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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Sat, 09/19/2020 - 17:44
अनुपम मिश्र

आज भी खरे है तालाब अनुपम मिश्र की बहुचर्चित पुस्तक - 02 अध्याय नींव से शिखर तक रमाकान्त राय के संगीतमय अंदाज में

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Submitted by admin on Thu, 06/25/2009 - 12:12
Source:
amarujala.com

वैश्विक तापमान वृद्धि का हिमालय पर पड़ने वाला प्रभाव स्पष्ट दिखाई देने लगा है। अब मध्य हिमालय की पहाड़ियों पर हिमपात नहीं होता। टिहरी के सामने प्रताप नगर की पहाड़ियों और उससे जुड़ी हुई खैर पर्वतमाला पर अब बर्फ नहीं दिखाई देती। यही नहीं, भागीरथी के उद्गम गोमुख ग्लेशियर में बर्फ पीछे हट रही है। हिमालय के पारिस्थितिकी तंत्र विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की है कि वर्ष 2030 में गोमुख ग्लेशियर पूर्णतया लुप्त हो जाएगा। यानी गंगा सिर्फ पहाड़ी नालों से पोषित नदी बनकर रह जाएगी। इन नालों में गर्मियों में जब पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, पानी का स्तर न्यूनतम होता है। मैंने गोमुख की यात्रा पहली बार
Submitted by admin on Thu, 06/25/2009 - 08:46
Source:
visfot.com

पानी की किल्लत हो तो इंसान बोतलबंद पानी खरीद सकता है या फिर सरकार को बाध्य कर सकता है कि व्यवस्था उनके लिए पानी की व्यवस्था करे. लेकिन पक्षियों का क्या? पानी तो पक्षियों को भी चाहिए. लेकिन मनुष्य की स्वार्थ बुद्धि कितनी जटिल हो गयी है कि उसने अपने अलावा प्रकृति में सबके लिए जीवन के दरवाजे बंद कर दिये हैं. राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला केवलादेव घना पक्षी विहार अब अपने अस्तित्व के लिए संधर्ष करता नजर आ रहा है इसके पीछे का कारण है पानी, जिस पर होने वाली राजनीति ने पक्षियों का स्वर्ग कही जाने वाली इस प्राकृतिक संपदा के समक्ष गम्भीर संकट खडा कर दिया है।
Submitted by admin on Wed, 06/24/2009 - 22:31
Source:
beta.livehindustan.com

नई दिल्ली, एजेंसी
संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल अब मीरा कुमार को पहले आवंटित जल संसाधन मंत्रालय का कामकाज भी देखेंगे जबकि दो अन्य राज्यमंत्रियों प्रतीक पाटिल और अरुण यादव के विभागों की अदला-बदली कर दी गई है।

मीरा कुमार के लोकसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने के कारण जल संसाधन विभाग इन दिनों प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास था जिसकी अतिरिक्त जिम्मेदारी अब बंसल को सौंपी गई है।
 

प्रयास

Submitted by HindiWater on Tue, 09/22/2020 - 17:33
आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव
मध्यप्रदेश के इंदौर में आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव की सुहानी सूरत देखने को मिल रही है। महिलाओं को संगठित कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन उनके हाथों में हुनर सौंप रहा है। उन्हें संसाधन मुहैया करा रहा है। निर्धन परिवारों की महिलाओं के लिए आजीविका नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल बन गई है।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Sat, 09/26/2020 - 13:34
Source:
गांधी शांति प्रतिष्ठान

गांधी शांति प्रतिष्ठान व्याख्यानमाला

Submitted by HindiWater on Fri, 09/25/2020 - 12:47
Source:
प्रीतीकात्मक चित्र - संजय घोष मीडिया अवार्ड
दिल्ली स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन चरखा डेवलपमेंट कम्युनिकेशन नेटवर्क ने "संजय घोष मीडिया अवार्ड -2020" में आवेदन की घोषणा की है। यह उन लेखकों के लिए एक मंच प्रदान करेगा जो ग्रामीण महिलाओं की छिपी प्रतिभा को उजागर करने का साहस रखते हैं। कुल पांच महीनों के लिए, पांच प्रति चयनित उम्मीदवारों को 50,000 रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।
Submitted by HindiWater on Tue, 09/15/2020 - 16:26
Source:
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

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खासम-खास

आज भी खरे है तालाब-अध्याय 2 नींव से शिखर तक संगीतमय वाचन

Submitted by HindiWater on Sat, 09/19/2020 - 17:44
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
aaj-bhi-khare-hai-talab-adhyay-2-neev-se-shikhar-tak-sangitamay-vachan
Source
रमाकांत राय
अनुपम मिश्र

