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खासम-खास

नदी तंत्र पर मानवीय हस्तक्षेप और जलवायु बदलाव का प्रभाव

Submitted by editorial on Sat, 03/16/2019 - 06:09
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नदी तंत्रनदी तंत्र (फोटो साभार - विकिपीडिया)आदिकाल से नदियाँ स्वच्छ जल का अमूल्य स्रोत रही हैं। उनके जल का उपयोग पेयजल आपूर्ति, निस्तार, आजीविका तथा खेती इत्यादि के लिये किया जाता रहा है। पिछले कुछ सालों से देश की अधिकांश नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह में कमी हो रही है, छोटी नदियाँ तेजी से सूख रही हैं और लगभग सभी नदी-तंत्रों में प्रदूषण बढ़ रहा है। यह स्थिति हिमालयीन नदियों में कम तथा भारतीय प्रायद्वीप की नदियों में अधिक गम्भीर है। यह परिवर्तन प्राकृतिक नहीं है।

Content

मौत का कुआँ बनती शौचालय टंकियाँ

Submitted by editorial on Tue, 09/11/2018 - 18:55
Author
उमेश कुमार राय
मौत की भेंट चढ़ते सफाईकर्मीमौत की भेंट चढ़ते सफाईकर्मी (फोटो साभार - हिन्दुस्तान टाइम्स)रविवार की दोपहर का वक्त था। दिल्ली के मोती नगर में स्थित रिहायशी कॉम्प्लैक्स डीएलएफ कैपिटल ग्रीन्स के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिये पाँच कर्मचारियों राजा, उमेश, पंकज, सरफराज और विशाल को टैंक में उतारा गया था।

लखवाड़ डैम निर्माण, पर्यावरण संरक्षण नियमों का मखौल

Submitted by editorial on Tue, 09/04/2018 - 18:22
Author
राकेश रंजन
लखवाड़ डैमलखवाड़ डैम (फोटो साभार - गूगल मैप)28 अगस्त 2018 को विश्व में पर्यावरणीय सरोकार से जुड़े दो महत्त्वपूर्ण निर्णय लिये गए। पहला, भारत में यमुना नदी के ऊपरी बहाव क्षेत्र में 204 मीटर ऊँचाई वाले लखवाड़ डैम के निर्माण के लिये केन्द्र सरकार की स्वीकृति। दूसरा, फ्रांस के पर्यावरण मंत्री निकोलस हलोट का पद से इस्तीफा। पहले निर्णय में पर्यावरणीय सरोकार को अहमियत नहीं दी गई।

मानव जनित है केरल में बाढ़ का कहर

Submitted by editorial on Mon, 08/27/2018 - 14:14
Author
उमेश कुमार राय
बाढ़ की चपेट में केरलबाढ़ की चपेट में केरल (फोटो साभार - आउटलुक)देश के दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में मालाबार तट पर करीब 39000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में एक बेहद खूबसूरत सूबा बसा हुआ है। नाम है केरल। इस राज्य की खूबसूरती ही है कि इसे ‘ईश्वर का अपना देश’ भी कहा जाता है।

प्रयास

प्लास्टिक की खाली बोतल के बदले एक रुपया इनाम

Submitted by UrbanWater on Tue, 05/21/2019 - 18:06
Source
हिंदुस्तान, गढ़वाल 21 मई 2019
 टिहरी झील क्षेत्र में प्लास्टिक मुक्त अभियान की शुरुआत करती बोट यूनियन टिहरी झील क्षेत्र में प्लास्टिक मुक्त अभियान की शुरुआत करती बोट यूनियन टिहरी झील में तैरती प्लास्टिक की खाली बोलत लाने पर बोट यूनियन बोट ऑपरेटरों को भी प्रति बोतल एक रुपये का भुगतान करेगी। बोट यूनियन की इस अनूठी मुहिम से टिहरी झील में प्लास्टिक कचरे पर लगाम लगने की उम्मीद है। टिहरी झील व इसके आस-पास बढ़ते प्लास्टिक कचरे की रोकथाम के लिए

नोटिस बोर्ड

गंगा की जय, सरकार झुकी, मातृसदन के आत्मबोधानंद का अनशन विराम

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/04/2019 - 17:50

गंगा अविरलता के लिए चल रहे आत्मबोधानंद के अनशन का फिलहाल विराम  गंगा अविरलता के लिए चल रहे आत्मबोधानंद के अनशन का फिलहाल विराम

गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए 194 दिनों से अनशन कर रहे हरिद्वार के मातृ सदन के आत्माबोधानंद ने नेशनल क्लीन मिशन फाॅर गंगा के निदेशक के लिखित आश्वासन के बाद अपने अनशन को विराम दे दिया है। हालांकि मातृ सदन ने ये भी कहा है कि लिखित आश्वासन के अनुरूप अगर काम नहीं हुआ तो मातृ सदन गंगा की अविरलता के लिए फिर से अनशन पर बैठेगा।

जन सुनवाई में जनता से खतरा क्यों

Submitted by editorial on Fri, 03/01/2019 - 22:42
Source
माटू जन संगठन, मेन मार्केट मोरी उत्तरकाशी, उत्तराखण्ड, ग्राम छाम, पथरी भाग 4, हरिद्वार, उत्तराखण्ड
जन सुनवाई में शामिल न किये जाने से आक्रोशित लोगजन सुनवाई में शामिल न किये जाने से आक्रोशित लोग 01 मार्च, 2019। उत्तराखण्ड शासन-प्रशासन ने दिखा दिया कि बाँध कम्पनियाँ लोगों के अधिकारों और पर्यावरण से ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं।

यमुना घाटी में टॉन्स नदी की सहायक नदी सुपिन पर प्रस्तावित जखोल साकरी बाँध

128 दिन के लम्बे उपवास पर सरकार गम्भीर नहीं

Submitted by editorial on Thu, 02/28/2019 - 17:44
Source
फ्री गंगा, (अविरल गंगा), जेपी हेल्थ पैराडाइज,रोड नम्बर 28, मेहता चौक, रजौरी गार्डन,नई दिल्ली
सन्त आत्मबोधानंदसन्त आत्मबोधानंद 15 दिन की जाँच समिति अस्वीकार
28 फरवरी, 2019। मातृ सदन हरिद्वार में 26 वर्षीय उपवासरत आत्मबोधानंद जी का आज 128वां दिन है। देशभर में प्रदर्शनों, समर्थन में भेजे जा रहे पत्रों के बावजूद भी सरकार गम्भीर नहीं नजर आती।

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नदी तंत्र पर मानवीय हस्तक्षेप और जलवायु बदलाव का प्रभाव

Submitted by editorial on Sat, 03/16/2019 - 06:09
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कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नदी तंत्रनदी तंत्र (फोटो साभार - विकिपीडिया)आदिकाल से नदियाँ स्वच्छ जल का अमूल्य स्रोत रही हैं। उनके जल का उपयोग पेयजल आपूर्ति, निस्तार, आजीविका तथा खेती इत्यादि के लिये किया जाता रहा है। पिछले कुछ सालों से देश की अधिकांश नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह में कमी हो रही है, छोटी नदियाँ तेजी से सूख रही हैं और लगभग सभी नदी-तंत्रों में प्रदूषण बढ़ रहा है। यह स्थिति हिमालयीन नदियों में कम तथा भारतीय प्रायद्वीप की नदियों में अधिक गम्भीर है। यह परिवर्तन प्राकृतिक नहीं है।

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मौत का कुआँ बनती शौचालय टंकियाँ

Submitted by editorial on Tue, 09/11/2018 - 18:55
Author
उमेश कुमार राय
मौत की भेंट चढ़ते सफाईकर्मीमौत की भेंट चढ़ते सफाईकर्मी (फोटो साभार - हिन्दुस्तान टाइम्स)रविवार की दोपहर का वक्त था। दिल्ली के मोती नगर में स्थित रिहायशी कॉम्प्लैक्स डीएलएफ कैपिटल ग्रीन्स के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिये पाँच कर्मचारियों राजा, उमेश, पंकज, सरफराज और विशाल को टैंक में उतारा गया था।

लखवाड़ डैम निर्माण, पर्यावरण संरक्षण नियमों का मखौल

Submitted by editorial on Tue, 09/04/2018 - 18:22
Author
राकेश रंजन
लखवाड़ डैमलखवाड़ डैम (फोटो साभार - गूगल मैप)28 अगस्त 2018 को विश्व में पर्यावरणीय सरोकार से जुड़े दो महत्त्वपूर्ण निर्णय लिये गए। पहला, भारत में यमुना नदी के ऊपरी बहाव क्षेत्र में 204 मीटर ऊँचाई वाले लखवाड़ डैम के निर्माण के लिये केन्द्र सरकार की स्वीकृति। दूसरा, फ्रांस के पर्यावरण मंत्री निकोलस हलोट का पद से इस्तीफा। पहले निर्णय में पर्यावरणीय सरोकार को अहमियत नहीं दी गई।

