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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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Submitted by admin on Wed, 09/23/2009 - 09:08
Source:
ओमप्रकाश भारती /kosimitra
पिछले 60 वर्षों में सरकारी व्यवस्था को लोगों को समझाने/बहलाने में पूर्ण सफलता मिली, कि कोसी समस्या का निदान बराह क्षेत्र `हाईडेम´ है। बांध या तटबंधों से बाढ़ की समस्याओं का निदान कहां तक हो सका, इसकी रिर्पोट हमारे समक्ष है। सिपर्फ यदि बिहार के संदर्भ में देखें तो सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 1954 में बिहार में तटबंधों की लम्बाई 160 किलोमीटर थी और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र 25 लाख हेक्टेयर था। वत्तZमान में बिहार में लगभग 3,430 किलेामीटर तटबंध है और बाढ़ का क्षेत्र लगभग 68.80 लाख हेक्टेयर तक जा पहुँचा है। यानी तटबंधों की लम्बाई के साथ-साथ बाढ़ क्षेत्र में भी बढ़ोत्तरी हुई।
Submitted by admin on Tue, 09/22/2009 - 05:25
Source:

कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने अपने हाल के तमिलनाडु दौरे में एक बड़ा महत्वपूर्ण बयान दिया था. राहुल गांधी ने कहा था कि वे नदियों को जोड़ने के खिलाफ हैं क्योंकि ऐसा करना प्रकृति के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ होगा जिसकी भरपाई मुश्किल होगी.

उनके इस बयान के बाद से ही हम इस पड़ताल पर लग गये थे कि आखिर राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया क्यों?
Submitted by admin on Mon, 09/21/2009 - 08:28
Source:
भास्कर Sep.06,2009

पानीपत. शहर के डाई हाउस संचालक चोरी-छिपे जहरीले पानी को भू-गर्भ में पहुंचाकर पानी को विषैला बना रहे हैं। प्रतिदिन लगभग 32 लाख लीटर जहरीला पानी जमीन के अंदर पहुंचा रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जन स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई कुछ ही डाई हाउसों तक चलकर दम तोड़ जाती है। अधिकारियों की अनदेखी से शहर का पेयजल दिनोंदिन विषैला होता जा रहा है।

पांच बार होता है प्रोसेस

प्रयास

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source:
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
Source:
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
Source:
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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खासम-खास

शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

Content

आलादीन का चिराग- बराह क्षेत्र हाईडेम

Submitted by admin on Wed, 09/23/2009 - 09:08
Source
ओमप्रकाश भारती /kosimitra
पिछले 60 वर्षों में सरकारी व्यवस्था को लोगों को समझाने/बहलाने में पूर्ण सफलता मिली, कि कोसी समस्या का निदान बराह क्षेत्र `हाईडेम´ है। बांध या तटबंधों से बाढ़ की समस्याओं का निदान कहां तक हो सका, इसकी रिर्पोट हमारे समक्ष है। सिपर्फ यदि बिहार के संदर्भ में देखें तो सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 1954 में बिहार में तटबंधों की लम्बाई 160 किलोमीटर थी और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र 25 लाख हेक्टेयर था। वत्तZमान में बिहार में लगभग 3,430 किलेामीटर तटबंध है और बाढ़ का क्षेत्र लगभग 68.80 लाख हेक्टेयर तक जा पहुँचा है। यानी तटबंधों की लम्बाई के साथ-साथ बाढ़ क्षेत्र में भी बढ़ोत्तरी हुई।

'तालाब' का असर, राहुल गांधी पर

Submitted by admin on Tue, 09/22/2009 - 05:25

कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने अपने हाल के तमिलनाडु दौरे में एक बड़ा महत्वपूर्ण बयान दिया था. राहुल गांधी ने कहा था कि वे नदियों को जोड़ने के खिलाफ हैं क्योंकि ऐसा करना प्रकृति के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ होगा जिसकी भरपाई मुश्किल होगी.

उनके इस बयान के बाद से ही हम इस पड़ताल पर लग गये थे कि आखिर राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया क्यों?

पानीपत का पानी (भाग 2)

Submitted by admin on Mon, 09/21/2009 - 08:28
Source
भास्कर Sep.06,2009

पानीपत. शहर के डाई हाउस संचालक चोरी-छिपे जहरीले पानी को भू-गर्भ में पहुंचाकर पानी को विषैला बना रहे हैं। प्रतिदिन लगभग 32 लाख लीटर जहरीला पानी जमीन के अंदर पहुंचा रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जन स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई कुछ ही डाई हाउसों तक चलकर दम तोड़ जाती है। अधिकारियों की अनदेखी से शहर का पेयजल दिनोंदिन विषैला होता जा रहा है।

पांच बार होता है प्रोसेस

प्रयास

चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
Source
अमर उजाला, 19 फरवरी, 2020
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

नदी घाटी विचार मंच

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।

जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मीडिया महोत्सव-2020

Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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