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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Thu, 12/31/2020 - 13:34
गोंडकालीन सगड़ा बावडी, जबलपुर, मध्यप्रदेश
सदियों से बावडी हमारी सनातन जल प्रदाय व्यवस्था का अभिन्न अंग रही है। अलग-अलग इलाकों में बावडियों को अलग-अलग नामों यथा सीढ़ीदार कुआ या वाउली या बाव इत्यादि के नाम से पुकारा जाता है। अंग्रेजी भाषा में उसे स्टेप-वैल कहा जाता है। इस संरचना में पानी का स्रोत भूजल होता है। भारत में इस संरचना का विकास, सबसे पहले, देश के पानी की कमी वाले पश्चिमी हिस्से में हुआ। वहाँ यह अस्तित्व में आई और समय के साथ फली-फूली। दक्षिण भारत में भी उसका विस्तार हुआ। देश के उन हिस्सों में वह भारतीय संस्कृति और संस्कारों का हिस्सा बनी। सम्पन्न लोगों के लिए सामाजिक दायित्व बनी।

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Submitted by UrbanWater on Tue, 11/10/2020 - 11:07
Source:
Manisha, Arghyam
‘फॉरवाटर’: भारत के 10 करोड़ लोगों की जल-सुरक्षा के लिए एक कोशिश
समाज-सरकार-बाजार तीनों की सहभागी ताकत के माध्यम से देश के एक बड़े तबके की पानी समस्या को हल करने की दिशा में की गई एक कोशिश का नाम है ‘फॉरवाटर’। लगभग 1 साल पहले जुलाई-2019 में समाज-सरकार-बाजार तीनों प्रमुख बड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि इकट्ठा हुए। इकट्ठा होने के पीछे मकसद यह था कि कुछ ऐसे तरीके खोजे जाएं कि भारत के जलसंकट का प्रभावी और व्यापक तौर पर समाधान दे सकें। इरादा यह था कि सरकार के साथ समाज की ताकत को जोड़ कर और बाजार को भी साथ लेकर, तीनों की सहभागिता से व्यापक स्तर पर यानि लगभग 10 करोड़ लोगों की जल-सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।
Submitted by HindiWater on Mon, 11/09/2020 - 12:31
Source:
आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव
मध्यप्रदेश का एक छोटा सा गाँव नवादपुरा इन दिनोंआत्मनिर्भर भारत की एक ऐसी इबारत लिख रहा है जो शायद पूरे भारत के लिए एक नज़ीर बन सकती है। गाँव के ही एक गाय प्रेमी दम्पत्ति के नवाचारों से गाय पालने वाले कई आदिवासी परिवारों में दीवाली से पहले ही खुशियाँ जगमगा रही हैं। गाय के गोबर को फेंकने के बजाए उससे दीये बनवाने की एक नई पहल शुरु की गई।   
Submitted by HindiWater on Sat, 11/07/2020 - 12:58
Source:
मूर्ति विसर्जन के बाद नदी से निकला 2 ट्राली कचरा
मूर्ति विसर्जन से नदियां प्रदूषित हो रही है । इसे रोकने के लिए जहाँ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मूर्ति विसर्जन के पुराने नियमों में बदलाव किए हैं। तो वही दूसरी तरफ देश के युवाओ ने भी नदियों साफ करने का अभियान चला रखा है। 01 नवंबर मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर बेतवा नदी में वाटर कीपर अलायंस के  युवाओं द्वारा  विशेष  सफाई अभियान चलाया गया। जिसके तहत लगभग 2 ट्राली से अधिक मूर्ति के स्ट्रक्चर्स एवं बड़ी मात्रा में कचरा को निकाला गया ।  इस बीच अपर बेतवा रिवर कीपर मनोज पांडे ने बताया की

प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 12/25/2020 - 10:11
सूखे बुंदेलखंड़ में जल संरक्षण की मिसाल है जखनी गांव  
जखनी गांववासियों की मेहनत का ही नतीजा है कि 2012 में तत्कालीन जिला कलेक्टर ने जिले के 470 गांवों में जखनी माॅडल को अपनाने का आदेश दे दिया। साथ ही नीति आयोग ने जखनी को देश का पहला ‘जल-ग्राम’ घोषित किया है। इसके अलावा जखनी गांव को माॅडल बना देश के 1034 गांवों को जलग्राम बनाने की घोषणा की गई है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Source:
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
Source:
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 
Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
Source:
वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

