा वर्तमान में कहीं अधिक बढ़ गयी है। इसका मुख्य कारण तीव्र जनसंख्या वृद्धि तथा उसकी विभिन्न मांगों की आपूर्ति हेतु जल की खपत में वृद्धि है।

प्रयास

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source:
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
Source:
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
Source:
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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खासम-खास

शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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उत्तराखंड में पांच हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र ही माना जाएगा वन

Submitted by HindiWater on Thu, 02/13/2020 - 15:29
उत्तराखंड में पांच हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र ही माना जाएगा वन
देहरादून में 3.69, पिथौरागढ़ में 1.80, बागेश्वर में 1.69, चंपावत में 1.55, अल्मोड़ा में 1.14, पौड़ी में 0.99, टिहरी में 0.98, चमोली में 0.43, रुद्रप्रयाग में 1.17 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में इजाफा हुआ है, लेकिन हरिद्वार, नैनीताल और यूएस नगर के वन आवरण में क्रमशः 2.758, 6.44 और 4.21 वर्ग किलोमीटर की कमी आई है।

ग्रामीण तालाब के जीर्णोद्धार में सहायक रूटजोन वेटलैण्ड तकनीकीः घरेलू अपशिष्ट जल का प्राकृतिक तरीके से शुद्धीकरण

Submitted by HindiWater on Thu, 02/13/2020 - 12:16
Source
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रूड़की
ग्रामीण तालाब के जीर्णोद्धार में सहायक रूटजोन वेटलैण्ड तकनीकी
ग्रामीण तालाब मानव जीवन के परम्परा से जल के उपयोग व संरक्षण के स्रोत रहें हैं। आजकल के आधुनिक समय में ग्रामीण तालाब को सबसे अधिक विनाश/जीर्ण-शीर्ण करने में घरेलू प्रदूषित जल, तालाब का अतिक्रमण, सिंचाई का पम्प व घरेलु कचरा से अधिक हो रहा हैं।

राजस्थान में जल संरक्षण की पुरातन विशिष्ट संरचनाएं आज भी प्रासंगिक

Submitted by HindiWater on Wed, 02/12/2020 - 16:48
Source
गुरूकृपा, ब्रह्मपुरी, हजारी चबूतरा, जोधपुर
राजस्थान में जल संरक्षण की पुरातन विशिष्ट संरचनाएं
जल की महत्ता पूर्व की अपेक्षा वर्तमान में कहीं अधिक बढ़ गयी है। इसका मुख्य कारण तीव्र जनसंख्या वृद्धि तथा उसकी विभिन्न मांगों की आपूर्ति हेतु जल की खपत में वृद्धि है।

प्रयास

चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
Source
अमर उजाला, 19 फरवरी, 2020
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

नदी घाटी विचार मंच

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।

जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मीडिया महोत्सव-2020

Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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