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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Mon, 07/20/2020 - 08:26
अविरल नदी, फोटो : needpix.com
मनुष्य की विकास यात्रा का इतिहास बताता है कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे हुआ है। यह विकास चाहे भारत में हुआ हो या मिश्र में, या अन्य और किसी जगह, या बिहार में, सब जगह उसका आधार नदी और उसका कछार ही रहा है। मानव सभ्यता का यह विकास, नदी और मनुष्य के अन्तरंग सम्बन्ध का जीता-जागता प्रमाण है लेकिन यह सम्बन्ध नदी और मनुष्य के बीच क्यों बना और क्यों विकास की धारा नदी के किनारे ही प्रवाहित हुई, पर बहुत ही कम लोगों ने विचार किया है। उससे जुडा साहित्य भी सहजता से उपलब्ध नही है। आइए उस संभावना को समझने का प्रयास करें।

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Submitted by HindiWater on Fri, 07/31/2020 - 21:45
Source:
बिन बारिश कैसे बुझेगी यहां के लोगों की प्यास
इस बार जून और जुलाई की बारिश गोविंद सागर बांध के लिए नाकाफी साबित हुई है। इस बारिश से बांध में एक इंच भी पानी की बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। वर्तमान में 80 फिट के आसपास बांध में पानी है।
Submitted by HindiWater on Thu, 07/30/2020 - 15:34
Source:
जलस्रोतों में छिपा है पहाड़ के भू-कटाव का समाधान
वैसे तो जलस्रोतों के सूखने के कई कारण हैं, लेकिन मानवीय हस्तक्षेप के कारण स्रोतों के कैचमेंट क्षेत्र में हुआ अतिक्रमण अहम कारण है, तो वहीं वनों के कटान ने इसे काफी बढ़ा दिया है। जिस कारण सैंकड़ों स्रोत तो धरातल पर अब नजर ही नहीं आते हैं और न ही उनके कोई निशान दिखते हैं।
Submitted by UrbanWater on Thu, 07/30/2020 - 15:01
Source:
Bihar Flood
बिहार इन दिनों कोरोना के साथ ही साथ बाढ़ से भी जूझ रहा है। लगभग पूरा बिहार आज पानी-पानी हो रहा है। बाढ़ में फँसे लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कहने को बहुत कहानियां हैं, अनेकों समस्याएं हैं जिनका सामना इस वक़्त बिहार के बाढ़ पीड़ित इलाकों के लोग कर रहे हैं। 

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 07/28/2020 - 21:11
डाकुओं को भी बनाया पर्यावरण प्रेमी, लगाए 26 लाख पौधे
वैसे तो पौधारोपण हम सभी करते हैं, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जिनके जीवन का उद्देश्य ही पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण है। ऐसे ही एक व्यक्ति हैं, विष्णु लांबा, जिनकी प्रेरणा से अभी तक 50 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं। साथ ही वे नदियों को खनन मुक्त कराने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने जुनून के चलते ही उन्होंने सुख्यात डाकुओं को भी पर्यावरण की मुहिम से जोड़ दिया। पर्यावरण को बचाने के लिए उन्होंने अपना घरबार भी छोड़ दिया। पर्यावरण के प्रति उनके जुनून को देखते हुए दुनिया अब उन्हें ट्रीमैन ऑफ इंडिया के नाम से जानती है। पेश है उनसे बातचीत के कुछ अंश।

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
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हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : समाज की प्रजातांत्रिक शक्ति और नदी के प्राकृतिक संसाधनों की बहाली 

Submitted by UrbanWater on Mon, 07/20/2020 - 08:26
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
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अविरल नदी, फोटो : needpix.com
मनुष्य की विकास यात्रा का इतिहास बताता है कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे हुआ है। यह विकास चाहे भारत में हुआ हो या मिश्र में, या अन्य और किसी जगह, या बिहार में, सब जगह उसका आधार नदी और उसका कछार ही रहा है। मानव सभ्यता का यह विकास, नदी और मनुष्य के अन्तरंग सम्बन्ध का जीता-जागता प्रमाण है लेकिन यह सम्बन्ध नदी और मनुष्य के बीच क्यों बना और क्यों विकास की धारा नदी के किनारे ही प्रवाहित हुई, पर बहुत ही कम लोगों ने विचार किया है। उससे जुडा साहित्य भी सहजता से उपलब्ध नही है। आइए उस संभावना को समझने का प्रयास करें।

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बिन बारिश कैसे बुझेगी यहां के लोगों की प्यास

Submitted by HindiWater on Fri, 07/31/2020 - 21:45
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बिन बारिश कैसे बुझेगी यहां के लोगों की प्यास
इस बार जून और जुलाई की बारिश गोविंद सागर बांध के लिए नाकाफी साबित हुई है। इस बारिश से बांध में एक इंच भी पानी की बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। वर्तमान में 80 फिट के आसपास बांध में पानी है।

जलस्रोतों में छिपा है पहाड़ के भू-कटाव का समाधान

Submitted by HindiWater on Thu, 07/30/2020 - 15:34
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जलस्रोतों में छिपा है पहाड़ के भू-कटाव का समाधान
वैसे तो जलस्रोतों के सूखने के कई कारण हैं, लेकिन मानवीय हस्तक्षेप के कारण स्रोतों के कैचमेंट क्षेत्र में हुआ अतिक्रमण अहम कारण है, तो वहीं वनों के कटान ने इसे काफी बढ़ा दिया है। जिस कारण सैंकड़ों स्रोत तो धरातल पर अब नजर ही नहीं आते हैं और न ही उनके कोई निशान दिखते हैं।

बिहार बाढ़ः बाढ़ में तैरती जिंदगी

Submitted by UrbanWater on Thu, 07/30/2020 - 15:01
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Bihar Flood
बिहार इन दिनों कोरोना के साथ ही साथ बाढ़ से भी जूझ रहा है। लगभग पूरा बिहार आज पानी-पानी हो रहा है। बाढ़ में फँसे लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कहने को बहुत कहानियां हैं, अनेकों समस्याएं हैं जिनका सामना इस वक़्त बिहार के बाढ़ पीड़ित इलाकों के लोग कर रहे हैं। 

प्रयास

डाकुओं को भी बनाया पर्यावरण प्रेमी, लगाए 26 लाख पौधे

Submitted by HindiWater on Tue, 07/28/2020 - 21:11
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डाकुओं को भी बनाया पर्यावरण प्रेमी, लगाए 26 लाख पौधे
वैसे तो पौधारोपण हम सभी करते हैं, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जिनके जीवन का उद्देश्य ही पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण है। ऐसे ही एक व्यक्ति हैं, विष्णु लांबा, जिनकी प्रेरणा से अभी तक 50 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं। साथ ही वे नदियों को खनन मुक्त कराने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने जुनून के चलते ही उन्होंने सुख्यात डाकुओं को भी पर्यावरण की मुहिम से जोड़ दिया। पर्यावरण को बचाने के लिए उन्होंने अपना घरबार भी छोड़ दिया। पर्यावरण के प्रति उनके जुनून को देखते हुए दुनिया अब उन्हें ट्रीमैन ऑफ इंडिया के नाम से जानती है। पेश है उनसे बातचीत के कुछ अंश।

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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