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खासम-खास

बावडी: कुछ अनछुए पहलू

Submitted by HindiWater on Thu, 12/31/2020 - 13:34
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
bavdi:-kuch-anachue-pahloo
गोंडकालीन सगड़ा बावडी, जबलपुर, मध्यप्रदेश
सदियों से बावडी हमारी सनातन जल प्रदाय व्यवस्था का अभिन्न अंग रही है। अलग-अलग इलाकों में बावडियों को अलग-अलग नामों यथा सीढ़ीदार कुआ या वाउली या बाव इत्यादि के नाम से पुकारा जाता है। अंग्रेजी भाषा में उसे स्टेप-वैल कहा जाता है। इस संरचना में पानी का स्रोत भूजल होता है। भारत में इस संरचना का विकास, सबसे पहले, देश के पानी की कमी वाले पश्चिमी हिस्से में हुआ। वहाँ यह अस्तित्व में आई और समय के साथ फली-फूली। दक्षिण भारत में भी उसका विस्तार हुआ। देश के उन हिस्सों में वह भारतीय संस्कृति और संस्कारों का हिस्सा बनी। सम्पन्न लोगों के लिए सामाजिक दायित्व बनी।

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‘फॉरवाटर’: भारत के 10 करोड़ लोगों की जल-सुरक्षा के लिए बेहतर वातावरण बनाने हेतु जल-मित्रों की क्षमता-निर्माण करना 

Submitted by UrbanWater on Tue, 11/10/2020 - 11:07
Author
केसर सिंह
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Source
Manisha, Arghyam
‘फॉरवाटर’: भारत के 10 करोड़ लोगों की जल-सुरक्षा के लिए एक कोशिश
समाज-सरकार-बाजार तीनों की सहभागी ताकत के माध्यम से देश के एक बड़े तबके की पानी समस्या को हल करने की दिशा में की गई एक कोशिश का नाम है ‘फॉरवाटर’। लगभग 1 साल पहले जुलाई-2019 में समाज-सरकार-बाजार तीनों प्रमुख बड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि इकट्ठा हुए। इकट्ठा होने के पीछे मकसद यह था कि कुछ ऐसे तरीके खोजे जाएं कि भारत के जलसंकट का प्रभावी और व्यापक तौर पर समाधान दे सकें। इरादा यह था कि सरकार के साथ समाज की ताकत को जोड़ कर और बाजार को भी साथ लेकर, तीनों की सहभागिता से व्यापक स्तर पर यानि लगभग 10 करोड़ लोगों की जल-सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव

Submitted by HindiWater on Mon, 11/09/2020 - 12:31
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आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव
मध्यप्रदेश का एक छोटा सा गाँव नवादपुरा इन दिनोंआत्मनिर्भर भारत की एक ऐसी इबारत लिख रहा है जो शायद पूरे भारत के लिए एक नज़ीर बन सकती है। गाँव के ही एक गाय प्रेमी दम्पत्ति के नवाचारों से गाय पालने वाले कई आदिवासी परिवारों में दीवाली से पहले ही खुशियाँ जगमगा रही हैं। गाय के गोबर को फेंकने के बजाए उससे दीये बनवाने की एक नई पहल शुरु की गई।   

मूर्ति विसर्जन के बाद नदी से निकला 2 ट्राली कचरा

Submitted by HindiWater on Sat, 11/07/2020 - 12:58
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मूर्ति विसर्जन के बाद नदी से निकला 2 ट्राली कचरा
मूर्ति विसर्जन से नदियां प्रदूषित हो रही है । इसे रोकने के लिए जहाँ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मूर्ति विसर्जन के पुराने नियमों में बदलाव किए हैं। तो वही दूसरी तरफ देश के युवाओ ने भी नदियों साफ करने का अभियान चला रखा है। 01 नवंबर मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर बेतवा नदी में वाटर कीपर अलायंस के  युवाओं द्वारा  विशेष  सफाई अभियान चलाया गया। जिसके तहत लगभग 2 ट्राली से अधिक मूर्ति के स्ट्रक्चर्स एवं बड़ी मात्रा में कचरा को निकाला गया ।  इस बीच अपर बेतवा रिवर कीपर मनोज पांडे ने बताया की

प्रयास

सूखे बुंदेलखंड में जल संरक्षण की मिसाल है जखनी गांव  

Submitted by HindiWater on Fri, 12/25/2020 - 10:11
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सूखे बुंदेलखंड़ में जल संरक्षण की मिसाल है जखनी गांव  
जखनी गांववासियों की मेहनत का ही नतीजा है कि 2012 में तत्कालीन जिला कलेक्टर ने जिले के 470 गांवों में जखनी माॅडल को अपनाने का आदेश दे दिया। साथ ही नीति आयोग ने जखनी को देश का पहला ‘जल-ग्राम’ घोषित किया है। इसके अलावा जखनी गांव को माॅडल बना देश के 1034 गांवों को जलग्राम बनाने की घोषणा की गई है।

नोटिस बोर्ड

हिंदी पत्रकारों के लिए सीएसई-एएईटीआई की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
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अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
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Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

भविष्य में किस तरह पानी को किया जा सकता है सुरक्षित 

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
bhavishya-mein-kiss-tarah-pani-ko-kia-jaa-sakata-hai-surakshit
वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

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