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खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

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Submitted by Shivendra on Fri, 09/02/2022 - 15:55
Source:
बेंगलुरु झील
बेंगलुरु की 105 झीलों में से किसी को भी क्लास ए, बी या सी के रूप में रखा गया है, उनमें से 65 को क्लास 'डी' और 36 झीलों को क्लास 'ई' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। चूंकि अन्य चार झीलों के जलाशय सूखे थे, इसलिए उनसे पानी के नमूने लेना संभव नहीं था
Submitted by Shivendra on Thu, 09/01/2022 - 14:10
Source:
दूषित पानी के कारण स्कूल छोड़ने पर मजबूर बच्चे
लोगो के घुटनो तक ये प्रदूषित पानी पहुंच रहा है आपको बता दे की प्रदूषित नाले में आस पास के करीब 500 घरो का गन्दा पानी इकट्ठा होता है इसके साथ ही बरसात का पानी भी इसमें एकत्रित होता है ग्रामीणों का कहना है की पूर्व विधायक ने यहाँ पर इस पानी की निकासी के लिए एक नाला बनवाया जरूर था लेकिन गाँव के ही एक दबंग ने इसे नाले को पाठ दिया आपको बता दे की इस गाँव में जो सरकारी विद्यालय है वहां करीब सवा दो सौ के करीब बच्चों का रजिस्ट्रेशन है लेकिन उनमें से इस नाले की वजह से मात्रा 30 से 40  बच्चे ही स्कूल आते है ग्रामीणों सहित स्कूल के बच्चों का कहना है की इस गंदे नाले की वजह से  यहाँ आना जाना भी बेहद मुश्किल है और अब तो आलम ये है की इसकी वजह से बीमारियों ने भी जन्म लेना शुरू कर दिया है
Submitted by Shivendra on Tue, 08/30/2022 - 16:28
Source:
अमृत सरोवर योजना से अमर होंगे तालाब
उत्तराखंड के कालसी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बजौ में भी अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब का निर्माण किया गया जिसकी क्षमता करीब 9 लाख लीटर है इस योजना से गर्मी के समय में भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सकेगी

प्रयास

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Tue, 09/06/2022 - 14:16
Source:
चरखा फीचर
'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स – 2022
कार्य अनुभव के विवरण के साथ संक्षिप्त पाठ्यक्रम जीवन लगभग 800-1000 शब्दों का एक प्रस्ताव, जिसमें उस विशेष विषयगत क्षेत्र को रेखांकित किया गया हो, जिसमें आवेदक काम करना चाहता है. प्रस्ताव में अध्ययन की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, कार्यप्रणाली, चयनित विषय की प्रासंगिकता के साथ-साथ इन लेखों से अपेक्षित प्रभाव के बारे में विवरण शामिल होनी चाहिए. साथ ही, इस बात का उल्लेख होनी चाहिए कि देश के विकास से जुड़ी बहस में इसके योगदान किस प्रकार हो सकता है? कृपया आलेख प्रस्तुत करने वाली भाषा भी निर्दिष्ट करें। लेख अंग्रेजी, हिंदी या उर्दू में ही स्वीकार किए जाएंगे
Submitted by Shivendra on Tue, 08/23/2022 - 17:19
Source:
यूसर्क
जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यशाला
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आज दिनांक 23.08.22 को तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रो.(डॉ.) अनीता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि यूसर्क द्वारा जल के महत्व को देखते हुए विगत वर्ष 2021 को संयुक्त राष्ट्र की विश्व पर्यावरण दिवस की थीम "ईको सिस्टम रेस्टोरेशन" के अंर्तगत आयोजित कार्यक्रम के निष्कर्षों के क्रम में जल विज्ञान विषयक लेक्चर सीरीज एवं जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रारंभ किया गया
Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
Source:
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

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खासम-खास

केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण  : कुछ तथ्य, कुछ जानकारियां

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
kendriya-bhoomi-jal-pradhikaran-:-kuchh-tathy,-kuchh-jankariyan
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

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बेंगलुरु की किसी भी झील में नहीं है पीने लायक पानी

