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खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

Submitted by Editorial Team on Thu, 08/04/2022 - 12:51
Source:
बुंदेलखंड तालाब
प्राचीन जल संरचनाओं को फिर से जीवित करने के लिए कई तरह की कोशिशें चलती रहती हैं। सरकार के कई योजनाएं भी आती रहती हैं प्रदेश सरकारें भी कई-कई योजनाओं के माध्यम से कोशिश करती रहती हैं। इसी दिशा में एक और अच्छी पहल छतरपुर बुंदेलखंड मध्य प्रदेश से स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने शुरू की है। पीजी डिप्लोमा इन एनसिंएट टैंक - रिस्टोरेशन एंड रिजूवेनेशन कोर्स शुरू किया गया है। इस कोर्स का डिजाइन पूर्णतः जल के जानकार के. जी. व्यास जी ने किया है। भारतीय जल ज्ञान परंपरा पर शुरू किया गया यह कोर्स महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर, मध्य प्रदेश के द्वारा संचालित किया जाएगा। भारत की जल ज्ञान परंपरा का शायद पहला ही कोर्स होगा।
Submitted by Shivendra on Tue, 08/02/2022 - 16:19
Source:
क्यों पर्यावरण का दुश्मन बन रहा फास्ट फैशन ट्रेंड
कुछ दिन पहले ही  वेंडर को लौटाए गए या खरीद के तुरंत बाद फेंके गए घटिया कपड़ों के ढेर की तस्वीरें वायरल हुई थी। जिसने नए फैशन के ट्रेंड  के कचरे को उजागर किया है । पिछले कुछ दशकों से उच्च मुद्रास्फीति के कारण कम कीमत वाले कपड़ों की मांग
Submitted by Shivendra on Mon, 08/01/2022 - 15:37
Source:
ओले कैसे बनते हैं
कई बार बारिश के समय पानी की बूंदों के साथ बर्फ के आकार के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। जिन्हें हम ओले कहते है।जैसे-जैसे हम सागर की सतह से ऊपर उठते हैं तो वैसे वैसे तापमान कम होता रहता है कई बार वह शून्य से कई डिग्री तक भी कम हो जाता है  चाहे धरती पर कितना भी तापमान हो। इसीलिए अकसर देखा गया है कि 

प्रयास

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Tue, 09/06/2022 - 14:16
Source:
चरखा फीचर
'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स – 2022
कार्य अनुभव के विवरण के साथ संक्षिप्त पाठ्यक्रम जीवन लगभग 800-1000 शब्दों का एक प्रस्ताव, जिसमें उस विशेष विषयगत क्षेत्र को रेखांकित किया गया हो, जिसमें आवेदक काम करना चाहता है. प्रस्ताव में अध्ययन की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, कार्यप्रणाली, चयनित विषय की प्रासंगिकता के साथ-साथ इन लेखों से अपेक्षित प्रभाव के बारे में विवरण शामिल होनी चाहिए. साथ ही, इस बात का उल्लेख होनी चाहिए कि देश के विकास से जुड़ी बहस में इसके योगदान किस प्रकार हो सकता है? कृपया आलेख प्रस्तुत करने वाली भाषा भी निर्दिष्ट करें। लेख अंग्रेजी, हिंदी या उर्दू में ही स्वीकार किए जाएंगे
Submitted by Shivendra on Tue, 08/23/2022 - 17:19
Source:
यूसर्क
जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यशाला
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आज दिनांक 23.08.22 को तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रो.(डॉ.) अनीता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि यूसर्क द्वारा जल के महत्व को देखते हुए विगत वर्ष 2021 को संयुक्त राष्ट्र की विश्व पर्यावरण दिवस की थीम "ईको सिस्टम रेस्टोरेशन" के अंर्तगत आयोजित कार्यक्रम के निष्कर्षों के क्रम में जल विज्ञान विषयक लेक्चर सीरीज एवं जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रारंभ किया गया
Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
Source:
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

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खासम-खास

केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण  : कुछ तथ्य, कुछ जानकारियां

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
kendriya-bhoomi-jal-pradhikaran-:-kuchh-tathy,-kuchh-jankariyan
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

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एनशिंएट टैंक - रिस्टोरेशन एंड रिजूवेनेशन कोर्स (Ancient Tank - Restoration and Rejuvenation Course)

