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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

Content

Submitted by Hindi on Mon, 10/24/2011 - 16:59
Source:
indiamark handpump

पिछले दिनों अमेठी के करीब 250 मानिंदों की सहभागिता से संपन्न हुए एक उर्जा सम्मेलन ने चेतना जगाई है। सिर पर आ गये पानी के संकट की गुहार ने अमेठी के लोगों की नींद तोड़ी है। मुट्ठी भर लोग लोटा-डोरी बांधकर जलयात्रा पर निकल भी चुके हैं। दुआ कीजिए कि ये सफल हों!

Submitted by admin on Tue, 10/04/2011 - 12:00
Source:
urdu cover aaj bhi khare hain talab

آج بھی کھرے ہیں تالاباپنی کتاب 'آج بھی کھرے ہیں تالاب' میں جناب انوپم مشر صاحب نےپورے ہندوستان کے تالابوں، ماضی میںپانی محفوظ کرینےکےطریقوں،پانی کے بیہترانتظام،جھیلوں،تالابوں اورپانی کی کئی شاندار روایات کی سمجھ ، فلسفہ اور تحقیق کواس کتاب میں انتہاءی سلیقے اور آسان زبان میں تحقیق کے ساتھ درج کیا ہے۔

ہندوستان میں پانی کی حفاظت کے یہ روایتی طریقے،آج بھی ہزاروں گاؤں اور قصبوں کے لئے لایف لاین کے مساوی ہیں.انوپم جی کا یہ کام ، ملک بھر میں سیاہ سایہ کی طرح پھیل رہی پانی کی شدید قلت سے نمٹنے اور مسائل کو اچھی طرح سمجھنے میں ایک 'گائیڈ' کا کام کرتا ہے.انوپم جی نے ماحولیات اورواٹر منیجمینٹ کے میدان میں برسوں تک کام کیا ہے، فی الحال وہ گاندھی امن فاؤنڈیشن ، نئی دہلی کے ساتھ کام کر رہے ہیں. ان کی کتابیں ، خاص طور پر 'آج بھی کھرے ہیں تالاب' اور 'راجستھان کی نقرئی بوندیں' ، پانی کے موضوع پر شائع کتابوں میں میل کے پتھر کی مانند ہیں ، آج بھی ان کتابوں کے مندرجات سماجی کارکُنوں، واٹر هاروےسٹنگ میں دلچسپی

Submitted by admin on Sun, 10/02/2011 - 13:47
Source:
'आज भी खरे हैं तालाब' पंजाबी संस्करण
aaj bhi khare hain talab


आज भी खरे हैं तालाब (पंजाबी)

ਅੱਜ ਵੀ ਖਰੇ ਹਨ ਤਾਲਾਬਆਪਣੀ ਕਿਤਾਬ “ਅੱਜ ਵੀ ਖਰੇ ਹਨ ਤਾਲਾਬ” ਵਿੱਚ ਸ਼੍ਰੀ ਅਨੁਪਮ ਜੀ ਨੇ ਸਮੁੱਚੇ ਭਾਰਤ ਦੇ ਤਾਲਾਬੋਂ , ਪਾਣੀ - ਇਕੱਤਰੀਕਰਨ ਪੱਧਤੀਯੋਂ , ਪਾਣੀ - ਪ੍ਰਬੰਧਨ , ਝੀਲਾਂ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਅਨੇਕ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪਰੰਪਰਾਵਾਂ ਦੀ ਸੱਮਝ , ਦਰਸ਼ਨ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਨੂੰ ਲਿਪਿਬੱਧ ਕੀਤਾ ਹੈ ।

