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खासम-खास

रूफ वाटर हार्वेस्टिंग - कुछ विचारणीय पहलू 

Submitted by HindiWater on Mon, 09/16/2019 - 12:25
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
राजस्थान के मरुस्थलीय इलाके की दूसरी पद्धति रेन वाटर हार्वेस्टिंग थी। इस पद्धति में बरसाती पानी को व्यवस्थित तरीके से सही जगहों पर, रेतीली धरती में उतारा जाता था। वे लोग रेत के चरित्र को अच्छी तरह समझते थे इसलिए उन्होंने पानी को गलत जगह नहीं उतारा। समाज ने उन इलाकों को पहचाना, जहाँ कुछ गहराई पर जिप्सम की मीलों लम्बी चैडी अपारगम्य परत मिलती थी। जिप्सम की वह परत, पानी को नीचे उतरने से रोकती थी।

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काॅप 14: बंजर हो रही झारखंड की 50 प्रतिशत भूमि

Submitted by HindiWater on Thu, 09/05/2019 - 11:12
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web
काॅप 14: बंजर हो रही झारखंड की 50 प्रतिशत भूमि।फोटो स्त्रोत-डाउन टू अर्थ काॅप 14: बंजर हो रही झारखंड की 50 प्रतिशत भूमि। फोटो स्त्रोत-डाउन टू अर्थ झारखंड मरुस्थलीकरण के भयानक संकट से गुजर रहा है। राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा बंजर हो रहा है। अहमदाबाद स्थित अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के एटलस के मुताबिक झारखंड के भौगोलिक क्षेत्र का 50 प्रतिशत हिस्सा बंजर और भूमि-निम्नीकरण के अंतर्गत आता है। गिरिडीह जिले को 73.79 प्रतिशत हिस्सा भूमि निम्नीकरण की चपेट में है। राज्य की जनसंख्या काफी बढ़ी है। घने वन क्षेत्र में गिरावट आई है।

काॅप 14 : 30 प्रतिशत जमीन पर नहीं उग रहा अनाज का एक भी दाना

Submitted by HindiWater on Thu, 09/05/2019 - 10:17
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web
30 प्रतिशत जमीन पर नहीं उग रहा अनाज का एक भी दाना।30 प्रतिशत जमीन पर नहीं उग रहा अनाज का एक भी दाना। अच्छी खेती के लिए हर किसान चाहता है कि बारिश हो, लेकिन जब बारिश होती है तो फसल बहने से उसके हाथ निराशा लगती है। जिस कारण मानसून से पहले किसान अच्छी बारिश की उम्मीद तो लगाते हैं, तो कई इलाकों में राहत की ये बारिश किसानों के लिए आफत बनकर बरसती है। इससे किसानों में बारिश को लेकर डर ने भी जगह बना ली है। यही डर महाराष्ट्र के धुले जिले में स्थित सकारी ब्लाॅक के दरेगांव में रहने वाले 35 वर्षीय चैरे का है।

काॅप 14 : हर मिनट मरुस्थल में तब्दील हो रही 23 हेक्टेयर भूमि

Submitted by HindiWater on Wed, 09/04/2019 - 19:21
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) द्वारा जारी ‘स्टेट ऑफ एनवायरमेंट इन फिगर्स 2019’ की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2013 के बीच भारत का मरुस्थलीय क्षेत्र 18.7 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। तो वहीं दुनिया का 23 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र मरुस्थलीकरण का शिकार हो चुका है और विश्वभर में प्रति मिनट 23 हेक्टेयर भूमि मरुस्थल में तब्दील हो रही है।

प्रयास

धान की सूखती खेती को सुरक्षा कवच उपलब्ध कराता देशज प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 09/13/2019 - 11:05
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'

सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।

मध्यप्रदेश के पूर्वी भाग के लगभग अन्तिम छोर पर स्थित गंगा के कछार का हिस्सा। इस हिस्से की कछारी मिट्टी में धान की खेती होती है। इसी हिस्से में बसा है एक अनजान गांव - नाम है सेमरहा। यह रीवा जिले की हनुमना तहसील का लगभग अनजान गांव है। इस गांव मे एक तालाब है जिसे गांव के नाम पर ही सेमरहा तालाब कहा जाता है। यह तालाब बहुत पुराना है। गांव की भौगोलिक पहचान है उसके अक्षांस औैर देशांश।

