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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Mon, 01/13/2020 - 22:17
नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह की बहाली (अर्थात सदा नीरा नदियाँ)
भारत की लगभग सभी नदियों का मानसूनी प्रवाह लगभग अप्रभावित है, पर उनके गैर-मानसूनी प्रवाह में कमी आ रही है। अर्थात समस्या केवल नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह के घटने की ही है। गैर-मानसूनी प्रवाह के घटने के कारण छोटी तथा मंझौली नदियाँ मौसमी बनकर रह गई हैं। यह असर व्यापक है।

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Submitted by HindiWater on Tue, 01/07/2020 - 11:44
Source:
गंगा रक्षा के प्रति सरकार का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण
गंगा की रक्षा के लिए मातृसदन के अंदोलन की बागड़ोर इस बार महिलाशक्ति के हाथों में है। मातृसदन में साध्वी पद्मावती पिछले 23 दिनों से अनशन/तप पर बैठी हैं। उनके अनशन के समर्थन में दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के पर्यावरणप्रेमी और पर्यावरणविद मातृसदन में जुटे थे।
Submitted by HindiWater on Tue, 01/07/2020 - 11:34
Source:
Image Source News24online.com
महात्मा गांधी के प्रकृति चिन्तन से सम्बन्धित संदेश आज भी प्रासंगिक हैं क्योंकि उनके लेखों तथा विचारों में पर्यावरण सम्बन्धी दृष्टिबोध तथा पर्यावरण पर काम करने वालों के लिए कालजयी मार्गदर्शन मौजूद है इसलिये उपभोक्तावाद से त्रस्त अनेक लोग, गांधी दर्शन में मुक्ति तथा विकास का मार्ग खोज रहे हैं।
Submitted by HindiWater on Tue, 01/07/2020 - 10:11
Source:
17 प्रतिशत जल स्रोत भयावह रूप से प्रदूषित, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु में स्थिति गंभीर
देश में 17 प्रतिशत जल स्रोत भयावह रूप प्रदूषित हैं। गंगा जैसी पवित्रतम नदी के जल में भी विष प्रवाहमान है। यमुना सहित देश की सैंकड़ों नदियां या तो सूख गई हैं, या नाले में तब्दील हो चुकी हैं। प्रदूषण के कारण जमीन के अंदर का जल भी स्वच्छ नहीं रहा।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Fri, 01/17/2020 - 11:25
महिलाओं द्वारा बनाया गया बर्तन बैंक।
इंदौर जिले के इस गांव में कहीं भी प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता है। दुकान से समाना लाना हो या बाजार से सब्जी, सभी अपने साथ कपड़े का थैला लेकर जाते हैं। दूध लाने के लिए स्टील की केतली या कोई अन्य बर्तन लेकर जाते हैं। स्कूल के बच्चों ने भी किताबों पर चढ़ाने वाले प्लास्टिक कवर से दूरी बना ली है, अब किताबों और कॉपियों पर केवल कागज का कवर ही चढ़ाया जाता है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 01/16/2020 - 09:57
Source:
नर्मदा, गंगा, कोसी, पेरियार व अन्य नदी घाटियों पर विचार मंथन
कृपया आपके आने की खबर, सफरनामा, सहभागी व्यक्तियों के नाम, उम्र, संबंधित विशेष कार्य/अनुभव इत्यादि के साथ त्वरित भेजें। 30 जनवरी से पहले भेजने से नियोजन में सहूलियत होगी।
Submitted by HindiWater on Sat, 12/28/2019 - 15:14
Source:
पहाड़ और हम : हिमालय के युवाओं के लिए कार्यशाला
पहाड़ों में एक कहावत है कि ‘पहाड़ का पानी और जवानी कभी पहाड़ के काम नहीं आते। सुनने पर इसका सरल और सीधा मतलब लगता है कि पहाड़ों के युवा नौकरी के अवसर के लिए और पहाड़ों का पानी नदियों के रास्ते यहां से मैदानी इलाकों में चले जाता है – दोनों की ऊर्जा और उर्वरकता का फायदा किसी और को होता है।
Submitted by HindiWater on Wed, 11/27/2019 - 13:25
Source:
"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन
गैर-लाभकारी संगठन चरखा विकास संचार नेटवर्क ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2019’ की घोषणा की है। इसके अंतर्गत उन लेखकों को मंच प्रदान किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में छुपी ऐसी प्रतिभाओं को उजागर करने का हौसला रखते हैं, जो मीडिया की नजरों से अब तक दूर रहा है।

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खासम-खास

नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह की बहाली (अर्थात सदा नीरा नदियाँ)

Submitted by HindiWater on Mon, 01/13/2020 - 22:17
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह की बहाली (अर्थात सदा नीरा नदियाँ)
भारत की लगभग सभी नदियों का मानसूनी प्रवाह लगभग अप्रभावित है, पर उनके गैर-मानसूनी प्रवाह में कमी आ रही है। अर्थात समस्या केवल नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह के घटने की ही है। गैर-मानसूनी प्रवाह के घटने के कारण छोटी तथा मंझौली नदियाँ मौसमी बनकर रह गई हैं। यह असर व्यापक है।