ਭਾਰਤ ਦੀ ਇਹ ਹਿਕਾਇਤੀ ਪਾਣੀ ਸੰਰਚਨਾਵਾਂ , ਅੱਜ ਵੀ ਹਜਾਰਾਂ ਪਿੰਡਾਂ ਅਤੇ ਕਸਬੀਆਂ ਲਈ ਜੀਵਨਰੇਖਾ ਦੇ ਸਮਾਨ ਹਨ । ਅਨੁਪਮ ਜੀ ਦਾ ਇਹ ਕਾਰਜ , ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਕਾਲੀ ਛਾਇਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਫੈਲ ਰਹੇ ਭੀਸ਼ਨ ਜਲਸੰਕਟ ਵਲੋਂ ਨਿੱਬੜਨ ਅਤੇ ਸਮੱਸਿਆ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੱਮਝਣ ਵਿੱਚ ਇੱਕ “ਗਾਇਡ” ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਅਨੁਪਮ ਜੀ ਨੇ ਪਰਿਆਵਰਣ ਅਤੇ ਪਾਣੀ - ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਸਾਲਾਂ ਤੱਕ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਰਤਮਾਨ ਵਿੱਚ ਉਹ ਗਾਂਧੀ ਸ਼ਾਂਤੀ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਠਾਨ , ਨਵੀਂ ਦਿੱਲੀ ਦੇ ਨਾਲ ਕਾਰਜ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕਿਤਾਬਾਂ , ਖਾਸਕਰ “ਅੱਜ ਵੀ ਖਰੇ ਹਨ ਤਾਲਾਬ” ਅਤੇ “ਰਾਜਸਥਾਨ ਦੀ ਰਜਤ ਬੂੰਦਾਂ” , ਪਾਣੀ ਦੇ ਵਿਸ਼ਾ ਉੱਤੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ਿਤ ਕਿਤਾਬਾਂ ਵਿੱਚ ਮੀਲ ਦੇ ਪੱਥਰ ਦੇ ਸਮਾਨ ਹੈ ,

प्रयास

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source:
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
Source:
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
Source:
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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खासम-खास

शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

Content

इंडिया वाटर बनाम इंडिया मार्का

Submitted by Hindi on Mon, 10/24/2011 - 16:59
Author
अरुण तिवारी
indiamark handpump

पिछले दिनों अमेठी के करीब 250 मानिंदों की सहभागिता से संपन्न हुए एक उर्जा सम्मेलन ने चेतना जगाई है। सिर पर आ गये पानी के संकट की गुहार ने अमेठी के लोगों की नींद तोड़ी है। मुट्ठी भर लोग लोटा-डोरी बांधकर जलयात्रा पर निकल भी चुके हैं। दुआ कीजिए कि ये सफल हों!

آج آج بھی کھرے ہیں تالاب आज भी खरे हैं तालाब उर्दू

Submitted by admin on Tue, 10/04/2011 - 12:00
Author
अनुपम मिश्र
urdu cover aaj bhi khare hain talab

آج بھی کھرے ہیں تالابآج بھی کھرے ہیں تالاباپنی کتاب 'آج بھی کھرے ہیں تالاب' میں جناب انوپم مشر صاحب نےپورے ہندوستان کے تالابوں، ماضی میںپانی محفوظ کرینےکےطریقوں،پانی کے بیہترانتظام،جھیلوں،تالابوں اورپانی کی کئی شاندار روایات کی سمجھ ، فلسفہ اور تحقیق کواس کتاب میں انتہاءی سلیقے اور آسان زبان میں تحقیق کے ساتھ درج کیا ہے۔

ہندوستان میں پانی کی حفاظت کے یہ روایتی طریقے،آج بھی ہزاروں گاؤں اور قصبوں کے لئے لایف لاین کے مساوی ہیں.انوپم جی کا یہ کام ، ملک بھر میں سیاہ سایہ کی طرح پھیل رہی پانی کی شدید قلت سے نمٹنے اور مسائل کو اچھی طرح سمجھنے میں ایک 'گائیڈ' کا کام کرتا ہے.انوپم جی نے ماحولیات اورواٹر منیجمینٹ کے میدان میں برسوں تک کام کیا ہے، فی الحال وہ گاندھی امن فاؤنڈیشن ، نئی دہلی کے ساتھ کام کر رہے ہیں. ان کی کتابیں ، خاص طور پر 'آج بھی کھرے ہیں تالاب' اور 'راجستھان کی نقرئی بوندیں' ، پانی کے موضوع پر شائع کتابوں میں میل کے پتھر کی مانند ہیں ، آج بھی ان کتابوں کے مندرجات سماجی کارکُنوں، واٹر هاروےسٹنگ میں دلچسپی

