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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 11:45
जल संकट के आईने में समाधान की खोज  
पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वह कहीं कम है तो कहीं अधिक। कहीं वह ग्रीष्मकालीन खेती के लिए है तो कहीं वह आने वाले दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिए है, तो कहीं-कहीं उद्योग-धन्धों के लिए कठिनाई का सबब है। पर्यावरणविदों के लिए वह नदियों के ग्रीष्मकालीन प्रवाह या पर्यावरणीय प्रवाह और जैवविविधता का संकट है।

Content

Submitted by HindiWater on Fri, 04/10/2020 - 09:02
Source:
निर्मल हुआ गंगा नदी का जल
इस बार गंगा को साफ करने के लिए न तो करोड़ों रुपये खर्च करने पड़े और न ही कोई मेहनत। कोरोना के कारण हुए लाॅकडाउन ने नदी को स्वतः ही निर्मल बना दिया। इससे गंगा का पानी हरिद्वार और ऋषिकेश में ही नहीं, बल्कि भारत के अनेकों स्थानों पर नहाने योग्य हो गया है।
Submitted by HindiWater on Thu, 04/09/2020 - 14:13
Source:
वेब आधारित तकनीकों का पानी-पर्यावरण के लिए समाज-शिक्षण
इंटरनेट और मोबाइल टेलीफोन का जैसे विस्तार हो रहा है वैसे ही विकास के इस दौर में समुदायों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी विशेष-कर वेब टेक्नोलॉजी का प्रयोग बढ़ रहा है। इसके प्रयोग से जल सहित विभिन्न क्षेत्रों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जन सहभागिता को बढ़ावा मिला है।
Submitted by HindiWater on Thu, 04/09/2020 - 08:30
Source:
पानी : एक बड़े संकट की आहट
साढ़े चार अरब साल पहले धरती पर पानी आया था। जब पृथ्वी का जन्म हुआ तब यह बहुत गर्म थी। कालांतर में यह ठंडी हुई और इस पर पानी ठहरा। वर्तमान में जल संकट बहुत गहराया है। आज पानी महत्वपूर्ण व मूल्यवान वस्तु बन चुका है। शुद्ध पानी जहां अमृत है, वहीं दूषित पानी विष और महामारी का आधार।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/20/2020 - 13:48
चंदन नयाल के बनाए चाल-खाल
चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं। नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

Latest

खासम-खास

जल संकट के आईने में समाधान की खोज  

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 11:45
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
जल संकट के आईने में समाधान की खोज  
पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वह कहीं कम है तो कहीं अधिक। कहीं वह ग्रीष्मकालीन खेती के लिए है तो कहीं वह आने वाले दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिए है, तो कहीं-कहीं उद्योग-धन्धों के लिए कठिनाई का सबब है। पर्यावरणविदों के लिए वह नदियों के ग्रीष्मकालीन प्रवाह या पर्यावरणीय प्रवाह और जैवविविधता का संकट है।

Content

निर्मल हुआ गंगा नदी का जल

Submitted by HindiWater on Fri, 04/10/2020 - 09:02
निर्मल हुआ गंगा नदी का जल
इस बार गंगा को साफ करने के लिए न तो करोड़ों रुपये खर्च करने पड़े और न ही कोई मेहनत। कोरोना के कारण हुए लाॅकडाउन ने नदी को स्वतः ही निर्मल बना दिया। इससे गंगा का पानी हरिद्वार और ऋषिकेश में ही नहीं, बल्कि भारत के अनेकों स्थानों पर नहाने योग्य हो गया है।

वेब आधारित तकनीकों का पानी-पर्यावरण के लिए समाज-शिक्षण में योगदान (केस-स्टडी: इंडिया वाटर पोर्टल-हिंदी)

Submitted by HindiWater on Thu, 04/09/2020 - 14:13
Author
मीनाक्षी अरोड़ा
वेब आधारित तकनीकों का पानी-पर्यावरण के लिए समाज-शिक्षण
इंटरनेट और मोबाइल टेलीफोन का जैसे विस्तार हो रहा है वैसे ही विकास के इस दौर में समुदायों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी विशेष-कर वेब टेक्नोलॉजी का प्रयोग बढ़ रहा है। इसके प्रयोग से जल सहित विभिन्न क्षेत्रों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जन सहभागिता को बढ़ावा मिला है।

पानी : एक बड़े संकट की आहट

Submitted by HindiWater on Thu, 04/09/2020 - 08:30
Author
डाॅ. दीपक कोहली
पानी : एक बड़े संकट की आहट
साढ़े चार अरब साल पहले धरती पर पानी आया था। जब पृथ्वी का जन्म हुआ तब यह बहुत गर्म थी। कालांतर में यह ठंडी हुई और इस पर पानी ठहरा। वर्तमान में जल संकट बहुत गहराया है। आज पानी महत्वपूर्ण व मूल्यवान वस्तु बन चुका है। शुद्ध पानी जहां अमृत है, वहीं दूषित पानी विष और महामारी का आधार।

प्रयास

लॉकडाउन के दौरान ही 15 से ज्यादा चाल-खालों का निर्माण कर चुके हैं चंदन नयाल

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/20/2020 - 13:48
Author
केसर सिंह
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चंदन नयाल के बनाए चाल-खाल
चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं। नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
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‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
participateepaintingwinaward
Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

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