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गंगा रक्षा के प्रति सरकार का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण

Submitted by HindiWater on Tue, 01/07/2020 - 11:44
गंगा रक्षा के प्रति सरकार का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण
गंगा की रक्षा के लिए मातृसदन के अंदोलन की बागड़ोर इस बार महिलाशक्ति के हाथों में है। मातृसदन में साध्वी पद्मावती पिछले 23 दिनों से अनशन/तप पर बैठी हैं। उनके अनशन के समर्थन में दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के पर्यावरणप्रेमी और पर्यावरणविद मातृसदन में जुटे थे।

गांधी का प्रकृति चिन्तन

Submitted by HindiWater on Tue, 01/07/2020 - 11:34
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
Image Source News24online.com
महात्मा गांधी के प्रकृति चिन्तन से सम्बन्धित संदेश आज भी प्रासंगिक हैं क्योंकि उनके लेखों तथा विचारों में पर्यावरण सम्बन्धी दृष्टिबोध तथा पर्यावरण पर काम करने वालों के लिए कालजयी मार्गदर्शन मौजूद है इसलिये उपभोक्तावाद से त्रस्त अनेक लोग, गांधी दर्शन में मुक्ति तथा विकास का मार्ग खोज रहे हैं।

17 प्रतिशत जल स्रोत भयावह रूप से प्रदूषित, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु में स्थिति गंभीर

Submitted by HindiWater on Tue, 01/07/2020 - 10:11
17 प्रतिशत जल स्रोत भयावह रूप से प्रदूषित, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु में स्थिति गंभीर
देश में 17 प्रतिशत जल स्रोत भयावह रूप प्रदूषित हैं। गंगा जैसी पवित्रतम नदी के जल में भी विष प्रवाहमान है। यमुना सहित देश की सैंकड़ों नदियां या तो सूख गई हैं, या नाले में तब्दील हो चुकी हैं। प्रदूषण के कारण जमीन के अंदर का जल भी स्वच्छ नहीं रहा।

प्रयास

मध्य प्रदेश का सिंदौड़ा गांव हुआ प्लास्टिक मुक्त, मिल चुका है राष्ट्रीय पुरस्कार

Submitted by HindiWater on Fri, 01/17/2020 - 11:25
महिलाओं द्वारा बनाया गया बर्तन बैंक।
इंदौर जिले के इस गांव में कहीं भी प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता है। दुकान से समाना लाना हो या बाजार से सब्जी, सभी अपने साथ कपड़े का थैला लेकर जाते हैं। दूध लाने के लिए स्टील की केतली या कोई अन्य बर्तन लेकर जाते हैं। स्कूल के बच्चों ने भी किताबों पर चढ़ाने वाले प्लास्टिक कवर से दूरी बना ली है, अब किताबों और कॉपियों पर केवल कागज का कवर ही चढ़ाया जाता है।

नोटिस बोर्ड

नर्मदा, गंगा, कोसी, पेरियार व अन्य नदी घाटियों पर विचार मंथन

Submitted by HindiWater on Thu, 01/16/2020 - 09:57
नर्मदा, गंगा, कोसी, पेरियार व अन्य नदी घाटियों पर विचार मंथन
कृपया आपके आने की खबर, सफरनामा, सहभागी व्यक्तियों के नाम, उम्र, संबंधित विशेष कार्य/अनुभव इत्यादि के साथ त्वरित भेजें। 30 जनवरी से पहले भेजने से नियोजन में सहूलियत होगी।

पहाड़ और हम : हिमालय के युवाओं के लिए कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Sat, 12/28/2019 - 15:14
पहाड़ और हम : हिमालय के युवाओं के लिए कार्यशाला
पहाड़ों में एक कहावत है कि ‘पहाड़ का पानी और जवानी कभी पहाड़ के काम नहीं आते। सुनने पर इसका सरल और सीधा मतलब लगता है कि पहाड़ों के युवा नौकरी के अवसर के लिए और पहाड़ों का पानी नदियों के रास्ते यहां से मैदानी इलाकों में चले जाता है – दोनों की ऊर्जा और उर्वरकता का फायदा किसी और को होता है।

"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन

Submitted by HindiWater on Wed, 11/27/2019 - 13:25
"संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स-2019" के लिए आवेदन
गैर-लाभकारी संगठन चरखा विकास संचार नेटवर्क ने 'संजॉय घोष मीडिया अवार्ड्स 2019’ की घोषणा की है। इसके अंतर्गत उन लेखकों को मंच प्रदान किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में छुपी ऐसी प्रतिभाओं को उजागर करने का हौसला रखते हैं, जो मीडिया की नजरों से अब तक दूर रहा है।

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