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Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25
हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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Submitted by HindiWater on Wed, 12/23/2020 - 17:07
Source:
जल क्या है ?
जल एक आम रासायनिक पदार्थ है जल शब्द का उपयोग केवल इसकी  तरल अवस्था के लिए ही किया जाता है जल की 3 अवस्था होती है  तरल,ठोस यानी बर्फ और जल वाष्प है. जल एक कार्बनिक यौगिक है जो  ऑक्सीजन और हाइड्रोजन से बना है,यह ऑक्सीजन के 01 और हाइड्रोजन के 02अणुओं से मिलकर बनता है इसलिए इसका वैज्ञानिक
Submitted by HindiWater on Sat, 12/19/2020 - 14:59
Source:
इंडिया टुडे
बासमती चावल से बढ़ रहा है जल संकट
भारत मे बासमती को लंबे और खुशबूदार चावल के रूप में जाना जाता है । इसका वैज्ञानिक नाम है ओराय्ज़ा सैटिवा है। भारत इसका सबसे बड़ा निर्यातक देश है उसके बाद भारत के ही पड़ोसी राज्य पाकिस्तान, नेपाल,, बांग्लादेश आते है। बासमती की कई प्रजातियां है जो बाज़ार में  काफी महंगी बिकती है। बासमती की खुशबू के कारण ही घरों में ये स्पेशल व्यंजन के रूप में परोसी जाती है।जन्मदिन,शादी-त्योहारो या खास कार्यक्रमों में ही इसे पकाया जाता है। लेकिन जितनी ये खुशबूदार होती है उससे अधिक पानी पी गटक जाती है
Submitted by UrbanWater on Fri, 12/18/2020 - 19:51
Source:
इंडिया साइंस वायर
कोरोना वायरस के विरुद्ध प्रभावी हो सकता है माउथवॉश
नियमित तौर पर उपयोग किए जाने वाले माउथवॉश क्लोरहेक्सिडाइन को भारतीय शोधकर्ताओं के एक अध्ययन में कोरोना वायरस को निष्क्रिय करने में प्रभावी पाया गया है। डॉ एचएसजे इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज, पंजाब यूनिवर्सिटी और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद की चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी (CSIR-IMTECH) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक संयुक्त अध्ययन मे यह खुलासा किया गया है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
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मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।
Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
Source:
विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।
Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
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वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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खासम-खास

हिन्दुकुश हिमालय पर्वतमाला: दी थर्ड पोल

Submitted by UrbanWater on Thu, 05/13/2021 - 10:25

कृष्ण गोपाल 'व्यास'

हिन्दुकुश हिमालय, फोटो - इंडिया साइंस वायर

तिब्बत के पठार तथा लगभग 3500 किलोमीटर लम्बी हिन्दुकुश हिमालय पर्वत श्रृंखला, संयुक्त रूप से, उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के बाद, दुनिया का स्वच्छ जल का सबसे बड़ा स्रोत है। ध्रुवों की तर्ज पर बर्फ का विशाल भंडार होने के कारण इस क्षेत्र को कुछ लोग तीसरा ध्रुव (The Third Pole) भी कहते हैं।

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जल क्या है ?

Submitted by HindiWater on Wed, 12/23/2020 - 17:07
jal-kya-hai-?
जल क्या है ?
जल एक आम रासायनिक पदार्थ है जल शब्द का उपयोग केवल इसकी  तरल अवस्था के लिए ही किया जाता है जल की 3 अवस्था होती है  तरल,ठोस यानी बर्फ और जल वाष्प है. जल एक कार्बनिक यौगिक है जो  ऑक्सीजन और हाइड्रोजन से बना है,यह ऑक्सीजन के 01 और हाइड्रोजन के 02अणुओं से मिलकर बनता है इसलिए इसका वैज्ञानिक

बासमती चावल से बढ़ रहा है जल संकट

Submitted by HindiWater on Sat, 12/19/2020 - 14:59
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इंडिया टुडे
बासमती चावल से बढ़ रहा है जल संकट
भारत मे बासमती को लंबे और खुशबूदार चावल के रूप में जाना जाता है । इसका वैज्ञानिक नाम है ओराय्ज़ा सैटिवा है। भारत इसका सबसे बड़ा निर्यातक देश है उसके बाद भारत के ही पड़ोसी राज्य पाकिस्तान, नेपाल,, बांग्लादेश आते है। बासमती की कई प्रजातियां है जो बाज़ार में  काफी महंगी बिकती है। बासमती की खुशबू के कारण ही घरों में ये स्पेशल व्यंजन के रूप में परोसी जाती है।जन्मदिन,शादी-त्योहारो या खास कार्यक्रमों में ही इसे पकाया जाता है। लेकिन जितनी ये खुशबूदार होती है उससे अधिक पानी पी गटक जाती है

कोरोना वायरस के विरुद्ध प्रभावी हो सकता है माउथवॉश

Submitted by UrbanWater on Fri, 12/18/2020 - 19:51
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इंडिया साइंस वायर
कोरोना वायरस के विरुद्ध प्रभावी हो सकता है माउथवॉश
नियमित तौर पर उपयोग किए जाने वाले माउथवॉश क्लोरहेक्सिडाइन को भारतीय शोधकर्ताओं के एक अध्ययन में कोरोना वायरस को निष्क्रिय करने में प्रभावी पाया गया है। डॉ एचएसजे इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज, पंजाब यूनिवर्सिटी और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद की चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी (CSIR-IMTECH) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक संयुक्त अध्ययन मे यह खुलासा किया गया है।

प्रयास

उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
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चरखा फीचर
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार

Submitted by HindiWater on Thu, 06/10/2021 - 12:03
media-dialogue-:jalvayu-sankat-or-bihar
मीडिया डायलॉग:जलवायु संकट और बिहार
जलवायु संकट से लगातार जूझ रहे बिहार को नीति आयोग ने अच्छी रैंकिंग नहीं दी है। इससे पहले भी आईआईटी की एक रिपोर्ट ने बिहार के 14 जिलों को जलवायु परिवर्तन के संकट से मुकाबला करने में सबसे अक्षम जिलों की सूची में रखा है। बिहार सरकार के तमाम दावों के बावजूद जलवायु संकट को लेकर उसकी तैयारी जमीन पर क्यों उतरती नजर नहीं आ रही।

विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता

Submitted by HindiWater on Wed, 04/21/2021 - 14:24
vishva-prithvi-divas-2021:corona-sankat-k-beach-paryavaraniya-chinta
 विश्व पृथ्वी दिवस 2021:कोरोना संकट के बीच पर्यवरणीय चिंता
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे ।

विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
vishva-vetlands-divas-2021:-vetlands-aur-jal
Source
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

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