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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:37
फाइल फोटो: सुखना झील

चंडीगढ़ की सुखना झील पर उच्च न्यायालय का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। यह फैसला अनेक मायनों में लैन्डमार्क फैसला है क्योंकि फैसले में निम्न बेहद महत्वपूर्ण बातों को रेखांकित किया गया है -

Content

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/20/2020 - 13:48
Source:
चंदन नयाल के बनाए चाल-खाल
चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं। नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके।
Submitted by HindiWater on Wed, 05/20/2020 - 11:48
Source:
Central Pollution Control Board (CPCB)
कोविड-19ः बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन गाइडलाइन 2016
कोविड-19 के कारण बायोमेडिकल वेस्ट का उत्पादन काफी बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी बायोमेडिकल वेस्ट के पर्याप्त उपचार के लिए दुनिया को निर्देशित किया है, ताकि वेस्ट से भी संक्रमण न फैले। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोविड वार्डो, कार्यशालाओं, क्वारंटीन सेंटरों और घरों आदि में बायोमेडिकल वेस्ट के लिए गाइडलाइन जारी की हैं। पढ़ें विस्तृत गाइडलाइन।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 11:33
Source:
चमोलीः वनसंपदा और गांव के एकमात्र जलस्रोत को तबाह कर बनाई जा रही सड़क
दमुथोल तोक से आगे फ़णा गदेरा है, जो सरकोट ग्राम सभा का एकमात्र पानी का प्राकृतिक स्रोत है, जिस पर 50 परिवार आश्रित हैं। वर्ष 1972 से जल संस्थान द्वारा बनाई गई पाइपलाइन से ही पानी पी रहे हैं, जो इस गदेरे पर ही बनी है। गांव वालों के अलावा पूरे जंगल में जीव-जंतुओं के लिए पानी का एकमात्र स्रोत ये गदेरा ही है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:25
सुखना झील, फोटो: Needpix
अदालत ने सुखना-झील के संरक्षण के लिए दायर सात याचिकाओं पर विचार करते हुए सुखना-झील को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है और चंडीगढ़ के समाज और प्रशासन की जवाबदेही करते करते हुए उन्हें सुखना झील के अभिभावक की संज्ञा दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

Latest

खासम-खास

सुखना झील: समाधान का रोडमेप

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:37
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'
sukhna-jheel:-samadhan-ka-roadmap
फाइल फोटो: सुखना झील

चंडीगढ़ की सुखना झील पर उच्च न्यायालय का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है। यह फैसला अनेक मायनों में लैन्डमार्क फैसला है क्योंकि फैसले में निम्न बेहद महत्वपूर्ण बातों को रेखांकित किया गया है -

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लॉकडाउन के दौरान ही 15 से ज्यादा चाल-खालों का निर्माण कर चुके हैं चंदन नयाल

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/20/2020 - 13:48
Author
केसर सिंह
lockdown-kay-dauran-hee-15-sey-jyada-chaal-khalon-kaa-nirman
चंदन नयाल के बनाए चाल-खाल
चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं। नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके।

कोविड-19ः बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन गाइडलाइन 2016

Submitted by HindiWater on Wed, 05/20/2020 - 11:48
biomedical-waste-guideline-2016
Source
Central Pollution Control Board (CPCB)
कोविड-19ः बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन गाइडलाइन 2016
कोविड-19 के कारण बायोमेडिकल वेस्ट का उत्पादन काफी बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी बायोमेडिकल वेस्ट के पर्याप्त उपचार के लिए दुनिया को निर्देशित किया है, ताकि वेस्ट से भी संक्रमण न फैले। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोविड वार्डो, कार्यशालाओं, क्वारंटीन सेंटरों और घरों आदि में बायोमेडिकल वेस्ट के लिए गाइडलाइन जारी की हैं। पढ़ें विस्तृत गाइडलाइन।

चमोलीः वनसंपदा और गांव के एकमात्र जलस्रोत को तबाह कर बनाई जा रही सड़क

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 11:33
natural-water-springs-uttarkhand
चमोलीः वनसंपदा और गांव के एकमात्र जलस्रोत को तबाह कर बनाई जा रही सड़क
दमुथोल तोक से आगे फ़णा गदेरा है, जो सरकोट ग्राम सभा का एकमात्र पानी का प्राकृतिक स्रोत है, जिस पर 50 परिवार आश्रित हैं। वर्ष 1972 से जल संस्थान द्वारा बनाई गई पाइपलाइन से ही पानी पी रहे हैं, जो इस गदेरे पर ही बनी है। गांव वालों के अलावा पूरे जंगल में जीव-जंतुओं के लिए पानी का एकमात्र स्रोत ये गदेरा ही है।

प्रयास

'सुखना झील' को मिले ‘जीवित प्राणी’ के अधिकार और कर्तव्य

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/30/2020 - 11:25
Author
मीनाक्षी अरोड़ा
'sukhna-jhil'-ko-miley-‘jivit-prani’-kay-adhikar-aur-kartavya
सुखना झील, फोटो: Needpix
अदालत ने सुखना-झील के संरक्षण के लिए दायर सात याचिकाओं पर विचार करते हुए सुखना-झील को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया है और चंडीगढ़ के समाज और प्रशासन की जवाबदेही करते करते हुए उन्हें सुखना झील के अभिभावक की संज्ञा दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
participateepaintingwinaward
Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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