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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

Content

Submitted by UrbanWater on Fri, 07/03/2020 - 13:14
Source:
River Pollution in Assam
असम के तिनसुकिया जिले के बाघजन में स्थित ऑयल इंडिया लिमिटेड के बाघजन ऑयलफील्ड के एक ऑयल वेल से गैस और केमिकल के रिसाव व बाद में वेल में विस्फोट से जिले के जलाशयों व भूगर्भ जल में प्रदूषण का खतरा मंडराने लगा है। रिसाव जहां हो रहा है, उसके करीब ही मगुरी मोटापुंग जलाशय और डिब्रु सैखोवा नेशनल पार्क है। मगुरी मोटापुंग जलाशय में हजारों की संख्या में मछलियां मृत पाई गई हैं और बताया जा रहा है कि पानी के प्रदूषित हो जाने के कारण ही मछलियों की मौत हुई है।
Submitted by UrbanWater on Fri, 07/03/2020 - 06:58
Source:
बांदा जिले के लौटे प्रवासी श्रमिक लुप्त हो चुकी घरार नदी की सफाई करते हुए। फोटो: अनिल सिंदूर
पन्ना मप्र से निकलकर यूपी के बांदा आने वाली घरार नदी मूलतः बागेन नदी की सहायक नदी है। कभी यह 40-50 फीट में बहने वाली नदी अब अतिक्रमण की शिकार है। कहीं-कहीं तो 50 फीट चौड़ी थी नदी, अब वर्तमान में कहीं-कहीं तो केवल 10 फीट चौड़ाई बच गई है। नदी पुनर्जीवन हेतु अतिक्रमण को गाँव वाले छोड़ने को तैयार भी हैं।
Submitted by HindiWater on Thu, 07/02/2020 - 12:42
Source:
भारत के नगर निकायों में कचरा प्रबंधन का हाल
भारत के नगर निकायों में हर दिन 1 लाख 47 हजार 613 टन कचरा जनरेट होता है, लेकिन लगभग 50 प्रतिशत कचरा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात और कर्नाटक जैसे पांच राज्य अकेले ही जनरेट करते हैं। रिर्पोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा साॅलिड वेस्ट महाराष्ट्र से निकलता है। महाराष्ट्र के नगर निकायों से हर दिन निकलने वाले 22080 टन कचरे का 42 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश के 15500 टन कचरे का भी 42 प्रतिशत अनुपचारित रहता है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Source:
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

Latest

खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : कन्टूर और जल संरक्षण के सम्बन्ध को समझने का प्रयास 

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra-kantur-aur-jal-sanrakshan-kay-sambandh-ko-samajhane-kaa-prayas
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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असम में ऑयल वेल से रिसाव और विस्फोट से जल प्रदूषण का खतरा

Submitted by UrbanWater on Fri, 07/03/2020 - 13:14
Author
उमेश कुमार राय
asam-mein-oil-well-se-risav-aur-visphot-se-jal-pradushan-ka-khatra
River Pollution in Assam
असम के तिनसुकिया जिले के बाघजन में स्थित ऑयल इंडिया लिमिटेड के बाघजन ऑयलफील्ड के एक ऑयल वेल से गैस और केमिकल के रिसाव व बाद में वेल में विस्फोट से जिले के जलाशयों व भूगर्भ जल में प्रदूषण का खतरा मंडराने लगा है। रिसाव जहां हो रहा है, उसके करीब ही मगुरी मोटापुंग जलाशय और डिब्रु सैखोवा नेशनल पार्क है। मगुरी मोटापुंग जलाशय में हजारों की संख्या में मछलियां मृत पाई गई हैं और बताया जा रहा है कि पानी के प्रदूषित हो जाने के कारण ही मछलियों की मौत हुई है।

बुंदेलखंड के प्रवासी श्रमिकों ने श्रमदान से पुनर्जीवित की घरार नदी 

Submitted by UrbanWater on Fri, 07/03/2020 - 06:58
Author
अनिल सिंदूर
pravasi-sramik-shramdan-se-punarjivit-ki-gharar-nadi
बांदा जिले के लौटे प्रवासी श्रमिक लुप्त हो चुकी घरार नदी की सफाई करते हुए। फोटो: अनिल सिंदूर
पन्ना मप्र से निकलकर यूपी के बांदा आने वाली घरार नदी मूलतः बागेन नदी की सहायक नदी है। कभी यह 40-50 फीट में बहने वाली नदी अब अतिक्रमण की शिकार है। कहीं-कहीं तो 50 फीट चौड़ी थी नदी, अब वर्तमान में कहीं-कहीं तो केवल 10 फीट चौड़ाई बच गई है। नदी पुनर्जीवन हेतु अतिक्रमण को गाँव वाले छोड़ने को तैयार भी हैं।

भारत के नगर निकायों में कचरा प्रबंधन का हाल

Submitted by HindiWater on Thu, 07/02/2020 - 12:42
bharat-ke-nagar-nikayon-mein-kachra-prabandhan
भारत के नगर निकायों में कचरा प्रबंधन का हाल
भारत के नगर निकायों में हर दिन 1 लाख 47 हजार 613 टन कचरा जनरेट होता है, लेकिन लगभग 50 प्रतिशत कचरा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात और कर्नाटक जैसे पांच राज्य अकेले ही जनरेट करते हैं। रिर्पोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा साॅलिड वेस्ट महाराष्ट्र से निकलता है। महाराष्ट्र के नगर निकायों से हर दिन निकलने वाले 22080 टन कचरे का 42 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश के 15500 टन कचरे का भी 42 प्रतिशत अनुपचारित रहता है।

प्रयास

पानी अन्ना अकेले 14 तालाब खोदकर अपने गांव को बनाया पानीदार

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Author
उमेश कुमार राय
pani-anna-14-talab-khodkar-gaon-ko-banaya-panidar
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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