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खासम-खास

नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

Content

खेती पर निर्भर नहीं रहा भारत

Submitted by HindiWater on Thu, 08/22/2019 - 10:57
Source
डाउन टू अर्थ, अगस्त 2019
खेती पर निर्भर नहीं रहा भारत।खेती पर निर्भर नहीं रहा भारत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने अपने बजट में अगले पाँच साल में भारतीय अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन (5 खरब) डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी भारत 2.8 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था है। ऐसे में यह जरूरी है कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें न केवल तेज आर्थिक विकास की जरूरत है, बल्कि इसका फायदा हर वर्ग को समान रूप से पहुँचाने की भी जरूरत है।

कई घरों में घुसा फ्लाई ऐश, अनाज तक हुआ खत्म

Submitted by HindiWater on Wed, 08/21/2019 - 17:14
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न्यूज एजेंसी "द टेलीप्रिंटर"
कई घरों में घुसा फ्लाई ऐश, अनाज तक हुआ खत्म।कई घरों में घुसा फ्लाई ऐश, अनाज तक हुआ खत्म। एस्सार पॉवर प्लांट से निकलने वाले जहरीले फ्लाई ऐश का तालाब फूटने के बाद कई गांवों के लोगो की जिंदगी तबाह हो गई है। बारिश के पानी के साथ बह कर आई फ्लाई ऐश की वजह से चार गांवों की फसलें नष्ट हो गई है। इतना ही नहीं फ्लाई ऐश गांव में बने मकानों में घुस जाने से घर में रखा अनाज सहित अन्य खाद्यान आदि सबकुछ खत्म हो गया।

माइक्रोप्लास्टिक : एक उभरता हुआ भूजल प्रदूषक

Submitted by HindiWater on Wed, 08/21/2019 - 12:31
Source
विज्ञान प्रगति, अगस्त 2019
माइक्रोप्लास्टिक : एक उभरता हुआ भूजल प्रदूषक।माइक्रोप्लास्टिक : एक उभरता हुआ भूजल प्रदूषक। माइक्रोप्लास्टिक प्रमुख उभरते प्रदूषक में से एक है और हाल ही में दुनिया भर में कई स्थानों में रिपोर्ट की गई है। पर्यावरण में प्लास्टिक माइक्रोस्कोपिक कणों में टूट जाती है जो एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन कर सकते हैं। माइक्रोप्लास्टिक का मुख्य स्रोत लैंडफिल साइट, ओपन डंपिंग  और विनिर्माण इकाइयां हैं। माइक्रोप्लास्टिक आमतौर पर भारी वर्षा के दौरान फ्रैक्चर के माध्यम से जल प्रवाह के साथ भूजल प्रणाली में चले जाते हैं।

प्रयास

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार

Submitted by HindiWater on Wed, 09/04/2019 - 16:41
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द टेलीप्रिंटर

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।

कभी उमरिया जिले के आकाशकोट का पहाड़ी इलाका अपने उजाड़ और बूँद-बूँद पानी के लिए मोहताज़ होने के लिए पहचाना जाता रहा है। लेकिन इस साल यहाँ सरकार और समाज ने मिलकर एक ऐसी इबारत रची है, जिसने इस पहाड़ी इलाके की रंगत ही बदल दी है। बारिश ने यहाँ हरियाली की चादर ओढ़ा दी है तो पहाड़ियों की गोद में तालाबों में पानी ठाठे मार रहा है। जी हाँ, अब यह इलाका भी पानीदार बन चुका है।

नोटिस बोर्ड

जल्द ठीक होगा श्रीनगर बांध का लीकेज

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 16:58

श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर अलकनंदा हाइड्रो पावर लिमिटेड श्रीनगर बांध के पावर चैनल में हो रहे लीकेज को समय सीमा के अंदर रोकने का आदेश दिया है। प्राधिकरण के मुख्य न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल, न्यायाधीश एसपी वागडी तथा विशेषज्ञ सदस्य नवीन नंदा ने अलकनंदा हाइड्रो पावर कारपोरेशन लिमिटेड जल्दी ही समयबद्ध रूप में अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा ऊर्जा विभाग टिहरी जिलाधीश और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निगरानी करने का आदेश दिया है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
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योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
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दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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नई दिल्ली में होगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा सीएसआर शिखर सम्मेलन

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 13:01
एनजीओ बाॅक्स 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित होटल पुलमैन एंड नोवोटेल में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा ‘‘भारत सीएसआर शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी’’ का आयोजन करने जा रहा है। यह 6वा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी) नाॅलेज पार्टनर की भूमि निभा रहा है।

