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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Mon, 07/20/2020 - 08:26
अविरल नदी, फोटो : needpix.com
मनुष्य की विकास यात्रा का इतिहास बताता है कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे हुआ है। यह विकास चाहे भारत में हुआ हो या मिश्र में, या अन्य और किसी जगह, या बिहार में, सब जगह उसका आधार नदी और उसका कछार ही रहा है। मानव सभ्यता का यह विकास, नदी और मनुष्य के अन्तरंग सम्बन्ध का जीता-जागता प्रमाण है लेकिन यह सम्बन्ध नदी और मनुष्य के बीच क्यों बना और क्यों विकास की धारा नदी के किनारे ही प्रवाहित हुई, पर बहुत ही कम लोगों ने विचार किया है। उससे जुडा साहित्य भी सहजता से उपलब्ध नही है। आइए उस संभावना को समझने का प्रयास करें।

Content

Submitted by HindiWater on Sat, 06/20/2020 - 08:37
Source:
जल जीवन मिशनः उत्तराखंड में 1465 करोड़ से हर घर को मिलेगा जल
हर घर जल पहुचांने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांशी योजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के हर घर को नल से जल पहुंचाने के लिए सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ाया है। प्रदेश सरकार ने हर घर को नल से पेयजल आपूर्ति कराने का लक्ष्य वर्ष 2024 रखा है। इसके लिए इस वित्तीय वर्ष 1465 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 
Submitted by HindiWater on Sat, 06/20/2020 - 03:30
Source:
सतलुज और ब्यास नदी में प्रदूषण की रोकथाम पर कमिटी ने जारी की रिपोर्ट
समिति ने सतलुज और ब्यास नदी के जलग्रहण क्षेत्र में मौजूद उद्योगों और प्रदूषण के अन्य स्रोतों का दौरा किया था। साथ ही कमिटी ने अपनी सिफारिशें संबंधित अधिकारियों के पास भेज दी हैं। जिससे प्रदूषण की रोकथाम के लिए जरुरी कदम उठायें जा सकें।
Submitted by UrbanWater on Sat, 06/20/2020 - 03:09
Source:
जल चेतना, खण्ड 7, अंक 2, जुलाई 2018, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की-247667
तालाबों की शृंखला; फोटो : needpix.com
यदि तालाब सूखे पड़े रहें तो पेयजल का संकट और गहरा सकता है। तालाब से ही भूमिगत जलस्रोतों में पानी की आवक होती है। कुएँ और ट्यूबवेल में तभी तक पानी आता है जब तक तालाब में पानी होता है। एक तालाब अपने आसपास के कई किलोमीटर क्षेत्र में भूमिगत जलस्रोतों का पोषण करता है। इससे पेयजल व्यवस्था सुगम और सुचारू हो सकती है। वर्षा के जल अथवा बहते पानी को रोककर रखे जाने हेतु तालाबों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। अन्यथा वर्षा के दिनों में झरने आदि का पानी व्यर्थ में बह जाता है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 07/28/2020 - 21:11
डाकुओं को भी बनाया पर्यावरण प्रेमी, लगाए 26 लाख पौधे
वैसे तो पौधारोपण हम सभी करते हैं, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जिनके जीवन का उद्देश्य ही पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण है। ऐसे ही एक व्यक्ति हैं, विष्णु लांबा, जिनकी प्रेरणा से अभी तक 50 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं। साथ ही वे नदियों को खनन मुक्त कराने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने जुनून के चलते ही उन्होंने सुख्यात डाकुओं को भी पर्यावरण की मुहिम से जोड़ दिया। पर्यावरण को बचाने के लिए उन्होंने अपना घरबार भी छोड़ दिया। पर्यावरण के प्रति उनके जुनून को देखते हुए दुनिया अब उन्हें ट्रीमैन ऑफ इंडिया के नाम से जानती है। पेश है उनसे बातचीत के कुछ अंश।

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
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हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : समाज की प्रजातांत्रिक शक्ति और नदी के प्राकृतिक संसाधनों की बहाली 