Submitted by Editorial Team on Thu, 08/04/2022 - 12:51
Author
केसर सिंह
enshinet-tank---restoration-and-rejuvenation-course-(Ancient-Tank---Restoration-and-Rejuvenation-Course)
बुंदेलखंड तालाब
प्राचीन जल संरचनाओं को फिर से जीवित करने के लिए कई तरह की कोशिशें चलती रहती हैं। सरकार के कई योजनाएं भी आती रहती हैं प्रदेश सरकारें भी कई-कई योजनाओं के माध्यम से कोशिश करती रहती हैं। इसी दिशा में एक और अच्छी पहल छतरपुर बुंदेलखंड मध्य प्रदेश से स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने शुरू की है। पीजी डिप्लोमा इन एनसिंएट टैंक - रिस्टोरेशन एंड रिजूवेनेशन कोर्स शुरू किया गया है। इस कोर्स का डिजाइन पूर्णतः जल के जानकार के. जी. व्यास जी ने किया है। भारतीय जल ज्ञान परंपरा पर शुरू किया गया यह कोर्स महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर, मध्य प्रदेश के द्वारा संचालित किया जाएगा। भारत की जल ज्ञान परंपरा का शायद पहला ही कोर्स होगा।

क्यों पर्यावरण का दुश्मन बन रहा फास्ट फैशन ट्रेंड

Submitted by Shivendra on Tue, 08/02/2022 - 16:19
kyon-paryavaran-ka-dushman-ban-raha-fast-fashion-trend
क्यों पर्यावरण का दुश्मन बन रहा फास्ट फैशन ट्रेंड
कुछ दिन पहले ही  वेंडर को लौटाए गए या खरीद के तुरंत बाद फेंके गए घटिया कपड़ों के ढेर की तस्वीरें वायरल हुई थी। जिसने नए फैशन के ट्रेंड  के कचरे को उजागर किया है । पिछले कुछ दशकों से उच्च मुद्रास्फीति के कारण कम कीमत वाले कपड़ों की मांग

ओले कैसे बनते हैं

Submitted by Shivendra on Mon, 08/01/2022 - 15:37
ole-kaise-banate-hain
ओले कैसे बनते हैं
कई बार बारिश के समय पानी की बूंदों के साथ बर्फ के आकार के छोटे-छोटे गोले भी गिरते हैं। जिन्हें हम ओले कहते है।जैसे-जैसे हम सागर की सतह से ऊपर उठते हैं तो वैसे वैसे तापमान कम होता रहता है कई बार वह शून्य से कई डिग्री तक भी कम हो जाता है  चाहे धरती पर कितना भी तापमान हो। इसीलिए अकसर देखा गया है कि 

प्रयास

उदयपुर के इस गांव को वेटलैंड घोषित किया जाना तय

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
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राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स – 2022

Submitted by Shivendra on Tue, 09/06/2022 - 14:16
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Source
चरखा फीचर
'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स – 2022
कार्य अनुभव के विवरण के साथ संक्षिप्त पाठ्यक्रम जीवन लगभग 800-1000 शब्दों का एक प्रस्ताव, जिसमें उस विशेष विषयगत क्षेत्र को रेखांकित किया गया हो, जिसमें आवेदक काम करना चाहता है. प्रस्ताव में अध्ययन की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, कार्यप्रणाली, चयनित विषय की प्रासंगिकता के साथ-साथ इन लेखों से अपेक्षित प्रभाव के बारे में विवरण शामिल होनी चाहिए. साथ ही, इस बात का उल्लेख होनी चाहिए कि देश के विकास से जुड़ी बहस में इसके योगदान किस प्रकार हो सकता है? कृपया आलेख प्रस्तुत करने वाली भाषा भी निर्दिष्ट करें। लेख अंग्रेजी, हिंदी या उर्दू में ही स्वीकार किए जाएंगे

​यूसर्क द्वारा तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण प्रारंभ

Submitted by Shivendra on Tue, 08/23/2022 - 17:19
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Source
यूसर्क
जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यशाला
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आज दिनांक 23.08.22 को तीन दिवसीय जल विज्ञान प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रो.(डॉ.) अनीता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि यूसर्क द्वारा जल के महत्व को देखते हुए विगत वर्ष 2021 को संयुक्त राष्ट्र की विश्व पर्यावरण दिवस की थीम "ईको सिस्टम रेस्टोरेशन" के अंर्तगत आयोजित कार्यक्रम के निष्कर्षों के क्रम में जल विज्ञान विषयक लेक्चर सीरीज एवं जल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रारंभ किया गया

28 जुलाई को यूसर्क द्वारा आयोजित जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला पर भाग लेने के लिए पंजीकरण करायें

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
28-july-ko-ayojit-hone-vale-jal-shiksha-vyakhyan-shrinkhala-par-bhag-lene-ke-liye-panjikaran-karayen
Source
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

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