नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by HindiWater on Sat, 04/04/2020 - 08:58
नदियों के सूखने का कारण
बीसवीं सदी के पहले कालखंड तक भारत की अधिकांश नदियाँ बारहमासी थीं। उस दौरान यदि कोई नदी सूखती थी तो वह सूखना अपवाद स्वरूप था। पिछले 50-60 सालों से भारत की सभी नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह में गंभीर कमी आ रही है।

Content

Submitted by HindiWater on Sun, 03/29/2020 - 23:46
Source:
दुनिया को स्वच्छता सिखा रहा कोरोना वायरस
इंसानों के हाथों के माध्यम से ही विभिन्न प्रकार के कीटाणु शरीर में प्रवेश करते हैं। इसलिए शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हाथों को धोना बेहद जरूरी है, लेकिन आश्चर्य की बात है कि दुनिया के 95 प्रतिशत पुरुष शौच जाने के बाद हाथों को ठीक से धोते नहीं हैं।
Submitted by HindiWater on Sun, 03/29/2020 - 12:37
Source:
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की
बेमेतरा जिला, छत्तीसगढ़ में भूजल गुणवत्ता का मूल्यांकन
भूजल महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक है, जो विशेष रूप से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक आजीविका की आवश्यकताओं को पूरा करता है।
Submitted by HindiWater on Sat, 03/28/2020 - 21:23
Source:
कोविड-19 : पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, COVID-19 का सबसे संभावित वाहक चमगादड़ है तथा इस वायरस ने मध्यवर्ती मेज़बान, जो घरेलू या जंगली जानवर हो सकता है, के माध्यम से मनुष्य में प्रवेश किया है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 03/23/2020 - 16:18
कश्मीर के चश्मों की पहचान बचा रहे रिफत
वादी -ए-कश्मीर में चश्मे जो कभी पहचान थे आज वे लुप्त होने की कगार पर हैं, लेकिन इन्हें बचाने के लिये नए कश्मीर के नौजवान आग आए हैं। इनमें पर्यावरण संरक्षक रिफत अब्दुल्ला हैं। मदर टेरेसा अवार्ड से सम्मानित रिफत ने घाटी के जल स्रोतों को बचाने के लिये अभियान छेड़ रखा है। इनमें उनके कुछ दोस्त और स्थानीय लोग मदद कर रहे हैं।

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Thu, 04/02/2020 - 16:31
Source:
कोविड-19 और तनाव मुक्ति के लिये नोलेज सत्र
ECHO India और NIMHANs के साथ कोविड-19 (COVID-19) पर एक ऑनलाइन ज्ञान सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह इंटरैक्शन एनजीओ और उनके कर्मचारियों पर केंद्रित है और उम्मीद करते हैं कि इससे लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न हुए तनाव से कर्मचारियों को बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिलेगी।
Submitted by HindiWater on Mon, 03/30/2020 - 07:47
Source:
स्वामी शिवानंद और साध्वी पद्मावती का अनशन समाप्त
गंगा की अविरलता के लिए अनशन कर रहे मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने अनशन को विराम दे दिया है। कोरोना के संकट के बीच देशभर के गंगा प्रेमियों के अनुरोध पर उन्होंने ये निर्णय लिया है। वहीं उन्होंने साध्वी पद्मावती का अनशन समाप्त करने की भी घोषणा की है।
Submitted by HindiWater on Fri, 03/06/2020 - 13:46
Source:
द्वाराहाट में होगा "नौला मंथन कुंभ"
नौला फाउंडेशन इंडिया सेव वाटर सिविल सोसाइटी द्वारा हिमालयन डिक्लेरेशन ऑफ स्प्रिंगशेड रेजुवेनेशन के तहत हितधारक सामुदायिक सहभागिता से उत्तराखंड में सभी पारंपरिक जल स्रोतों जैसे नौले धारे के संरक्षण और उनके पुनर्जीवित करने के लिए हितकारक सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम ‘‘पहाड़-पानी-परंपरा’’ की ऐतिहासिक नींव रखी है। इसी क्रम में बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट में विश्व जल दिवस के अवसर पर 21 मार्च को नौला मंथन महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। नौलों के संरक्षण के लिए कार्यक्रम में शामिल होने और अपने विचार रखने के लिए आप स्वतंत्र हैं। 

Latest

खासम-खास

नदियों के सूखने का कारण

Submitted by HindiWater on Sat, 04/04/2020 - 08:58
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नदियों के सूखने का कारण
बीसवीं सदी के पहले कालखंड तक भारत की अधिकांश नदियाँ बारहमासी थीं। उस दौरान यदि कोई नदी सूखती थी तो वह सूखना अपवाद स्वरूप था। पिछले 50-60 सालों से भारत की सभी नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह में गंभीर कमी आ रही है।

