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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 10/25/2019 - 12:55
उत्तराखण्ड राज्य जल नीति - 2019
जल अत्यन्त महत्वपूर्ण और अपर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों में से एक है, जो जीवन, जीवकोपार्जन, कृषि, चिरस्थायी सामाजिक विकास के साथ-साथ पारिस्थितिकीय एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिये अति आवश्यक है, कि नवीकरणीय उपलब्धता सीमित तथा क्षीणता/ह्रास व अपकर्ष के प्रति वेदनीय है।

Content

Submitted by HindiWater on Mon, 11/11/2019 - 11:40
Source:
कुरुक्षेत्र, अक्टूबर 2019
किसानों की आय बढ़ाने में सहायक कृषि-सम्बद्ध क्षेत्र
आर्थिक विशेषज्ञों ने सिर्फ प्रति एकड़ कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर समूचा ध्यान न केन्द्रित करते हुए कृषि-सम्बद्ध व्यवसायों/गतिविधियों को भी प्रोत्साहन देने पर जोर देना शुरू किया है। कृषि-सम्बद्ध गतिविधियों से विशाल ग्रामीण आबादी को जोड़ने के काफी सकारात्मक नतीजे देखने को मिल सकते हैं और कृषक आय बढ़ाने में आशातीत सफलता हासिल हो सकती है।
Submitted by HindiWater on Sat, 11/09/2019 - 17:07
Source:
भारत में स्वच्छता आन्दोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत का इतिहास गवाह है कि कई समाज सुधारको के द्वारा स्वच्छतालक्षी आन्दोलन चलाए गए हैं। मुख्यतः महात्मा गाँधी, डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर, संत गाडसे बाबा व सूर्यकान्त परीख उल्लेखनीय हैं। इन लोगों ने स्वच्छता व स्वास्थ्य सुधार, शौचालय के गंदेपन का निकास, शौचालय व स्नानगृह की सफाई आदि के लिए जनजागृति की मुहिम छेड़ी है। गाँधी जी ने स्वच्छता व अश्पृश्यता निवारण को स्वतंत्रता संग्राम प्रवृत्ति का एक हिस्सा बनाया था।
Submitted by HindiWater on Sat, 11/09/2019 - 13:14
Source:
राजस्थान पत्रिका, 17 अक्टूबर 2019
बंजर जमीन पर बहार लाना बड़ी चुनौती
आज देश में जबकि भोजन और पानी इंसान के बुनियादी अधिकारों में मानकर इसे आम आदमी इसे आदमी तक पहुँचाने की चिन्ता कानूनी बाध्यता बन चुकी है, इस हालात में अन्न उत्पादन को लेकर उभरती चुनौतितयों से जूझना सरकार की नैतिक मजबूरी बन गई है। 

प्रयास

Submitted by HindiWater on Wed, 10/30/2019 - 15:38
पानी का पहचाना मोल, सवा सौ साल पुराने बाँध में रोका पानी।
मध्यप्रदेश के देवास जिले में बीते सालों में भीषण जल संकट का सामना कर चुके बागली के लोगों ने अब पानी के मोल को पहचान लिया है। उन्होंने कस्बे के नजदीक बहने वाली कालीसिंध नदी का गर्मियों में गहरीकरण कर गाद हटाई और अब बारिश के बाद 113 साल पुराने बाँध में 22 गेट लगाकर पानी को सहेज लिया है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
Source:
मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन।
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया।
Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source:
योजना, अगस्त 2019
बजट 2019 में ग्रामीण भारत विकास के लिए योजनाएं।
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -
Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source:
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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खासम-खास

उत्तराखण्ड राज्य जल नीति - 2019

Submitted by HindiWater on Fri, 10/25/2019 - 12:55
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उत्तराखण्ड सरकार
जल अत्यन्त महत्वपूर्ण और अपर्याप्त प्राकृतिक संसाधनों में से एक है, जो जीवन, जीवकोपार्जन, कृषि, चिरस्थायी सामाजिक विकास के साथ-साथ पारिस्थितिकीय एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिये अति आवश्यक है, कि नवीकरणीय उपलब्धता सीमित तथा क्षीणता/ह्रास व अपकर्ष के प्रति वेदनीय है।

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किसानों की आय बढ़ाने में सहायक कृषि-सम्बद्ध क्षेत्र

