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खासम-खास

रूफ वाटर हार्वेस्टिंग - कुछ विचारणीय पहलू 

Submitted by HindiWater on Mon, 09/16/2019 - 12:25
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
राजस्थान के मरुस्थलीय इलाके की दूसरी पद्धति रेन वाटर हार्वेस्टिंग थी। इस पद्धति में बरसाती पानी को व्यवस्थित तरीके से सही जगहों पर, रेतीली धरती में उतारा जाता था। वे लोग रेत के चरित्र को अच्छी तरह समझते थे इसलिए उन्होंने पानी को गलत जगह नहीं उतारा। समाज ने उन इलाकों को पहचाना, जहाँ कुछ गहराई पर जिप्सम की मीलों लम्बी चैडी अपारगम्य परत मिलती थी। जिप्सम की वह परत, पानी को नीचे उतरने से रोकती थी।

Content

गलत नीतियों से किसान हुए बदहाल 

Submitted by HindiWater on Sat, 08/31/2019 - 11:02
Source
अमर उजाला, 12 जून 2017 

गलत नीतियों से किसान हुए बदहाल। फोटो स्त्रोत-डाउन टू अर्थ गलत नीतियों से किसान हुए बदहाल। फोटो स्त्रोत-डाउन टू अर्थ

पिछले कुछ महीनों से भारत के किसानों ने अपने हाल की तरफ राजनेताओं का ध्यान आकर्षित करने की हर तरह से कोशिश की है। तमिलनाडु के किसान दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे और कई दिनों तक वहां अजीब अजीब तरह से प्रदर्शन करते रहे। बड़े-बड़े राजनेता उनसे मिलने आए, जिनमें राहुल गांधी भी थे, पर प्रधानमंत्री से भेंट नहीं हुई।

पर्यावरण बचाने के लिए घटाना होगा उपभोग

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 10:07
Source
दैनिक जनवाणी, 5 जून 2019
पर्यावरण बचाने के लिए घटाना होगा उपभोग।पर्यावरण बचाने के लिए घटाना होगा उपभोग। अंग्रेजी का ‘एन्वायरमेंट’ शब्द फ्रांसीसी शब्द एनवायरनेट से विकसित हुआ पारिस्थितिकी इस संदर्भ में ‘एन्वायरन्स’ शब्द का प्रयोग पहली बार 1956 में हुआ। 20वीं सदी के छठे दशक से पूर्व के किसी संस्कृत हिंदी ग्रंथ अथवा शब्दकोष में पर्यावरण शब्द का उल्लेख नहीं मिलता। संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी विश्व पर्यावरण दिवस हेतु 1972 में पहली बार निर्देशित किया।

जल प्रबंधन के लिए जन शक्ति जरूरी

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 08:18
Source
योजना, अगस्त  2019
जल प्रबंधन के लिए जन शक्ति जरूरी। जल प्रबंधन के लिए जन शक्ति जरूरी। पानी, नई सरकार की विकास की कार्यसूची का शीर्ष विषय है और इस महीने के शुरू में वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर भी दिया था। जल संरक्षण के लिए स्वच्छ भारत मिशन की तर्ज पर जन आन्दोलन छेड़ने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जल संचय का कार्य जनशक्ति के बिना सम्भव नहीं है।

प्रयास

धान की सूखती खेती को सुरक्षा कवच उपलब्ध कराता देशज प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 09/13/2019 - 11:05
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'

सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।

मध्यप्रदेश के पूर्वी भाग के लगभग अन्तिम छोर पर स्थित गंगा के कछार का हिस्सा। इस हिस्से की कछारी मिट्टी में धान की खेती होती है। इसी हिस्से में बसा है एक अनजान गांव - नाम है सेमरहा। यह रीवा जिले की हनुमना तहसील का लगभग अनजान गांव है। इस गांव मे एक तालाब है जिसे गांव के नाम पर ही सेमरहा तालाब कहा जाता है। यह तालाब बहुत पुराना है। गांव की भौगोलिक पहचान है उसके अक्षांस औैर देशांश।

नोटिस बोर्ड

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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खासम-खास