आज भी खरे है तालाब अनुपम मिश्र की बहुचर्चित पुस्तक - 02 अध्याय नींव से शिखर तक रमाकान्त राय के संगीतमय अंदाज में

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हिमालय की पुकार

Submitted by admin on Thu, 06/25/2009 - 12:12
Author
सुंदर लाल बहुगुणा
Source
amarujala.com

वैश्विक तापमान वृद्धि का हिमालय पर पड़ने वाला प्रभाव स्पष्ट दिखाई देने लगा है। अब मध्य हिमालय की पहाड़ियों पर हिमपात नहीं होता। टिहरी के सामने प्रताप नगर की पहाड़ियों और उससे जुड़ी हुई खैर पर्वतमाला पर अब बर्फ नहीं दिखाई देती। यही नहीं, भागीरथी के उद्गम गोमुख ग्लेशियर में बर्फ पीछे हट रही है। हिमालय के पारिस्थितिकी तंत्र विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की है कि वर्ष 2030 में गोमुख ग्लेशियर पूर्णतया लुप्त हो जाएगा। यानी गंगा सिर्फ पहाड़ी नालों से पोषित नदी बनकर रह जाएगी। इन नालों में गर्मियों में जब पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, पानी का स्तर न्यूनतम होता है। मैंने गोमुख की यात्रा पहली बार

पक्षियों के हिस्से का पानी पी गया इंसान

Submitted by admin on Thu, 06/25/2009 - 08:46
Source
visfot.com

पानी की किल्लत हो तो इंसान बोतलबंद पानी खरीद सकता है या फिर सरकार को बाध्य कर सकता है कि व्यवस्था उनके लिए पानी की व्यवस्था करे. लेकिन पक्षियों का क्या? पानी तो पक्षियों को भी चाहिए. लेकिन मनुष्य की स्वार्थ बुद्धि कितनी जटिल हो गयी है कि उसने अपने अलावा प्रकृति में सबके लिए जीवन के दरवाजे बंद कर दिये हैं. राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला केवलादेव घना पक्षी विहार अब अपने अस्तित्व के लिए संधर्ष करता नजर आ रहा है इसके पीछे का कारण है पानी, जिस पर होने वाली राजनीति ने पक्षियों का स्वर्ग कही जाने वाली इस प्राकृतिक संपदा के समक्ष गम्भीर संकट खडा कर दिया है।

पवन कुमार बंसल अब जल संसाधन मंत्री

Submitted by admin on Wed, 06/24/2009 - 22:31
Source
beta.livehindustan.com

नई दिल्ली, एजेंसी
संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल अब मीरा कुमार को पहले आवंटित जल संसाधन मंत्रालय का कामकाज भी देखेंगे जबकि दो अन्य राज्यमंत्रियों प्रतीक पाटिल और अरुण यादव के विभागों की अदला-बदली कर दी गई है।

मीरा कुमार के लोकसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने के कारण जल संसाधन विभाग इन दिनों प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास था जिसकी अतिरिक्त जिम्मेदारी अब बंसल को सौंपी गई है।
 

प्रयास

आजीविका की बदौलत सामाजिक बदलाव

Submitted by HindiWater on Tue, 09/22/2020 - 17:33
ajivika-key-badoulat-samajik-badlav
आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव
मध्यप्रदेश के इंदौर में आजीविका की बदौलत ग्रामीण महिलाओं में सामाजिक बदलाव की सुहानी सूरत देखने को मिल रही है। महिलाओं को संगठित कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन उनके हाथों में हुनर सौंप रहा है। उन्हें संसाधन मुहैया करा रहा है। निर्धन परिवारों की महिलाओं के लिए आजीविका नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल बन गई है।

नोटिस बोर्ड

"संजय घोष मीडिया अवार्ड-2020" की घोषणा”

Submitted by HindiWater on Fri, 09/25/2020 - 12:47
"sanjay-ghose-media-avard-2020"-key-ghoshana”
प्रीतीकात्मक चित्र - संजय घोष मीडिया अवार्ड
दिल्ली स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन चरखा डेवलपमेंट कम्युनिकेशन नेटवर्क ने "संजय घोष मीडिया अवार्ड -2020" में आवेदन की घोषणा की है। यह उन लेखकों के लिए एक मंच प्रदान करेगा जो ग्रामीण महिलाओं की छिपी प्रतिभा को उजागर करने का साहस रखते हैं। कुल पांच महीनों के लिए, पांच प्रति चयनित उम्मीदवारों को 50,000 रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 09/15/2020 - 16:26
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Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

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