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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Sat, 04/04/2020 - 08:58
नदियों के सूखने का कारण
बीसवीं सदी के पहले कालखंड तक भारत की अधिकांश नदियाँ बारहमासी थीं। उस दौरान यदि कोई नदी सूखती थी तो वह सूखना अपवाद स्वरूप था। पिछले 50-60 सालों से भारत की सभी नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह में गंभीर कमी आ रही है।

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Submitted by admin on Fri, 02/27/2009 - 15:42
Source:

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तरकाशी में भागीरथी पर 600 मेगावाट लोहारी नागपाला पनबिजली परियोजना को रोकने के केंद्र सरकार के फैसले को आज निलंबित कर दिया।

न्यायमूर्ति पीसी पंत और बी एस वर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने देहरादून स्थित एक गैर सरकारी संगठन, रूरल लिटिगेशन एंड एंटाइटेलमेंट केन्द्र के द्वारा दायर की गई एक याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए यह फैसला सुनाया। इस संगठन ने केंद्र द्वारा पिछले सप्ताह रोके गए प्रोजेक्ट को पुनः शुरु करने की मांग की थी।
Submitted by admin on Mon, 02/23/2009 - 18:57
Source:
निमन्त्रण प्रिय साथी,

National Meet on Himalayan Waters in Delhiहिमालय सेवा संघ दिनाँक 17, 18 एवं 19 मार्च, 2009 को एक तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक नई दिल्ली में आयोजित कर रहा है। यह बैठक हिमालय क्षेत्र में जल, जंगल एवं जमीन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रयासरत कार्यकर्ताओं एवं ग्रामवासियों का एक सांझा रचनात्मक मंच बनाने का प्रयास करेगी।

बैठक का आयोजन राष्ट्रीय बाल भवन, कोटला रोड़, नई दिल्ली - 110 002 में किया जा रहा है। हम आशा करते है कि इस बैठक में नौजवान, बच्चे एवं उत्साही युवक और युवतियॉं भी चर्चाओं में भाग लेंगे।
Submitted by admin on Wed, 02/18/2009 - 09:58
Source:
Feb 15,2009 / जागरण याहू
नई दिल्ली, [रणविजय सिंह]। बीएसएफ के रिटायर्ड कमानडेंट बलजीत सिंह त्यागी ने बंजर भूमि पर फलदार पेड़ लगाने में तीन बार विफल रहने पर भी हिम्मत नहीं हारे। कृषि वैज्ञानिकों से पता चला कि भूमिगत पानी खारा होने से यहा पेड़ नहीं उग सकते। उन्होंने अपनी मेहनत व लगन से डेढ़ लाख लीटर क्षमता के वाटर हार्वेस्टिंग व भूमिगत जल रिचार्ज टैंक से जमीन को मीठे पानी से तर कर दिया। जिससे बाझ जमीन की कोख उर्वरा हो गई।

प्रयास

Submitted by HindiWater on Mon, 03/23/2020 - 16:18
कश्मीर के चश्मों की पहचान बचा रहे रिफत
वादी -ए-कश्मीर में चश्मे जो कभी पहचान थे आज वे लुप्त होने की कगार पर हैं, लेकिन इन्हें बचाने के लिये नए कश्मीर के नौजवान आग आए हैं। इनमें पर्यावरण संरक्षक रिफत अब्दुल्ला हैं। मदर टेरेसा अवार्ड से सम्मानित रिफत ने घाटी के जल स्रोतों को बचाने के लिये अभियान छेड़ रखा है। इनमें उनके कुछ दोस्त और स्थानीय लोग मदद कर रहे हैं।

