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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

Content

Submitted by Hindi on Sat, 03/20/2010 - 16:02
Source:

आकर कोदो, नीम जवा।
गाडर गेहूँ, बैर चना।।

शब्दार्थ- आकर-मदार। गाडर- एक घास जिसकी जड़ ‘खस’ कहलाती है।

भावार्थ- जिस वर्ष मदार खूब फूलें औऱ फलें तो समझो उस वर्ष कोदों की पैदावार अच्छी होगी। जब गाडर घास की अधिकता हो तो गेहूँ की फसल अच्छी होती है। जब बेर की फसल अच्छी हो तो चना की पैदावार अच्छी होती है।

Submitted by admin on Tue, 03/16/2010 - 12:25
Source:
पृथ्वी की सतह पर पानी समुद्र, नदियों, झीलों से लेकर बर्फ से ढंके क्षेत्रों के रूप में मौजूद है। पानी का सबसे बड़ा स्रोत समुद्र है जहाँ धरती का 97.33% पानी पाया जाता है। समुद्र के पानी में अनेक प्रकार के लवण एवं खनिज घुले होते हैं जिसकी वजह से वह खारा होता है। भार के अनुसार समुद्र जल में 3.5% लवण खनिज होते हैं। हमारी धरती की सतह का 70.8% भाग पानी से घिरा है। धरती के कुल पानी का 2.7% से भी कम हिस्सा सादा जल है जो हमारे उपयोग का है। सादे जल का अधिकांश हिस्सा ध्रुवीय प्रदेशों में बर्फ के रूप में जमा है। ध्रुवों में दक्षिण ध्रुव में पानी की मात्रा कहीं ज्यादा है। यहां करीब एक करोड़ पचास लाख वर्ग कि
Submitted by admin on Mon, 03/15/2010 - 08:15
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हम सहेज न सके धरोहर


उमरिया, मध्य प्रदेश, 14 मार्च 2010। माफ करियेगा हम आपको कुंए का ठंडा पानी नहीं पिला सकते। ऐसा नहीं कि हमारे नगर में कुंए नहीं है या उनमें ठंडा पानी नहीं रहा। उमरिया का इतिहास कहता है कि उसका एक अपना पानीदार समाज रहा है जो नगर के प्राय: सभी मुहल्लों में सबके पीने के पानी की चिंता करता। उस समाज के बनाए तमाम कुंए तो आज भी मौजूद है, लेकिन कहना गलत न होगा कि ऐसे सभी सार्वजनिक कुंए आज हमारे और प्रशासनिक उपेक्षा की भेंट चढ़ रहे हैं, तो क्या अब इनकी सुध लेने वाला कोई समाज आज जिन्दा है?

प्रयास

Submitted by HindiWater on Wed, 07/08/2020 - 09:13
जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव
अच्छी बारिश न होने पर उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में कई किसान खेती ही छोड़ते जा रहे हैं। कई जगह जमीन ही बंजर हो रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के छिंदभर्री के किसानों ने हालातों से हार नहीं मानी और जल संरक्षण की मिसाल पेश की है। जिससे न केवल फसल का उत्पादन अधिक हुआ, बल्कि पलायन को रोकने में भी मदद मिली हे। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
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हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : राज से सम्वाद के लिए होमवर्क करता समाज 

Submitted by UrbanWater on Thu, 06/25/2020 - 09:08
Author
कृष्ण गोपाल व्यास
nadi-chetna-yatra-bihar-nadiyan
नदी चेतना यात्रा : बिहार में राज-समाज की कोशिश से नदियों को जिंदा करने की कवायद, फोटो: Needpix.com
पिछले तीन दिनों (22 जून से 24 जून) से बिहार में बीस-पच्चीस संवेदनशील लोग नदी चेतना यात्रा के लिए होमवर्क कर रहे हैं। यह समूह रोज सबेरे 8.30 बजे मोबाईल पर एक दूसरे से कनेक्ट होता है और डिजिटल सम्वाद के तरीके से प्रातः लगभग नौ बजे तक होमवर्क करता है। होमवर्क का लक्ष्य है, चेतना यात्रा को प्रभावी बनाना। चयनित नदियों की समस्याओं के कारणों को पहचाना और कछार में निवास करने वाले समाज की मदद से समाज सम्मत हल तलाशना और जन अपेक्षाओं को मूर्त स्वरुप प्रदान करने के लिए राज से सम्वाद करना।

