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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 13:09
आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03
अपनी पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के तीसरे अध्याय संसार सागर के नायक में अनुपम मिश्र ने देश भर में विभिन्न समुदायों के उन पुरोधाओं को याद किया है, जिन्होंने पानी के संरक्षण और तालाबों को बनाने के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस दूसरे हिस्से में बहुत कलात्मक तरीके से उनके जीवन दर्शन को भी प्रस्तुत किया गया है।

Content

Submitted by UrbanWater on Fri, 10/30/2020 - 15:46
Source:
भूजल

नीति आयोग की रिपोर्ट 2030 तक भूजल स्तर की एक बड़े खतरे की तरफ इशारा करती है। रिपोर्ट बताती है कि 2030 तक देश में भूजल स्तर संकट के रूप में उभर कर सामने आएगा।  वर्ष 1996 में सुप्रीम कोर्ट ने भी घटते भूजल-स्तर को लेकर के आदेश दिए थे। बावजूद इसके प्रशासन भूजल घटते भूजल स्तर को लेकर के संजीदा नहीं है। केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने भूजल के दोहन पर सख्ती करने के बजाए रोजाना दस हजार लीटर से कम भूजल दोहन वाली औद्योगिक इकाइयों पर अब कोई पाबंदी नहीं लगाएगा। 

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 13:09
Source:
रमाकांत राय
आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03
अपनी पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के तीसरे अध्याय संसार सागर के नायक में अनुपम मिश्र ने देश भर में विभिन्न समुदायों के उन पुरोधाओं को याद किया है, जिन्होंने पानी के संरक्षण और तालाबों को बनाने के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस दूसरे हिस्से में बहुत कलात्मक तरीके से उनके जीवन दर्शन को भी प्रस्तुत किया गया है।
Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 10:39
Source:
ट्री मैन ऑफ इंडिया
आज पूरे विश्व में पर्यावरण संकट एक बड़ी चुनौती बन गया है। जहाँ तक भारत की बात है ,तो सरकार की अनदेखी और लोगों की जागरूकता की कमी के कारण पर्यावरण का संकट तेजी से बढ़ता जा रहा है। इन सबके बावजूद राजस्थान के एक युवा, पिछले 27 सालों से पर्यावरण को बचाने के लिये जुटा है। उसके इसी लगाव के चलते लोग उसे 'ट्री मैन ऑफ इंडिया' के रूप में जानने लागे है। 03 जून, 1987 में राजस्थान के टोंक जिले में जन्मे विष्णु लांबा ने 26 लाख पेड़ जनसहभागिता से लगवाएं है,करीब 03 लाख के आस पास पेड़ो को बाचाया भी है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 11/09/2020 - 12:31
आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव
मध्यप्रदेश का एक छोटा सा गाँव नवादपुरा इन दिनोंआत्मनिर्भर भारत की एक ऐसी इबारत लिख रहा है जो शायद पूरे भारत के लिए एक नज़ीर बन सकती है। गाँव के ही एक गाय प्रेमी दम्पत्ति के नवाचारों से गाय पालने वाले कई आदिवासी परिवारों में दीवाली से पहले ही खुशियाँ जगमगा रही हैं। गाय के गोबर को फेंकने के बजाए उससे दीये बनवाने की एक नई पहल शुरु की गई।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Source:
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
Source:
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 
Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
Source:
वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

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खासम-खास

आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03 संसार सागर के नायक

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 13:09
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
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Source
रमाकांत राय
आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03
अपनी पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के तीसरे अध्याय संसार सागर के नायक में अनुपम मिश्र ने देश भर में विभिन्न समुदायों के उन पुरोधाओं को याद किया है, जिन्होंने पानी के संरक्षण और तालाबों को बनाने के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस दूसरे हिस्से में बहुत कलात्मक तरीके से उनके जीवन दर्शन को भी प्रस्तुत किया गया है।

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भूजल को लेकर अभी केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की गाइडलाइन जारी ही हुई थी कि अब संशोधन होने शुरू

Submitted by UrbanWater on Fri, 10/30/2020 - 15:46
Author
केसर सिंह
bhujal-ko-lekar-abhi-kendriya-bhujal-pradhikaran-ki-guideline
भूजल

नीति आयोग की रिपोर्ट 2030 तक भूजल स्तर की एक बड़े खतरे की तरफ इशारा करती है। रिपोर्ट बताती है कि 2030 तक देश में भूजल स्तर संकट के रूप में उभर कर सामने आएगा।  वर्ष 1996 में सुप्रीम कोर्ट ने भी घटते भूजल-स्तर को लेकर के आदेश दिए थे। बावजूद इसके प्रशासन भूजल घटते भूजल स्तर को लेकर के संजीदा नहीं है। केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने भूजल के दोहन पर सख्ती करने के बजाए रोजाना दस हजार लीटर से कम भूजल दोहन वाली औद्योगिक इकाइयों पर अब कोई पाबंदी नहीं लगाएगा। 

आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03 संसार सागर के नायक

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 13:09
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
aaj-bhi-khare-hai-talab-adhyay-03-sansar-sagar-kay-nayaka
Source
रमाकांत राय
आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03
अपनी पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के तीसरे अध्याय संसार सागर के नायक में अनुपम मिश्र ने देश भर में विभिन्न समुदायों के उन पुरोधाओं को याद किया है, जिन्होंने पानी के संरक्षण और तालाबों को बनाने के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस दूसरे हिस्से में बहुत कलात्मक तरीके से उनके जीवन दर्शन को भी प्रस्तुत किया गया है।

पौधे चुराने वाला कैसे बना 'ट्री मैन'

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 10:39
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ट्री मैन ऑफ इंडिया
आज पूरे विश्व में पर्यावरण संकट एक बड़ी चुनौती बन गया है। जहाँ तक भारत की बात है ,तो सरकार की अनदेखी और लोगों की जागरूकता की कमी के कारण पर्यावरण का संकट तेजी से बढ़ता जा रहा है। इन सबके बावजूद राजस्थान के एक युवा, पिछले 27 सालों से पर्यावरण को बचाने के लिये जुटा है। उसके इसी लगाव के चलते लोग उसे 'ट्री मैन ऑफ इंडिया' के रूप में जानने लागे है। 03 जून, 1987 में राजस्थान के टोंक जिले में जन्मे विष्णु लांबा ने 26 लाख पेड़ जनसहभागिता से लगवाएं है,करीब 03 लाख के आस पास पेड़ो को बाचाया भी है।

प्रयास

आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव

Submitted by HindiWater on Mon, 11/09/2020 - 12:31
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आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव
मध्यप्रदेश का एक छोटा सा गाँव नवादपुरा इन दिनोंआत्मनिर्भर भारत की एक ऐसी इबारत लिख रहा है जो शायद पूरे भारत के लिए एक नज़ीर बन सकती है। गाँव के ही एक गाय प्रेमी दम्पत्ति के नवाचारों से गाय पालने वाले कई आदिवासी परिवारों में दीवाली से पहले ही खुशियाँ जगमगा रही हैं। गाय के गोबर को फेंकने के बजाए उससे दीये बनवाने की एक नई पहल शुरु की गई।   

नोटिस बोर्ड

हिंदी पत्रकारों के लिए सीएसई-एएईटीआई की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
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अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
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Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

भविष्य में किस तरह पानी को किया जा सकता है सुरक्षित 

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
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वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

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