नोटिस बोर्ड

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
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योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
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दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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रूफ वाटर हार्वेस्टिंग - कुछ विचारणीय पहलू 

Submitted by HindiWater on Mon, 09/16/2019 - 12:25
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कृष्ण गोपाल 'व्यास’
राजस्थान के मरुस्थलीय इलाके की दूसरी पद्धति रेन वाटर हार्वेस्टिंग थी। इस पद्धति में बरसाती पानी को व्यवस्थित तरीके से सही जगहों पर, रेतीली धरती में उतारा जाता था। वे लोग रेत के चरित्र को अच्छी तरह समझते थे इसलिए उन्होंने पानी को गलत जगह नहीं उतारा। समाज ने उन इलाकों को पहचाना, जहाँ कुछ गहराई पर जिप्सम की मीलों लम्बी चैडी अपारगम्य परत मिलती थी। जिप्सम की वह परत, पानी को नीचे उतरने से रोकती थी।

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काॅप 14: बंजर हो रही झारखंड की 50 प्रतिशत भूमि

Submitted by HindiWater on Thu, 09/05/2019 - 11:12
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काॅप 14: बंजर हो रही झारखंड की 50 प्रतिशत भूमि।फोटो स्त्रोत-डाउन टू अर्थ काॅप 14: बंजर हो रही झारखंड की 50 प्रतिशत भूमि। फोटो स्त्रोत-डाउन टू अर्थ झारखंड मरुस्थलीकरण के भयानक संकट से गुजर रहा है। राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा बंजर हो रहा है। अहमदाबाद स्थित अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के एटलस के मुताबिक झारखंड के भौगोलिक क्षेत्र का 50 प्रतिशत हिस्सा बंजर और भूमि-निम्नीकरण के अंतर्गत आता है। गिरिडीह जिले को 73.79 प्रतिशत हिस्सा भूमि निम्नीकरण की चपेट में है। राज्य की जनसंख्या काफी बढ़ी है। घने वन क्षेत्र में गिरावट आई है।

काॅप 14 : 30 प्रतिशत जमीन पर नहीं उग रहा अनाज का एक भी दाना

Submitted by HindiWater on Thu, 09/05/2019 - 10:17
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30 प्रतिशत जमीन पर नहीं उग रहा अनाज का एक भी दाना।30 प्रतिशत जमीन पर नहीं उग रहा अनाज का एक भी दाना। अच्छी खेती के लिए हर किसान चाहता है कि बारिश हो, लेकिन जब बारिश होती है तो फसल बहने से उसके हाथ निराशा लगती है। जिस कारण मानसून से पहले किसान अच्छी बारिश की उम्मीद तो लगाते हैं, तो कई इलाकों में राहत की ये बारिश किसानों के लिए आफत बनकर बरसती है। इससे किसानों में बारिश को लेकर डर ने भी जगह बना ली है। यही डर महाराष्ट्र के धुले जिले में स्थित सकारी ब्लाॅक के दरेगांव में रहने वाले 35 वर्षीय चैरे का है।

काॅप 14 : हर मिनट मरुस्थल में तब्दील हो रही 23 हेक्टेयर भूमि

Submitted by HindiWater on Wed, 09/04/2019 - 19:21
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) द्वारा जारी ‘स्टेट ऑफ एनवायरमेंट इन फिगर्स 2019’ की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2013 के बीच भारत का मरुस्थलीय क्षेत्र 18.7 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। तो वहीं दुनिया का 23 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र मरुस्थलीकरण का शिकार हो चुका है और विश्वभर में प्रति मिनट 23 हेक्टेयर भूमि मरुस्थल में तब्दील हो रही है।

प्रयास

धान की सूखती खेती को सुरक्षा कवच उपलब्ध कराता देशज प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 09/13/2019 - 11:05
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'

सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।

मध्यप्रदेश के पूर्वी भाग के लगभग अन्तिम छोर पर स्थित गंगा के कछार का हिस्सा। इस हिस्से की कछारी मिट्टी में धान की खेती होती है। इसी हिस्से में बसा है एक अनजान गांव - नाम है सेमरहा। यह रीवा जिले की हनुमना तहसील का लगभग अनजान गांव है। इस गांव मे एक तालाब है जिसे गांव के नाम पर ही सेमरहा तालाब कहा जाता है। यह तालाब बहुत पुराना है। गांव की भौगोलिक पहचान है उसके अक्षांस औैर देशांश।

नोटिस बोर्ड

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
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योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

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दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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