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Thu, 04/02/2020 - 16:31
Source:
कोविड-19 और तनाव मुक्ति के लिये नोलेज सत्र
ECHO India और NIMHANs के साथ कोविड-19 (COVID-19) पर एक ऑनलाइन ज्ञान सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह इंटरैक्शन एनजीओ और उनके कर्मचारियों पर केंद्रित है और उम्मीद करते हैं कि इससे लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न हुए तनाव से कर्मचारियों को बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिलेगी।
Submitted by HindiWater on Mon, 03/30/2020 - 07:47
Source:
स्वामी शिवानंद और साध्वी पद्मावती का अनशन समाप्त
गंगा की अविरलता के लिए अनशन कर रहे मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने अनशन को विराम दे दिया है। कोरोना के संकट के बीच देशभर के गंगा प्रेमियों के अनुरोध पर उन्होंने ये निर्णय लिया है। वहीं उन्होंने साध्वी पद्मावती का अनशन समाप्त करने की भी घोषणा की है।
Submitted by HindiWater on Fri, 03/06/2020 - 13:46
Source:
द्वाराहाट में होगा "नौला मंथन कुंभ"
नौला फाउंडेशन इंडिया सेव वाटर सिविल सोसाइटी द्वारा हिमालयन डिक्लेरेशन ऑफ स्प्रिंगशेड रेजुवेनेशन के तहत हितधारक सामुदायिक सहभागिता से उत्तराखंड में सभी पारंपरिक जल स्रोतों जैसे नौले धारे के संरक्षण और उनके पुनर्जीवित करने के लिए हितकारक सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम ‘‘पहाड़-पानी-परंपरा’’ की ऐतिहासिक नींव रखी है। इसी क्रम में बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट में विश्व जल दिवस के अवसर पर 21 मार्च को नौला मंथन महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। नौलों के संरक्षण के लिए कार्यक्रम में शामिल होने और अपने विचार रखने के लिए आप स्वतंत्र हैं। 

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खासम-खास

नदियों के सूखने का कारण

Submitted by HindiWater on Sat, 04/04/2020 - 08:58
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नदियों के सूखने का कारण
बीसवीं सदी के पहले कालखंड तक भारत की अधिकांश नदियाँ बारहमासी थीं। उस दौरान यदि कोई नदी सूखती थी तो वह सूखना अपवाद स्वरूप था। पिछले 50-60 सालों से भारत की सभी नदियों के गैर-मानसूनी प्रवाह में गंभीर कमी आ रही है।

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उत्तराखंड उच्च न्यायालय की भागीरथी पर बांध को मंजूरी

Submitted by admin on Fri, 02/27/2009 - 15:42
Author
संपादक

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तरकाशी में भागीरथी पर 600 मेगावाट लोहारी नागपाला पनबिजली परियोजना को रोकने के केंद्र सरकार के फैसले को आज निलंबित कर दिया।

न्यायमूर्ति पीसी पंत और बी एस वर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने देहरादून स्थित एक गैर सरकारी संगठन, रूरल लिटिगेशन एंड एंटाइटेलमेंट केन्द्र के द्वारा दायर की गई एक याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए यह फैसला सुनाया। इस संगठन ने केंद्र द्वारा पिछले सप्ताह रोके गए प्रोजेक्ट को पुनः शुरु करने की मांग की थी।

निमन्त्रण

Submitted by admin on Mon, 02/23/2009 - 18:57
Author
संपादक
निमन्त्रण प्रिय साथी,

National Meet on Himalayan Waters in Delhi

हिमालय सेवा संघ दिनाँक 17, 18 एवं 19 मार्च, 2009 को एक तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक नई दिल्ली में आयोजित कर रहा है। यह बैठक हिमालय क्षेत्र में जल, जंगल एवं जमीन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रयासरत कार्यकर्ताओं एवं ग्रामवासियों का एक सांझा रचनात्मक मंच बनाने का प्रयास करेगी।

बैठक का आयोजन राष्ट्रीय बाल भवन, कोटला रोड़, नई दिल्ली - 110 002 में किया जा रहा है। हम आशा करते है कि इस बैठक में नौजवान, बच्चे एवं उत्साही युवक और युवतियॉं भी चर्चाओं में भाग लेंगे।

