नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

Submitted by Shivendra on Thu, 08/01/2019 - 17:29
Source:
राष्ट्रीय सहारा, 20 जुलाई 2019
flood in bihar
बिहार में बाढ़ और तटबंध की सियासत।जल विशेषज्ञ बताते हैं कि कोसी बैराज का इंतजाम भारत के हाथ में है, गंडक बैराज का नियंत्रण भारत के हाथ में है। पानी छोड़ते हैं हम और इल्जाम नेपाल के माथे डालते हैं। बिहार के जल संसाधन मंत्री तो हाल-फिलहाल यहाँ तक बोल गए कि बाढ़ का एकमात्र समाधान नेपाल में हाई डैम बनाने से ही होगा और ऐसा बयान देने वाले करीब-करीब सभी पूर्व मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री भी रहे हैं। ये बयान सुनते-सुनते 72 वर्ष बीत गए और ऐसे बयान आगे भी सुनने पड़ सकते हैं। नेपाल में हाई डैम पहले भी नहीं बन सकता था।
Submitted by Shivendra on Thu, 08/01/2019 - 12:44
Source:
राजस्थान पत्रिका, 06 जून 2019
water supply system in singapore
चेन्नई जब भंयकर जलसंकट से जूझ रहा था और वहाँ लोग एक बाल्टी पानी के लिए आपस में लड़ रहे थे, तब एक-दूसरे से 10 हजार किलोमीटर का फासला रखने वाले और पानी की अलग कमी झेलने वाले दो शहर शान्तिपूर्वक अपने नागरिकों को पानी की आपूर्ति कर रहे थे। मैंने इन दोनों शहरो की यात्रा की है और देखा है कि किस तरह पारम्परिक कोशिशों और अत्याधुनिक तकनीक का गठजोड़ कर सर्वाधिक जलसंकट वाले इलाकों में भी समस्या का निदान किया गया।
Submitted by Shivendra on Thu, 08/01/2019 - 11:17
Source:
भारत भूषण
self automatic drip system
इस तकनीक से अब पौधे नहीं सूखेंगे।  कभी सोचा है कि अगर आपको किसी काम से 15, 20 या 40 दिनों के लिए बाहर जाना पड़े, तो उपके पौधों का क्या होगा ? क्या होगा अगर आप अपने परिवार के साथ 20 दिन की छुट्टी के बाद आएं और आपके पौधे मुरझाए हुए हों। अगर आप भी इस मुश्किल में हैं कि कैसे जाएं छुट्टियों में अपने पौधों को छोड़कर, तो अब बाजार में ऐसी तकनीक आ गई है, जिससे आप अगर एक महीने की छुट्टी पर भी हैं, तब भी पौधे नहीं सूखेंगे। यह टेक्नोलॉजी है ‘‘सेल्फ ऑटोमेटिक ड्रिप सिस्टम’’, जो 20 पौधों को 40 दिनों तक पानी दे सकता है।

प्रयास

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
Source:
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।
Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
Source:
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे
Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
Source:
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

Latest

खासम-खास

केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण  : कुछ तथ्य, कुछ जानकारियां

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
kendriya-bhoomi-jal-pradhikaran-:-kuchh-tathy,-kuchh-jankariyan
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

बिहार में बाढ़ और तटबंध की सियासत

Submitted by Shivendra on Thu, 08/01/2019 - 17:29
Source
राष्ट्रीय सहारा, 20 जुलाई 2019
flood in bihar
बिहार में बाढ़ और तटबंध की सियासत।बिहार में बाढ़ और तटबंध की सियासत।जल विशेषज्ञ बताते हैं कि कोसी बैराज का इंतजाम भारत के हाथ में है, गंडक बैराज का नियंत्रण भारत के हाथ में है। पानी छोड़ते हैं हम और इल्जाम नेपाल के माथे डालते हैं। बिहार के जल संसाधन मंत्री तो हाल-फिलहाल यहाँ तक बोल गए कि बाढ़ का एकमात्र समाधान नेपाल में हाई डैम बनाने से ही होगा और ऐसा बयान देने वाले करीब-करीब सभी पूर्व मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री भी रहे हैं। ये बयान सुनते-सुनते 72 वर्ष बीत गए और ऐसे बयान आगे भी सुनने पड़ सकते हैं। नेपाल में हाई डैम पहले भी नहीं बन सकता था।

जल प्रबन्धन और दो शहरों की कहानी

Submitted by Shivendra on Thu, 08/01/2019 - 12:44
Source
राजस्थान पत्रिका, 06 जून 2019
water supply system in singapore
चेन्नई जब भंयकर जलसंकट से जूझ रहा था और वहाँ लोग एक बाल्टी पानी के लिए आपस में लड़ रहे थे, तब एक-दूसरे से 10 हजार किलोमीटर का फासला रखने वाले और पानी की अलग कमी झेलने वाले दो शहर शान्तिपूर्वक अपने नागरिकों को पानी की आपूर्ति कर रहे थे। मैंने इन दोनों शहरो की यात्रा की है और देखा है कि किस तरह पारम्परिक कोशिशों और अत्याधुनिक तकनीक का गठजोड़ कर सर्वाधिक जलसंकट वाले इलाकों में भी समस्या का निदान किया गया।

इस तकनीक से अब पौधे नहीं सूखेंगे

Submitted by Shivendra on Thu, 08/01/2019 - 11:17
Source
भारत भूषण
self automatic drip system
इस तकनीक से अब पौधे नहीं सूखेंगे।इस तकनीक से अब पौधे नहीं सूखेंगे।  कभी सोचा है कि अगर आपको किसी काम से 15, 20 या 40 दिनों के लिए बाहर जाना पड़े, तो उपके पौधों का क्या होगा ? क्या होगा अगर आप अपने परिवार के साथ 20 दिन की छुट्टी के बाद आएं और आपके पौधे मुरझाए हुए हों। अगर आप भी इस मुश्किल में हैं कि कैसे जाएं छुट्टियों में अपने पौधों को छोड़कर, तो अब बाजार में ऐसी तकनीक आ गई है, जिससे आप अगर एक महीने की छुट्टी पर भी हैं, तब भी पौधे नहीं सूखेंगे। यह टेक्नोलॉजी है ‘‘सेल्फ ऑटोमेटिक ड्रिप सिस्टम’’, जो 20 पौधों को 40 दिनों तक पानी दे सकता है।

प्रयास

उदयपुर के इस गांव को वेटलैंड घोषित किया जाना तय

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
udayapur-ke-is-gaon-ko-weightland-ghoshit-kiya-jana-tay
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

28 जुलाई को यूसर्क द्वारा आयोजित जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला पर भाग लेने के लिए पंजीकरण करायें

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
28-july-ko-ayojit-hone-vale-jal-shiksha-vyakhyan-shrinkhala-par-bhag-lene-ke-liye-panjikaran-karayen
Source
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित

Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
bhoojal-sanrakshan-ke-kshetra-men-karya-karne-valo-ke-liye-up-sarkar-ne-manga-avedan
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे

स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता व्यवहार में परिवर्तन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
swasth-jeevan-ke-liye-gharelu-jal-upchar-or-swachhta-vyavahar-mein-parivartan-par-tin-divasiy-prashikshan-karyashala
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

Upcoming Event

Popular Articles