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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Thu, 12/31/2020 - 13:34
गोंडकालीन सगड़ा बावडी, जबलपुर, मध्यप्रदेश
सदियों से बावडी हमारी सनातन जल प्रदाय व्यवस्था का अभिन्न अंग रही है। अलग-अलग इलाकों में बावडियों को अलग-अलग नामों यथा सीढ़ीदार कुआ या वाउली या बाव इत्यादि के नाम से पुकारा जाता है। अंग्रेजी भाषा में उसे स्टेप-वैल कहा जाता है। इस संरचना में पानी का स्रोत भूजल होता है। भारत में इस संरचना का विकास, सबसे पहले, देश के पानी की कमी वाले पश्चिमी हिस्से में हुआ। वहाँ यह अस्तित्व में आई और समय के साथ फली-फूली। दक्षिण भारत में भी उसका विस्तार हुआ। देश के उन हिस्सों में वह भारतीय संस्कृति और संस्कारों का हिस्सा बनी। सम्पन्न लोगों के लिए सामाजिक दायित्व बनी।

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Submitted by HindiWater on Tue, 10/13/2020 - 13:56
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इंडिया रिवर्स वीक
इंडिया रिवर्स वीक ने वर्ष 2020 के लिए भागीरथ प्रयास सम्मान और अनुपम मिश्र मेडल के लिये नामांकन आमंत्रित किये है। भागीरथ प्रयास सम्मान की शुरुआत 2014 में की गई। जिसके जूरी स्वर्गीय श्री रामास्वामी थे
Submitted by HindiWater on Tue, 10/13/2020 - 11:21
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प्रकृति बंदन
हमारी सनातन संस्कृति मुनष्य मात्र को ही नहीं, अखिल ब्रह्मांड को ईश्वर का विराट स्वरुप मानती है। इस विराट स्वरुप में ईश्वर सूक्ष्म रूप से प्रतिष्ठित है। श्रीमद्धशवदगीता के अनुसार सनातन का अर्थ है, जिसे अगि, जल, अख्-शख्र से नष्ट न किया जा सके और जो प्रत्येक जीव-निर्जीव में विद्यमान है। पूरे विश्व में केवल हमारी संस्कृति ही है, जो एक व्यक्ति को परिवार से, परिवार को समाज से और समाज को विश्व से जोड़कर एक परिवार के रूप में देखती है। हिंदुत्व केवल धर्म नहीं, एक वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। हमारी संस्कृति की जड़ें इतनी परिष्कृत एवं व्यापक हैं कि हमारे प्रत्येक कार्य का वैज्ञानिक विश्लेषण स्वयं सिद्ध है।
Submitted by UrbanWater on Mon, 10/12/2020 - 12:26
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चरखा फीचर
फ्लोरोसिस युक्त जल से पीड़ित सफल मुर्मू
सिमलढाव पंचायत के अलग अलग गांवों में जल जनित इस बीमारी से अबतक सैकड़ों लोगों की मौतें हो चुकी हैं। सिमलढाब पंचायत के अंतर्गत 13 टोला हैं, उपरोक्त में से फ्लोरोसरिस से सर्वाधिक प्रभावित पंडित टोला, इलाकी व श्रीशटोला है, जहाँ पानी में फ्लोराइड की मात्रा सर्वाधिक है। सिर्फ पंडित टोला व इलाकी में ही सफल मुर्मू नहीं बल्कि 65 साल के पड़रा हेंब्रम, 62 वर्षीय सीताराम पंडित, 60 साल के मति सोरेन, 52 साल के होपनी किस्कू, 50 साल के साँझली मुर्मू और मंझो सोरेन, 35 वर्षीय कांहुँ मुर्मू, 34 साल के बुधिन टुडू, 30 साल के मुंझी हांसदा और 28 साल के नौजवान मंगल किस्कू सहित सैकड़ों लोग फ्लोरोसिस के शिकार हैं। सिमलढाव के कई ग्रामीणों का कहना है कि जब से होश संभाला तब से इस बिमारी की चपेट में खुद को पा रहे हैं। कितनी पुश्तें इस बिमारी का शिकार हो चुकी हैं, कोई नहीं जानता। चौंकाने वाली बात यह है कि इस से अब तक हुई मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा तक विभाग के पास मौजूद नहीं है।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
Source:
वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।
Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Source:
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
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Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

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खासम-खास

बावडी: कुछ अनछुए पहलू

Submitted by HindiWater on Thu, 12/31/2020 - 13:34
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
bavdi:-kuch-anachue-pahloo
गोंडकालीन सगड़ा बावडी, जबलपुर, मध्यप्रदेश
सदियों से बावडी हमारी सनातन जल प्रदाय व्यवस्था का अभिन्न अंग रही है। अलग-अलग इलाकों में बावडियों को अलग-अलग नामों यथा सीढ़ीदार कुआ या वाउली या बाव इत्यादि के नाम से पुकारा जाता है। अंग्रेजी भाषा में उसे स्टेप-वैल कहा जाता है। इस संरचना में पानी का स्रोत भूजल होता है। भारत में इस संरचना का विकास, सबसे पहले, देश के पानी की कमी वाले पश्चिमी हिस्से में हुआ। वहाँ यह अस्तित्व में आई और समय के साथ फली-फूली। दक्षिण भारत में भी उसका विस्तार हुआ। देश के उन हिस्सों में वह भारतीय संस्कृति और संस्कारों का हिस्सा बनी। सम्पन्न लोगों के लिए सामाजिक दायित्व बनी।