ਅੱਜ ਵੀ ਖਰੇ ਹਨ ਤਾਲਾਬ

Submitted by admin on Sun, 10/02/2011 - 13:47
Author
अनुपम मिश्र
Source
'आज भी खरे हैं तालाब' पंजाबी संस्करण
aaj bhi khare hain talab


आज भी खरे हैं तालाब (पंजाबी)

आज भी खरे हैं तालाब (पंजाबी)ਅੱਜ ਵੀ ਖਰੇ ਹਨ ਤਾਲਾਬਆਪਣੀ ਕਿਤਾਬ “ਅੱਜ ਵੀ ਖਰੇ ਹਨ ਤਾਲਾਬ” ਵਿੱਚ ਸ਼੍ਰੀ ਅਨੁਪਮ ਜੀ ਨੇ ਸਮੁੱਚੇ ਭਾਰਤ ਦੇ ਤਾਲਾਬੋਂ , ਪਾਣੀ - ਇਕੱਤਰੀਕਰਨ ਪੱਧਤੀਯੋਂ , ਪਾਣੀ - ਪ੍ਰਬੰਧਨ , ਝੀਲਾਂ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਅਨੇਕ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪਰੰਪਰਾਵਾਂ ਦੀ ਸੱਮਝ , ਦਰਸ਼ਨ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਨੂੰ ਲਿਪਿਬੱਧ ਕੀਤਾ ਹੈ ।

ਭਾਰਤ ਦੀ ਇਹ ਹਿਕਾਇਤੀ ਪਾਣੀ ਸੰਰਚਨਾਵਾਂ , ਅੱਜ ਵੀ ਹਜਾਰਾਂ ਪਿੰਡਾਂ ਅਤੇ ਕਸਬੀਆਂ ਲਈ ਜੀਵਨਰੇਖਾ ਦੇ ਸਮਾਨ ਹਨ । ਅਨੁਪਮ ਜੀ ਦਾ ਇਹ ਕਾਰਜ , ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਕਾਲੀ ਛਾਇਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਫੈਲ ਰਹੇ ਭੀਸ਼ਨ ਜਲਸੰਕਟ ਵਲੋਂ ਨਿੱਬੜਨ ਅਤੇ ਸਮੱਸਿਆ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੱਮਝਣ ਵਿੱਚ ਇੱਕ “ਗਾਇਡ” ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ । ਅਨੁਪਮ ਜੀ ਨੇ ਪਰਿਆਵਰਣ ਅਤੇ ਪਾਣੀ - ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਸਾਲਾਂ ਤੱਕ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਰਤਮਾਨ ਵਿੱਚ ਉਹ ਗਾਂਧੀ ਸ਼ਾਂਤੀ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਠਾਨ , ਨਵੀਂ ਦਿੱਲੀ ਦੇ ਨਾਲ ਕਾਰਜ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ । ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕਿਤਾਬਾਂ , ਖਾਸਕਰ “ਅੱਜ ਵੀ ਖਰੇ ਹਨ ਤਾਲਾਬ” ਅਤੇ “ਰਾਜਸਥਾਨ ਦੀ ਰਜਤ ਬੂੰਦਾਂ” , ਪਾਣੀ ਦੇ ਵਿਸ਼ਾ ਉੱਤੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ਿਤ ਕਿਤਾਬਾਂ ਵਿੱਚ ਮੀਲ ਦੇ ਪੱਥਰ ਦੇ ਸਮਾਨ ਹੈ ,

प्रयास

चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
Source
अमर उजाला, 19 फरवरी, 2020
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

नदी घाटी विचार मंच

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।

जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मीडिया महोत्सव-2020

Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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