Content

खेती सम्बन्धी कहावतें

Submitted by Hindi on Sat, 03/20/2010 - 16:02

आकर कोदो, नीम जवा।
गाडर गेहूँ, बैर चना।।


शब्दार्थ- आकर-मदार। गाडर- एक घास जिसकी जड़ ‘खस’ कहलाती है।

भावार्थ- जिस वर्ष मदार खूब फूलें औऱ फलें तो समझो उस वर्ष कोदों की पैदावार अच्छी होगी। जब गाडर घास की अधिकता हो तो गेहूँ की फसल अच्छी होती है। जब बेर की फसल अच्छी हो तो चना की पैदावार अच्छी होती है।

यत्र-तत्र-सर्वत्र पानी ही पानी

Submitted by admin on Tue, 03/16/2010 - 12:25
Author
कृष्ण कुमार
पृथ्वी की सतह पर पानी समुद्र, नदियों, झीलों से लेकर बर्फ से ढंके क्षेत्रों के रूप में मौजूद है। पानी का सबसे बड़ा स्रोत समुद्र है जहाँ धरती का 97.33% पानी पाया जाता है। समुद्र के पानी में अनेक प्रकार के लवण एवं खनिज घुले होते हैं जिसकी वजह से वह खारा होता है। भार के अनुसार समुद्र जल में 3.5% लवण खनिज होते हैं। हमारी धरती की सतह का 70.8% भाग पानी से घिरा है। धरती के कुल पानी का 2.7% से भी कम हिस्सा सादा जल है जो हमारे उपयोग का है। सादे जल का अधिकांश हिस्सा ध्रुवीय प्रदेशों में बर्फ के रूप में जमा है। ध्रुवों में दक्षिण ध्रुव में पानी की मात्रा कहीं ज्यादा है। यहां करीब एक करोड़ पचास लाख वर्ग कि

उपेक्षा की भेंट चढ़े सार्वजनिक कुंए

Submitted by admin on Mon, 03/15/2010 - 08:15
Author
रामकुमार विद्यार्थी

हम सहेज न सके धरोहर


उमरिया, मध्य प्रदेश, 14 मार्च 2010। माफ करियेगा हम आपको कुंए का ठंडा पानी नहीं पिला सकते। ऐसा नहीं कि हमारे नगर में कुंए नहीं है या उनमें ठंडा पानी नहीं रहा। उमरिया का इतिहास कहता है कि उसका एक अपना पानीदार समाज रहा है जो नगर के प्राय: सभी मुहल्लों में सबके पीने के पानी की चिंता करता। उस समाज के बनाए तमाम कुंए तो आज भी मौजूद है, लेकिन कहना गलत न होगा कि ऐसे सभी सार्वजनिक कुंए आज हमारे और प्रशासनिक उपेक्षा की भेंट चढ़ रहे हैं, तो क्या अब इनकी सुध लेने वाला कोई समाज आज जिन्दा है?

प्रयास

जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव

Submitted by HindiWater on Wed, 07/08/2020 - 09:13
jal-sanrakshan-se-aayi-khushali-aatmanirbhar-bana-gaon
जल संरक्षण से आई खुशहाली, आत्मनिर्भर बना गांव
अच्छी बारिश न होने पर उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में कई किसान खेती ही छोड़ते जा रहे हैं। कई जगह जमीन ही बंजर हो रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के छिंदभर्री के किसानों ने हालातों से हार नहीं मानी और जल संरक्षण की मिसाल पेश की है। जिससे न केवल फसल का उत्पादन अधिक हुआ, बल्कि पलायन को रोकने में भी मदद मिली हे। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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