Content

दुनिया को स्वच्छता सिखा रहा कोरोना वायरस

Submitted by HindiWater on Sun, 03/29/2020 - 23:46
दुनिया को स्वच्छता सिखा रहा कोरोना वायरस
इंसानों के हाथों के माध्यम से ही विभिन्न प्रकार के कीटाणु शरीर में प्रवेश करते हैं। इसलिए शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हाथों को धोना बेहद जरूरी है, लेकिन आश्चर्य की बात है कि दुनिया के 95 प्रतिशत पुरुष शौच जाने के बाद हाथों को ठीक से धोते नहीं हैं।

बेमेतरा जिला, छत्तीसगढ़ में भूजल गुणवत्ता का मूल्यांकन

Submitted by HindiWater on Sun, 03/29/2020 - 12:37
Source
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की
बेमेतरा जिला, छत्तीसगढ़ में भूजल गुणवत्ता का मूल्यांकन
भूजल महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक है, जो विशेष रूप से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक आजीविका की आवश्यकताओं को पूरा करता है।

कोविड-19 : पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरा

Submitted by HindiWater on Sat, 03/28/2020 - 21:23
Author
डाॅ. दीपक कोहली
 कोविड-19 : पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, COVID-19 का सबसे संभावित वाहक चमगादड़ है तथा इस वायरस ने मध्यवर्ती मेज़बान, जो घरेलू या जंगली जानवर हो सकता है, के माध्यम से मनुष्य में प्रवेश किया है।

प्रयास

कश्मीर के चश्मों की पहचान बचा रहे रिफत

Submitted by HindiWater on Mon, 03/23/2020 - 16:18
Source
दैनिक जागरण, 23 मार्च 2020
कश्मीर के चश्मों की पहचान बचा रहे रिफत
वादी -ए-कश्मीर में चश्मे जो कभी पहचान थे आज वे लुप्त होने की कगार पर हैं, लेकिन इन्हें बचाने के लिये नए कश्मीर के नौजवान आग आए हैं। इनमें पर्यावरण संरक्षक रिफत अब्दुल्ला हैं। मदर टेरेसा अवार्ड से सम्मानित रिफत ने घाटी के जल स्रोतों को बचाने के लिये अभियान छेड़ रखा है। इनमें उनके कुछ दोस्त और स्थानीय लोग मदद कर रहे हैं।

नोटिस बोर्ड

कोविड-19 और तनाव मुक्ति के लिये नोलेज सत्र

Submitted by UrbanWater on Thu, 04/02/2020 - 16:31
कोविड-19 और तनाव मुक्ति के लिये नोलेज सत्र
ECHO India और NIMHANs के साथ कोविड-19 (COVID-19) पर एक ऑनलाइन ज्ञान सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह इंटरैक्शन एनजीओ और उनके कर्मचारियों पर केंद्रित है और उम्मीद करते हैं कि इससे लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न हुए तनाव से कर्मचारियों को बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिलेगी।

स्वामी शिवानंद और साध्वी पद्मावती का अनशन समाप्त

Submitted by HindiWater on Mon, 03/30/2020 - 07:47
स्वामी शिवानंद और साध्वी पद्मावती का अनशन समाप्त
गंगा की अविरलता के लिए अनशन कर रहे मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने अनशन को विराम दे दिया है। कोरोना के संकट के बीच देशभर के गंगा प्रेमियों के अनुरोध पर उन्होंने ये निर्णय लिया है। वहीं उन्होंने साध्वी पद्मावती का अनशन समाप्त करने की भी घोषणा की है।

द्वाराहाट में होगा "नौला मंथन कुंभ"

Submitted by HindiWater on Fri, 03/06/2020 - 13:46
द्वाराहाट में होगा "नौला मंथन कुंभ"
नौला फाउंडेशन इंडिया सेव वाटर सिविल सोसाइटी द्वारा हिमालयन डिक्लेरेशन ऑफ स्प्रिंगशेड रेजुवेनेशन के तहत हितधारक सामुदायिक सहभागिता से उत्तराखंड में सभी पारंपरिक जल स्रोतों जैसे नौले धारे के संरक्षण और उनके पुनर्जीवित करने के लिए हितकारक सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम ‘‘पहाड़-पानी-परंपरा’’ की ऐतिहासिक नींव रखी है। इसी क्रम में बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट में विश्व जल दिवस के अवसर पर 21 मार्च को नौला मंथन महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। नौलों के संरक्षण के लिए कार्यक्रम में शामिल होने और अपने विचार रखने के लिए आप स्वतंत्र हैं। 

Upcoming Event

Popular Articles