Submitted by UrbanWater on Mon, 07/20/2020 - 08:26
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
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अविरल नदी, फोटो : needpix.com
मनुष्य की विकास यात्रा का इतिहास बताता है कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे हुआ है। यह विकास चाहे भारत में हुआ हो या मिश्र में, या अन्य और किसी जगह, या बिहार में, सब जगह उसका आधार नदी और उसका कछार ही रहा है। मानव सभ्यता का यह विकास, नदी और मनुष्य के अन्तरंग सम्बन्ध का जीता-जागता प्रमाण है लेकिन यह सम्बन्ध नदी और मनुष्य के बीच क्यों बना और क्यों विकास की धारा नदी के किनारे ही प्रवाहित हुई, पर बहुत ही कम लोगों ने विचार किया है। उससे जुडा साहित्य भी सहजता से उपलब्ध नही है। आइए उस संभावना को समझने का प्रयास करें।

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जल जीवन मिशनः उत्तराखंड में 1465 करोड़ से हर घर को मिलेगा जल

Submitted by HindiWater on Sat, 06/20/2020 - 08:37
jal-jeevan-mission-uttarakhand
जल जीवन मिशनः उत्तराखंड में 1465 करोड़ से हर घर को मिलेगा जल
हर घर जल पहुचांने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांशी योजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के हर घर को नल से जल पहुंचाने के लिए सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ाया है। प्रदेश सरकार ने हर घर को नल से पेयजल आपूर्ति कराने का लक्ष्य वर्ष 2024 रखा है। इसके लिए इस वित्तीय वर्ष 1465 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 

सतलुज और ब्यास नदी में प्रदूषण की रोकथाम पर कमिटी ने जारी की रिपोर्ट

Submitted by HindiWater on Sat, 06/20/2020 - 03:30
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सतलुज और ब्यास नदी में प्रदूषण की रोकथाम पर कमिटी ने जारी की रिपोर्ट
समिति ने सतलुज और ब्यास नदी के जलग्रहण क्षेत्र में मौजूद उद्योगों और प्रदूषण के अन्य स्रोतों का दौरा किया था। साथ ही कमिटी ने अपनी सिफारिशें संबंधित अधिकारियों के पास भेज दी हैं। जिससे प्रदूषण की रोकथाम के लिए जरुरी कदम उठायें जा सकें।

जल संरक्षण एवं प्रबंधन में तालाबों की महत्ता

Submitted by UrbanWater on Sat, 06/20/2020 - 03:09
Author
किरण बाला
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Source
जल चेतना, खण्ड 7, अंक 2, जुलाई 2018, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की-247667
तालाबों की शृंखला; फोटो : needpix.com
यदि तालाब सूखे पड़े रहें तो पेयजल का संकट और गहरा सकता है। तालाब से ही भूमिगत जलस्रोतों में पानी की आवक होती है। कुएँ और ट्यूबवेल में तभी तक पानी आता है जब तक तालाब में पानी होता है। एक तालाब अपने आसपास के कई किलोमीटर क्षेत्र में भूमिगत जलस्रोतों का पोषण करता है। इससे पेयजल व्यवस्था सुगम और सुचारू हो सकती है। वर्षा के जल अथवा बहते पानी को रोककर रखे जाने हेतु तालाबों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। अन्यथा वर्षा के दिनों में झरने आदि का पानी व्यर्थ में बह जाता है।

प्रयास

डाकुओं को भी बनाया पर्यावरण प्रेमी, लगाए 26 लाख पौधे

Submitted by HindiWater on Tue, 07/28/2020 - 21:11
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डाकुओं को भी बनाया पर्यावरण प्रेमी, लगाए 26 लाख पौधे
वैसे तो पौधारोपण हम सभी करते हैं, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जिनके जीवन का उद्देश्य ही पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण है। ऐसे ही एक व्यक्ति हैं, विष्णु लांबा, जिनकी प्रेरणा से अभी तक 50 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं। साथ ही वे नदियों को खनन मुक्त कराने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने जुनून के चलते ही उन्होंने सुख्यात डाकुओं को भी पर्यावरण की मुहिम से जोड़ दिया। पर्यावरण को बचाने के लिए उन्होंने अपना घरबार भी छोड़ दिया। पर्यावरण के प्रति उनके जुनून को देखते हुए दुनिया अब उन्हें ट्रीमैन ऑफ इंडिया के नाम से जानती है। पेश है उनसे बातचीत के कुछ अंश।

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
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वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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