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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 11:45
जल संकट के आईने में समाधान की खोज  
पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वह कहीं कम है तो कहीं अधिक। कहीं वह ग्रीष्मकालीन खेती के लिए है तो कहीं वह आने वाले दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिए है, तो कहीं-कहीं उद्योग-धन्धों के लिए कठिनाई का सबब है। पर्यावरणविदों के लिए वह नदियों के ग्रीष्मकालीन प्रवाह या पर्यावरणीय प्रवाह और जैवविविधता का संकट है।

Content

Submitted by HindiWater on Fri, 11/01/2019 - 10:47
Source:
दैनिक जागरण, 01 नवंबर 2019
जहरीली हवा का असर, घटी गंगा किनारे रहने वालों की उम्र
air pollution) यानी जहरीली हवा (poisonous air) अब लोगों के जीवन पर भारी पड़ रही है। एक अध्ययन ने बताया है कि उत्तर भारत में जहरीली हवा (poisonous air) के कारण गंगा के मैदानी इलाकों में रहने वाले भारतीयों की आयु सात साल तक कम हो गई है। 1998-2016 के बीच हुए शोध में कहा गया है कि उत्तर भारत में प्रदूषण (pollution) बाकी भारत के मुकाबले तीन गुना अधिक जानलेवा है।
Submitted by HindiWater on Thu, 10/31/2019 - 16:02
Source:
जलवायु परिवर्तन: 15 लाख भारतीयों पर मंडरा रहा मौत का खतरा
जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने से हर साल पृथ्वी गर्म हो रही है। गर्मी बढ़ने से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और समुद्र किनारे बसे शहरों तथा देशों पर भविष्य में डूबने का खतरा बना हुआ है। भूमि शुष्क होकर मरुस्थल में तब्दील हो रही है। बढ़ती गर्भी के कारण गर्म दिनों की संख्या बढ़ती जा रही है, इससे जैव विविधता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
Submitted by HindiWater on Thu, 10/31/2019 - 10:56
Source:
पानी की बर्बादी के लिए केवल किसान ही दोषी नहीं
जल दोहन में केवल किसान ही नहीं बल्कि शहर के लोग और उद्योग भी दोषी हैं। जल बचाने के लिए जागरुता फैलानी जरूरी है, ताकि लोग जल की एक एक बूंद की कीमत समझे। खेती में जल को बचाने के लिए ड्रिस इरीगेशन किया जाए, इसके लिए सरकार द्वारा योजना भी चलाई जा रही है, जिसमें किसानों को अनुदान भी दिया जाता है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/20/2020 - 13:48
चंदन नयाल के बनाए चाल-खाल
चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं। नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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खासम-खास

जल संकट के आईने में समाधान की खोज  

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 11:45
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
जल संकट के आईने में समाधान की खोज  
पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वह कहीं कम है तो कहीं अधिक। कहीं वह ग्रीष्मकालीन खेती के लिए है तो कहीं वह आने वाले दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिए है, तो कहीं-कहीं उद्योग-धन्धों के लिए कठिनाई का सबब है। पर्यावरणविदों के लिए वह नदियों के ग्रीष्मकालीन प्रवाह या पर्यावरणीय प्रवाह और जैवविविधता का संकट है।

Content

जहरीली हवा का असर, घटी गंगा किनारे रहने वालों की उम्र

Submitted by HindiWater on Fri, 11/01/2019 - 10:47
Source
दैनिक जागरण, 01 नवंबर 2019
जहरीली हवा का असर, घटी गंगा किनारे रहने वालों की उम्र
air pollution) यानी जहरीली हवा (poisonous air) अब लोगों के जीवन पर भारी पड़ रही है। एक अध्ययन ने बताया है कि उत्तर भारत में जहरीली हवा (poisonous air) के कारण गंगा के मैदानी इलाकों में रहने वाले भारतीयों की आयु सात साल तक कम हो गई है। 1998-2016 के बीच हुए शोध में कहा गया है कि उत्तर भारत में प्रदूषण (pollution) बाकी भारत के मुकाबले तीन गुना अधिक जानलेवा है।

जलवायु परिवर्तन: 15 लाख भारतीयों पर मंडरा रहा मौत का खतरा

Submitted by HindiWater on Thu, 10/31/2019 - 16:02
जलवायु परिवर्तन: 15 लाख भारतीयों पर मंडरा रहा मौत का खतरा
जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने से हर साल पृथ्वी गर्म हो रही है। गर्मी बढ़ने से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और समुद्र किनारे बसे शहरों तथा देशों पर भविष्य में डूबने का खतरा बना हुआ है। भूमि शुष्क होकर मरुस्थल में तब्दील हो रही है। बढ़ती गर्भी के कारण गर्म दिनों की संख्या बढ़ती जा रही है, इससे जैव विविधता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

पानी की बर्बादी के लिए केवल किसान दोषी नहीं

Submitted by HindiWater on Thu, 10/31/2019 - 10:56
पानी की बर्बादी के लिए केवल किसान ही दोषी नहीं
जल दोहन में केवल किसान ही नहीं बल्कि शहर के लोग और उद्योग भी दोषी हैं। जल बचाने के लिए जागरुता फैलानी जरूरी है, ताकि लोग जल की एक एक बूंद की कीमत समझे। खेती में जल को बचाने के लिए ड्रिस इरीगेशन किया जाए, इसके लिए सरकार द्वारा योजना भी चलाई जा रही है, जिसमें किसानों को अनुदान भी दिया जाता है।

प्रयास

लॉकडाउन के दौरान ही 15 से ज्यादा चाल-खालों का निर्माण कर चुके हैं चंदन नयाल

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/20/2020 - 13:48
Author
केसर सिंह
lockdown-kay-dauran-hee-15-sey-jyada-chaal-khalon-kaa-nirman
चंदन नयाल के बनाए चाल-खाल
चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं। नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
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Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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