नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 10/11/2019 - 08:38
जल संरक्षण - आवश्यकता एवं उपाय।
हम सभी जानते हैं कि जल सभी जीवित प्राणियों के अस्तित्व के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। आपने यह भी जानकारी प्राप्त कर ली होगी कि प्रयोग करने योग्य पानी की कमी होती जा रही है। यहाँ पर पानी के संरक्षण के कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय, प्रत्येक व्यक्ति, समुदाय तथा जल संरक्षण में सरकार का योगदान की भूमिका के बारे में जान जाएँगे।

Content

Submitted by HindiWater on Fri, 08/02/2019 - 16:36
Source:
दैनिक जागरण (आई नेक्स्ट), 28 जुलाई 2019
climate change in india
जलवायु परिवर्तन से खतरे में पृथ्वी। मौसम की बेरुखी से देश के कई हिस्से मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। एक ओर कई राज्यों में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए हैं तो वहीं दूसरी ओर कई इलाके ऐसे भी हैं जो सूखे के कारण भयानक जल संकट की चपेट में हैं। तमिलनाडु में भयानक सूखे से चेन्नई में लोग भीषण जलसंकट से जूझ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि राज्य सरकार को चेन्नई में जलापूर्ति के लिए ट्रेन का सहारा लेना पड़ा है। इसके उलट उत्तरप्रदेश, बिहार और असम में 33 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
Submitted by HindiWater on Fri, 08/02/2019 - 15:16
Source:
अमर उजाला, 29 जुलाई, 2019
environment and development in mumbai
 मुम्बई की जिस समुद्रतटीय सड़क यानी कोस्टल रोड की लोगों को बहुत अधिक जरूरत है, उसके निर्माण में अब समय लगेगा, क्योंकि मुम्बई उच्च न्यायालय ने इसका निर्माण रोकने का आदेश दिया है। न्यायालय ने इस सड़क का निर्माण रोकने का आदेश पर्यावरण के कुछ पहरेदारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। गौरतलब है कि इस सड़क के निर्माण पर अभी तक करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं।
Submitted by HindiWater on Fri, 08/02/2019 - 14:49
Source:
राष्ट्रीय सहारा, 20 जुलाई, 2019
zero budget agriculture beneficial for farmers

शून्य बजट कृषि से खत्म होगी किसानों की समस्या।

स्वतंत्रता प्राप्ति के 72 वर्ष बाद भी भारत की बहुसंख्यक आबादी आज भी कृषि पर आश्रित है। आबादी का लगभग 58 फीसद हिस्सा आज भी गाँवों में निवास करता है और मूलतः कृषि से जीवन यापन करता है। एक अनुमान के अनुसार गाँवों में रहने वाले लगभग 10 करोड़ परिवारों में से 70 फीसद परिवार अभी भी गरीबी रेखा के नीचे हैं। कृषि की उत्पादकता और किसानों की आय लगातार चिन्ता का विषय है। ऐसी विषम परिस्थिति में जहाँ आज प्रत्येक हाथ को उपयुक्त काम नहीं मिल रहा है, जीविका प्रभावित है, रोजगार का अभाव है, मन हताश और निराशा के चरम पर है। न्यू इंडिया और भारत को पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कृषि, गाँव एवं किसान की समृद्धि पर विशेष ध्यान देना होगा।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 10/15/2019 - 11:15
रामवीर तंवर।
गांव से बाहरवी तक की पढ़ाई करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने लिए एक काॅलेज में दाखिला लिया। काॅलेज में पर्यावरण संरक्षण के लिए रामवीर काफी सक्रिय रहे। साथ ही उनके मन में जलाशयों को संरक्षित करने का विचार चलता रहा। बीटेक करने के बाद एक अच्छी नौकरी मिल गई, लेकिन बार बार मन तालाबों के संरक्षण के बारे में ही सोचता रहा।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
Source:
मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन।
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया। सभा में स्वामी सानंद के संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कार्यनीति का निर्धारण किया तथा ध्वनिगत से निश्चय किया गया कि गंगा एक्ट बनाने का कार्य पर्यावरणविद रवि चोपड़ा की अध्यक्षता वाली टीम करेगी, जिसके समन्वयक राष्ट्रीय अभिमान आन्दोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसवराज पाटिल होंगे।
Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source:
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -
Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source:
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

