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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 13:09
आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03
अपनी पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के तीसरे अध्याय संसार सागर के नायक में अनुपम मिश्र ने देश भर में विभिन्न समुदायों के उन पुरोधाओं को याद किया है, जिन्होंने पानी के संरक्षण और तालाबों को बनाने के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस दूसरे हिस्से में बहुत कलात्मक तरीके से उनके जीवन दर्शन को भी प्रस्तुत किया गया है।

Content

Submitted by HindiWater on Tue, 11/03/2020 - 12:04
Source:
कोसी मित्र
कोसी नदी
नादियां गाती हैं, डॉ. ओमप्रकाश भारती की एक महत्वपूर्ण पुस्तक है जिसमें कोसी नदी के जीवन से संबंधित भूगोल, इतिहास और समाजशास्त्र को वैज्ञानिक तरीके से खोजने का प्रयास किया गया है। मिथिलांचल के लोग “कोसी” नाम की वेदना का मर्म अच्छी तरह जानते हैं। इस पुस्तक की खासियत है कि इस अकेली पुस्तक में न केवल साहित्य की कई विधाओं का वरन्‌ समाज विज्ञान के कई विषयों का भी समावेश है।
Submitted by HindiWater on Mon, 11/02/2020 - 17:11
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गंगा घाटों को साफ रखने के लिये गोद ले
सांसद आदर्श ग्राम योजना के बेहतर परिणाम ने हरिद्वार जिला प्रशासन को घाटों की साफई करने की नई तरकीब सूझा दी। जिला प्रशासन ने गंगा के  घाटों की साफ-सफाई के लिए उन्हें गोद लेने के लिए धार्मिक और सोशल सामाजिक संस्थानों को आगे आने को कहा।  सभी समाजिक धार्मिक और निजी संस्थानों को करीब 3 साल के लिये गंगा घाटों को गोद लेना होगा और बराबर उनकी साफ-साफई, और सौन्दर्यकरण करना होगा। इसके अलावा संस्थानों को अपने साइन बोर्ड और सूचना केंद्र लगाने की भी अनुमति होगी ताकि लोगों को घाटों की जानकारी समय समय पर मिल सके।वही जिला प्रशासन के इस पहल के बारे मे विस्तार से जानकारी देते हुए
Submitted by HindiWater on Mon, 11/02/2020 - 12:27
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जल संकट के स्थायी समाधान की तलाश
जल संकट, हर साल, मानसून की बिदाई के बाद, अवांछित मेहमान की तरह आता है। अगले मानसून के आगमन तक जल स्रोतों को अपनी मौजूदगी का अहसास कराता है। उसके असर से अकसर स्टाप-डेम, तालाब, छोटी तथा मंझौली नदियाँ, कुए और नलकूप सूखते हैं। यह कहानी, हर साल दुहराई जाती है। उसकी मार गरीबों पर अधिक और अमीरों पर कम पड़ती है। इसका एक और पक्ष है। वह पक्ष है, स्वच्छ पानी की उपलब्धता का। यह भी अमीरी और गरीबी के आधार पर बंटा होता है। भौगोलिक नजरिए से यदि उपलब्धता की मेपिंग की जाए तो पता चलता है कि यह संकट सूखी नदियों के समूचे कछार में और बारहमासी नदियों की मुख्य धारा के आसपास कम और उसके कछार की सीमाओं की ओर अधिक होता है। 

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 11/09/2020 - 12:31
आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव
मध्यप्रदेश का एक छोटा सा गाँव नवादपुरा इन दिनोंआत्मनिर्भर भारत की एक ऐसी इबारत लिख रहा है जो शायद पूरे भारत के लिए एक नज़ीर बन सकती है। गाँव के ही एक गाय प्रेमी दम्पत्ति के नवाचारों से गाय पालने वाले कई आदिवासी परिवारों में दीवाली से पहले ही खुशियाँ जगमगा रही हैं। गाय के गोबर को फेंकने के बजाए उससे दीये बनवाने की एक नई पहल शुरु की गई।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Source:
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
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Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 
Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
Source:
वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

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खासम-खास

आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03 संसार सागर के नायक

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 13:09
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
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Source
रमाकांत राय
आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03
अपनी पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के तीसरे अध्याय संसार सागर के नायक में अनुपम मिश्र ने देश भर में विभिन्न समुदायों के उन पुरोधाओं को याद किया है, जिन्होंने पानी के संरक्षण और तालाबों को बनाने के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस दूसरे हिस्से में बहुत कलात्मक तरीके से उनके जीवन दर्शन को भी प्रस्तुत किया गया है।

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क्या नदियां भी गाती है?