मानव जनित है केरल में बाढ़ का कहर

Submitted by editorial on Mon, 08/27/2018 - 14:14
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उमेश कुमार राय
बाढ़ की चपेट में केरलबाढ़ की चपेट में केरल (फोटो साभार - आउटलुक)देश के दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में मालाबार तट पर करीब 39000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में एक बेहद खूबसूरत सूबा बसा हुआ है। नाम है केरल। इस राज्य की खूबसूरती ही है कि इसे ‘ईश्वर का अपना देश’ भी कहा जाता है।

प्रयास

प्लास्टिक की खाली बोतल के बदले एक रुपया इनाम

Submitted by UrbanWater on Tue, 05/21/2019 - 18:06
Source
हिंदुस्तान, गढ़वाल 21 मई 2019
 टिहरी झील क्षेत्र में प्लास्टिक मुक्त अभियान की शुरुआत करती बोट यूनियन टिहरी झील क्षेत्र में प्लास्टिक मुक्त अभियान की शुरुआत करती बोट यूनियन टिहरी झील में तैरती प्लास्टिक की खाली बोलत लाने पर बोट यूनियन बोट ऑपरेटरों को भी प्रति बोतल एक रुपये का भुगतान करेगी। बोट यूनियन की इस अनूठी मुहिम से टिहरी झील में प्लास्टिक कचरे पर लगाम लगने की उम्मीद है। टिहरी झील व इसके आस-पास बढ़ते प्लास्टिक कचरे की रोकथाम के लिए

नोटिस बोर्ड

गंगा की जय, सरकार झुकी, मातृसदन के आत्मबोधानंद का अनशन विराम

Submitted by UrbanWater on Sat, 05/04/2019 - 17:50

गंगा अविरलता के लिए चल रहे आत्मबोधानंद के अनशन का फिलहाल विराम  गंगा अविरलता के लिए चल रहे आत्मबोधानंद के अनशन का फिलहाल विराम

गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए 194 दिनों से अनशन कर रहे हरिद्वार के मातृ सदन के आत्माबोधानंद ने नेशनल क्लीन मिशन फाॅर गंगा के निदेशक के लिखित आश्वासन के बाद अपने अनशन को विराम दे दिया है। हालांकि मातृ सदन ने ये भी कहा है कि लिखित आश्वासन के अनुरूप अगर काम नहीं हुआ तो मातृ सदन गंगा की अविरलता के लिए फिर से अनशन पर बैठेगा।

जन सुनवाई में जनता से खतरा क्यों

Submitted by editorial on Fri, 03/01/2019 - 22:42
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माटू जन संगठन, मेन मार्केट मोरी उत्तरकाशी, उत्तराखण्ड, ग्राम छाम, पथरी भाग 4, हरिद्वार, उत्तराखण्ड
जन सुनवाई में शामिल न किये जाने से आक्रोशित लोगजन सुनवाई में शामिल न किये जाने से आक्रोशित लोग 01 मार्च, 2019। उत्तराखण्ड शासन-प्रशासन ने दिखा दिया कि बाँध कम्पनियाँ लोगों के अधिकारों और पर्यावरण से ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं।

यमुना घाटी में टॉन्स नदी की सहायक नदी सुपिन पर प्रस्तावित जखोल साकरी बाँध

128 दिन के लम्बे उपवास पर सरकार गम्भीर नहीं

Submitted by editorial on Thu, 02/28/2019 - 17:44
Source
फ्री गंगा, (अविरल गंगा), जेपी हेल्थ पैराडाइज,रोड नम्बर 28, मेहता चौक, रजौरी गार्डन,नई दिल्ली
सन्त आत्मबोधानंदसन्त आत्मबोधानंद 15 दिन की जाँच समिति अस्वीकार
28 फरवरी, 2019। मातृ सदन हरिद्वार में 26 वर्षीय उपवासरत आत्मबोधानंद जी का आज 128वां दिन है। देशभर में प्रदर्शनों, समर्थन में भेजे जा रहे पत्रों के बावजूद भी सरकार गम्भीर नहीं नजर आती।

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