Submitted by Shivendra on Fri, 09/02/2022 - 15:55
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बेंगलुरु झील
बेंगलुरु की 105 झीलों में से किसी को भी क्लास ए, बी या सी के रूप में रखा गया है, उनमें से 65 को क्लास 'डी' और 36 झीलों को क्लास 'ई' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। चूंकि अन्य चार झीलों के जलाशय सूखे थे, इसलिए उनसे पानी के नमूने लेना संभव नहीं था

दूषित पानी के कारण स्कूल छोड़ने पर मजबूर बच्चे

Submitted by Shivendra on Thu, 09/01/2022 - 14:10
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दूषित पानी के कारण स्कूल छोड़ने पर मजबूर बच्चे
लोगो के घुटनो तक ये प्रदूषित पानी पहुंच रहा है आपको बता दे की प्रदूषित नाले में आस पास के करीब 500 घरो का गन्दा पानी इकट्ठा होता है इसके साथ ही बरसात का पानी भी इसमें एकत्रित होता है ग्रामीणों का कहना है की पूर्व विधायक ने यहाँ पर इस पानी की निकासी के लिए एक नाला बनवाया जरूर था लेकिन गाँव के ही एक दबंग ने इसे नाले को पाठ दिया आपको बता दे की इस गाँव में जो सरकारी विद्यालय है वहां करीब सवा दो सौ के करीब बच्चों का रजिस्ट्रेशन है लेकिन उनमें से इस नाले की वजह से मात्रा 30 से 40  बच्चे ही स्कूल आते है ग्रामीणों सहित स्कूल के बच्चों का कहना है की इस गंदे नाले की वजह से  यहाँ आना जाना भी बेहद मुश्किल है और अब तो आलम ये है की इसकी वजह से बीमारियों ने भी जन्म लेना शुरू कर दिया है

अमृत सरोवर योजना से अमर होंगे तालाब

Submitted by Shivendra on Tue, 08/30/2022 - 16:28
Author
उत्तराखंड
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अमृत सरोवर योजना से अमर होंगे तालाब
उत्तराखंड के कालसी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बजौ में भी अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब का निर्माण किया गया जिसकी क्षमता करीब 9 लाख लीटर है इस योजना से गर्मी के समय में भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सकेगी

प्रयास

उदयपुर के इस गांव को वेटलैंड घोषित किया जाना तय

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
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राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स – 2022

Submitted by Shivendra on Tue, 09/06/2022 - 14:16
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Source
चरखा फीचर
'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स – 2022
कार्य अनुभव के विवरण के साथ संक्षिप्त पाठ्यक्रम जीवन लगभग 800-1000 शब्दों का एक प्रस्ताव, जिसमें उस विशेष विषयगत क्षेत्र को रेखांकित किया गया हो, जिसमें आवेदक काम करना चाहता है. प्रस्ताव में अध्ययन की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, कार्यप्रणाली, चयनित विषय की प्रासंगिकता के साथ-साथ इन लेखों से अपेक्षित प्रभाव के बारे में विवरण शामिल होनी चाहिए. साथ ही, इस बात का उल्लेख होनी चाहिए कि देश के विकास से जुड़ी बहस में इसके योगदान किस प्रकार हो सकता है? कृपया आलेख प्रस्तुत करने वाली भाषा भी निर्दिष्ट करें। लेख अंग्रेजी, हिंदी या उर्दू में ही स्वीकार किए जाएंगे

​यूसर्क द्वारा तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण प्रारंभ

Submitted by Shivendra on Tue, 08/23/2022 - 17:19
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Source
यूसर्क
जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यशाला
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आज दिनांक 23.08.22 को तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रो.(डॉ.) अनीता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि यूसर्क द्वारा जल के महत्व को देखते हुए विगत वर्ष 2021 को संयुक्त राष्ट्र की विश्व पर्यावरण दिवस की थीम "ईको सिस्टम रेस्टोरेशन" के अंर्तगत आयोजित कार्यक्रम के निष्कर्षों के क्रम में जल विज्ञान विषयक लेक्चर सीरीज एवं जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रारंभ किया गया

28 जुलाई को यूसर्क द्वारा आयोजित जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला पर भाग लेने के लिए पंजीकरण करायें

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
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Source
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

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