Submitted by HindiWater on Tue, 11/03/2020 - 12:04
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कोसी मित्र
कोसी नदी
नादियां गाती हैं, डॉ. ओमप्रकाश भारती की एक महत्वपूर्ण पुस्तक है जिसमें कोसी नदी के जीवन से संबंधित भूगोल, इतिहास और समाजशास्त्र को वैज्ञानिक तरीके से खोजने का प्रयास किया गया है। मिथिलांचल के लोग “कोसी” नाम की वेदना का मर्म अच्छी तरह जानते हैं। इस पुस्तक की खासियत है कि इस अकेली पुस्तक में न केवल साहित्य की कई विधाओं का वरन्‌ समाज विज्ञान के कई विषयों का भी समावेश है।

गंगा घाटों को साफ रखने के लिये गोद ले

Submitted by HindiWater on Mon, 11/02/2020 - 17:11
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गंगा घाटों को साफ रखने के लिये गोद ले
सांसद आदर्श ग्राम योजना के बेहतर परिणाम ने हरिद्वार जिला प्रशासन को घाटों की साफई करने की नई तरकीब सूझा दी। जिला प्रशासन ने गंगा के  घाटों की साफ-सफाई के लिए उन्हें गोद लेने के लिए धार्मिक और सोशल सामाजिक संस्थानों को आगे आने को कहा।  सभी समाजिक धार्मिक और निजी संस्थानों को करीब 3 साल के लिये गंगा घाटों को गोद लेना होगा और बराबर उनकी साफ-साफई, और सौन्दर्यकरण करना होगा। इसके अलावा संस्थानों को अपने साइन बोर्ड और सूचना केंद्र लगाने की भी अनुमति होगी ताकि लोगों को घाटों की जानकारी समय समय पर मिल सके।वही जिला प्रशासन के इस पहल के बारे मे विस्तार से जानकारी देते हुए

जल संकट के स्थायी समाधान की तलाश

Submitted by HindiWater on Mon, 11/02/2020 - 12:27
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जल संकट के स्थायी समाधान की तलाश
जल संकट, हर साल, मानसून की बिदाई के बाद, अवांछित मेहमान की तरह आता है। अगले मानसून के आगमन तक जल स्रोतों को अपनी मौजूदगी का अहसास कराता है। उसके असर से अकसर स्टाप-डेम, तालाब, छोटी तथा मंझौली नदियाँ, कुए और नलकूप सूखते हैं। यह कहानी, हर साल दुहराई जाती है। उसकी मार गरीबों पर अधिक और अमीरों पर कम पड़ती है। इसका एक और पक्ष है। वह पक्ष है, स्वच्छ पानी की उपलब्धता का। यह भी अमीरी और गरीबी के आधार पर बंटा होता है। भौगोलिक नजरिए से यदि उपलब्धता की मेपिंग की जाए तो पता चलता है कि यह संकट सूखी नदियों के समूचे कछार में और बारहमासी नदियों की मुख्य धारा के आसपास कम और उसके कछार की सीमाओं की ओर अधिक होता है। 

प्रयास

आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव

Submitted by HindiWater on Mon, 11/09/2020 - 12:31
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आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहा है भारत का एक गाँव
मध्यप्रदेश का एक छोटा सा गाँव नवादपुरा इन दिनोंआत्मनिर्भर भारत की एक ऐसी इबारत लिख रहा है जो शायद पूरे भारत के लिए एक नज़ीर बन सकती है। गाँव के ही एक गाय प्रेमी दम्पत्ति के नवाचारों से गाय पालने वाले कई आदिवासी परिवारों में दीवाली से पहले ही खुशियाँ जगमगा रही हैं। गाय के गोबर को फेंकने के बजाए उससे दीये बनवाने की एक नई पहल शुरु की गई।   

नोटिस बोर्ड

हिंदी पत्रकारों के लिए सीएसई-एएईटीआई की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
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अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
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Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

भविष्य में किस तरह पानी को किया जा सकता है सुरक्षित 

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
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वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

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