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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 13:09
आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03
अपनी पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के तीसरे अध्याय संसार सागर के नायक में अनुपम मिश्र ने देश भर में विभिन्न समुदायों के उन पुरोधाओं को याद किया है, जिन्होंने पानी के संरक्षण और तालाबों को बनाने के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस दूसरे हिस्से में बहुत कलात्मक तरीके से उनके जीवन दर्शन को भी प्रस्तुत किया गया है।

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Submitted by HindiWater on Fri, 11/13/2020 - 10:56
Source:
चरखा फीचर्स
संजॉय घोष मीडिया अवार्ड 2020’ का परिणाम घोषित
दिल्ली स्थित एनजीओ ‘चरखा विकास संचार नेटवर्क’ ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2020’ के लिए चयनित प्रतिभागियों के नामों की घोषणा कर दी है। प्रतिभागियों का चयन तीन सदस्यों की जूरी पैनल द्वारा किया गया। जिसकी अध्यक्षता द वायर की सुश्री पैमला फिलीपोज़ ने की। अन्य सदस्यों में अमर उजाला से श्री सुदीप ठाकुर और गाँव कनेक्शन से सुश्री निधि जम्वाल थीं।
Submitted by HindiWater on Tue, 11/10/2020 - 12:09
Source:
कोसी मित्र
जब 1984 को पूर्वी कोसी तटबंध टूटा...
पूर्वी कोसी तटबंध के 72-78 कि. मी. के बीच कोसी का जलस्तर ख़तरे के निशान को पार कर चुका है। बाँध कभी भी टूट सकता है। नागरिकों को चेताया जाता है कि वे अपने घरों को ख़ाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ...
Submitted by UrbanWater on Tue, 11/10/2020 - 11:07
Source:
Manisha, Arghyam
‘फॉरवाटर’: भारत के 10 करोड़ लोगों की जल-सुरक्षा के लिए एक कोशिश
समाज-सरकार-बाजार तीनों की सहभागी ताकत के माध्यम से देश के एक बड़े तबके की पानी समस्या को हल करने की दिशा में की गई एक कोशिश का नाम है ‘फॉरवाटर’। लगभग 1 साल पहले जुलाई-2019 में समाज-सरकार-बाजार तीनों प्रमुख बड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि इकट्ठा हुए। इकट्ठा होने के पीछे मकसद यह था कि कुछ ऐसे तरीके खोजे जाएं कि भारत के जलसंकट का प्रभावी और व्यापक तौर पर समाधान दे सकें। इरादा यह था कि सरकार के साथ समाज की ताकत को जोड़ कर और बाजार को भी साथ लेकर, तीनों की सहभागिता से व्यापक स्तर पर यानि लगभग 10 करोड़ लोगों की जल-सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 11/09/2020 - 12:31
आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव
मध्यप्रदेश का एक छोटा सा गाँव नवादपुरा इन दिनोंआत्मनिर्भर भारत की एक ऐसी इबारत लिख रहा है जो शायद पूरे भारत के लिए एक नज़ीर बन सकती है। गाँव के ही एक गाय प्रेमी दम्पत्ति के नवाचारों से गाय पालने वाले कई आदिवासी परिवारों में दीवाली से पहले ही खुशियाँ जगमगा रही हैं। गाय के गोबर को फेंकने के बजाए उससे दीये बनवाने की एक नई पहल शुरु की गई।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Source:
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
Source:
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 
Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
Source:
वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

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खासम-खास

आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03 संसार सागर के नायक

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 13:09
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
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Source
रमाकांत राय
आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03
अपनी पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के तीसरे अध्याय संसार सागर के नायक में अनुपम मिश्र ने देश भर में विभिन्न समुदायों के उन पुरोधाओं को याद किया है, जिन्होंने पानी के संरक्षण और तालाबों को बनाने के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस दूसरे हिस्से में बहुत कलात्मक तरीके से उनके जीवन दर्शन को भी प्रस्तुत किया गया है।

Content

संजॉय घोष मीडिया अवार्ड 2020’ का परिणाम घोषित

Submitted by HindiWater on Fri, 11/13/2020 - 10:56
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Source
चरखा फीचर्स
संजॉय घोष मीडिया अवार्ड 2020’ का परिणाम घोषित
दिल्ली स्थित एनजीओ ‘चरखा विकास संचार नेटवर्क’ ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2020’ के लिए चयनित प्रतिभागियों के नामों की घोषणा कर दी है। प्रतिभागियों का चयन तीन सदस्यों की जूरी पैनल द्वारा किया गया। जिसकी अध्यक्षता द वायर की सुश्री पैमला फिलीपोज़ ने की। अन्य सदस्यों में अमर उजाला से श्री सुदीप ठाकुर और गाँव कनेक्शन से सुश्री निधि जम्वाल थीं।

जब 1984 को पूर्वी कोसी तटबंध टूटा...

Submitted by HindiWater on Tue, 11/10/2020 - 12:09
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Source
कोसी मित्र
जब 1984 को पूर्वी कोसी तटबंध टूटा...
पूर्वी कोसी तटबंध के 72-78 कि. मी. के बीच कोसी का जलस्तर ख़तरे के निशान को पार कर चुका है। बाँध कभी भी टूट सकता है। नागरिकों को चेताया जाता है कि वे अपने घरों को ख़ाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ...

‘फॉरवाटर’: भारत के 10 करोड़ लोगों की जल-सुरक्षा के लिए बेहतर वातावरण बनाने हेतु जल-मित्रों की क्षमता-निर्माण करना 

Submitted by UrbanWater on Tue, 11/10/2020 - 11:07
Author
केसर सिंह
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Source
Manisha, Arghyam
‘फॉरवाटर’: भारत के 10 करोड़ लोगों की जल-सुरक्षा के लिए एक कोशिश
समाज-सरकार-बाजार तीनों की सहभागी ताकत के माध्यम से देश के एक बड़े तबके की पानी समस्या को हल करने की दिशा में की गई एक कोशिश का नाम है ‘फॉरवाटर’। लगभग 1 साल पहले जुलाई-2019 में समाज-सरकार-बाजार तीनों प्रमुख बड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि इकट्ठा हुए। इकट्ठा होने के पीछे मकसद यह था कि कुछ ऐसे तरीके खोजे जाएं कि भारत के जलसंकट का प्रभावी और व्यापक तौर पर समाधान दे सकें। इरादा यह था कि सरकार के साथ समाज की ताकत को जोड़ कर और बाजार को भी साथ लेकर, तीनों की सहभागिता से व्यापक स्तर पर यानि लगभग 10 करोड़ लोगों की जल-सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

प्रयास

आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव

Submitted by HindiWater on Mon, 11/09/2020 - 12:31
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आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव
मध्यप्रदेश का एक छोटा सा गाँव नवादपुरा इन दिनोंआत्मनिर्भर भारत की एक ऐसी इबारत लिख रहा है जो शायद पूरे भारत के लिए एक नज़ीर बन सकती है। गाँव के ही एक गाय प्रेमी दम्पत्ति के नवाचारों से गाय पालने वाले कई आदिवासी परिवारों में दीवाली से पहले ही खुशियाँ जगमगा रही हैं। गाय के गोबर को फेंकने के बजाए उससे दीये बनवाने की एक नई पहल शुरु की गई।   

नोटिस बोर्ड

हिंदी पत्रकारों के लिए सीएसई-एएईटीआई की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
hindi-patrakaron-ke-liye-cse-aaeti-online-training-course
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
ekva-foundation-key-XIV-world-ekva-kangres
Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

भविष्य में किस तरह पानी को किया जा सकता है सुरक्षित 

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
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वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

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