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खासम-खास

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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Submitted by HindiWater on Sat, 01/11/2020 - 10:44
Source:
हिन्दुस्तान, 11 जनवरी 2020
वायु प्रदूषण से बढ़ता है सिजोफ्रेनिया का खतरा
एक अध्ययन में पता चला है कि वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों में सिजोफ्रेनिया होने का खतरा बढ़ने की सम्भावना अधिक होती है। हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर न सिर्फ शारीरिक नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि यह मानसिक सेहत को भी बिगाड़ सकते हैं।
Submitted by HindiWater on Sat, 01/11/2020 - 09:39
Source:
खतरे में जयसमंद झील की बेशकीमती देशी मछलियाँ, संरक्षण बेहद जरुरी
घने वनों से आच्छादित करीब सात छोटे-बड़े टापू इसमें मौजूद हैं, जो इसकी खूबसूरती को और बढाते हैं l इसकी जल भराव क्षमता लगभग 14 हजार 650 एमसीएफटी हैl  वहीं इसकी अधिकतम गहराई करीब 102 फीट है l यह सालों में कभी-कभार ही छलकती है, परंतु जब भी छलकती है तो कमाल की छलकती है l
Submitted by HindiWater on Fri, 01/10/2020 - 16:24
Source:
पानी की वजह से गुजरात में सबसे ज्यादा हत्याएं, बिहार दूसरे नंबर पर 
वहीं महाराष्ट्र में 255 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 285 लोग पीड़ित हैं। वर्ष 2018 तक कोर्ट में 3028 मामले लंबित हैं। हालाकि कोलकाता से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Source:
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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खासम-खास

नदी चेतना यात्रा : कन्टूर और जल संरक्षण के सम्बन्ध को समझने का प्रयास 

Submitted by UrbanWater on Fri, 08/07/2020 - 13:55
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
nadi-chetna-yatra-kantur-aur-jal-sanrakshan-kay-sambandh-ko-samajhane-kaa-prayas
नदियाँ, फोटो: needpix.com
कन्टूरों के वितरण से कछार के ढ़ाल की जानकारी का अनुमान लग जाता है। टोपोशीट पर जहाँ दो कन्टूर पास-पास होते हैं वहाँ ढ़ाल बहुत अधिक होता है। खडी चढ़ाई होती है। पानी तेजी से बहकर निकल जाता है। उसके धरती में रिसने या धरती पर संचय के अवसर बहुत कम होते हैं। पानी के नीचे उतरने की गति के अधिक होने के कारण भूमि कटाव बहुत अधिक होता है। ऐसी जगह में भूमिगत जल संचय के लिए स्टेगर्ड कन्टूर ट्रेंच (Staggered contour trench) ही एकमात्र कारगर विकल्प होता है।

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वायु प्रदूषण से बढ़ता है सिजोफ्रेनिया का खतरा

Submitted by HindiWater on Sat, 01/11/2020 - 10:44
Source
हिन्दुस्तान, 11 जनवरी 2020
वायु प्रदूषण से बढ़ता है सिजोफ्रेनिया का खतरा
एक अध्ययन में पता चला है कि वायु प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों में सिजोफ्रेनिया होने का खतरा बढ़ने की सम्भावना अधिक होती है। हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर न सिर्फ शारीरिक नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि यह मानसिक सेहत को भी बिगाड़ सकते हैं।

खतरे में जयसमंद झील (Jaisamand Lake) की बेशकीमती देशी मछलियाँ, संरक्षण बेहद जरुरी 

Submitted by HindiWater on Sat, 01/11/2020 - 09:39
खतरे में जयसमंद झील की बेशकीमती देशी मछलियाँ, संरक्षण बेहद जरुरी
घने वनों से आच्छादित करीब सात छोटे-बड़े टापू इसमें मौजूद हैं, जो इसकी खूबसूरती को और बढाते हैं l इसकी जल भराव क्षमता लगभग 14 हजार 650 एमसीएफटी हैl  वहीं इसकी अधिकतम गहराई करीब 102 फीट है l यह सालों में कभी-कभार ही छलकती है, परंतु जब भी छलकती है तो कमाल की छलकती है l

पानी की वजह से गुजरात में सबसे ज्यादा हत्याएं, बिहार दूसरे नंबर पर 

Submitted by HindiWater on Fri, 01/10/2020 - 16:24
पानी की वजह से गुजरात में सबसे ज्यादा हत्याएं, बिहार दूसरे नंबर पर 
वहीं महाराष्ट्र में 255 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 285 लोग पीड़ित हैं। वर्ष 2018 तक कोर्ट में 3028 मामले लंबित हैं। हालाकि कोलकाता से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

प्रयास

पानी अन्ना अकेले 14 तालाब खोदकर अपने गांव को बनाया पानीदार

Submitted by UrbanWater on Thu, 08/06/2020 - 10:14
Author
उमेश कुमार राय
pani-anna-14-talab-khodkar-gaon-ko-banaya-panidar
Pani_Anna_with_Pond_Photo: Book of Achievers
5 वर्षीय कामे गौड़ा मूल रूप से कर्नाटक के मंडया जिले के देशनाडोडी गांव के रहने वाले हैं। वह चरवाहा समुदाय से आते हैं और छोटे से कमरे में रहते हैं। वह आर्थिक तौर पर गरीब हैं, लेकिन उनके दिल में मानव जाति का कल्याण करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। दरअसल, कामे गौड़ा जिस गांव में रहते हैं, वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता है। वहां के लोग किसी तरह अपने लिए पानी का इंतजाम तो कर लेते, लेकिन जंगली जानवरों और मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। इस संकट से निजात पाने के लिए अपने गांवों में अकेले 14 तालाब खोद डाले और जलसंकट से जूझते गांव को पानीदार बना दिया। 

नोटिस बोर्ड

बिहार में बाढ़: आपके इलाके में तटबंध में दरार है तो ऐसे दीजिए जानकारी 

Submitted by UrbanWater on Tue, 07/07/2020 - 17:15
Author
उमेश कुमार राय
bihar-badh:-aapke-ilake-mein-tatabandh-mein-darar-hai-dijie-janakari
हेल्पलाइन नंबर
संजय झा ने कहा,ट्विटर पर @WRD_Bihar (जल संसाधान विभाग) को टैग करते हुए #HelloWRD के साथ लोग तटबंधों की जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलने पर विभाग तुरंत संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सूचित करेगा और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।” “ट्विटर के अलावा टोल फ्री नं. 18003456145 पर कॉल कर भी जानकारी साझा की जा सकती है। ये नंबर 24X7 चालू है। इसके साथ ही एक ऐप भी लाया जा रहा है। इस ऐप के जरिए भी जानकारियां दी जा सकती हैं।”

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

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