खारे पानी में मीठा फल

Submitted by admin on Wed, 02/18/2009 - 09:58
Author
जागरण याहू
Feb 15,2009 / जागरण याहू
नई दिल्ली, [रणविजय सिंह]। बीएसएफ के रिटायर्ड कमानडेंट बलजीत सिंह त्यागी ने बंजर भूमि पर फलदार पेड़ लगाने में तीन बार विफल रहने पर भी हिम्मत नहीं हारे। कृषि वैज्ञानिकों से पता चला कि भूमिगत पानी खारा होने से यहा पेड़ नहीं उग सकते। उन्होंने अपनी मेहनत व लगन से डेढ़ लाख लीटर क्षमता के वाटर हार्वेस्टिंग व भूमिगत जल रिचार्ज टैंक से जमीन को मीठे पानी से तर कर दिया। जिससे बाझ जमीन की कोख उर्वरा हो गई।

प्रयास

कश्मीर के चश्मों की पहचान बचा रहे रिफत

Submitted by HindiWater on Mon, 03/23/2020 - 16:18
Source
दैनिक जागरण, 23 मार्च 2020
कश्मीर के चश्मों की पहचान बचा रहे रिफत
वादी -ए-कश्मीर में चश्मे जो कभी पहचान थे आज वे लुप्त होने की कगार पर हैं, लेकिन इन्हें बचाने के लिये नए कश्मीर के नौजवान आग आए हैं। इनमें पर्यावरण संरक्षक रिफत अब्दुल्ला हैं। मदर टेरेसा अवार्ड से सम्मानित रिफत ने घाटी के जल स्रोतों को बचाने के लिये अभियान छेड़ रखा है। इनमें उनके कुछ दोस्त और स्थानीय लोग मदद कर रहे हैं।

नोटिस बोर्ड

कोविड-19 और तनाव मुक्ति के लिये नोलेज सत्र

Submitted by UrbanWater on Thu, 04/02/2020 - 16:31
कोविड-19 और तनाव मुक्ति के लिये नोलेज सत्र
ECHO India और NIMHANs के साथ कोविड-19 (COVID-19) पर एक ऑनलाइन ज्ञान सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह इंटरैक्शन एनजीओ और उनके कर्मचारियों पर केंद्रित है और उम्मीद करते हैं कि इससे लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न हुए तनाव से कर्मचारियों को बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिलेगी।

स्वामी शिवानंद और साध्वी पद्मावती का अनशन समाप्त

Submitted by HindiWater on Mon, 03/30/2020 - 07:47
स्वामी शिवानंद और साध्वी पद्मावती का अनशन समाप्त
गंगा की अविरलता के लिए अनशन कर रहे मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने अनशन को विराम दे दिया है। कोरोना के संकट के बीच देशभर के गंगा प्रेमियों के अनुरोध पर उन्होंने ये निर्णय लिया है। वहीं उन्होंने साध्वी पद्मावती का अनशन समाप्त करने की भी घोषणा की है।

द्वाराहाट में होगा "नौला मंथन कुंभ"

Submitted by HindiWater on Fri, 03/06/2020 - 13:46
द्वाराहाट में होगा "नौला मंथन कुंभ"
नौला फाउंडेशन इंडिया सेव वाटर सिविल सोसाइटी द्वारा हिमालयन डिक्लेरेशन ऑफ स्प्रिंगशेड रेजुवेनेशन के तहत हितधारक सामुदायिक सहभागिता से उत्तराखंड में सभी पारंपरिक जल स्रोतों जैसे नौले धारे के संरक्षण और उनके पुनर्जीवित करने के लिए हितकारक सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम ‘‘पहाड़-पानी-परंपरा’’ की ऐतिहासिक नींव रखी है। इसी क्रम में बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान, द्वाराहाट में विश्व जल दिवस के अवसर पर 21 मार्च को नौला मंथन महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। नौलों के संरक्षण के लिए कार्यक्रम में शामिल होने और अपने विचार रखने के लिए आप स्वतंत्र हैं। 

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