रूफ वाटर हार्वेस्टिंग - कुछ विचारणीय पहलू 

Submitted by HindiWater on Mon, 09/16/2019 - 12:25
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
राजस्थान के मरुस्थलीय इलाके की दूसरी पद्धति रेन वाटर हार्वेस्टिंग थी। इस पद्धति में बरसाती पानी को व्यवस्थित तरीके से सही जगहों पर, रेतीली धरती में उतारा जाता था। वे लोग रेत के चरित्र को अच्छी तरह समझते थे इसलिए उन्होंने पानी को गलत जगह नहीं उतारा। समाज ने उन इलाकों को पहचाना, जहाँ कुछ गहराई पर जिप्सम की मीलों लम्बी चैडी अपारगम्य परत मिलती थी। जिप्सम की वह परत, पानी को नीचे उतरने से रोकती थी।

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गलत नीतियों से किसान हुए बदहाल 

Submitted by HindiWater on Sat, 08/31/2019 - 11:02
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अमर उजाला, 12 जून 2017 

गलत नीतियों से किसान हुए बदहाल। फोटो स्त्रोत-डाउन टू अर्थ गलत नीतियों से किसान हुए बदहाल। फोटो स्त्रोत-डाउन टू अर्थ

पिछले कुछ महीनों से भारत के किसानों ने अपने हाल की तरफ राजनेताओं का ध्यान आकर्षित करने की हर तरह से कोशिश की है। तमिलनाडु के किसान दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे और कई दिनों तक वहां अजीब अजीब तरह से प्रदर्शन करते रहे। बड़े-बड़े राजनेता उनसे मिलने आए, जिनमें राहुल गांधी भी थे, पर प्रधानमंत्री से भेंट नहीं हुई।

पर्यावरण बचाने के लिए घटाना होगा उपभोग

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 10:07
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दैनिक जनवाणी, 5 जून 2019
पर्यावरण बचाने के लिए घटाना होगा उपभोग।पर्यावरण बचाने के लिए घटाना होगा उपभोग। अंग्रेजी का ‘एन्वायरमेंट’ शब्द फ्रांसीसी शब्द एनवायरनेट से विकसित हुआ पारिस्थितिकी इस संदर्भ में ‘एन्वायरन्स’ शब्द का प्रयोग पहली बार 1956 में हुआ। 20वीं सदी के छठे दशक से पूर्व के किसी संस्कृत हिंदी ग्रंथ अथवा शब्दकोष में पर्यावरण शब्द का उल्लेख नहीं मिलता। संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी विश्व पर्यावरण दिवस हेतु 1972 में पहली बार निर्देशित किया।

जल प्रबंधन के लिए जन शक्ति जरूरी

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 08:18
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योजना, अगस्त  2019
जल प्रबंधन के लिए जन शक्ति जरूरी। जल प्रबंधन के लिए जन शक्ति जरूरी। पानी, नई सरकार की विकास की कार्यसूची का शीर्ष विषय है और इस महीने के शुरू में वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर भी दिया था। जल संरक्षण के लिए स्वच्छ भारत मिशन की तर्ज पर जन आन्दोलन छेड़ने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जल संचय का कार्य जनशक्ति के बिना सम्भव नहीं है।

प्रयास

धान की सूखती खेती को सुरक्षा कवच उपलब्ध कराता देशज प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 09/13/2019 - 11:05
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'

सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।सेमरहा तालाब, उसका आगौर, इनलेट प्रणाली तथा वेस्टवियर का गूगल अर्थ चित्र।

मध्यप्रदेश के पूर्वी भाग के लगभग अन्तिम छोर पर स्थित गंगा के कछार का हिस्सा। इस हिस्से की कछारी मिट्टी में धान की खेती होती है। इसी हिस्से में बसा है एक अनजान गांव - नाम है सेमरहा। यह रीवा जिले की हनुमना तहसील का लगभग अनजान गांव है। इस गांव मे एक तालाब है जिसे गांव के नाम पर ही सेमरहा तालाब कहा जाता है। यह तालाब बहुत पुराना है। गांव की भौगोलिक पहचान है उसके अक्षांस औैर देशांश।

नोटिस बोर्ड

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
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योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
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दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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