Submitted by HindiWater on Mon, 11/11/2019 - 11:40
Source
कुरुक्षेत्र, अक्टूबर 2019
आर्थिक विशेषज्ञों ने सिर्फ प्रति एकड़ कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर समूचा ध्यान न केन्द्रित करते हुए कृषि-सम्बद्ध व्यवसायों/गतिविधियों को भी प्रोत्साहन देने पर जोर देना शुरू किया है। कृषि-सम्बद्ध गतिविधियों से विशाल ग्रामीण आबादी को जोड़ने के काफी सकारात्मक नतीजे देखने को मिल सकते हैं और कृषक आय बढ़ाने में आशातीत सफलता हासिल हो सकती है।

भारत में स्वच्छता आन्दोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

Submitted by HindiWater on Sat, 11/09/2019 - 17:07
भारत का इतिहास गवाह है कि कई समाज सुधारको के द्वारा स्वच्छतालक्षी आन्दोलन चलाए गए हैं। मुख्यतः महात्मा गाँधी, डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर, संत गाडसे बाबा व सूर्यकान्त परीख उल्लेखनीय हैं। इन लोगों ने स्वच्छता व स्वास्थ्य सुधार, शौचालय के गंदेपन का निकास, शौचालय व स्नानगृह की सफाई आदि के लिए जनजागृति की मुहिम छेड़ी है। गाँधी जी ने स्वच्छता व अश्पृश्यता निवारण को स्वतंत्रता संग्राम प्रवृत्ति का एक हिस्सा बनाया था।

बंजर जमीन पर बहार लाना बड़ी चुनौती

Submitted by HindiWater on Sat, 11/09/2019 - 13:14
Source
राजस्थान पत्रिका, 17 अक्टूबर 2019
आज देश में जबकि भोजन और पानी इंसान के बुनियादी अधिकारों में मानकर इसे आम आदमी इसे आदमी तक पहुँचाने की चिन्ता कानूनी बाध्यता बन चुकी है, इस हालात में अन्न उत्पादन को लेकर उभरती चुनौतितयों से जूझना सरकार की नैतिक मजबूरी बन गई है। 

प्रयास

पानी का पहचाना मोल, सवा सौ साल पुराने रणजीत बांध में रोका पानी

Submitted by HindiWater on Wed, 10/30/2019 - 15:38
Author
मनीष वैद्य
मध्यप्रदेश के देवास जिले में बीते सालों में भीषण जल संकट का सामना कर चुके बागली के लोगों ने अब पानी के मोल को पहचान लिया है। उन्होंने कस्बे के नजदीक बहने वाली कालीसिंध नदी का गर्मियों में गहरीकरण कर गाद हटाई और अब बारिश के बाद 113 साल पुराने बाँध में 22 गेट लगाकर पानी को सहेज लिया है।

नोटिस बोर्ड

मातृसदन में फिर शुरू होगा गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन

Submitted by HindiWater on Mon, 10/14/2019 - 17:02
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के प्रथम बलिदान दिवास को हरिद्वार के जगजीतपुर स्थित मातृ सदन में संकल्प सभा के रूप में आयोजित किया गया। सर्वप्रथम स्वामी सानंद के बलिदान को याद कर सभा में दो मिनट का मौन रखा गया।

बजट 2019 में ग्रामीण भारत के विकास की योजनाएं

Submitted by HindiWater on Fri, 08/30/2019 - 07:32
Source
योजना, अगस्त 2019
वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्माला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया। केन्द्रीय बजट 2019-20 में ग्रामीण भारत से सम्बन्धित प्रमुख योजनाएँ इस तरह हैं -

भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून

Submitted by HindiWater on Sat, 07/13/2019 - 14:19
Source
दैनिक भास्कर, 09 जुलाई 2019
भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून।भूजल स्तर बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार लायेगी ग्रे-वाटर कानून। बारिश शुरू होते ही जल संकट दूर हो गया है, लेकिन यह राहत कुछ ही महीनों की रहेगी। यह समस्या फिर सामने आएगी, क्योंकि जितना पानी धरती में जाता है, उससे ज्यादा हम बाहर निकाल लेतेे हैं। भूजल दोहन का यह प्रतिशत 137 है। यानी, 100 लीटर पानी अंदर जाता है, तो हम 137 लीटर पानी बाहर निकालते हैं। यह प्रदेश के 56 मध्यप्रदेश के 56 फीसद से दोगुना से भी ज्यादा है।

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