Latest

खासम-खास

जल संरक्षण - आवश्यकता एवं उपाय

Submitted by HindiWater on Fri, 10/11/2019 - 08:38
हम सभी जानते हैं कि जल सभी जीवित प्राणियों के अस्तित्व के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। आपने यह भी जानकारी प्राप्त कर ली होगी कि प्रयोग करने योग्य पानी की कमी होती जा रही है। यहाँ पर पानी के संरक्षण के कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय, प्रत्येक व्यक्ति, समुदाय तथा जल संरक्षण में सरकार का योगदान की भूमिका के बारे में जान जाएँगे।

Content

जलवायु परिवर्तन से 20 साल में 5.2 लाख लोगों ने गवाई जान

Submitted by HindiWater on Fri, 08/02/2019 - 16:36
Source
दैनिक जागरण (आई नेक्स्ट), 28 जुलाई 2019
जलवायु परिवर्तन से खतरे में पृथ्वी।जलवायु परिवर्तन से खतरे में पृथ्वी। मौसम की बेरुखी से देश के कई हिस्से मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। एक ओर कई राज्यों में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए हैं तो वहीं दूसरी ओर कई इलाके ऐसे भी हैं जो सूखे के कारण भयानक जल संकट की चपेट में हैं। तमिलनाडु में भयानक सूखे से चेन्नई में लोग भीषण जलसंकट से जूझ रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि राज्य सरकार को चेन्नई में जलापूर्ति के लिए ट्रेन का सहारा लेना पड़ा है। इसके उलट उत्तरप्रदेश, बिहार और असम में 33 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

मुम्बई : पर्यावरण या विकास

Submitted by HindiWater on Fri, 08/02/2019 - 15:16
Source
अमर उजाला, 29 जुलाई, 2019
 मुम्बई की जिस समुद्रतटीय सड़क यानी कोस्टल रोड की लोगों को बहुत अधिक जरूरत है, उसके निर्माण में अब समय लगेगा, क्योंकि मुम्बई उच्च न्यायालय ने इसका निर्माण रोकने का आदेश दिया है। न्यायालय ने इस सड़क का निर्माण रोकने का आदेश पर्यावरण के कुछ पहरेदारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। गौरतलब है कि इस सड़क के निर्माण पर अभी तक करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं।

शून्य बजट कृषि से खत्म होगी किसानों की समस्या

Submitted by HindiWater on Fri, 08/02/2019 - 14:49
Source
राष्ट्रीय सहारा, 20 जुलाई, 2019

शून्य बजट कृषि से खत्म होगी किसानों की समस्या।शून्य बजट कृषि से खत्म होगी किसानों की समस्या।

स्वतंत्रता प्राप्ति के 72 वर्ष बाद भी भारत की बहुसंख्यक आबादी आज भी कृषि पर आश्रित है। आबादी का लगभग 58 फीसद हिस्सा आज भी गाँवों में निवास करता है और मूलतः कृषि से जीवन यापन करता है। एक अनुमान के अनुसार गाँवों में रहने वाले लगभग 10 करोड़ परिवारों में से 70 फीसद परिवार अभी भी गरीबी रेखा के नीचे हैं। कृषि की उत्पादकता और किसानों की आय लगातार चिन्ता का विषय है। ऐसी विषम परिस्थिति में जहाँ आज प्रत्येक हाथ को उपयुक्त काम नहीं मिल रहा है, जीविका प्रभावित है, रोजगार का अभाव है, मन हताश और निराशा के चरम पर है। न्यू इंडिया और भारत को पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कृषि, गाँव एवं किसान की समृद्धि पर विशेष ध्यान देना होगा।

प्रयास

तालाबों को संरक्षित करने के लिए इंजीनियर ने छोड़ दी नौकरी

Submitted by HindiWater on Tue, 10/15/2019 - 11:15
गांव से बाहरवी तक की पढ़ाई करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने लिए एक काॅलेज में दाखिला लिया। काॅलेज में पर्यावरण संरक्षण के लिए रामवीर काफी सक्रिय रहे। साथ ही उनके मन में जलाशयों को संरक्षित करने का विचार चलता रहा। बीटेक करने के बाद एक अच्छी नौकरी मिल गई, लेकिन बार बार मन तालाबों के संरक्षण के बारे में ही सोचता रहा।

नोटिस बोर्ड

मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया। सभा में स्वामी सानंद के संकल्पों को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कार्यनीति का निर्धारण किया तथा ध्वनिगत से निश्चय किया गया कि गंगा एक्ट बनाने का कार्य पर्यावरणविद रवि चोपड़ा की अध्यक्षता वाली टीम करेगी, जिसके समन्वयक राष्ट्रीय अभिमान आन्दोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसवराज पाटिल होंगे।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

Upcoming Event

Popular Articles