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भागीरथ प्रयास सम्मान  2020 के लिए नामांकन आमंत्रित 

Submitted by HindiWater on Tue, 10/13/2020 - 13:56
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इंडिया रिवर्स वीक
इंडिया रिवर्स वीक ने वर्ष 2020 के लिए भागीरथ प्रयास सम्मान और अनुपम मिश्र मेडल के लिये नामांकन आमंत्रित किये है। भागीरथ प्रयास सम्मान की शुरुआत 2014 में की गई। जिसके जूरी स्वर्गीय श्री रामास्वामी थे

जैसे एनीमल किंगडम है, वैसे ही प्लांट किंगडम : - डॉ. मोहनराव भागवत

Submitted by HindiWater on Tue, 10/13/2020 - 11:21
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प्रकृति बंदन
हमारी सनातन संस्कृति मुनष्य मात्र को ही नहीं, अखिल ब्रह्मांड को ईश्वर का विराट स्वरुप मानती है। इस विराट स्वरुप में ईश्वर सूक्ष्म रूप से प्रतिष्ठित है। श्रीमद्धशवदगीता के अनुसार सनातन का अर्थ है, जिसे अगि, जल, अख्-शख्र से नष्ट न किया जा सके और जो प्रत्येक जीव-निर्जीव में विद्यमान है। पूरे विश्व में केवल हमारी संस्कृति ही है, जो एक व्यक्ति को परिवार से, परिवार को समाज से और समाज को विश्व से जोड़कर एक परिवार के रूप में देखती है। हिंदुत्व केवल धर्म नहीं, एक वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। हमारी संस्कृति की जड़ें इतनी परिष्कृत एवं व्यापक हैं कि हमारे प्रत्येक कार्य का वैज्ञानिक विश्लेषण स्वयं सिद्ध है।

साहेबगंज के गांवों में पानी का कहर

Submitted by UrbanWater on Mon, 10/12/2020 - 12:26
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चरखा फीचर
फ्लोरोसिस युक्त जल से पीड़ित सफल मुर्मू
सिमलढाव पंचायत के अलग अलग गांवों में जल जनित इस बीमारी से अबतक सैकड़ों लोगों की मौतें हो चुकी हैं। सिमलढाब पंचायत के अंतर्गत 13 टोला हैं, उपरोक्त में से फ्लोरोसरिस से सर्वाधिक प्रभावित पंडित टोला, इलाकी व श्रीशटोला है, जहाँ पानी में फ्लोराइड की मात्रा सर्वाधिक है। सिर्फ पंडित टोला व इलाकी में ही सफल मुर्मू नहीं बल्कि 65 साल के पड़रा हेंब्रम, 62 वर्षीय सीताराम पंडित, 60 साल के मति सोरेन, 52 साल के होपनी किस्कू, 50 साल के साँझली मुर्मू और मंझो सोरेन, 35 वर्षीय कांहुँ मुर्मू, 34 साल के बुधिन टुडू, 30 साल के मुंझी हांसदा और 28 साल के नौजवान मंगल किस्कू सहित सैकड़ों लोग फ्लोरोसिस के शिकार हैं। सिमलढाव के कई ग्रामीणों का कहना है कि जब से होश संभाला तब से इस बिमारी की चपेट में खुद को पा रहे हैं। कितनी पुश्तें इस बिमारी का शिकार हो चुकी हैं, कोई नहीं जानता। चौंकाने वाली बात यह है कि इस से अब तक हुई मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा तक विभाग के पास मौजूद नहीं है।

प्रयास

उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा

Submitted by HindiWater on Mon, 02/15/2021 - 16:21
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चरखा फीचर
उत्तराखंड जल संकट : छोटे प्रयास से बड़ा समाधान निकलेगा
उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा और फिर 7 फरवरी को चमोली के तपोवन में आई जलप्रलय की घटनाएँ पूरी दुनिया को बड़े बांधों के निर्माण और पर्यावरण असंतुलन से होने वालेदुष्परिणामों से आगाह कर रही है। यह बड़े बांध स्थानीय जनता को न तो सिंचाई और न ही पेयजल की पूर्ति करते हैं बल्कि इसके विपरीत प्राकृतिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के लिएगंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। बड़े बांधों में बहुत अधिक जलराशि एकत्रित होने से पहाड़ों परअत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके निर्माण के दौरान भारी मशीनरी और विस्फोटकों आदि काप्रयोग होता है, जो पहाड़ों की नींव को भी हिला देते हैं, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन, भूकंप आदिकी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। चूँकि बड़े बांधों को भरने के लिए नदियों का प्रवाह रोकना पड़ताहै, इसलिए नदी के पानी से जो नैसर्गिक भूमिगत जलसंचय होता है, उसमें भी व्यवधान पड़ता है। 

नोटिस बोर्ड

विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल

Submitted by HindiWater on Thu, 01/21/2021 - 15:14
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वेटलैंड्स डे इंटरनेशनल साउथ एशिया
विश्व वेटलैंड्स दिवस 2021: वेटलैंड्स और जल
रामसर कन्वेन्शन में वेटलैंड्स को शामिल किए जाने पर  हर वर्ष की तरह इस बार भी 02 फरवरी 2021 को भारत सहित पूरे विश्व मे वेटलैंड्स डे मनाया जाएगा।  इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को वेटलैंड्स डे के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस का विषय "वेटलैंड्स और जल " (Wetlands and water) है।

हिंदी पत्रकारों के लिए सीएसई-एएईटीआई की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
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अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
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Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

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