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खेती पर निर्भर नहीं रहा भारत

Submitted by HindiWater on Thu, 08/22/2019 - 10:57
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डाउन टू अर्थ, अगस्त 2019
खेती पर निर्भर नहीं रहा भारत।खेती पर निर्भर नहीं रहा भारत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने अपने बजट में अगले पाँच साल में भारतीय अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन (5 खरब) डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी भारत 2.8 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था है। ऐसे में यह जरूरी है कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें न केवल तेज आर्थिक विकास की जरूरत है, बल्कि इसका फायदा हर वर्ग को समान रूप से पहुँचाने की भी जरूरत है।

कई घरों में घुसा फ्लाई ऐश, अनाज तक हुआ खत्म

Submitted by HindiWater on Wed, 08/21/2019 - 17:14
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न्यूज एजेंसी "द टेलीप्रिंटर"
कई घरों में घुसा फ्लाई ऐश, अनाज तक हुआ खत्म।कई घरों में घुसा फ्लाई ऐश, अनाज तक हुआ खत्म। एस्सार पॉवर प्लांट से निकलने वाले जहरीले फ्लाई ऐश का तालाब फूटने के बाद कई गांवों के लोगो की जिंदगी तबाह हो गई है। बारिश के पानी के साथ बह कर आई फ्लाई ऐश की वजह से चार गांवों की फसलें नष्ट हो गई है। इतना ही नहीं फ्लाई ऐश गांव में बने मकानों में घुस जाने से घर में रखा अनाज सहित अन्य खाद्यान आदि सबकुछ खत्म हो गया।

माइक्रोप्लास्टिक : एक उभरता हुआ भूजल प्रदूषक

Submitted by HindiWater on Wed, 08/21/2019 - 12:31
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विज्ञान प्रगति, अगस्त 2019
माइक्रोप्लास्टिक : एक उभरता हुआ भूजल प्रदूषक।माइक्रोप्लास्टिक : एक उभरता हुआ भूजल प्रदूषक। माइक्रोप्लास्टिक प्रमुख उभरते प्रदूषक में से एक है और हाल ही में दुनिया भर में कई स्थानों में रिपोर्ट की गई है। पर्यावरण में प्लास्टिक माइक्रोस्कोपिक कणों में टूट जाती है जो एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन कर सकते हैं। माइक्रोप्लास्टिक का मुख्य स्रोत लैंडफिल साइट, ओपन डंपिंग  और विनिर्माण इकाइयां हैं। माइक्रोप्लास्टिक आमतौर पर भारी वर्षा के दौरान फ्रैक्चर के माध्यम से जल प्रवाह के साथ भूजल प्रणाली में चले जाते हैं।

प्रयास

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार

Submitted by HindiWater on Wed, 09/04/2019 - 16:41
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द टेलीप्रिंटर

आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।आकाशकोट का पहाड़ी इलाका भी हुआ पानीदार।

कभी उमरिया जिले के आकाशकोट का पहाड़ी इलाका अपने उजाड़ और बूँद-बूँद पानी के लिए मोहताज़ होने के लिए पहचाना जाता रहा है। लेकिन इस साल यहाँ सरकार और समाज ने मिलकर एक ऐसी इबारत रची है, जिसने इस पहाड़ी इलाके की रंगत ही बदल दी है। बारिश ने यहाँ हरियाली की चादर ओढ़ा दी है तो पहाड़ियों की गोद में तालाबों में पानी ठाठे मार रहा है। जी हाँ, अब यह इलाका भी पानीदार बन चुका है।

नोटिस बोर्ड

जल्द ठीक होगा श्रीनगर बांध का लीकेज

Submitted by HindiWater on Tue, 09/10/2019 - 16:58

श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।श्रीनगर बांध के चैनल से होता लीकेज।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने उत्तम सिंह भंडारी और विमल भाई की याचिका पर अलकनंदा हाइड्रो पावर लिमिटेड श्रीनगर बांध के पावर चैनल में हो रहे लीकेज को समय सीमा के अंदर रोकने का आदेश दिया है। प्राधिकरण के मुख्य न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल, न्यायाधीश एसपी वागडी तथा विशेषज्ञ सदस्य नवीन नंदा ने अलकनंदा हाइड्रो पावर कारपोरेशन लिमिटेड जल्दी ही समयबद्ध रूप में अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा ऊर्जा विभाग टिहरी जिलाधीश और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निगरानी करने का आदेश दिया है।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
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योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं। वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
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दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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